रायपुर। राजधानी रायपुर में स्ट्रीट डाग्स का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। इनकी वजह से अब तक न जाने कितने हादसे हो चुके हैं, कितने मासूम बच्चे घायल हो चुके हैं । गली- मोहल्लों में लोग रात 9:30 बजे के बाद घर से बाहर निकलने में डरने भी लगे हैं। नगर निगम की बैठक में लगभग 70 एनजीओ की उपस्थिति में इस आशय की समस्या महाराष्ट्र मंडल के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन ने बयां की।
खंगन ने कहा कि हर रोज समाचार पत्रों में स्ट्रीट डाॅग्स के आतंक की खबरें तो छपती रहती है। विडंबना यह है कि नगर निगम इस दिशा में कुछ नहीं कर पा रहा है। जरूरत है राजधानी की सड़कों से स्ट्रीट डाग्स को हटाने की। उन्होंने कहा कि शहर में गंदगी की एक बड़ी वजह स्ट्रीट डॉग्स भी हैं, जो जहां-तहां गंदगी करते फिरते हैं। ऐसी गंदगी को सड़कों से साफ का कोई इंतजाम नहीं है। सड़कों से स्ट्रीट डॉग्स हटेंगे, तो सड़कें- गलियां बदबूदार गंदगी से भी मुक्त हो जाएंगी।
नगर निगम के कमिश्नर एवं स्मार्ट सिटी के प्रबंध निदेशक अविनाश मिश्रा की बुलाई गई बैठक में मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने कहा कि रायपुर की अधिकांश कॉलोनी- मोहल्लों में कचरा उठाने वाली गाड़ी नियमित रूप से नहीं आती। यही वजह है कि लोग अपने घर का कचरा सार्वजनिक स्थानों पर फेंकते हैं। नगर निगम को न केवल कचरा गाड़ी की नियमित व्यवस्था करनी चाहिए, बल्कि सड़कों पर, गलियों पर सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर दंड का प्रावधान भी करना चाहिए। रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाने, स्वच्छ व सुंदर शहर बनाने के लिए ऐसे सख्त नियम बनाने और उसका पालन करने की माहती आवश्यकता है।
खेल समिति प्रभारी गीता दलाल के मुताबिक जब से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का मुख्यालय तोड़कर वहां शॉपिंग कांप्लेक्स बनाया गया है, तब से उस क्षेत्र का समूचा बरसाती पानी शंकर नगर बाल वाचनालय- उद्यान में एकत्रित होने लगा है। नगर निगम के इस उद्यान का संचालन एवं रखरखाव महाराष्ट्र मंडल करता है। विगत कुछ वर्षों से पानी निस्तार की समस्या गंभीर होने के कारण अब यह गार्डन उजाड़ होने की स्थिति में है। निगम के जोन अधिकारियों को गार्डन की दशा बताने- दिखाने के बाद भी इस दिशा में कुछ नहीं किया गया है। जबकि यहां सुबह- शाम आसपास के लोग मॉर्निंग, इवनिंग वॉक करने आते हैं। प्रतिदिन बड़े बुजुर्ग बापू की कुटिया में एक- दूसरे का हाल-चाल जानने के लिए जुटते हैं। नगर निगम की ओर से बरसाती पानी को रोकने के लिए तत्काल नए सिरे से नाली बनाना आवश्यक है। तत्पश्चात गार्डन का रखरखाव भी अपरिहार्य है।
निगम कमिश्नर अविनाश मिश्रा ने स्वच्छता रैंकिंग में रायपुर के पांचवां स्थान हासिल करने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हमें अपनी इस स्थिति से संतुष्ट होने की बजाय सर्वश्रेष्ठ स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी पहचान बनानी है। सबसे स्वच्छ, सबसे आदर्श रायपुर बनाना है। इसमें सभी की मदद, सभी के सुझाव जरूरी है। मिश्रा ने कहा कि शहर को और अधिक स्वच्छ बनाने के लिए जोन स्तर पर समाजसेवी संगठनों की मैपिंग की जाएगी। जिन- जिन इलाकों में जो- जो समस्याएं हैं, उनके निराकरण के लिए उन इलाकों की सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर प्रयास किया जाएगा।
बैठक में प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी विमल कुमार पाठक, स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी रघुमानी प्रधान, रायपुर स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक (जनसंपर्क) आशीष मिश्रा, सहायक अभियंता योगेश कडू, एनयूएलएम की सुषमा मिश्रा शामिल रहे।