दिव्य महाराष्ट्र मंडल
कैरम स्पर्धाः मेंस डबल फाइनल में भिड़ेगे धुरंधर... वूमेंस सिंगल का होगा सेमीफाइनल
- महाराष्ट्र मंडल में चल रही दो दिवसीय कैरम स्पर्धा
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की खेलकूद समिति की ओर आयोजित दो दिवसीय कैरम स्पर्धा के पहले दिन मेंस सिंगल और डबल के साथ वुमेंस सिंगल के मैच खेले गए। स्पर्धा में शामिल सभी खिलाड़ियों ने एक दूसरे को काटें की टक्कर दी। वहीं कुछ मैच स्टार्ट टू फिनिश के साथ हुए। जिसमें फिनिशर ने एकतरफा जीत दर्ज की। संपूर्ण मैच छत्तीसगढ़ प्रदेश कैरम एसोशिएशन के सचिव विजय कुमार के मार्गदर्शन में खेला गया।

आज हुए पहले रोचक मुकाबले में अजय हुद्दार और मिलिंद जावडेकर को हराकर विजय शेवालकर और अमित लोणकर ने 25-0 और 25-4 से जीत दर्ज कर सेमी फाइनल में जगह बनाई। दूसरे मुकाबले में ललित वर्मा और देवचरण पटेल की जोड़ी ने जयंत चक्रवर्ती और मुकुंद सेजलवार को 21.4 और 25.0 से करारी शिकस्त दी। तीसरे मुकाबले में निखिल मुकादम और निलय मुकादम की टीम ने कुणाल चावला और प्रथम परमार को 25-0, और 25-0 से हरा दिया। चौथा मुकाबला निखिल और निलय मुकादम ने उदय बेडेकर और अरूण कुम्बारे के साथ खेला। जिसमें उदय और अरूण की टीम ने 20-5 और 25-1 प्वाइंट के साथ जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में प्रवेश किया। पांचवा मुकाबले में ललित वर्मा और देवचरण की टीम ने एनपी गनबीर और प्रमोम कुमार पाटिल से भिड़त की। जिसमें गनबीर और प्रमोद की टीम ने 17-5 और 18-4 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई। वहीं छठें मुकालबे में गोपाल जोशी और आनंद बेरीवाल की टीम ने नितीन तंबोली और सागर दशपुत्रे को 25-0 और 19-7 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
मेंस डबल का सेमीफाइनल रहा रोचक
मेंस डबल के पहले सेमीफाइनल में विजय सेवालकर और अमित लोणकर की जोड़ी ने उजय बेडेकर और अरूण कुम्बाले को जोरदार टक्कर दी। यह मुकाबला उदय और अरुण की जोड़ी ने 23-4 और 12-6 के साथ अपने नाम किया और फाइनल में जगह बनाई। दूसरे सेमीफाइनल मैच में एनपी गनबीर और प्रमोद कुमार पाटिल की भिड़ंत गोपाल प्रसाद जोशी और आनंद बेरीवाल के साथ हुई। इस एकतरफा मैच में एनबी गनबीर और प्रमोद पाटिल की जोड़ी ने 25-2 और 25-0 के साथ फाइनल में जगह बनाई।
मैच में निशा और सुषमा को मिला वाकओवर
वूमेंस सिंगल में पहले दो मैच में खिलाड़ियों के नहीं आने के कारण निशा मेश्राम और सुषमा किलेदार को वाकओवर मिल गया। जिसके चलते दोनों सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश कर गई। निशा का मुकाबला कविता बेडेकर के साथ और सुषमा का मुकाबला संयोगिता चंद्राकर के साथ था। तीसरा मैच में अंजली बहाड़ और प्रगति ओगले के बीच खेला गया। जिसमें अंजली ने प्रगति को 25-0, 25-0 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। चौथा मुकाबला कंचन ठाकुर और चित्रा देशपांडे के बीच खेला गया। एकतरफा जीत दर्ज करते हुए कंचन ने चित्रा को 25-0 से पराजित किया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। रविवार को सुबह पहला सेमीफाइनल निश्रा मेश्राम और कंचन ठाकुर के बीच खेला जाएगा। वहीं दूसरा सेमीफाइनल अंजली बहाड़ और सुषमा किलेदार के बीच होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सांसद मनोज तिवारी ने की सौजन्य भेंट
सांसद मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री साय द्वारा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और लोक धरोहरों को राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की।
अतिथियों ने बोर्ड में शाट लगातार किया कैरम स्पर्धा का शुभारंभ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित दो दिवसीय कैरम स्पर्धा का भव्य शुभारंभ अतिथियों ने बोर्ड़ में शाट लगाकर किया। निगम के एमआईसी सदस्य दीपक जायसवाल, डीडी नगर पार्षद आशु चंद्रवंशी, समता कालोनी वार्ड के पार्षद आनंद अग्रवाल और मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और अतिथियों के स्वागत के साथ किया गया।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा सन 1975 में तात्यापारा चौक स्थित मंडल के कार्यालय में भी कैरम स्पर्धा होती थी। तब वहा अंतु कुसरे, परगहनिया जी ऐसे खिलाड़ी हुआ करते थे। जो स्टार्ट टू फिनिश खेलते थे। आज यहां छत्तीसगढ़ कैरम एसोशिएसन के पदाधिकारी भी आए है, निःसंदेह यह के सफल खिलाड़ियों को आगे खेलने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कैरम एसोसिएशन के विजय कुमार ने कहा कि खेल नेशनल के नियमों के तहत खेला जाएगा। बेस्ट आफ 3 के स्थान पर बेस्ट आफ 6 रखा गया है। आगामी 3-4 मई को स्टेट कैरम चैम्पियनशिप का आयोजन होना है। इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हम स्पर्धा में डायरेक्ट एंट्री देंगे। समता कालोनी के पार्षद आनंद अग्रवाल ने सभी को खेल की बधाई देते हुए कहा कि खेल से मन को शांति मिलती है।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि डीडी नगर के पार्षद आशु चंद्रवंशी ने कहा कम और सीमित संसाधनों को कुछ अच्छा कोई कर सकता है तो वह सिर्फ महाराष्ट्र मंडल। उन्होंने महाराष्ट्र मंडल से छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए कबड्डी, खो-खो का आयोजन करने को कहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमआईसी सदस्य दीपक जायसवाल ने कहा कि मंडल से मेरा आत्मीय प्रेम है। यहां होने वाले लगभग सभी कार्यक्रमों में मैं शामिल होता है। मुझे यहां आकर अच्छा लगता है। कार्यक्रम का संचालन खेलकूद की समिति की मालती मिश्रा ने और आभार प्रदर्शन किरण इंगले ने किया। इस अवसर पर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के साथ बड़ी संख्या में मंडल के सदस्य उपस्थित थे।
डाक टिकट पर बनी लघु फिल्म... संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने किया अभिनय
रायपुर। भारतीय डाक विभाग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल रायपुर द्वारा डाक टिकटों के प्रति बच्चों का रूझान बढ़ाने के लिए लघु फिल्म निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए डाक विभाग ने संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों का चयन किया है। लघु फिल्म में स्कूल के बच्चे अभियन करते नजर आएंगे।
विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन, दो सहयोगी शिक्षिकाओं अपर्णा आठले एवं तृप्ति अग्निहोत्री के सहयोग से 15 विद्यार्थियो के अभियन के साथ लघु फिल्म का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। इसमें विद्यार्थियो ने डाक टिकट के माध्यम से अध्ययन करने की महत्ता को जाना। डाक टिकट संग्रह की उपयोगिता, अवलोकन, संग्रह की संपूर्ण जानकारी वरिष्ठ फिलेटलिस्ट एवं महाराष्ट्र मंडल रायपुर की आजीवन सदस्य कुमुद लाड के सहयोग एवं मार्गदर्शन में पूरा हो गया।
प्राचार्य गोवर्धन ने बताया कि लघु फिल्म में भारत के प्रथम डाक टिकट, स्वतंत्रता सेनानी, छत्तीसगढ़ की विभूतियों के डाक टिकट, विशेष कर संत ज्ञानेश्वर की डाक टिकट को दिखाया गया। डाक विभाग की दीनदयाल स्पर्श स्कालरशिप, ढाई आखर पत्र लेखन योजना से अवगत कराया गया। सभी प्रतिभागियों एवं विद्यालय परिवार को डाक विभाग द्वारा सम्मानित किया गया।
लघु फिल्म के दूसरे भाग की शूटिंग का कार्य छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल मुख्य डाक घर रायपुर में अपर्णा आठले एवं दो प्रमुख छात्राओं अनुषा (8वीं), गार्गी (8वीं) के साथ पूर्ण हुआ। उन्होंने फिलाटेलिक ब्यूरो रायपुर का शैक्षिक महत्व जाना। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल रायपुर की सोशल मीडिया टीम के प्रभारी गीतेश साहू, जयंत मंडल, विनय कुमार का मार्ग र्शन एवं सहयोग उल्लेखनीय रहा। विद्यालय परिवार द्वारा इन्हें भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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समर कैंपः अन्य स्कूलों के बच्चों हुए शामिल... कहा मजा आ रहा
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में चल रहे समर कैंप में सिर्फ वहीं के नहीं अपितु आसपास के कई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे शामिल हो रहे है। अन्य स्कूल के बच्चे यहां कैंप में शामिल होकर बड़े ही खुश नजर आ रहे है। इन बच्चों ने एक स्वर में कहा कि कैंप में उन्हें काफी मजा आ रहा है।

समर कैंप में शामिल हुए अथर्व और धैर्य राय ने बताया कि दोनों भाई राजकुमार कालेज में पढ़ते है। अभी यहां समर कैंप के लिए आए। कैंप में सुबह आने के बाद पहले योग और व्यायाम कराया जाता है। फिर हम फायरलेस कुकिंग में शामिल होते है। जिसमें हमने पहले दिन भेल फिर नड्डा रोल बनाना सीखा। हमें यहां काफी मजा आ रहा है। टीचर्स भी हमें काफी अच्छे से टीच कर रहे है।
स्थानीय वल्लभनगर पब्लिक स्कूल से यहां कैंप में आई दिव्यांश कोटवानी ने कहा कि उसे समर कैंप में काफी मजा आ रहा है। मेरे परिजनों को भी यहां आकर अच्छा लगा। अब आगे की पढ़ाई भी मैं इसी स्कूल में करूंगी वहीं चैम्पियन स्कूल से कैंप में आई रिद्धीपाल ने कहा कि योग और जुंबा डांस में काफी मजा आ रहा है। टीचर्स भी काफी अच्छे से हमें डांस सीखा रहे है।

शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि कैंप में प्रतिदिन 100 से अधिक बच्चे शामिल हो रहे है। पहले दो दिन बच्चों की संख्या थोड़ी कम थी, लेकिन तीसरे दिन से संख्या बढ़ गई है। बच्चों को आर्ट एडं क्राफ्ट में ज्यादा रूचि है। बच्चे यहां आकर तरह-तरह के क्राफ्ट बनाना सीख रहे है।
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‘मम्मी घर पर नहीं तो भी भूखे नहीं रहेंगे बच्चे’.. फायरलेस कुकिंग को लेकर बच्चों में दिखा उत्साह
- संत ज्ञानेश्वर स्कूल के समर कैंप में बच्चे सीख रहे फायरसेल कुकिंग
रायपुर। आज हम संयुक्त के बजाए एकल परिवार में रह रहे हैं, ऐसे में अगर मम्मी किसी काम से घर से बाहर गई है तो बच्चे जंक फूड या चिप्स के पैकेट के भरोसे रह जाते है। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर स्कूल के समर कैंप में बच्चे फायरलेस कुकिंग सीख रहे है। फायरलेस कुकिंग सीख रही अनुषा, गार्गी, गीत, जसराज और व्योम ने कहा कि अब मम्मी के घर पर नहीं होने पर हमें भूखे नहीं रहना होगा।

शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि हमने फायरलेस कुकिंग के अंतर्गत आज बच्चों को भेल बनाना सीखाया। कक्षा 3, 4, 5 के बच्चों में खुद से उबले हुए आलू को मेस किया, प्याज काटा, धनिया काटा, नीबू निचोड़ा, नमक मिलाया। टमाटर भी बच्चों ने खुद ही काटा। हमारा उद्देश्य है कि घर पर मम्मियों की अनुपस्थिति में बच्चे घर पर बना हेल्दी डाइट लें। जंक फूड स्वास्थ्य के लिए उत्तम नहीं होगा। कल बच्चों और कुछ नया बनाया सीखाया जाएगा। फायरलेस कुकिंग में अनुषा साहू, गार्गी अम्बोरे, गीत कौर, जसराज सिंह चड्डा और व्योम टोटलवार भाग ले रहे है।

लाल मैडम ने आगे बताया कि वहीं आर्ट एडं क्राफ्ट क्लास में बच्चे आकर्षक झूमर बनाना सीख रहे है। कक्षा दूसरी की दिव्याशी साहू स्केल से लाइन ड्रा करके पेपर की शानदार स्लाइट कटिंग करने में जुटी रही। लैप बनाकर दिव्यांशी काफी खुश नजर आई। वहीं कक्षा चौथी की भावना चेलक भी हेगिंग लैप बनाने को लेकर काफी उत्साहित नजर आई। इससे पहले समर कैंप की शुरूआत योग और प्राणायाम के साथ की गई। कैंप के शामिल सभी बच्चों ने पहले योग किया। योग शिक्षिका ज्योति साहू ने बच्चों को योग और प्राणायाम कराया। जिसके बाद सभी बच्चे अपनी अपनी क्लास के अनुसार अलग-अलग कक्षाओं में चले गए।
शंकर नगर महिला केंद्र में कोंकणी लोकगीत और गणपति वंदना के साथ मनाया गया हल्दी कुंकू
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की शंकर नगर महिला केंद्र द्वारा विगत दिनों शंकर नगर स्थित बालवाचनालय में हल्दी कुंकू बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर को और अधिक यादगार बनाने के लिए महिलाओं ने गणपति वंदना के साथ कोंकणी लोकगीत की आकर्षक प्रस्तुति भी दी। मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल ने कहा कि हल्दी कुंकू एक महत्वपूर्ण सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन है। जो भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह पवित्रता, समृद्धि, वैवाहिक सुख और प्रेम का प्रतीक है।

हल्दी कुंकू कार्यक्रम का शुभारंभ गणपति वंदना के साथ किया गया, जिसे जया कोटस्थाने ने प्रस्तुत किया। केंद्र की सदस्य वृन्दा वोडितेलवार ने कोंकणी लोकगीत पर सुंदर नृत्य प्रस्तुति किया। जया कावडकर के निर्देशन में चैत्र गौरी सजावट और ‘जन्म आई चा’ गाने पर श्रुति, जया, अंजली, जया, वृन्दा, अदिति जोशी और पिंकी ने शानदार प्रस्तुति दी। पिंकी रामटेके की ‘ऐसा ग्रुप कहा मिलेगा’ की प्रस्तुति के साथ रेकी मास्टर ज्योति अंदनकर का केंद्र की संयोजिकाओं द्वारा सम्मान किया गया।
आयोजन में अनेकता में एकता का परिचय देते हुए विभिन्न राज्यों की प्रसिद्ध साड़ियों में से बनारसी, मेखला चादर, माहेश्वरी, चुनरी, पैठणी, केरल की कसाउ और छत्तीसगढ़ की कोसा के परिधान के साथ फैशन शो में वृन्दा,जया, अदिति, पिंकी, जया, अंजली और श्रुति का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। कार्यक्रम का संचालन श्रुति पाठक तथा आभार प्रदर्शन जली जोगदंड ने किया। उपस्थित सदस्यों को डाळ, करंजी, कचौरी, पन्ह के स्वल्पाहार के साथ हलदी कुंकु का अविस्मरणीय कार्यक्रम संपन्न हुआ।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल में समर कैंप के पहले दिन बच्चों ने की जुंबा के साथ फन और मस्ती
- कैंप की ओपनिंग सेरेमनी में शामिल हुए पार्षद सचिन मेघानी
रायपुर। एक समय था जब गर्मी की छुट्टियां में ज्यादातर बच्चे अपने दादा-दादी और नाना-नानी के घर जाया करते थे। समय के साथ अब गर्मी की छुट्टियों के उपयोग में बदलवा आया है। अब लोग समर कैंप में शामिल होकर फन और मस्ती का आनंद लेते है। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में 21 अप्रैल से समर कैंप का शुभारंभ किया गया। समर कैंप का शुभारंभ मुख्य अतिथि अरविंद दीक्षित वार्ड के पार्षद सचिन मेघानी, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर और सहप्रभारी नवीन देशमुख ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर बच्चों ने स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया।

बच्चों को संबोधित करते हुए सचिन मेघानी ने कहा कि आजकल के बच्चे मोबाइल के एडिक्ट होते जा रहे है। ऐसे में समर कैंप बच्चों को काफी हद तक मोबाइल से दूर रखता है। वहीं समर कैंप में बच्चों को काफी कुछ नया सीखने को मिलता है। विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने अतिथियों को अपने विद्यालय के संस्कार तथा 42 वर्षों का योगदान की संक्षिप्त जानकारी दी। स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने समर कैंप को लेकर शिक्षकों का मार्गदर्शन किया और समय का सदुपयोग करने की सराहना की।

शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि शुक्रवार व शनिवार को ही बहुत अधिक संख्या में बच्चों ने अपना रजिस्ट्रेशन विभिन्न एक्टिविटीज में करा लिया था। जो बच्चे ओपनिंग सेरेमनी में उपस्थित हुए उन बच्चों को उनकी पसंदीदा एक्टिविटीज कराई गई। आज बच्चों की जुंबा डांस, खेलकूद, फायरलैस कुकिंग तथा आर्ट एंड क्राफ्ट की क्लासेस ली गई। बच्चों ने बड़े ही उत्साह के साथ इसमें भाग लिया तथा कल की तैयारी के लिए दिशा निर्देश लेकर घर की ओर रवाना हुए। समर क्लासेस में विभिन्न एक्टिविटीज में बच्चों का रजिस्ट्रेशन जारी है। एक विद्यार्थी दो एक्टिविटीज में हर दिन भाग ले सकता है।
कार्यक्रम में लगभग 100 बच्चों के साथ सभी शिक्षक शिक्षिकाएं सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका आराधना लाल ने किया। बच्चों और अतिथियों को समर कैंप की संपूर्ण जानकारी अपर्णा आठले ने दी। धन्यवाद ज्ञापन तृप्ति अग्निहोत्री ने दिया।
वल्लभनगर, अमलीडीह सहित सभी केंद्रों में हुआ हनुमान चालीसा पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से हर शनिवार होने वाला रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ इस सप्ताह भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। इस सप्ताह वल्लभनगर, अमलीडीह, बूढ़ापारा और अवंती विहार सहित अन्य केंद्र की महिलाओं ने उत्साह के साथ रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं ने मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में पाठ किया। इस दौरान मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, अपर्णा देशमुख, अर्चना जतकर, कंचन पुसदकर, माधुरी गाडगिल, प्राजक्ता पुसदकर, मंजूषा चिलमवाल, अर्चना राखडे, स्वेता टोले, संगीता चांदोकर, शोभा पाटिल, अपर्णा पेंडसे, रोहिनी पेंडसे, अपर्णा आठले और सुहानी पवार प्रमुख रुप से उपस्थित थीं।

वहीं अवंती विहार केंद्र की महिलाओं द्वारा किए गए पाठ के दौरान शुभदा गिरजे, सविता महाजन, चारू पैडका, सिखा उपगाडे, अंजू, रेणुका, स्वर्णा, श्वेता, मनीषा, लीना, स्मिता, शिल्पा चौधरी, गीता हाटे, नीता भंडारकर और मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल प्रमुख रुप से उपस्थित थीं।

आस्था ने आगे बताया कि इसी तरह अमलीडीह केंद्र में अर्चना भाखरे, अर्चना धर्माधिकारी, अल्पना देवरणकर, प्रेरणा मोरे, अक्षरा भागडे, मेघा जोशी, संध्या फुलघरे, प्रेरणा सप्रे, रितीका चानडील प्रमुख रुप से उपस्थित रही। वहीं बूढ़ा पारा केंद्र की महिलाओं द्वारा बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में पाठ किया गया। इस दौरान केंद्र की महिलाएं उपस्थित थीं।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल में 21 अप्रैल से समर कैंप.... खेलकूद, डांस म्यूजिक के साथ बहुत कुछ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में समर कैंप का आयोजन सोमवार 21 अप्रैल से किया जा रहा है। समर कैंप का उद्घाटन अरविंद दीक्षित वार्ड के पार्षद और जोन 10 के अध्यक्ष सचिन मेघानी के द्वारा किया जाएगा। कैंप के शुभारंभ अवसर पर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर और सहप्रभारी नवीन देशमुख विशेष रुप से उपस्थित रहेंगे।
स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि स्कूल द्वारा प्रति वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। समर कैंप में न सिर्फ विद्यालय बल्कि आसपास के क्षेत्र के बच्चों में भी बहुत उत्साह है और रजिस्ट्रेशन भी अनेक बच्चों का हो चुका है। कैंप में विभिन्न एक्टिविटीज जिसमें खेलकूद, आर्ट एंड क्राफ्ट ,फायरलैस कुकिंग, डांस, म्यूजिक इत्यादि में आनंद बच्चे लेंगे।
महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी महाराज की उपलब्धियों पर चर्चा.... सभासदों ने की छत्रपति शिवाजी की महाआरती
देवी अहिल्याबाई का न्याय देख सभागृह की हर एक नारी हुई गौरवान्वित
- वीवाय हॉस्पिटल के मेडिकल स्टासफ ने जाना पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर को
- महाराष्ट्रप मंडल की महिला केंद्रों की गृहणियों ने प्रस्तुत किया नृत्यो नाटिका
रायपुर। पुण्यश्लोका देवी अहिल्या बाई होल्कर के जीवन पर आधारित एक नृत्य नाटिका का मंचन वीवाय हास्पिटल के आडिटोरियम में महराष्ट्र मंडल के सहयोग से किया गया। नृत्य नाटिका में अहिल्याबाई होल्कर के न्यायप्रियता को इतने सुंदर संवादों के साथ प्रस्तुत किया गया कि आडिटोरियम में बैठी एक नारी ने खुद को गौरवान्वित महसूस किया।

नाटिका में दर्शाया गया कि जब कैसे रानी अहिल्याबाई होल्कर ने न्याय को सबके लिए एक समान रखा। मंचित दृश्य में रानी के बेटे के रथ के नीचे आकर एक बछड़े की मौत हो जाती है। मामला राजमाता के पास आता है तो वे अपने ही बेटे को मृत्युदंड की सजा देती है। इस दृश्य की कल्पना मात्र मन व्याकुल हो उठता है, फिर सोचिए उस मां ने कैसे इतना कठोर निर्णय सुनाया होगा। जब यह सजा देने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ, तो मालेराव को कुचलकर मारने के लिए स्वययं अहिल्याप बाई रथ पर सवार होकर निकलीं। वहीं बछडे की मां गाय रथ के सामने आकर अहिल्याम बाई को सजा देने से रोकती है और वह अपना स्था न नहीं छोड़ती। शनिवार को वीवाय हास्पिटल के सभागृह में इस दृश्य ने सभी को भावविभोर कर दिया।

महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि इस प्रस्तुति में रंजन मोडक ने तकनीकी सहयोग किया है। रंजन मोडक के मुताबिक नृत्या नाटिका में तोषिका भुजबल ने अहिल्यार बाई, अर्चना भाकरे ने मालेराव, लक्ष्मी लिल्हारे ने राजमाता की बहू, वनिता चितांबरे ने सेनापति, गीता दलाल ने सूत्रधार, वंदना पटिल ने गाय मालिक, अंकिता किरवई, रैना पुराणिक और वर्षा उरकुरे ने दरबारी की भूमिका निभाई है। इस नृत्यट नाटिका में अर्पणा देशमुख, स्वाती कोरान्नेव, स्मिेता बल्कीज, प्राची जोशी और स्वामती जोशी ने अपने नृत्या कौशल से नाटिका को और भी मनोरंजक बनाया है। इससे