दिव्य महाराष्ट्र मंडल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया महाराष्ट्र मंडल के कैलेंडर का विमोचन

विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह से महाराष्ट्र मंडल ने की नववर्ष भेंट

विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन ने महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधि मंडल को नववर्ष और कैलेंडर के प्रकाशन की बधाई देते हुए कहा कि महाराष्ट्र मंडल सामाजिक कार्यों में हमेशा अग्रणी रहा है। निःसंदेह छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन प्रदेश के हर व्यक्ति को समाज से जोड़ने और जरूरतमंद लोगों की समाजसेवा करने में कारगर साबित होगा। इस अवसर पर मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, मंडल के सहसचिव सुकृत गनोदवाले, महाराष्ट्र मंडल भवन प्रभारी निरंजन पंडित, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुबोध टोले, सखी निवासी प्रभारी नमिता शेष, शंकर नगर बाल वाचनालय प्रभारी रेणुका पुराणिक, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी और अजय पुराणिक प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
महाराष्ट्र मंडल ने जरूरतमंदों के बीच घूम- घूमकर बांटे कंबल

रामरक्षा स्त्रोत व हनुमान चालीसा पाठ का एक वर्ष पूर्ण.... 4 जनवरी को मंडल में वृहद आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ अभियान शनिवार, 28 दिसंबर को एक साल पूरा हो गया। मंडल के सभी 16 महिला केंद्रों की सभासद समीपस्थ हनुमान मंदिरों या किसी सभासद के घर आस्था काले के नेतृत्व में छह जनवरी 2024 से हर शनिवार की शाम को रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ कर रही हैं। अब एक साल पूरा होने पर चार जनवरी 2025 को शाम सात बजे एक भव्य आयोजन चौबे कालेानी स्थित महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में होगा।
आध्यात्मिक समिति की कार्यकारी प्रमुख रेणुका पुराणिक ने बताया कि चार जनवरी को सभी 16 केंद्रों की महिलाएं संयुक्त रूप से रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी। तत्पश्चात महाआरती की जाएगी और फिर महाप्रसाद वितरित किया जाएगा। कार्यक्रम में सभी समितियों के पदाधिकारियों- सदस्यों और कार्यकारिणी के अलावा बड़ी संख्या में आजीवन सभासद और आम भक्तजन भी उपस्थित रहेंगे।
बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले के अनुसार कार्यक्रम के तुरंत बाद 10 जनवरी से शुरू होने वाले तीन दिवसीय बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों को लेकर बैठक भी होगी। इसमें अधिवेशन को लेकर अभी तक हुई तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ी तो आयोजन को लेकर बनाई गई विभिन्न समितियों में कुछ और कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा या इसमें फेरबदल भी किया जा सकते हैं। बताते चले कि बृहन्महाराष्ट्र मंडल की ओर से दो बार सर्वश्रेष्ठ महाराष्ट्र मंडल का अवार्ड जीत चुके रायपुर के महाराष्ट्र मंडल में पहली बार राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है।
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स्वदेशी मेला: सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महाराष्ट्र मंडल ने किया प्रभावित
नेशनल रिंग फाइट चैंपियनशिप: छत्तीसगढ़ को तीन स्वर्ण के साथ 10 पदक
तुमेश्वरी, मिनाक्षी व खिलेंद्र साहू ने जीता सोना, वर्तिका को चांदी
रायपुर। कर्नूल आंध्र प्रदेश में आयोजित 8वीं नेशनल रिंग फाइट चैंपियनशिप में छत्तीसगढ के खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित 10 पदक जीते हैं। स्वर्ण पदक जीतने वालों में अंडर- 19 कैटेगरी में तुमेश्वर साहू व मिनाक्षी साहू और अंडर- 14 वर्ग में खिलेंद्र साहू शामिल हैं।
27 और 28 दिसंबर को आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की 11 खिलाड़ियों की टीम ने महिला कोच और महाराष्ट्र मंडल की सह सचिव मालती मिश्रा और पुरुष वर्ग के कोच प्रवीण क्षीरसागर के मार्गदर्शन में भरपूर जोश और जुनून के साथ हिस्सा लिया। मालती मिश्रा के मुताबिक अंडर-19 वर्ग में तेलंगाना और महाराष्ट्र की टीम को चित करते हुए हमारे खिलाड़ी तुमेश्वरी साहू और मिनाक्षी साहू ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं अंडर-14 में खिलेंद्र साहू ने तमिलनाडू के खिलाड़ी को सीधे मुबाकले में चारों खाने चित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। पुरुष वर्ग के अंडर- 17 के फायनल में पुष्कर साहू ने तेलंगाना के खिलाड़ी से परास्त होने के बाद सिल्वर मेडल हासिल किया। इसी तरह अंडर- 14 में तारक साहू आंध्र प्रदेश के फायटर से पराजित होकर रजत पदक प्राप्त कर पाया। अंडर- 14 कैटेगरी में अक्षत चंद्राकर ने भी रिंग में कमाल का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर जीता। चित्रांश साहू ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के खिलाफ शानदार खेल दिखाते हुए कांस्य पदक जीता। चैंपियनशिप के पहले दिन शनिवार को छत्तीसगढ़ महिला टीम की महत्वपूर्ण खिलाड़ी वर्तिका क्षीरसागर ने अपने वर्ग में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के खिलाड़ियों के साथ रिंग फाइट करते हुए ब्रांज मैडल जीता।
छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के महासिचव ओपी कटारिया ने बताया कि पहली बार में प्रदेश की 11 सदस्यीय टीम को तीन स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक के साथ कुल 10 मेडल मिले। चैंपियनशिप में 22 राज्यों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। एसोसिएशन के संरक्षक व महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, अध्यक्ष चेतन गोविंद दंडवते ने आंध्रा में आयोजित रिंग फाइट चैंपियनशिप में प्रदेश के खिलाड़ियों को उनके उच्च स्तरीय प्रदर्शन और सफलता पर बधाई दी और कहा कि भविष्य में कभी भी रिंग फाइट के अभ्यास के लिए खिलाड़ियों को किसी भी तरह के संसाधन व सुविधा की जरूरत होगी, तो हम उसे तत्काल पूरा करेंगे। साथ ही उन्हें प्रोत्साहित करेंगे।
महाराष्ट्र मंडल ने किया अंतरराष्ट्रीय धाविका कविता का सम्मान
नेशनल रिंग फाइट में वर्तिका ने जीता ब्रांज... छत्तीसगढ़ के खाते पहला मैडल
रायपुर। आंध्रप्रदेश के कर्नूल में आयोजित 8वीं रिंग फाइट नेशनल प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ की वर्तिका क्षीरसागर ने ब्रांच मैडल जीतकर छत्तीसगढ़ के खाते में पहला मैडल लाया। 27 और 28 दिसंबर को आयोजित स्पर्धा में वर्तिका ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया। वर्तिका की इस उपलब्धि पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के संरक्षक अजय मधुकर काले और मंडल सचिव व छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन दंडवते ने वर्तिका और पूरी टीम को बधाई दी।
बतादें कि छत्तीसगढ़ के 11 खिलाड़ी, दो कोच और टीम मैनेजर गुरुवार सुबह 11.30 बजे वेनगंगा एक्सप्रेस से रवाना हुए थे । छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन की ओर से टीम कर्नूल में खेल में अपना जौहर दिखा रही है।
टीम के साथ जा रहे छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के महासचिव ओपी कटारिया ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग स्कूलों से चयनित 11 खिलाड़ी नेशनल खेलने आए है। इनके साथ पुरुष कोच प्रवीण क्षीरसागर और महिला कोच मालती मिश्रा भी कर्नूल पहुंची है।
16 स्थानों पर लगातार 52वें सप्ताह रामरक्षा स्त्रोत व हनुमान चालीसा पाठ आज
नेशनल रिंग फाइट में शामिल होने छत्तीसगढ़ की टीम कर्नूल रवाना
रायपुर। आंध्रप्रदेश के कर्नूल में आयोजित 8वीं रिंग फाइट नेशनल प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के 11 खिलाड़ी, दो कोच और टीम मैनेजर गुरुवार सुबह 11.30 बजे वेनगंगा एक्सप्रेस से रवाना हुए। छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन की ओर से टीम कर्नूल में खेल में अपना जौहर दिखाएगी।
टीम के साथ जा रहे छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के महासचिव ओपी कटारिया ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग स्कूलों से चयनित 11 खिलाड़ी नेशनल खेलने के लिए जा रहे है। इनके साथ पुरुष कोच प्रवीण क्षीरसागर और महिला कोच मालती मिश्रा भी जा रही है।
बतादें कि 27 से 29 दिसंबर को आंध्रप्रदेश में होने वाले नेशनल गेम्स 22 राज्यों की टीम हिस्सा लेगी। छत्तीसगढ़ की टीम पहली बार इस स्पर्धा में भाग लेने जा रही है। टीम को मंगलवार को महाराष्ट्र मंडल में ट्रैक सूट और किट दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सीएम कैम्प कार्यालय की उपलब्धियों को दर्शाती 'सेवा एवं समर्पण का 1 साल' पुस्तिका का किया विमोचन
महाराष्ट्र मंडल में सादगीपूर्ण मनाई गई अटल शताब्दी जयंती
तुम मुझे यूं ना भुला पाओगे... के साथ मो. रफी का संगीतमय स्मरण
महाराष्ट्र मंडल में ‘सौ बार जनम लेंगे’ की प्रस्तुति 24 को
रायपुर। भारतीय संगीत के अमर गायक स्व मोहम्मद रफी की शताब्दी जयंती पर राजधानी रायपुर की सुर संतृप्ति इवेंट एवं मैनेजमेंट लाइव बैंड म्यूजिक शो ‘सौ बार जनम लेंगे’ की प्रस्तुति मंगलवार, 24 दिसंबर को शाम 6 बजे से चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल रायपुर में करने जा रही है। इस कार्यक्रम में ग्रुप के कलाकार अपनी आवाजों से रफी साहब के गाए गीतों को बतौर श्रद्धांजलि पेश करेंगे।
सुर संतृप्ति म्यूजिकल क्लब की फाउंडर विश्वास और प्रीति केसकर ने बताया कि भारतीय संगीत के अमर गायक स्व मोहम्मद रफी की 100 वीं जयंती पर लाइव बैंड म्यूजिक शो का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में साउंड स्वरमाला की टीम देगी। वहीं स्पेशल लाइव बैंड म्यूजिक की प्रस्तुति डाल्फिन ग्रुप दुर्ग के संचालक यश यदु और उनकी टीम देगी।
विश्वास और प्रीति केसकर ने बताया कि कार्यक्रम के प्रायोजक सन् एडं सन् ज्वेलर्स है। वहीं सह प्रायोजक की भूमिका में शंकरा हुंडई, सरगम म्यूजिक, बैंक आफ इंडिया, एमआर भागवत मेमोरियल हास्पिटल, प्रिज्म सेल्स है।
फिजियोथैरेपी के लिए आए मासूम का महाराष्ट्र मंडल ने मनाया जन्मदिन
विद्या और निशा की कविता ‘किन्नर व्यथा’ और नाटक ‘शिखंडी’ का वाचन- मंचन 24 दिसंबर को
- महाराष्ट्र मंडल रायपुर और रंगभूमि टीम की प्रस्तुति
- वृंदावन हाल सिविल लाइन में शाम 7.30 बजे से होगा आयोजन
रायपुर। साहित्य और समाज का संबंध अत्यंत प्रगाढ़ होता है। समाज की हर धड़कन को साहित्य अपने भीतर समेटता है, क्योंकि साहित्य अपनी भूमि समाज से ही बनाता है। इसलिए रचनाकार अपने समय और समाज के सच को प्रभावी ढंग से अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज के समक्ष प्रस्तुत करते हैं और उन्हीं रचनाओं को टीम रंगभूमि जीवंत रूप प्रदान करती है।
वर्तमान समय विमर्श का समय है। समाज की मुख्यधारा से कोसों दूर हाशिए पर पड़े विषयों की व्यथा- कथा को समाज के सामने लाने में टीम रंगभूमि अपनी प्रभावी भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में वर्ष 2024 की बारहवीं और वर्ष की अंतिम प्रस्तुति होगी - 'किन्नर व्यथा'। किन्नरों की सामाजिक समरसता के प्रयास में भरत वेद लिखित नाटक शिखंडी के वाचन मंचन के साथ विद्या राजपूत और निशा देशमुख की कविता की प्रस्तुति मंगलवार, 24 दिसंबर को वृंदावन हॉल, सिविल लाइंस, रायपुर में शाम 7.30 बजे महाराष्ट्र मंडल और रंगभूमि के साथी देंगे।
लेखक भरत वेद ने अपने नाटक शिखंडी में थर्ड जेन्डरों के जीवन संघर्षों को, उनकी मनः स्थिति को प्रभावशाली ढंग से उकेरा है तो वहीं विद्या राजपूत और निशा देशमुख ने अपनी कविता में थर्ड जेंडर की व्यथा को जीवंत किया है। महाराष्ट्र मंडल और रंगभूमि रायपुर द्वारा प्रस्तुत किन्नर व्यथा की परिकल्पना आचार्य रंजन मोड़क ने की है। मंच पर लगभग बीस कलाकारों की इस प्रस्तुति के निर्देशक लोकेश साहू ने किया है।
बतादें कि किन्नरों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एक निर्णय के तहत 'थर्ड जेन्डर' का दर्जा अप्रैल 2014 में दिया है। थर्ड जेन्डरों की विषम सामाजिक स्थिति, अधिकार, जीवन संघर्ष और मानवीय गरिमा से जुड़े प्रश्नों के उत्तर धीरे-धीरे ही सही साहित्यिक, सांस्कृतिक विमर्शों से ही मिलेंगे और तभी समाज के अन्य लोगों की तरह उन्हें भी सम्मानपूर्वक मुख्य धारा में शामिल किया जा सकेगा। थर्ड जेन्डरों के मन में भी अब बदलाव की इच्छा प्रबल है। वे भी अपने मानवाधिकारों के प्रति संघर्षरत और सजग दिखाई देते हैं। कहते हैं बच्चा जब रोता है माँ तभी दूध पिलाती है ठीक उसी तरह थर्ड जेंडर भी चेतना, जागरूकता, शिक्षा के महत्त्व एवं मूल्यों को समझते हुए, उसे आत्मसात् कर अब अपने अधिकारों के लिए सजग हो रहे हैं। आवश्यकता है कदम मिलकर चलने, हमारे स्नेह,साथ और विश्वास की ।।