दिव्य महाराष्ट्र मंडल
मराठी निबंध लेखन प्रतियोगिता में स्वाति मोडक ने प्राप्त किया प्रथम स्थान
रायपुर। मध्य प्रदेश मराठी अकादमी इंदौर ने अप्रैल 2024 में निबंध और पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया था। इस प्रतयोगिता में महाराष्ट्र मंडल रायपुर के सभी 15 केंद्रों से कई प्रतिभागियों ने भाग लिया। निबंध प्रतयोगिता में रायपुर के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
महाराष्ट्र मंडळ रायपुर की साहित्यिक कार्यक्रम प्रभारी कुमुद लाड ने बताया कि मध्य प्रदेश मराठी अकादमी इंदौर द्वारा इस प्रतियोगिता का आयोजन देश के चार राज्यों गुजरात, आंध्रप्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में किया गया। निबंध प्रतियोगिता में स्वाति मोडक ने चारों राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अकादमी की ओर से उन्हें एक हजार रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। अन्य प्रतिभागियों का निबंध लेखन भी उत्कृष्ट है। सभी को अकादमी की ओर से प्रमाणपत्र दिये जायेंगे। वहीं पत्र लेखन प्रतियोगिता का परिणाम घोषित नहीं हुआ है। बतादें कि पिछले वर्ष हमारे केन्द्र की स्मिता चांदे ने इस प्रतियोगिता में पत्र लेखन में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।
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आंखों के यौगिक व्यायाम के बहुत फायदे... डिजीटल दुनिया में यह हर उम्र के लिए बेहद जरूरी
रायपुर। यह आंखों का व्यायाम न केवल आंखों के लचीलेपन में सुधार करने में मदद करता है बल्कि फोकस में भी सुधार करता है। निकट और दूर ध्यान केंद्रित करने वाले अभ्यासों से आपको काफी राहत मिलती है। इसके लिए अपने कमरे के फर्श पर बैठ जाएं और अपने हाथों को सीधा करके अपने अंगूठे को ध्यान केंद्रित कर देखें। वहीं पामिंग एक आरामदायक व्यायाम है, जो आंखों की थकान दूर करने में मदद कर सकता है। सबसे पहले अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ें और गर्म करें। फिर, अपनी आँखें बंद करें और अपनी हथेली को अपनी आँखों पर तब तक रखें जब तक कि बाद की छवि दूर न हो जाए। उक्त बातें महाराष्ट्र मंडळ की आध्यात्मिक समिति द्वारा संचालित आनलाइन योग प्रशिक्षण शिविर में योग समिति की प्रमुख आस्था काळे ने कहीं।
प्रतिदिन सुबह 6.30 से 7.30 बजे तक चलने वाले आनलाइन योग शिविर में प्रतिदिन लोग जुड़ रहे है। सोमवार 27 मई को शिविर में वार्मअप, पवनमुक्तासन, आंखों के यौगिक व्यायाम, उदर व पाचन समूह के आसन, प्राणायाम और ध्यान किया गया। आज आंखों के यौगिक आसन खास रहे। आसन करने वाले लोगों ने यह स्वीकार किया कि इस आसन से उन्हें काफी आराम मिला।
आज के आसन के बाद प्रशिक्षु अलखनंदा नारद ने कहा कि आज का सत्र आंखों के लिए बहुत उपयोगी रहा। इसके साथ सूक्ष्म व्यायाम से शरीर की जकड़न भी दूर हुई। वहीं शिल्पा चांदोकर का कहना है कि सुबह-सुबह योग करके बहुच अच्छा लगता है। अलग-अलग सूक्ष्म व्यायाम करने से मेरे शरीर की नसें और मांसपेशियां धीरे-धीरे खुलने लगी है। अर्चना जतकर ने भी आंखों के यौगिक व्यायाम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आंखों का व्यायाम करने से आज काफी अच्छा महसूस हुआ। नहीं तो बढ़े हुए तापमान के कारण आंखों में जलन महसूस होती है। प्रतिदिन योग शिविर में शामिल हो रही दीपांजलि भालेराव ने कहा कि उन्हें फ्लोटर की समस्या है। ऐसे में चिकित्सीय सलाह और दवाओं के साथ योग काफी लाभकारी है।
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दूध बेचने वाले युवक राजा ने बचाई हवलदार शंभूनाथ की जान
रायपुर। शनिवार 25 मई की रात 12 बजे खमतराई थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक 1423 शंभूनाथ सिंह (42) ड्यूटी के बाद अपने घर सेजबहार जा रहा था। घर जाते समय डुंडा पेट्रोल पंप के पास अचानक मवेशी के सामने आ जाने से उनका एक्सीडेंट हो गया। लगभग सड़क किनारे 20 मिनट पड़े रहने के बाद एक राजा नाम के दूधवाले की नजर अचानक पड़ी उसने बड़ी तत्परता के साथ उन्हें वीवाय हॉस्पिटल ले गया। राजा रायपुर पुलिस के गुड समरिटन (नेक इंसान) अभियान से प्रेरित हुए थे।
रायपुर पुलिस उस दूधवाले राजा जो 'नेक इंसान बने उनका धन्यवाद करती है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उनको ट्रैफिक पुलिस द्वारा प्रति माह दिए जाने वाले गुड समरिटन सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। आम नागरिक से अपील है कि अपने मानवीय कर्तव्यों का पालन कर लोगों की जान बचाए, गुड सेमरिटन बने।
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21 सप्ताह से जारी हैं राम रक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा पाठ... मंदिरों में जुट रही भीड़
रायपुर। सामाजिक संस्था महाराष्ट्र मंडळ अपनी आध्यात्मिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए 21 सप्ताह से लगातार हर शनिवार को अपने 15 महिला केंद्रों के पास स्थित मंदिरों में पहुंच राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ कर रहा है। मंडळ की आध्यात्मिक समिति को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। 25 मई को भी शहर के वल्लभनगर, बूढ़ापारा, अमलीडीह, अंवती विहार, दलदल सिवनी मोवा में महिलाओं ने राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ का पाठ किया।

महाराष्ट्र मंडळ की आध्यात्मिक समिति की प्रभारी आस्था काळे ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काळे के निर्देश पर मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा चलाए जा रहे राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ अभियान से लगातार लोग जुड़ रहे है। समिति की ओर से प्रति शनिवार राम रक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा पाठ का सिलसिला 21 सप्ताह से लगातार जारी है।

शनिवार, 25 मई को मंडल के पांच केंद्रों में राम रक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा पाठ किया गया। अमलीडीह केंद्र की महिलाओं ने नर्मदेश्वर मंदिर में 11 बार राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं वल्लभनगर महिला केंद्र द्वारा साई बाबा मंदिर वल्लभ नगर में पाठ किया गया। इस दौरान गीता रावत, लता दुबे, लक्ष्मी आत्मपूज्य, नलिनी काळे, गीता शाह, कुमारी सोनी, सुधा सक्सेना, सरला, सुलु हर्दीकर, शांति साहू, अर्चना जतकर, शुभदा अगस्ती, सुशीला शुक्ला सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित थीं।

आस्था ने आगे बताया कि दलदल सिवनी कालोनी मोवा में रेणुका पुराणिक के मार्गदर्शन में राम रक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा पाठ किया गया। इस दौरान विशाखा दुबे, वंदना परमार, वर्षा तिवारी प्रमुख रुप से उपस्थित थीं। अवंती विहार विरासत अपार्टमेंट हनुमंतेश्वर महादेव मंदिर में शाम 7 बजे रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा, हनुमान अष्टक एवं श्रीराम स्तुति की गई। इस दौरान भारती, जागृति, शुभदा, स्वप्निता, संयोगीता, महक , सुनीता प्रमुख रुप से उपस्थित थीं।

आस्था काळे ने बताया कि राजधानी के बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर में अभियान के शुरूआत से लगातार राम रक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा पाठ का पाठ किया जा रहा है। यहां हर शनिवार को अच्छी संख्या में महिलाएं जुटती है। शनिवार 25 मई को यहां 8 बार राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ किया गया। इस अवसर पर सुहानिसी पट्टलवार, सविता साठे, ज्योति पवार, हेमा पराड़कर, प्रणिता नलगुंडवार, अंजली नलगुंडवार, सौ मोघे, पिंकी शर्मा, नित्या शिंदे, अनिता शिंदे और पंडित प्रदीप शर्मा प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
महाराष्ट्र मंडल की विशेष साधारण सभा के बाद एजीएम 26 मई को सुबह 9 बजे से
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की विशेष साधारण सभा 26 मई, रविवार को सुबह 9:00 बजे होगी। कोरम के अभाव में बैठक 30 मिनट के लिए निरस्त की जाएगी। 9:30 बजे दोबारा बैठक शुरू होगी और इस बार विशेष सामान्य सभा के लिए कोरम की अनिवार्यता नहीं होगी।
सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि इसमें संविधान संशोधन से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी। इनमें प्रमुख विषय आजीवन सभासद का शुल्क 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये करने पर विमर्श करना है। इसी तरह लगभग दो दशक बाद वार्षिक सभासद बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा संभावित है। उक्त सभा के समाप्त होते ही तत्काल वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) होगी। उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन के मुताबिक एजीएम में गत वित्तीय वर्ष के आय- व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत कर इसे अनुमोदित कराया जाएगा। इसके अलावा सालभर हुई गतिविधियों और कार्यक्रमों की सिलसिलेवार जानकारी दी जाएगी। साथ ही महाराष्ट्र मंडल के दिवंगत सभासदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
महाराष्ट्र मंडल भवन के अधूरे कामों को सालभर में करना है पूरा: काले
- पदाधिकारियों- कार्यकारिणी की बैठक में अध्यक्ष ने नई योजनाओं पर की चर्चा, शुरू होंगे नए प्रकल्प
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के लगातार आठ बार के निर्वाचित अध्यक्ष अजय मधुकर काळे ने कहा कि नवनिर्मित भवन में दो लिफ्ट, पार्किंग में पेवर ब्लॉक और जनरेटर लगाने जैसे कई काम बाकी हैं। इन कामों को नए दो वर्षीय कार्यकाल के पहले साल में पूरा करना है। रविवार को होने वाली वार्षिक सामान्य सभा से पहले बैठक में अध्यक्ष काले अपनी कार्यकारिणी और विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों से चर्चा कर रहे थे।
मंडल अध्यक्ष ने कहा कि नवनिर्मित भवन के लोकार्पण के एक वर्ष में हमें कमरों की कमी लगातार महसूस हुई। इससे हमारे भवन की बुकिंग भी प्रभावित हुई। एक वर्ष के अंदर हमें सर्व सुविधायुक्त 16 कमरों का निर्माण भी पूरा करना है। काले ने कहा कि आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रति शनिवार राम रक्षा स्त्रोत व हनुमान चालीसा पाठ का सिलसिला 20 सप्ताह से लगातार जारी है। इसमें अधिक ध्यान देकर सफल बनाने की जरूरत है। काले ने कहा कि योग समिति की प्रमुख आस्था काले गत कुछ महीनों से सुबह 6:15 बजे ऑनलाइन योग प्रशिक्षण दे रहीं हैं। इसमें सभासदों की संख्या धीमी गति से बढ़ रही है। इसमें भी हर आयु वर्ग के लोगों को ध्यान देना चाहिए।
सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का 351वां राज्याभिषेक 6 जून को तात्यापारा चौक स्थित शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने भव्य पैमाने पर मनाया जाएगा। इससे पहले शहरभर में कई होर्डिंग लगाए जाएंगे। शिवाजी प्रतिमा के समक्ष विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 351 दीये हाथों पर लेकर भक्तगण की महाआरती करेंगे। राजधानी स्तरीय होने वाले इस भव्य आयोजन की तैयारियों के लिए अभी से जुटने की और आयोजन समितियां बनाने की जरूरत है।
सचिव ने कहा कि वीर सावरकर जयंती 28 मई को शाम सात बजे महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में मनाई जाएगी।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रफुल्ल पेंडसे (चार्टर्ड अकाउंटेंट) होंगे। इस आयोजन में भी समस्त कार्यकारिणी सदस्यों व पदाधिकारियों से अपने-अपने साथ 10- 10 सभासदों को लाने की जिम्मेदारी दी गई है। अंत में उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन ने आभार व्यक्त किया।
महाराष्ट्र मंडळ के आनलाइन योग शिविर में रोज जुड़ रहे नये लोग
रायपुर। चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडळ की योग समिति द्वारा लोगों को आनलाइन योग सिखाया जा रहा है। गुगल मीट में चल रही आनलाइन क्लास में प्रतिदिन जुड़कर लोग नियमित रुप से योग का अभ्यास कर रहे है। अभी योग शिविर में प्रतिदिन 12 से 15 लोग जुड़ते है। तथा लोगों को इसका फायदा भी मिल रही है।
महाराष्ट्र मंडळ के योग समिति की प्रभारी आस्था काळे ने बताया कि ‘करें योग रहे निरोग’ थीम पर प्रतिदिन योग की आनलाइन क्लासेस सुबह 6.15 से 7.15 तक चलती है। एक दिन पूर्व ही शिविर में होने वाले आसन की डिटेल वाट्सएप में शेयर कर दी जाती है। शुक्रवार को वार्मअप, सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया गया। शुक्रवार की क्लास में 12 लोग जुड़े थे।
काळे ने आगे बताया कि वहीं एक दिन पूर्व गुरुवार पित्तदोष को शांत करने वाले आसन कराए गए। जिसमें जिसमें वॉर्म अप, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया। महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद शताब्दी पांडे ने कहा कि योग का सेशन पित्त की समस्या को दूर करने के लिए काफी लाभदायक रहा। मुझे पैरों की जकड़न में काफी राहत महसूस हो रही है।
नियमित रुप से योग कर रही प्रणिता नलगुंडवार ने कहा कि योग का सेशन में स्मरण शक्ति कैसे बढ़ाई जाए, कफ को दूर करने के आसान और पॉजिटिव थिंकिंग रखने के लिए काफी लाभकारी है। नियमित योग से हमें काफी लाभ मिल रहा है। मंडळ की सदस्य दीपांजलि भालेऱाव ने कहा कि मैं नियमित रुप से प्रतिदिन योग की आनलाइन क्लासेस ज्वाइन कर रही हूं। इन आसनों को करने के बाद दिन भर ताजगी महसूस होती है।
महाराष्ट्र मंडल कार्यकारिणी व पदाधिकारियों की बैठक 23 मई को
अपने आपको पूरी तरह झोंकना होगा तब अभिनय में आएगी जान: पवार


धर्म, संस्कृति, संस्कार का महत्व बताता है शिवाजी का जीवन: कालेले
0- महाराष्ट्र मंडल में आयोजित मासिक महाआरती में शामिल हुए अनेक सभासद
कालेले ने कहा कि शिवाजी महाराज की माता जीजाबाई धार्मिक स्वभाव वाली होते हुए भी गुण - स्वभाव और व्यवहार में वीरंगना नारी थीं। इसी कारण उन्होंने शिवाजी का पालन - पोषण रामायण, महाभारत और अन्य भारतीय वीरात्माओं की कहानियां सुना और शिक्षा देकर किया था। दादा कोणदेव के संरक्षण में शिवाजी सभी तरह की सामयिक युद्ध समेत अनेक विधाओं में भी निपुण हुए। उन्हें धर्म, संस्कृति और राजनीति की शिक्षा दिलवाई गई थीं। परम संत रामदेव के संपर्क में आने से शिवाजी पूर्णतया राष्ट्रप्रेमी, कर्त्तव्यपरायण व कर्मठ योद्धा बन गए।
महाआरती में सचिव चेतन दंडवते, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के सह प्रभारी परितोष डोनगांवकर, युवा समिति के प्रभारी विनोद राखुंडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, सचिन्द्र देशमुख, सुचिता देशमुख, अतुल गद्रे सहित अनेक सभासद शामिल हुए।
महाराष्ट्र मंडळ की महिला केंद्रों की टीम ने मंदिरों में किया राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यामिक समिति द्वारा प्रत्येक शनिवार को मंदिरों में चलाए जा रहे राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ अभियान के तहत मंदिरों में शनिवार को राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा की गूंज सुनाई देती है।
महाराष्ट्र मंडळ के आध्यामिक समिति के प्रभारी आस्था काळे ने बताया कि मंडल के इस अभियान से लगातार लोग जुड़ रहे है। मराठी समाज के साथ अन्य समाज के लोग भी मंदिरों में पहुंच राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे है। बीते शनिवार को अवनी एवेन्यु दलदल सिवनी मोवा में रेणुका पुराणिक के मार्गदर्सन में राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान विशाखा दुबपे, वंदना परमार, मौसमी पोद्दार, छाया सिंह, प्रीति शर्मा, कल्पना राव, वर्षा तिवारी, मंजू मित्तल, पूनम खंडेलवाल, सीमा, प्रीति नागदेव, कृतिका बजाज और हर्षिता अग्रवाल सहित मंदिर में पहुंचे भक्त भी शामिल हुए।

आस्था काळे ने आगे बताया कि इसी तरह शंकर नगर केंद्र की महिलाओं ने स्थानीय हनुमान मंदिर में राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ रैना पुराणिक के निर्देशन में किया। इस अवसर पर मधुरा भागवत, कविता लांजेवार, अर्चना अलोनी, वनिता चित्राम्बरे, वर्षा उरकुरकर सहित अन्य महिलाएं शामिल हुई। बूढ़ापारा केंद्र द्वारा श्री हनुमान मंदिर बूढ़ापारा में हुए राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ में भी भक्तों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस दौरान सविता साठे, ज्योति पवार, रीता लोखंडे, पंडित प्रदीप शर्मा, हेमा पराड़कर, अंजली नलगुंडवार, सुचिता काले, महेंद्र सोनीए नित्या शिंदे, हीना सोनी, एना सोनी, अदिति शिंदे, अनिता शिंदे प्रमुख रुप से उपस्थित रहीं।

इससे पूर्व महाराष्ट्र मंडळ की आजीवन सभासद शताब्दी पांडे के निवास पर राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ के साथ भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें रोहिणीपुरम केंद्र की अपर्णा जोशी, अलका कुलकर्णी, मंगला कुलकर्णी, चित्रा बलकी, जयश्री भूरे, अपर्णा वराडपांडे, साधना बहिरट, मंगला पुराणकर, प्रांजल बल्लाल, वंदना काले, मीरा कुपटकर, मीनाक्षी पिंपलापुरे, अंजलि वैद्य, सौ. मुक्तिबोध, अपर्णा जोशी, श्यामल जोशी, श्रीमती अलोनी सहित परिवारजन शामिल थे।

गुदगुदाने के साथ संदेश दे गया मराठी लघु नाटिकाओं का इंद्र धनु
रंग संस्कार' में महाराष्ट्र नाट्य मंडल के इंद्र धनु ने बिखेरी सतरंगी छटा
रायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में आयोजित संस्कार भारती के तीन दिवसीय रंग संस्कार महोत्सव के पहले दिन महाराष्ट्र नाट्य मंडल की सात लघु मराठी नाटिकाओं का इंद्र धनु (इंद्रधनुष) ने आयोजन को सतरंगी बना दिया। आयोजन में शामिल होने आए मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के सुप्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और अखिल भारतीय नाट्य विधा संस्कार भारती के संयोजक प्रमोद पवार ने आयोजन को लेकर महाराष्ट्र नाट्य मंडळ की टीम को बहुत शुभकामनाएं दी।
'रक्तदान' में संदेश

मराठी नाटकों के 'इंद्र धनु' में पहला रंग 'रक्तदान' था। योगेश सोमण लिखित 'रक्तदान' एक ऐसी महिला कर्मचारी की कहानी है, जिसने कभी किसी को रक्तदान तो क्या, कभी कोई दान अथवा सहयोग नहीं किया। उसे विवशत: रक्तदान करना पड़ रहा है। लघु नाटिका में रक्तदान के उपरांत उसकी मनःस्थिति में हुए बदलाव का भावनात्मक देखने को मिला। इसमें रक्तदाता की एकल भूमिका को गौरी क्षीरसागर ने जीवंत किया।
'विसंवाद' में दिशा सूचक संदेश

इंद्र धनु के दूसरे रंग के रूप में योगेश सोमण लिखित 'विसंवाद' में एक प्रौढ़ दंपती रेस्टोरेंट में बैठी है। क्या आर्डर करना है, मात्र इसी बात पर दोनों में नोकझोंक हो जाती है। अंततः शाम का समय इसी बहस में बीता देते हैं। इनके बच्चे विदेश में हैं और एकाकीपन से बचने के लिए संवाद सबसे अच्छा रास्ता है। फिर भले ही वह विसंवाद (बहस) ही क्यों न हो। लेफ्ट ओवर पैरेंट्स के लिए इस नाटिका में एक दिशा सूचक संदेश है। दंपती की भूमिकाओं में प्रिया बक्षी के साथ प्रसन्न निमोणकर नजर आए।
'कलावंत में पिता- पुत्र का अंर्तद्वंद्व

इंद्र धनु का तीसरा रंग कलावंत (नाटकवाला) के रूप में दिखा। लेखक योगेश सोमण ने व्यावसायिक रंगकर्म से जुड़े एक युवा व उसके पिता के मध्य के वैचारिक द्वंद का चित्रण किया। युवा नाटक को ही अपना जीवन मानता है और पिता की अपेक्षायें इसके विपरीत है। वे चाहते हैं कि पुत्र अपनी आजीविका का कोई स्थाई निदान खोजे। जुनूनी युवा की भूमिका पवन ओगले और काका के रोल में प्रेम उपवंशी दिखाई दिए।
मात्र स्पर्श से बनता रिश्ता 'हरवलेली'

इंद्र धनु के चौथे रंग में 'हरवलेली (खोई हुई) की नायिका कीर्ति हिशीकर नौकरी से स्वेच्छा सेवानिवृत्ति लेने के बाद अपना जीवन अपनी शर्तों और इच्छाओं पर व्यतीत कर रही है। उसे अक्सर बीच बाजार में घूमते- घूमते नई- नई वस्तुओं का केवल अवलोकन करते हुए विंडो शापिंग करते हुए समय व्यतीत करना अच्छा लगता है। एक दिन ऐसे ही घूमते हुए उसका हाथ थामकर एक नन्हीं बच्ची चलने लगती है। बड़ी देर तक बिना चेहरा देखे ही वह बच्ची नायिका के साथ घूमते रहती है। लेखक मिलिंद सोमण ने इस नाटिका में बताया है कि मात्र स्पर्श से भी परिचय हो सकता है और विश्वास भी।
चौंकाने वाला संदेश 'तो पोरगा' में

योगेश सोमण लिखित नाटिका 'तो पोरगा' इंद्र धनु का पांचवा रंग है। लघु नाटिका का नायक (प्रसन्न निमोणकर) एक लेखक है। एक दिन भटकते हुए वह बगीचे में पहुंचा। वहां उसे एक लड़का बगीचे में पड़ी हुई वस्तुएं चुपके से उठाकर जेब में भरता हुआ दिखता है। नायक उसे पकड़ने के लिए उसका पीछा करता है। उसके अंतिम कृत्य को देखकर नायक भी चकित रह जाता है। उसे इतना चौंकाने वाला संदेश मिलने की उम्मीद कतई नहीं थी।
नारी शिक्षा का संदेश देती अंबुताई

इंद्र धनु का छठवां रंग 'मुलाखत अंबु ताईची' (अंबू ताई से मुलाकात) है। जयंत तारे लिखित इस नाटिका में शाला की सफाई कर्मी अंबु ताई का साक्षात्कार लेने के लिए पाठशाला के बच्चे आए हैं। अंबु ताई परिस्थितिवश पढ़ नहीं पाईं हैं, अब वह पाठशाला की साफ- सफाई इस शर्त पर निःशुल्क करने को राजी है कि उसकी दोनों बेटियों गंगी- मंगी को शाला में प्रवेश मिल जाए। जयंती तारे लिखित नाटिका में अंबु ताई के भावनात्मक रोल में प्रिया बक्षी नजर आई।
हंसाता- गुदगुदाता 'पत्र लिहण्यास कारण की'

इंद्र धनु के अंतिम रंग में 'पत्र लिहण्यास कारण की' देखने को मिला। योगेश सोमण की इस नाटिका में बस स्टॉप पर पति, पत्नी की प्रतीक्षा में खड़ा है। तभी एक ग्रामीण महिला आती है। उसे अपनी माँ को एक पत्र लिखना है। स्वयं की लिखाई अच्छी न होने के कारण वह नायक से पत्र लिखवाती है। पत्र का मजमून हास्य निर्मित करता है। पति की भूमिका में रविंद्र ठेंगड़ी व ग्रामीण महिला की भूमिका अस्मिता कुसरे ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
रंग संस्कार' में छाने को तैयार महाराष्ट्र नाट्य मंडल के नाटक... 17 मई से महाराष्ट्र मंडल में शुरू हो रहा तीन दिवसीय महोत्सव


