दिव्य महाराष्ट्र मंडल
चौबे कालोनी महिला केंद्र द्वारा मठा वितरण 20 मई को
रायपुर। भीषण गर्मी में प्यासे राहगीरों को थोड़ी राहत दिलाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र मंडल की चौबे कालोनी महिला केंद्र द्वारा मंगलवार, 20 मई को चिंताहरण हनुमान मंदिर के सामने मठा वितरण किया जाएगा।
केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि राजधानी में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में राहगीरों को ठंडा मठा वितरण केंद्र की महिलाओं द्वारा किया जाएगा। मठा वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9.30 बजे आत्मानंद वार्ड के पार्षद आनंद अग्रवाल के हाथों किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र की महिलाएं वाइट या आफ वाइट ड्रेस कोड के साथ मठा वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगी। उन्होंने केंद्र की महिलाओं और मंडल के सदस्यों से अनुरोध किया है कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर इस नेक पुण्य कार्य के भागी बने।
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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाराष्ट्र मंडल में बटुकों का उपनयन संस्कार संपन्न
- रायपुर के पांच और सीहेर मप्र के एक बटुक का हुआ यज्ञोपवीत
रायपुर। चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में रविवार, 18 मई को छह बटुकों का उपनयन संस्कार संपन्न कराया गया। महाराष्ट्र मंडल के सचिव आचार्य चेतन दंडवते व अन्य आचार्यजनों ने विधि विधान और वेद मंत्रोच्चार के साथ इन बटुकों का आज षोडस संस्कारों में से एक उपनयन संस्कार संपन्न कराया। आचार्य चेतन दंडवते का साथ योगेश दंडवते, अजय पोतदार, संदीप देशपांडे और पार्थ सारथी देशपांडे ने दिया।

महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित उपनयन संस्कार में रायपुर के पांच बटुकों और सीहोर मध्यप्रदेश के एक बटुक का उपनयन हुआ। जिसमें राजधानी रायपुर के अमेय सारंग पोफळी, क्षितीज नितिन रामेकर, दिव्यांश मनीष गोवर्धन, श्रेयस पंकज जोशी और अरिन अतुल राहटगाँवकर और मध्य प्रदेश सीहोर निवासी यथार्थ आकाश शेकदार शामिल है। महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान अब तक तकरीबन 300 से अधिक बटुकों का उपनयन संस्कार कराया जा चुका है।

आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि सुबह 8.30 बजे उपनयन संस्कार की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। सबसे पहले मंडप पूजन किया गया। इसके पश्चात मातृका पूजन एवं मातृभोज, फिर मंगलाष्टक संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि संपन्न कराने के बाद सभी बटुकों ने भिक्षाटन कर काशी की यात्रा की। इसके उपरांत हेमंत माऊलीकर द्वारा सभी बटुकों को उपनयन संस्कार पर आधारित मराठी भाषी पुस्तिका "कुर्यात बटोर्मंगलम्" वितरित किया गया।

बताते चलें कि महाराष्ट्र मंडल और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र द्वारा हर साल स्वयं के खर्च पर सामूहिक उपनयन संस्कार कराया जाता है। इसमें परिजनों को इस संस्कार के लिए अतिरिक्त खर्च वहन नहीं करना पड़ता। जबकि उपनयन संस्कार को व्यक्तिगत तौर पर कराने में तकरीबन एक विवाह का खर्च परिजनों को उठाना पड़ जाता है। अधिक खर्च से बटुकों के परिजनों को मुक्त रखने के लिए हर साल सामूहिक मूंज संस्कार का आयोजन किया जाता है।

महाराष्ट्र मंडल के पांच महिला केंद्रों में हुआ हनुमान चालीसा का पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की पहल पर हर शनिवार को होने वाला रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ इस सप्ताह भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। मंडल के पांच महिला केंद्र रोहिणीपुरम, डंगनिया, कोटा, टाटीबंद और अमलीडीह की महिलाओं ने अपने सदस्यों और स्थानीय मंदिरों में उपस्थित होकर शनिवार को हनुमान चालीसा और रामस्तोत्र का पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने कहा कि इस शनिवार को टाटीबंध महिला केंद्र की टीम ने गणेश मंदिर हाल में हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया। इस दौरान अंजली खेर, कुंद्रा अत्रे, सोनल पेदे, हर्षा पेदे, सारिका पोराटे, अंजली देवोधी, रचना विंचुलकर, विनिता मरकले, नंदा दहिकर, रश्मि गोवर्धन, संगीता देशपांडे, वंदना आठले, जया देशमुख, रेणु देशमुख और लीना साठे प्रमुख रुप से उपस्थित रहीं। इसी तरह रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की सदस्या प्राची गनोदवाले के घर पर पाठ किया।

डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने महाराष्ट्र मंडल में अपनी नियमित बैठक आयोजित कर पाठ किया। इस दौरान अनुभा जाऊलकर, दिव्या पात्रीकर, दीपांजलि भालेराव, प्रीति रणधीरे, प्रीति काले, प्रियंका, रश्मि, श्रद्धा देशमुख, श्रद्धा मरघड़े, चित्रा, अनुजा महाडिक, नमिता शेष, संध्या अनिल कुमार, विजया भाले, शिल्पा पराड़, ज्योति डोलस, अर्चना कुलकर्णी, अनामिका महाजन और शुभांगी रूद्रजवार उपस्थित थीं।

आस्था काले ने आने बताया कि इसी तरह कोटा केंद्र की महिलाओं ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। केंद्र की वरिष्ठ सदस्य वैजयंती शेंडे कबीर नगर के घर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मोहिनी भिड़े, मल्लेवार, आरती दिवाटे, श्रीमती हेलोडे, सुदक्षिणा शेंडे जया देशमुख, माधुरी इंगोले, वैशाली पुरोहित, वंदना कालमेघ, श्वेता खरे, विदुला चिखलीकर, प्रीति यादव, वर्षा चोपकर, शुभांगी शेंडे एवं गौरी शेंडे आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

इधर अमलीडीह केंद्र की महिलाओं ने हनुमान चालीसा पाठ रजत प्राइम, अमलीडीह में किया। जिसमें अमलीडीह केंद्र की अर्चना भाकरे, अर्चना धर्माधिकारी, अक्षरा भगाडे, नीता डूमरे, सुगंधा, ममता जगताप, प्रिया काडु, प्रेरणा सप्रे, मेघा जोशी, शोभा सोनाये, रितिका चंदेल महिलाओं ने एकस्वर में पाठ किया।
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महाराष्ट्र मंडल में मराठी सामूहिक उपनयन संस्कार 18 मई को
- छह बटुक का होगा उपनयन संस्कार
रायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में रविवार, 18 मई को मराठी भाषी सामूहिक उपनयन संस्कार का आयोजन किया जा रहा है। मंडल के सचिव और आचार्य चेतन गोविंद दंडवते के नेतृत्व में होने वाले इस आयोजन में रायपुर के अलावा सीहोर मध्य प्रदेश के बटुक का भी उपनयन संस्कार किया जाएगा।
आचार्य दंडवते ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र द्वारा सामूहिक मुंज का यह 24वां आयोजन है। इस वर्ष छह बटुकों ने मूंज के लिए पंजीयन कराया है। जिसमें से पांच बटुक रायपुर और एक सीहोर मध्यप्रदेश से है। उन्होंने बताया कि पूर्णतः वैदिक पद्धति और मंत्रोच्चार के साथ उपनयन संस्कार संपन्न कराया जाता है।
दंडवते ने बताया कि रविवार 18 मई को सुबह 8.30 बजे से मूंज का कार्यक्रम शुरू होगा। सुबह सर्वप्रथम मंडप पूजा कराई जाएगी फिर मातृका पूजन और फिर यज्ञोपवीत संस्कार कराया जाएगा। इसके उपरांत मूंडन और मंगलाष्टक होगा। अंत में हवन पूजन, भिक्षा और काशी तीर्थाटन के साथ संस्कार को पूर्ण कराया जाएगा। इस वर्ष छह बटुकों का उपनयन संस्कार होगा। जिसमें रायपुर निवासी अमेय सारंग पोफळी, क्षितीज नितिन रामेकर, दिव्यांश मनीष गोवर्धन, श्रेयस पंकज जोशी और अरिन अतुल राहटगाँवकर और मध्य प्रदेश सीहोर निवासी यथार्थ आकाश शेकदार शामिल है।
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संकट चतुर्थी पर सरोना केंद्र में अथर्वशीर्ष का पाठ
Raipur news: महाराष्ट्र मंडल की सरोना महिला केंद्र की महिलाओं ने शुक्रवार 16 मई को संकट चतुर्थी के अवसर पर अथर्वशीर्ष का पाठ किया। केंद्र की संयोजिका जयश्री ढेंकणे के घर पर जुटी महिलाओं ने अथर्वशीर्ष का पाठ किया।
संयोजिका जयश्री ने बताया कि हर संकट चतुर्थी पर केंद्र की महिलाओं द्वारा अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है। जयश्री ने कहा कि हम सभी ने विश्व शान्ति के लिए गणपति बप्पा से की प्रार्थना की और आपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए देश के जवानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर डॉ अलका गोळे, अनुश्री मोखरीवाले, जयंती मोहंती, जयश्री ढेकणे एवं बालिका रुही शेलोडकर उपस्थित रही।
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महाराष्ट्र मंडल के सहयोग से डाक विभाग ने बच्चों के लिए बनाई लघु फिल्म
तीन दिवसीय रंग संस्कार महोत्सव में नजर आएंगे कला के विविध रंग
- राजधानी रायपुर में 16 से 18 मई तक होगा आयोजन
- रंग मंदिर गांधी मैदान में होगी आयोजन.. शामिल होंगे सीएम साय
- समापन समारोह में आएंगे मुंबई से फिल्म कलाकार मनोज जोशी
रायपुर। रंग साधक अशोक चंद्राकर की स्मृति में संस्कार भारती छत्तीसगढ़ द्वारा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ के सहयोग से तीन दिवसीय रंग संस्कार महोत्सव का आयोजन रंग मंदिर सिटी कोतवाली में 16 से 18 मई तक किया जा रहा है। इस अवसर पर पुण्यश्लोका अहिल्या बाई होल्कर की त्रिशताब्दी जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है।
संस्कार भारती छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष रिखी क्षत्रीय ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ 16 मई को शाम 6 बजे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य, पद्मश्री अनुज शर्मा की अध्यक्षता में होगा। शुभारंभ अवसर पर शहीद वीर नारायण सिंह लोकगाथा पर छत्तीसगढ़ी नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। जिसके निर्देश संत फरिकार है। वीं पटकथा, संवाद और गीत राकेश तिवारी के है।
संस्कार भारती रायपुर महानगर अध्यक्ष शशांक शर्मा ने बताया कि 17 मई को स्मृति दिवस का कार्यक्रम शाम 6 बजे होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरंग विधायक अजय चंद्राकर होंगे। अध्यक्षता छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल करेंगे। जिसके उपरांत शाम 7 बजे से भरत मिलाप-कुटुंब प्रबोधन नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। जिसका निर्देश किशोर वैभव ने किया है। जिसमें एक नाटक की तैयारी के दौरान उपजी गलतफहमियों को दर्शाया गया है। वहीं इसके उपरांत नाटक लांछन का मंचन होगा। जो मुंशी प्रेमचंद के रचना पर आधारित है। जिसका निर्देशन अर्पिता बेडेकर ने किया है। इन नाटक में स्त्री के स्वभाव और मनोदशा देखने को मिलेगी।
आयोजन का समापन 18 मई को शाम 6.30 बजे से पद्मश्री और मुंबई के फिल्मी कलाकार मनोज जोशी के मुख्य आतिथ्य और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में होगा। रविवार को संस्कार भारती के चयनित कवियों द्वारा रचित काव्य रचना जो पुण्य श्लोक राजमाता अहिल्या बाई होल्कर पर आधारित है, उस पर नाटक पेइंग गेस्ट का मंचन किया जाएगा। यह नाटक महेंद्र आर्य की कहानी का नाट्य रूपांतरण है। जिसका निर्देशन आचार्य रंजन मोड़क ने किया है। यह नाटक मध्यमवर्गीय परिवार के जीवन को दर्शाता है। खट्टे मीठे संवादों के ताने बाने में बुनी एक कहानी जो कहीं न कहीं हमारे आसपास घटित होती है।
तिरंगा यात्रा में शामिल हुआ महाराष्ट्र मंडल... नजर आई एकजुटता और देशभक्ति
रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा में महाराष्ट्र मंडल रायपुर के आजीवन सभासद बड़ी संख्या में शामिल हुए। देशभक्ति गीतों के साथ शुरू हुई तिरंगा यात्रा मरीन ड्राइव से शुरू हुई। जो नगर घड़ी चौक तक पहुंची इस दौरान तिरंगा यात्रा में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, उपाध्यक्ष गीता दलाल, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, मालती मिश्रा, आस्था काळे, छाया महाजन और सुदेशना मेने सहित कई समाज और संस्था के सदस्य और सेना के पूर्व जवान भी शामिल हुए। तिरंगा यात्रा में लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए। सभी भारतमाता के जयकारे लगाते चल रहे है। यात्रा के कारण आकाश भी देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
महाराष्ठ्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में हम सब साथ है। तिरंगा यात्रा में सभी वर्गों के लोग, सेवानिवृत्त सैनिक, समाज सेवी संगठन, आम नागरिक, महिला एवं पुरुष, बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर एकजुटता, देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया है। आज की यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल हुए।

मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल ने कहा कि भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया। हम सभी सेना के साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हैं। आज के इस दौर में हमें अफवाहों से सचेत रहने की जरूरत है। हमें हमारी सेना एवं नेतृत्व में पूर्ण विश्वास है उनके हाथों में देश सुरक्षित है।
मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने कहा कि राजधानी से निकली तिरंगा यात्रा हमारी एकजुटका का संदेश है। हमारे सैनिकों के शौर्य और पराक्रम से हम सुरक्षित है। ऑपरेशन सिंदूर हमारे अभिमान का प्रतीक है।
13 वर्षीय सुरमई ने जीती अंडर 18 टेनिस चैंपियनशिप... महाराष्ट्र मंडल ने किया अभिनंदन
'अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की केंद्रीय मंत्री चौहान ने की सराहना… डिजिटल सशक्तिकरण में बताया क्रांतिकारी कदम
रायपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में राज्य और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई और भावी विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उन्नत गांव और खुशहाल किसान की अवधारणा को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास और कृषि को राज्य की रीढ़ मानती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना है। किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के सुदूर और वंचित क्षेत्रों तक विकास की पहुंच बनाना एक साझी ज़िम्मेदारी है, जिसको पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना, डिजिटल सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और युवाओं को कौशल आधारित रोजगार देना ही वास्तविक सुशासन है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति योजनाओं को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रखने की जगह जन-जीवन में बदलाव लाने की है।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘अमृत सरोवर’ योजना को स्थानीय आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और जलसंरक्षण की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे। राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिक बजट के पुनरीक्षण का आश्वासन दिया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वीकृत आवासों के शीघ्र निर्माण और हो रहे नये सर्वे के भौतिक सत्यापन पर बल दिया।
केन्द्रीय मंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सराहना करते हुए विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित नियद नेलानार योजना के अंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना विकास को राज्य के सुदूर और चुनौतीपूर्ण भूभागों तक पहुंचा रही है। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में शुरू किए गए ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की सराहना की और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस नवाचार का अध्ययन कर इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाए।
कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए चौहान ने कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए केवल पारंपरिक खेती नहीं, बल्कि पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन जैसे एलाइड क्षेत्रों में भी प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीजों, जैविक खेती और फसल चक्र अपनाने को प्रोत्साहित किया। केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र शुरू की जा रही विशेष पहल की जानकारी देते हुए चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम राज्य के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर किसानों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।