दिव्य महाराष्ट्र मंडल
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के कुंदन और मुस्कान ने... टॉप 10 में बनाई जगह... IAS और CA के लिए करेंगे तैयारी

वहीं संत ज्ञानेश्वर स्कूल के मेधावी छात्र कुंदन बियानी ने अपना लक्ष्य पहले से तय कर रखा है। कुंदन CA की तैयारी कर सफलता प्राप्त करना चाहता है। कुंदन का मानना है कि व्यापार कभी ना रूकने वाला मार्ग है, ऐसे में हर उद्यमी को बेहतर CA की जरुरत होती है। इसलिए उसने इस लक्ष्य को अपने बेहतर भविष्य के लिए तय किया है।
तम्बाकू निषेध दिवस पर... महाराष्ट्र मंडल पहली बार... हिन्दी में नुक्कड़—नाटक के जरिए... चलाएगा जागरूकता अभियान
रविवार को किसे मिलेगी आर्थिक तरक्की... घर—परिवार में कैसा होगा माहौल... पढ़िए आज का राशिफल
मीन — इस राशि वाले जातकों की बात करें तो आज का दिन आपका खुशियों से भरा रहने वाला है। आप अपनी सेहत से काफी खुश नजर आएंगे। शिक्षा में सफलता के संकेत हैं। जो जातक कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए समय अनुकूल है।
नुक्कड़ नाटकों के साथ महाराष्ट्र मंडळ शुरू करेगा जागरूकता अभियान, महिला केंद्रों की होगी अहम जिम्मेदारी
राज्यपाल से सम्मानित होने पर बोले मंडळ अध्यक्ष, चलता रहेगा मंडळ का सेवा यज्ञ
रायपुर। एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम सेवाभावी संस्था महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय मधुकर काले का सम्मान राज्यपाल ने किया। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय काळे ने कहा कि महाराष्ट्र मंडळ रायपुर सभी जाति धर्म के लिए हमेशा सेवा कार्य करती रही है। यह सबसे बड़ा उदाहरण कोरोना संक्रमण काल में देखने को मिला। मंडळ ने स्वास्थ्य सेवा के साथ सैकड़ों लोगों को प्रतिदिन भोजन कराया। हम विश्वास दिलाते है कि मंडळ का यह सेवा यज्ञ भविष्य में भी इसी तरह चलता रहेगा। उन्होंने इस आयोजन के लिए राज्यपाल और राजभवन का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए काले ने कहा कि आज यह एक ऐतिहासिक अवसर है कि महाराष्ट्र मंडळ सामाजिक संस्था को राजभवन में आमंत्रित किया गया है। महाराष्ट और गुजरात के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर यह विचार आदरणीय प्रधानमंत्री का है। सभी राज्यों के स्थापना दिवस राजभवन में आयोजित होने से एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाया का सुंदर संदेश लोगों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि लगभग 88 वर्षों का महाराष्ट्र मंडळ छत्तीसगढ़ में सामाजिक, संस्कृतिक और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है। दिव्यांग बालिका गृह, संत ज्ञानेश्वर विद्यालय, कामकाजी वसति गृह, बाल वाचनालय यह 45 वर्षो पूर्व ही स्थापित किया गया। उस समय के सदस्यों की सोच को दर्शाता है कि भविष्य की ये जरूरत होगी।
रायपुर में किसी की दुर्घटना हो बीमार हो तो एक काल पर हास्पिटल बेड, एयर बेड, बैसाखी, व्हील चेयर उपलब्ध कराने में भी मंडळ पीछे नहीं रहता। रक्तदान के लिए मंडळ के सदस्य तत्पर रहते है। कोरोना काल में हमने 25 हजार फूड पेकेट्स बांटे। सेवाभारती संस्था की मदद से दो क्वारंटाइन सेंटर चलाये। कोरोना काम में लगभग 250 परिवार में दुःखद घटनाएं हुई उनके परिवार के जरूरतमंदों को सहायता बच्चों के शिक्षा में सहायता की। मंडळ के यह सेवा कार्य निरंतर जारी है।
समाजसेवी संस्था महाराष्ट्र मंडळ की तीन विभूतियों को राज्यपाल ने किया सम्मानित
रायपुर। छत्तीसगढ़ राजभवन में महाराष्ट्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर समाज सेवा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्था महाराष्ट्र मंडळ की तीन विभूतियों को राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने सम्मानित किया। जिसमें मंडळ के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, महिला प्रमुख बिशाखा तोपखानेवाले और समाजसेवी सुधाकर माधव कोंडापुरकर शामिल रहे।

एक मई को राजभवन में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल बिश्व भूषण हरिचंदन ने कहा कि विशाल मतभेदों के बावजूद हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहें है। विविधता में एकता की भावना हमारे देश को महान बनाती है। छत्तीसगढ़ के विकास में महाराष्ट्रीयन समुदाय के लोगों का भी विशेष योगदान रहा है। इनके सामाजिक कार्यों से अन्य समाज के लोगों को भी प्रेरणा मिली है। उन्होंने मंडळ के कार्यों की सराहना की।

महाराष्ट्र मंडळ के पारितोष डोनगांवकर ने बताया कि राज्यपाल ने महाराष्ट्र दिवस पर महाराष्ट्र मंडळ के समाजसेवियों का सम्मान किया। 20 वर्ष की अल्पायु में समाजसेवा से जुड़ नेत्रदान, देहदान और 64 बार रक्तदान कर चुके महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, 15 वर्षों से महिलाओं के उत्थान के लिए काम कर रही मंडळ की प्रमुख प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले और मंडळ के वरिष्ठ सदस्य और समाजसेवी सुधाकर माधव कोंडापुरकर का सम्मान किया। पारितोष ने बताया कि सुधाकर माधव कोंडापुरकर पिछले 40 वर्षों से समाज,सेवा की क्षेत्र में काम कर रहे है। 70 वर्ष की आयु में इन्होंने मातृछाया संस्थान आरंभ किया। जहां एक दिन से 5 वर्ष तक के बच्चों की देखरेख शासन के सहयोग से हो रहा है। यह सेवा कार्य अब 90वर्ष की आयु में भी जारी है।
महाराष्ट्र दिवस पर सेवाभावी संस्था महाराष्ट्र मंडळ रायपुर के अध्यक्ष का राज्यपाल ने किया सम्मान
रायपुर। राजभवन में महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया । राज्यपाल बिश्व भूषण हरिचंदन ने इस अवसर पर कहा की विशाल मतभेदों के बावजूद हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहें है। विविधता में एकता की भावना हमारे देश को महान बनाती है। महाराष्ट्र दिवस पर 35 वर्षों से समाज सेवा में समर्पित नेत्रदान, देहदान व 66 बार रक्तदान कर चुके व रायपुर में कोरोना सेवा, दिव्यांग सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला उत्थान, नशाबन्दी, पर्यावरण और संगठन के प्रणेता महाराष्ट्र मंडळ रायपुर में 15 वर्षों से अध्यक्ष अजय मधुकर काले को राज्यपाल ने सम्मानित किया।

केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाएगें। इसी कड़ी में राजभवन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले गुजराती और महाराष्ट्रीयन समाज के लोगों ने उत्साहः पूर्वक हिस्सा लिया।
राज्यपाल ने स्थापना दिवस के अवसर पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा की गुजरात पश्चिमी भारत का गहना है। यह व्यापार और वाणिज्य का सबसे बड़ा केन्द्र है और देश का पाचवां सबसे बडा़ राज्य है। महाराष्ट्र दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और भारत की जीडीपी में 14 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ भारत की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में महाराष्ट्रीयन समुदाय के लोगों का भी विशेष योगदान रहा है। इनके सामाजिक कार्यों से अन्य समाज के लोगों को भी प्रेरणा मिली है। उन्होंने मंडळ के कार्यों की सराहना की। कोविड के समय भी दोनों समाजों ने आगे आकर मदद की। अनेकता में एकता और सामाजिक समरसता की भावना छत्तीसगढ़ में बखूबी प्रकट होती है।

इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय मधुकर काले और श्री रामदास जोगलेकर ने अपने-अपने समाज की गतिविधियों और छत्तीसगढ़ के विकास में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला। गरबा और जोगवा नृत्य के साथ-साथ अनेक आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुत किये गये । दोनों समाजों की ओर से राज्यपाल को सम्मानित किया गया। राज्यपाल द्वारा भी इन समाजों के उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तिों का सम्मानित किया गया।
आज सेहत के लिए समय नहीं निकाला तो कल सेहत के लिए पैसे निकालने पड़ेगेः आस्था
महाराष्ट्र मंडळ बिलासपुर में हुआ कॉर्पोरेट कीर्तन का आयोजन, बड़ी संख्या में शामिल हुए समाजजन
बिलासपुर। महाराष्ट्र मंडळ बिलासपुर में महाराष्ट्र दिवस के पूर्व पारिजात कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में कॉरपोरेट कीर्तन का आयोजन किया गया। 350 साल पहले समर्थ रामदास स्वामी ने हमें यह एहसास कराया था कि समाज का एक मन होता है और उसी के अनुसार उन्होंने मन के छंद लिखे। समय-समय पर उन्होंने शिवाजी महाराज को मुगलों से युद्ध करने के लिए उचित दिशा-निर्देश दिए।
महाराष्ट्र मंडल बिलासपुर के सचिव समीर भुरंगी ने बताया कि आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हए। समीर लिमये मुंबई द्वारा बिलासपुर महाराष्ट्र मंडळ में कीर्तन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि कैसे मन की यह कविता आज के भौतिक और कॉर्पोरेट जगत में आदर्श बन रही है। समीर का कारपोरेट कीर्तन देश ही नहीं विदेशों में भी कई मैनेजमेंट कॉलेजों में हो चुका है। समाज के मराठी भाषिक श्रोतागणों ने आज हुए इस मराठी कीर्तन का एक नया अलौकिक अनुभव प्राप्त किया।
बड़ी तादाद में 'मराठी स्पीकिंग क्लास' के लिए लोगों ने कराया पंजीयन... सिर्फ एक दिन का समय शेष... फिर बोलने लगेंगे फर्राटेदार मराठी
संत ज्ञानेश्वर स्कूल में समर कैंप का... जोरदार आगाज, तो शानदार समापन... बच्चों के साथ पालकों ने भी उठाया लुत्फ




समर क्लासेस की विद्यार्थी अभिज्ञा शुक्ला के पालक अभिनव शुक्ला का कहना था कि यह क्लासेस मानसिक और शारीरिक विकास के साथ-साथ उन्हें खुशियां भी दे रहे हैं क्योंकि यह उनकी रुचि का विषय है जिससे उन्हें आनंद भी मिल रहा है।
बच्चों ने सीखा पेपर बैग और लिफाफे बनाना, वेस्ट से बेस्ट को भी जाना
रायपुर। चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडळ द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर स्कूल में चल रहे समर कैंप का 29 अप्रैल को समापन हो गया। छह दिवसीय समर कैंप में बडी संख्या में बच्चों ने भाग लिया और बच्चों ने पेपर बैग, गिफ्ट पैकिंग करने के साथ आकर्षक लिफाफे बनाना सीखा। बच्चों ने घर पर पड़े वेस्ट सामानों से बेस्ट इजाद करने का हुनर भी सीखा।

शुक्रवार को प्रतिदिन की तरह योग और ध्यान से कैंप शुरू हुआ। महाराष्ट्र मंडळ के आध्यात्म समिति की प्रमुख और दिव्यांग बालिका गृह की प्रभारी आस्था काले ने बच्चों को सूक्ष्य व्यायाम से रूबरू कराया। आज कैंप में थोड़ी मुश्किल व्यायाम भी बच्चों ने किया।
स्कूल की कला शिक्षिका विश्वास मैडम ने घर में बेकार पड़ी चीजों से बच्चों को उपयोगी चीजें बनाना सिखाया। जिसका बच्चों ने खूब आनंद लिया। वेस्ट से बेस्ट बच्चों के लिए बहुत उपयोगी रहा।

शनिवार 29 अप्रैल को समर क्लासेस का समापन समारोह होगा। इस समारोह के मुख्य अतिथि रोटरी क्लब के अध्यक्ष भारत डागा होंगे। जिसमें समर क्लासेस के अच्छे प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा तथा बच्चों के द्वारा प्रस्तुति भी दी जाएगी। कैंप के समापन अवसर पर महाराष्ट्र मंडल कार्यकारिणी के सम्मानित सदस्य मंडळ उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन तथा विद्यालय प्रभारी निरंजन पंडित, आस्था काले आदि भी उपस्थित रहेंगी।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के समर कैंप में... बच्चों के साथ पालकों ने भी लिया आनंद... हर साल आयोजित करने किया आग्रह
समर कैंप में शामिल होने वाले बच्चों के उत्साह को देखकर चौथे दिन पालकों ने भी समर कैंप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बच्चों के साथ इस समर कैंप का भरपूर आनंद लिया। इसके साथ ही संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन से आग्रह किया कि इस तरह का आयोजन हर साल होता रहे, इसकी व्यवस्था जरूर करें।

महाराष्ट्र मंडळ की मराठी स्पीकिंग क्लास में...पंजीयन के लिए बस तीन दिन बाकी... बड़ी संख्या में बाहर के लोगों ने दिखाई ऑनलाइन क्लास में रूचि
काले ने कहा कि हमारा उद्देश्य लोगों को मराठी संस्कृति और परंपरा के करीब लाना है और यह मराठी भाषा सीखे बिना संभव नहीं है। यही कारण है कि हम लोग मराठी स्पीकिंग क्लास में एडमिशन के लिए महाराष्ट्र मंडल की सदस्यता अनिवार्य वाली कोई शर्त नहीं रखी है। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में मराठी भाषी स्थानीय लोग इस क्लास से लाभान्वित होंगे।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के समर कैंप का तीसरा दिन... उमड़ा बच्चों का हुजूम... सीख के साथ ले रहे आनंद

निःशुल्क समर कैंप में दूसरे दिन भी दिखा उत्साह, संत ज्ञानेश्वर स्कूल में चल रहा कैंप




स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि समर कैंप 29 अप्रैल तक चलेगा। कैंप में शामिल होने के बाद बच्चे अभी भी पंजीयन करा सकते है। प्रतिदिन सुबह नये बच्चों का पंजीयन किया जा रहा है। आज कैंप के दूसरे दिन भी कुछ बच्चे नये थे।