दिव्य महाराष्ट्र मंडल
मतदान के बाद ही पिकनिक पर निकले 'सहयोग' के वरिष्ठजन
मराठी स्पीकिंग क्लासः 12 फरवरी से शुरू हो रही क्लास की 24वीं बैच
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित महाराष्ट्र मंडल रायपुर द्वारा वर्ष 2021 से मराठी स्पीकिंग क्लासेस शुरू की गई। एक के बाद एक बैच से जुड़कर लगातार लोग मराठी सीख रहे है। बुधवार, 12 फरवरी से मराठी स्पीकिंग क्लास की 24वीं बैच शुरू होने जा रही है। आप भी क्लास ज्वाइन करना चाहते है तो नीचे दिए नंबर से संपर्क करें। बतादें कि 89 वर्षों से महाराष्ट्र मंडल रायपुर मराठी संस्कृति और मराठी भाषा की रक्षा के लिए काम कर रहा है।
मराठी स्पीकिंग क्लास प्रभारी पद्मजा लाड ने बताया कि 12 फरवरी से 24वीं बैच शुरू हो रही है। इससे पहले रायपुर ही नहीं पूरे देश और विदेशों में रहने वाले मराठी परिवार के सदस्यों ने क्लास ज्वाइन कर मराठी सीखी है। इसका लाभ विविध आयु वर्ग, विविध क्षेत्र, रायपुर और छत्तीसगढ़ एवं बाहर देश के भी सभी लोगों के लिए लाभदायक और समाधानकारक सिद्ध हुआ है।
शिक्षा, नौकरी, व्यवसाय इन सब क्षेत्रों के लोगों की सुविधा के लिए इस online क्लास का समय रात्रि 9 से 10 बजे तक रखा गया है। अधिक से अधिक लोग इस प्रकल्प का लाभ लेकर मराठी भाषा का विकास स्वयं एवं परिवार के लिए कर सकते हैं। क्लास के लिए महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सदस्य पद्मजा लाड से 9407701633, 9340805110 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
राजधानी की धार्मिक यात्रा के साथ मतदाता जागरूकता अभियान
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के वल्लभनगर महिला केंद्र की महिलाओं ने रविवार, 9 फरवरी को राजधानी के धार्मिक स्थलों की यात्रा कर मतदाता जागरूकता अभियान चलाया। मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के नेतृत्व में महिलाएं सर्वप्रथम मंडल द्वारा संचालित प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर स्कूल पहुंची। जहां सर्वप्रथम सभी ने शत प्रतिशत मतदान की शपथ ली और आसपास के रहवासियों को 11फरवरी को मतदान अवश्य करने की अपील की। तथा उन्हें एक-एक वोट का महत्व समझाया। जिसके उपरांत केंद्र की महिलाओं ने अपनी राजधानी की धार्मिक यात्रा प्रारंभ की।
महिलाओं की यात्रा का पहला पड़ाव महादेवघाट स्थित हटकेश्वर नाथ महादेव का दर्शन था। जहां सभी ने राजधानी के इस प्राचीन मंदिर के दर्शन किए और वहां पहुंचे भक्तगणों को मतदान के लिए जागरूक किया। जिसके उपरांत भी बूढ़ामहादेव मंदिर अम्लेश्वर पहुंचे। जहां सभी ने दर्शन उपरांत मतदाता जागरूकता अभियान चलाया और पिकनीक का आनंद लिया। इस दौरान मनोरंजन के लिए विभिन्न खेल खेले गए। जिसमें प्रथम संगीता, द्वितीय तोषी देवस्थले और सुवर्णा कस्तुरे तृतीय स्थान पर रही।
अगले पड़ाव की लिए महिलाएं हार्टफुलनेस ध्यान केंद्र पहुंची। वहां सभी ने जीवन में ध्यान के महत्व को समझा और ध्यान लगाकर अलग ही अनुभव को प्राप्त किया। इस तरह वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं अपनी धार्मिक यात्रा पूरी की। इस दौरान संयोजिका मानसी विठालकर, सह संयोजिका वंदना पाटिल, सह संयोजिका कंचन पुसदकर, तोषी देवस्थले, रोहिणी पेंडसे, सुलभा विठालकर, अर्चना जतकर, विजया चौधरी, रोहिणी चिमोटे, सुवर्णा कस्तुरे, नूतन, शुभांगी आप्टे, अमरजीत, शोभा मोहता, अर्चना राखड़े, अपर्णा पेंडसे, माधुरी, संगीता, ज्योति खांडेकर, शोभा ठाडा, मनीषा सदन, स्मिता चांडोरकर प्रमुख रुप से उपस्थित थीं।
महाराष्ट्र मंडल ने शहरभर में मतदाताओं को किया जागरूक... चौक- चौराहों, उद्यानों पर लोगों को नारों- तख्तियों से याद दिलाया वोट देने का कर्तव्य





मंडल के महिला केंद्रों में गूंजा राम नाम... रामरक्षा स्तोत्र के साथ हनुमान चालीसा का हुआ पाठ






महाराष्ट्र मंडल रविवार शाम 5 बजे व्यस्ततम चौराहों पर चलाएगा मतदाता जागरूकता अभियान
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल रविवार नौ फरवरी को शाम पांच बजे से शहर के व्यस्ततम चौराहों पर और मंदिरों में मतदाता जागरूकता अभियान चलाएगा। अभियान की शुरुआत शनिवार को राम रक्षा स्त्रोत व हनुमान चालीसा पाठ अभियान में शामिल लोगों को वोट डालने का संकल्प दिलाकर हो चुकी है। इस अभियान को व्यापक स्वरूप प्रदान करने के लिए मंडल की सभी समितियों और महिला केंद्रों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले और आध्यात्म समिति प्रमुख रेणुका पुराणिक ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को शाम 7 बजे 15 केंद्रों की महिलाएं समीपस्थ हनुमान मंदिरों में राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ करतीं हैं। शनिवार को महिला केंद्रों के सभासदों ने समीपस्थ मंदिरों में जाकर राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ किया तत्पश्चात उन्होंने उपस्थित भक्तजनों को मतदान करने के लिए जागरूक भी किया और उन्हें शपथ दिलाई। वहीं रविवार शाम पांच बजे शहर के व्यस्ततम चौराहों पर मतदाता जागरूकता अभियान में बढ- चढकर हिस्सा लेने का आग्रह भी किया गया। युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे ने बताया कि इस अभियान में आजीवन सभासदों के अलावा बाहर के लोगों को बड़ी संख्या में जोड़ने का प्रयास जारी है।

अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव में एक वोट पार्षद को चुनने के लिए देना होता है, तो दूसरा मत राजधानी का प्रथम नागरिक यानी महापौर निर्वाचित करने के लिए देना पडता है। इस तरह प्रत्येक मतदाता को ईवीएम में दो वोट डालकर नगर निगम की चुनावी प्रक्रिया को अपनी ओर से पूर्ण करना होता है। यही बात आमजनों को समझाने- बताने की चुनौती है क्योंकि लोग हडबडी में एक ही वोट डालकर बाहर आ जाते हैं। कई बार प्रत्याशियों के प्रति निजी राजी- नाराजगी को लेकर भी लोग अपने मताधिकार का अपेक्षित उपयोग नहीं करते। उन्हें भी हर एक वोट का महत्व समझाकर मतदान करवाना है। इसके लिए हम शहर के हजारों मतदाताओं से संपर्क कर उनसे मतदान करने की अपील करेंगे।

सचिव चेतन गोविंद दंडवते के मुताबिक छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर लगभग पूर्णत: साक्षर और जागरूक है। फर भी यहां का मतदान प्रतिशत उत्साहजनक नहीं रहता। बल्कि बस्तर ओर सरगुजा जैसे सुदूर क्षेत्रों में भी रायपुर से बेहतर मतदान होता है। हम एक दशक से मतदान का प्रतिशत का बढाने का हरसंभव कर रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष लाभ मराठी समाज को 90 फीसदी से अधिक मतदान के रूप में देखने को मिलता है। दंडवते ने कहा कि 25 जनवरी को मकर संक्रांति के हल्दी-कुमकुम काय्रक्रम में भी महिलाओं से खचाखच भरे संत ज्ञानेश्वर सभागृह में हमने नगर निगम चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान करने और करवाने की शपथ दिलाई थी।

भारत को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: काले
अपने सपनों को ऊंचा रखिए, उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत कीजिएः डांगी
जम्मू-कश्मीर युवाओं के छत्तीसगढ़ में अनुभव अविस्मरणीय : महादेव कावरे
रायपुर। नेहरू युवा केंद्र के आयोजित कश्मीर यूथ एक्सचेंज (वतन को जानो) कार्यक्रम के समापन पर कश्मीरी युवाओं नेताओं छत्तीसगढ़ की मेजबानी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, राज्यपाल रामेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह व महाराष्ट्र मंडल की सेवा की जमकर तारीफ की। मुख्य अतिथि संभागायुक्त महादेव कावरे ने सभी बच्चों से कहा कि छह दिनों में जो अपने आपको यहां के लोगों से मिला, उसे भविष्य में अपने व्यवहार, सेवा, संस्कृति, खानपान, देश सेवा के जज्बे में जरूर लाएं।

नेहरू युवा केंद्र छत्तीसगढ़ के राज्य प्रमुख निदेशक अतुल निकम कश्मीरी युवा आदान- प्रदान कार्यक्रम 'वतन को जानो' के समापन समारोह के मुख्य अतिथि संभाग आयुक्त महादेव कावरे को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित करते हुए। साथ में मंचस्थ विशिष्ट अतिथिगण।

महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में मंचस्थ मुख्य व विशिष्ट अतिथियों के साथ जम्मू- कश्मीर के प्रतिभाशाली युवा।
कावरे ने कहा कि भारत का हर कोना कश्मीर के युवाओं के लिए कितना सोचता है, कि कश्मीर भारत के सारे राज्यों के समान बहुत प्रगति करे। युवाओं के आत्मविश्वास को देखकर लग रहा है कि भारत सरकार नेहरू युवा केंद्र, महाराष्ट्र मंडल अपने उद्देश्यों में सफल हो गया है। उन्होंने जम्मू- कश्मीर के सारे जिलों से आए बच्चों के साथ संवाद किया व उनके अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में उद्देश्य बनाएं व जुट जाएं। वे भी बीजापुर जैसे ग्रामीण क्षेत्र से आकर जगदलपुर व दिल्ली में अपने सपनों को पूरा करने जुटे थे।

नेहरू युवा केंद्र छत्तीसगढ़ के राज्य प्रमुख निदेशक अतुल निकम ने कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। विशेष अतिथि महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने युवाओं को बताया कि छत्तीसगढ़ के बिताए पलों व यहां के संगत का असर इतना अच्छा होगा कि ये बच्चे भविष्य में अपने परिवार व देश के लिये कार्यं करने लग जाएंगे। यही यूथ एक्सचेंज कार्यक्रम की सफलता है। कावरे ने नेहरू युवा केंद्र के अर्पित तिवारी व उनकी टीम का सम्मान किया।
महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर केंद्र ने साझा की मकर संक्रांति की जानकारी
महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया हल्दी-कुंकू
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शंकर केंद्र की महिलाओं ने बसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर हल्दी-कुंकू धूमधाम से मनाया। विशेष ड्रेस कोड में पहुंचीं महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मन मोह लिया। इस बीच सभी को मकर संक्रांति पर्व के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

काले रंग के ड्रेस कोड में पहुंचीं आयोजक समिति की रेणुका पुराणिक, स्मिता कोमजवार, सुरेखा पाटिल, विनिता चितांबरे और अर्चना मैराल ने बताया कि मराठी समाज में मकर संक्रांति पर्व पर हल्दी-कुंकू कार्यक्रम बसंत पंचमी तक कभी भी पूरा किया जाता है। हल्दी-कुंकू में सुहागिन महिलाओं के आंचल में चावल, दलहन, बेर, मटर सहित विभिन्न खेतीहर डाली जाती है। इसे ही ओटी भरना कहते हैं। आयोजकों ने महिलाओं की ओटी भरने से पहले उखाना लेने (मराठी में शायरी के साथ पति का नाम लेना) की दिलचस्प शर्त रखी, जिसे सभी महिलाओं ने मजे से निभाया। फिर ओटी भरने के साथ की महिलाओं को वान (उपहार) दिया गया।

कार्यक्रम की संचालक रेणुका पुराणिक के साथ आयोजकों ने मकर संक्रांति से संबधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि ऋतु परिवर्तन की संधि के समय सूर्य अपनी दिशा एवं दशा बदलता है। यह खगोलीय घटना है। मकर राशि में सूर्य के प्रवेश के समय को संक्रांति के रूप से मनाया जाता है। तिलहन और दलहन की नई फसल आती है। ग्रामीण अंचल में किसान बंधु जब अपने खेतों का उत्पादन घर लेकर आते हैं, तो इसकी जानकारी देने के लिए घर की महिलाएं हल्दी-कुंकू के रूप में नई फसल के उत्पादनों को ओटी के रूप में अन्य आमंत्रित महिलाओं को देती हैं। यह एक प्रकार का प्रचार- प्रसार ही है कि कितने उन्नत किस्म का खाद्यान्न हमारे खेतों में उगाया गया है। यही बताने के लिए यानी अपनी व्यापारिक पहुंच बढ़ाने के लिए भी इसे ओटी में भरकर महिलाओं के माध्यम से घर- घर पहुंचाया जाता है।
इसके अलावा भी मकर संक्रांति पर्व में काले रंग का महत्व, नवविवाहिता को तिल से बने मीठे गहने क्यों पहनाए जाते हैं, जैसी कई पारंपरिक व आध्यात्मिक जानकारियां भी दी गईं।साथ ही रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। बड़ी संख्या में शंकर नगर केंद्र की महिलाओं ने हल्दी-कुंकू के पीले-लाल रंग की साड़ियों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में वसंत पंचमी उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
रायपुर | महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती पूजन एवं हवन का आयोजन किया गया । जिसमें विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन एवं शिक्षक रोशन सिंह राजपूत जजमान थे | 
उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार, समस्त संत ज्ञानेश्वर विद्यालय परिवार के शिक्षक व शिक्षिकाओं, 5वीं, 8वीं, 10वीं एवं 12वीं बोर्ड के छात्र-छात्राओं ने मिलकर पूजन एवं हवन किया। उपप्राचार्य ने समाज और राष्ट्र के हित में काम करने का आवाहन किया ।इस शुभ अवसर पर सबने मिलकर मां शारदा स्तुति का गायन किया ।

पूरा विद्यालय परिसर पीत वस्त्रों से सुशोभित था । आम्र मंजिरी एवं पीले पुष्पों से सरस्वती जी की प्रतिमा को सजाया गया । इस पूजन व हवन से विद्यालय का वातावरण भक्तिमय हो गया । विद्यालय पुनः बच्चों के आगमन की प्रतिष्ठा से हर्षवर्धन से भर गया। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास के साथ किया गया ।

विश्व मराठी सम्मेलन में महाराष्ट्र मंडल को लेकर जिज्ञासा
मंडल के पर्चे को कार्यक्रम के दौरान ही देश- दुनिया से पहुंचे मराठी भाषियों ने ध्यान से पढ़ा
रायपुर। पुणे में शुक्रवार से जारी तीन दिवसीय विश्व मराठी सम्मेलन में पहले दिन से ही महाराष्ट्र मंडल रायपुर को लेकर जिज्ञासा के साथ चर्चा का दौरा चल रहा है। देश-विदेश से यहां पहुंचे अनेक लोग महाराष्ट्र मंडल की गतिविधियों से न केवल अचंभित हैं, बल्कि इसके बारे में और भी अधिक जानकारी चाहते हैं।
पुणे के 150 वर्ष पुराने फाॅर्गुसन कॉलेज में आयोजित विश्व मराठी सम्मेलन का शुभारंभ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व अजीत पवार समेत अनेक मंत्रीगण, साहित्यकारों, रंगमंच और मराठी सिनेमा के कलाकारों ने किया। इस मौके पर 22 देश के महाराष्ट्र मंडलों के प्रतिनिधि यहां जुटे हैं।

तीसरे विश्व साहित्य सम्मेलन के आयोजन स्थल फाॅर्गुसन कॉलेज पुणे में महाराष्ट्र मंडल रायपुर के पर्चे को लोगों ने बड़े ध्यान से पढ़ा। जो लोग कार्यक्रम में पाम्फलेट नहीं पढ़ पाए, उन्होंने होटल के अपने कमरों में इस पर विशेष रूप से ध्यान दिया।

वहीं बृहन्महाराष्ट्र मंडल नई दिल्ली के आमंत्रण पर देश भर के लगभग सभी राज्यों के महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। सम्मेलन के पहले ही दिन सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शेखर रावसाहेब अमीन व छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले ने लोगों के बीच महाराष्ट्र मंडल की जानकारी का (पाम्फलेट) पर्चा वितरित किया। इस पर विश्व मराठी सम्मेलन को लेकर शुभकामनाएं भी दी गई हैं।पर्ची को लेकर लोगों ने आश्चर्य व्यक्त किया कि पुणे से 1164 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र मंडल के रूप में महाराष्ट्र का इतना भव्य और बहुआयामी स्वरूप भी हो सकता है।

फॉर्गुसन कॉलेज के प्रोफेसर डाॅ. देशपांडे ने कहा कि आपका परिचय में मुझे इतना उत्साहित कर दिया है कि रायपुर में आकर महाराष्ट्र मंडल का भ्रमण करना, मेरा सौभाग्य होगा। वहीं जबलपुर से यहां पहुंचीं हेमा व प्रशांत दलवी ने कहा कि हाल ही में बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय अधिवेशन का सफलतापूर्वक आयोजन कर रायपुर महाराष्ट्र मंडल ने जो ख्याति अर्जित की है, वह अब पुणे के विश्व मराठी सम्मेलन में भी दिखाई दे रही है।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि तीसरा विश्व मराठी सम्मेलन मुंबई से निकलकर पुणे तक आ गया है और अब अगले पांच सालों में इसे भारत देश से बाहर विदेश में आयोजित करने की मांग चल रही है। हम इस मांग का सम्मान करते हैं और बहुत जल्दी ही विदेश में यह सम्मेलन भव्य पैमाने पर आयोजित किया जाएगा। मंडल के पर्चे को देखकर मुंबई के श्रीकांत गोखले ने कहा कि इससे पहले रायपुर महाराष्ट्र मंडल को विश्व मराठी सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव महाराष्ट्र शासन और मराठी भाषा विभाग को देना चाहिए। क्योंकि भारत देश का सबसे अधिक सभासदों वाला और विविध कार्यों के माध्यम से जनसेवा करने वाला एकमात्र महाराष्ट्र मंडल, रायपुर का ही है। उनके इस प्रस्ताव पर महाराष्ट्र शासन- प्रशासन, खासकर मराठी भाषा विभाग और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी गंभीरता से विचार करना पड़ेगा।
जीवन अपने लिए नहीं, अपनों के लिए : सुनील किरवई
महाराष्ट्र मंडल के विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने की अध्यक्ष काले को शासन में शामिल करने की मांग |
महाराष्ट्र मंडल के विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुनील किरवई को स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित करते हुए वृहृन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ के कार्यवाह सुबोध टोले व भवन प्रभारी निरंजन पंडित।
रायपुर। हमारा जीवन अपने नहीं बल्कि अपनों के लिए है। अपने लोग, अपना शहर, अपनी प्रकृति, अपने जीव- जंतु... इन्हीं के लिए तो है हमारा जीवन। इस आशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के एक विशेष कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के संगठन मंत्री (छत्तीसगढ- मध्य प्रदेश) सुनील किरवई ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वे इस बात से सहमत नहीं कि हमारा जीवन दूसरों के लिए है। दूसरों की सेवा कोई नहीं करता और कोई करेगा भी नहीं।
महाराष्ट्र मंडल के विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुनील किरवई संबोधित करते हुए।

किरवई ने कहा कि भारत की आरोग जीवी संस्कृति व सभ्यतता के मान बिंदुओं का रक्षण करते हुए महाराष्ट्र मंडल रायपुर अब अपने 90 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इसी महाराष्ट्र मंडल में पिछले 14 वर्षों से अजय काले निर्विरोध अध्यक्ष हैं और महाराष्ट्र मंडल का उत्तरोत्तर विकास कर रहे हैं। यहीं नहीं किशोरावस्था से ही काले युवा संघ चलाते थे। ऐसे उत्साही दूरदृष्टि वाला समाजसेवी हमारे बीच सतत सक्रिय है, तो मुख्यमंत्री साय को उनका उपयोग अपने शासन में भी करना चाहिए। शासन में कई तरह की व्यवस्थाएं होती हैं और उनमें कहीं भी अजय काले का उपयोग किया जा सकता है।
किरवई ने कहा कि महज 16 साल की आयु में संत ज्ञानेश्वर ने ज्ञानेश्वरी लिखकर हमें पसायदान दिया। इसके श्लोक को पढ़ते हुए किरवई ने इसका आशय बताया कि प्राणियों में सद्भाव हो। इसी पसायदान की अगली पंक्तियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसका आशय बताया कि विश्व का कल्याण हो। हम एक ऐसी संस्कृति में जीते हैं, जिसमें वसुधैव कुटुंबकम यानी विश्व एक परिवार का ब्रह्रम वाक्य है। इसी ब्रह्रम वाक्य को आत्मसात करते हुए महाराष्ट्र मंडल सभी समाजों को साथ रखते हुए मानव जाति की सेवा कर रहा है। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते व बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले ने सुनील किरवई का सूतमाला, शाल, श्रीफल व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
जिनके पास विजन नहीं, वो अंधा : अजय काले
कश्मीरी युवा आदान- प्रदान कार्यक्रम 'वतन को जानो' में महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष ने दिया प्रेरक उद्बोधन
रायपुर। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जिनके पास आंखें नहीं हैं, वो अंधा नहीं, बल्कि अंधा वो है जिसके पास विजन नहीं है। मुझे विश्वास है कि आप लोगों के पास अपनी जिंदगी को लेकर, अपने करियर, समाज और देश को लेकर विजन है। नेहरू युवा केंद्र रायपुर की ओर से कश्मीरी युवा आदान- प्रदान कार्यक्रम 'वतन को जानो’ के उद्घाटन समारोह में इस आशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने व्यक्त किए।
काले ने कहा कि जम्मू- कश्मीर से पहुंचे आप लोगों को यहां की संस्कृति परंपरा, बोली को देखने- सुनने का मौका मिल रहा है। यह बड़ा सौभाग्य है कि यहां की यादें लेकर आप जाएंगे और वहां की संस्कृति’ परंपराओं की जानकारी देकर और अपने अनुभव साझा करेंगे। इसी से हमारा देश मजबूत और एकजुट होगा।

'वतन को जानो' कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्रधान आयकर निदेशक अन्वेषण सुनील कुमार सिंह, नेहरू युवा केंद्र छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य निदेशक अतुल निकम, महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले और राजीव गांधी भूमि जल शिक्षण व अनुसंधान संस्थान के मुख्य क्षेत्रीय निदेशक निधिष वर्मा।

इस मौके पर नेहरू युवा केंद्र छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य निदेशक अतुल निकम व कश्मीरी युवा अजय काले को पौधा देकर सम्मानित करते हुए।
अजय काले ने कहा कि भारत का मुकुट कश्मीर आज छत्तीसगढ़ की राजधानी में आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह बेहतरीन पहल है, जिसके तहत आप लोग यहां पधारे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे माता-पिता ने हमें बड़ा किया। हम इतना बढ़िया काम करेंगे, सीखेंगे- सिखाएंगे और सफल हो जाएंगे, ताकि हमारे माता- पिता हमारा देश सभी गौरवान्वित हो जाए। मुख्य अतिथि प्रधान आयकर निदेशक, अन्वेषण सुनील कुमार सिंह ने युवाओं से जिंदगी में आगे बढ़ने का आह्रवान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन सबसे जरूरी है। ये आता है खेलों में भाग लेने से। खेलों में हिस्सा लेने से शरीर मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है। अगर हम हारते हैं, तो भी सीखते हैं। धैर्यवान बनते हैं। खेलों से हमें पढ़ाई करने में ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि इस समय में जम्मू- कश्मीर के युवाओं को बीच हूं।

विशेष अतिथि राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान रायपुर के मुख्य क्षेत्रीय निदेशक निधिष वर्मा ने कहा कि भारत देश की सबसे सुंदर जगह कश्मीर है और वहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन हमें आगे का देखना है। जलवायु परिवर्तन की दिशा में सारा विश्व काम कर रहा है। हमें भी स्वच्छ पानी की जरूरत है इसलिए हमें अभी से पानी की बचत की ओर भी ध्यान देना जरूरी है। वर्मा ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा के लिए बर्बादी रोकना बहुत जरूरी है।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि और नेहरू युवा केंद्र के राज्य मुख्य निदेशक अतुल निकम ने कहा कि वे पहले दिन से ही कह रहे हैं कि पूरा जम्मू- कश्मीर रायपुर महाराष्ट्र मंडल में आ गया है। इसे लेकर वे बहुत गौरवान्वित हो रहे हैं। निकम ने कहा कि उनके छत्तीसगढ़ यात्रा को स्मरणीय बनाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी जाएगी। वे शुरू से कहते- मानते आ रहे हैं कि जम्मू- कश्मीर भारत मां का ताज है और उसके यहां आने से हम सभी गौरवान्वित हैं। जान बूझकर हमने आप लोगों की व्यवस्था महाराष्ट्र मंडल में की है, ताकि जम्मू- कश्मीर के युवा मंडल के कार्यों से सीख सकें कि मानव सेवा के काम नि:स्वार्थ भाव से कैसे किए जाते है। 'वतन को जानो’ के उद्घाटन के बाद कश्मीरी युवाओं ने एक से बढकर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।
महाराष्ट्र मंडल में सादगी से मनाई गई : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि
महाराष्ट्र मंडल में सादगी से मनाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि
महाराष्ट्र मंडल में महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि पर उनकी तस्वीर को सुत माला पहनाते हुए संजय जोशी
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में बुधवार की शाम को राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी की 77वीं पुण्यतिथि सादगी के साथ मनाई गई। इस मौके पर अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते, वरिष्ठ जन सेवा समिति के प्रभारी दीपक पत्रीकर ने महात्मा गांधी की तस्वीर पर गुलाल लगाकर सुत माला पहनाई।

इस मौके पर मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने कहा कि आप जो बदलाव दुनिया में देखना चाहते हैं, वही पहले खुद में लाएं। अहिंसा सबसे बड़ी शक्ति है, यह किसी भी हथियार से अधिक प्रभावी है। खंगन ने कहा कि कमजोर कभी क्षमा नहीं कर सकते, क्षमा करना बलवान की निशानी है। खुद को पाने का सबसे अच्छा तरीका है, खुद को दूसरों की सेवा में खो देना।
उन्होंने कहा कि धैर्य और सत्य के साथ चलें, जीत आपकी ही होगी। व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित होता है। जैसा वह सोचता है, वैसा ही बन जाता है। शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं आती। यह अदम्य इच्छाशक्ति से आती है। हमारे जीवन में स्वच्छता और स्वास्थ्य स्वतंत्रता से अधिक महत्वपूर्ण हैं। अगर कोई किसी का बुरा करे, तो बदले में उसे प्रेम दें, यही जीवन की सच्ची सीख है। इस मौके पर संजय जोशी, कौस्तुभ धर्माधिकारी, मुकुल सोनी, दानसिंग देवांगन, मनीष देसाई सहित मंडल के अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे।
महाराष्ट्र मंडल के सड्डू- मोवा केंद्र ने ऊर्जा पार्क में मनाई पिकनिक
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सड्डू- मोवा केंद्र की महिलाओं ने ऊर्जा पार्क में मनोरंजक पिकनिक मनाई। इसमें मकर संक्रांति के कई खेल खेले गए। तत्पश्चात महिलाओं ने अपना पसंदीदा खेल हाउसी भी खेला। हल्दी- कुमकुम में महिलाओं ने उखाने लेकर अपनी संस्कृति का परिचय दिया। उन्हें संक्रांत का वान भी दिया गया। महाराष्ट्र मंडल मेस से स्वरुचि भोज का सभी महिलाओं लुत्फ़ लिया।

इस मौके पर रेणुका पुराणिक, आरती पोतदार, प्राजक्ता ऐतुलवार, शालिनी जोशी, मनीषा होशंगाबादे, मधुरा भागवत, सुनीता लाड, जया चंदवस्कर, कुंदा, कर्डले काकू, सुरेखा पाटिल, विनिता चिताम्बरे, मंजूषा कालकर, माधवी मोघे, प्रांजलि चरपे, श्रुति डोंनगांवकर सहित अनेक सभासद पिकनिक में उपस्थित रहीं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बच्चों ने बताया गणतंत्र दिवस का महत्व
महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर बाल वाचनालय में विविधता लिए रहा गणतंत्र पर्व
रायपुर। रानी पद्मावती स्कूल के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से न केवल दर्शकों को गणतंत्र दिवस के महत्व का अहसास कराया, बल्कि अपनी मासूमियत के साथ उन्होंने भारत के संविधान के अनुरूप अनुशासनबद्ध जीवनशैली अपनाने का संकेत भी दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रानी पद्मावती स्कूल के प्राचार्य प्रभाकर पटनायक रहे।

पटनायक और विशेष अतिथि सहज योग विशेषज्ञ श्रेणिक देशलहरा ने कहा कि आज ही के दिन हमारे देश का संविधान लागू हुआ था। हमें संविधान का सम्मान और रक्षा करना चाहिए। डॉ. भीमराव अंबेडकर के बनाए गए विश्व के श्रेष्ठतम संविधानों में से एक हमारा संविधान देश को विविध जाति- धर्म, संस्कृति, परंपरा, जनजातियां होने के बावजूद एकता के सूत्र में पिरोता है। यही वजह है कि आज भारत देश संविधान के अमृत महोत्सव पर न केवल एकजुट है, बल्कि तेज गति से विकास भी कर रहा है। आज का दिन अपने देश की आजादी के लिए जान देने वाले वीर बलिदानियों को याद करने का भी दिन है। इन्हीं बलिदानियों ने देश की आजादी, खुशहाली और तरक्की के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

कार्यक्रम की विशेष अतिथि महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने कहा कि भारत पूरे विश्व को कर्मयोग व हितोपदेश का पाठ पढ़ा रहा है। आज भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। कार्यक्रम का संचालन रेणुका पुराणिक ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ सभासद पुष्पा जावलेकर, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, अरविंद जोशी, अजय पुराणिक समेत मंडल के अनेक सभासद, रानी पद्मावती स्कूल का स्टाफ व आमजन उपस्थित रहे।