दिव्य महाराष्ट्र मंडल
बूढ़ापारा हनुमान मंदिर में मंडल ने किया रामरक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा पाठ
2024-01-30 06:03 PM
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(फोटो परिचयः महाराष्ट्र मंडल में शहीदी दिवस पर सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी महात्मा गांधी की तस्वीर पर टीका लगाते हुए। साथ में हैं उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन, महाराष्ट्र नाट्य मंडल के निर्देशक अनिल कालेले एवं अन्य पदाधिकारी।)
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में मंगलवार को सुबह शहीद दिवस पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के लिए मर मिटने वाले वीर बलिदानियों का स्मरण करते हुए मौन श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में महाराष्ट्र मंडल के कार्यकारिणी सदस्य, पदाधिकारी, स्टाफ मेंबर एवं सदस्य उपस्थित रहे।
इस मौके पर महाराष्ट्र नाट्य मंडल के निर्देश प्रा. अनिल कालेले ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को देश की वर्तमान परिस्थितियों के लिए प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि जब राजधानी रायपुर में छोटी-छोटी बातों पर बड़ी- बड़ी हिंसा होने लगी हैं। लोगों की सहनशक्ति लगातार क्षीण होते जा रही है। युवाओं में सुनने, चिंतन- मनन करने के बजाय आवेश में आकर कुछ भी कर गुजरने की उत्कंठा घातक तरीके से बढ़ रही है।
ऐसे समय में राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी की अहिंसा, सहनशीलता, सहिष्णुता की सीख युवाओं के लिए प्रासंगिक है और अपरिहार्य भी। उन्होंने कहा कि गांधी के नाम पर राजनीति अब खत्म होनी चाहिए, बल्कि गांधी हमारे चरित्र नहीं उतारना चाहिए।
रायपुर। राजधानी रायपुर के साइंस कालेज मैदान में चल रहे स्वदेशी मेले में धूम मचाने के लिए 30 जनवरी को महाराष्ट्र मंडळ ने एंट्री ली। अपने उत्तम और हाइजिन खाद्य पदार्थों के लिए पहचाने जाने वाले महाराष्ट्र मंडळ ने स्वदेशी मेले में अपना फूड स्टाल लगाया है। लोगों के स्वाद के अनुरूप बहुत कुछ मिलेगा।
जी.. हां, अगर आप भी आज स्वदेशी मेले घूमने जाने की योजना बना रहे है, तो इस बदलते मौसम में आप खाने की चिंता बिल्कुल न करें। आपका अपना महाराष्ट्र मंडळ स्वदेशी मेले में अपना फूड स्टाल लगा रहा है। महाराष्ट्र मंडळ की मेस प्रभारी दीपक किरवईवाले ने बताया कि मंडल के इस फूड स्टाल में कई तरह के व्यंजन उपलब्द कराए गए है।
स्टाल प्रभारी मंजरी भंगाड़े ने बताया कि स्वदेशी मेले में आने वाले लोगों के लिए साबूदाना बड़ा, फरा, आलूबोड़ा, गुलाबजामुन, मराठी धनिया वड़ी, पूरणपोळी, बड़ा पाव आदि उपलब्ध है। मंगलवार को स्टाल शुरू होने के साथ लोगों का आना शूरू हो गया है। मंडळ के इस स्टाल को प्रारंभ से अच्छा प्रतिसाद मिलने लगा।
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ रायपुर और भारतीय जीवन बीमा निगम ने संयुक्त रुप से चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल रायपुर में फिजियोथैरिपी सेंटर शुरू किया है। 26 जनवरी के मौके पर महाराष्ट्र मंडळ के इस नये प्रकल्प फिजियोथैरेपी सेंटर का वरिष्ठ कर्मचारी शिवकुमारी ढीवर ने उद्घाटन किया।
महाराष्ट्र मंडळ के स्वास्थ्य समिति के प्रभारी अरविंद जोशी ने बताया कि अभी फिजियोथैरेपी सेंटर में तीन पालियों के लिए तीन डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे है। सुबह 10 से 12 तक, दोपहर 12 से 2 बजे तक और शाम को 4 से 6 बजे तक फिजियोथैरेपी की सुविधाएं जरूरतमंद मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। 30 जनवरी को सुबह से लोग फिजियोथैरिपी कराने महाराष्ट्र मंडळ पहुंचने लगे थे।
रायपुर। नईदिल्ली के भारत मंडपम में आज सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लाखों-करोड़ों छात्र-छात्राओं के साथ परीक्षा पे चर्चा की। इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी की ताकत को पहचानने के साथ जीवन में सकारात्मक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के शुभारंभ में मोदी ने सभी को यह बताया कि यह भारत मंडपम वह स्थान है, जहां कुछ दिनों पहले देश विदेश के प्रमुखों ने उत्तम विश्व निर्माण को लेकर चर्चा की। और आज हम उत्तम भविष्य निर्माण को लेकर यहां मौजूद है। प्रधानमंत्री के दिए टिप्स को राजधानी रायपुर स्थित संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने गंभीरता के साथ सुना।
स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि स्कूल के हाल में बच्चों को पीएम की चर्चा सुनाने के लिए टीवी लगाई गई थी। इस दौरान पीएम के संवाद ने बच्चों के साथ शिक्षकों में भी ऊर्जा का संचार कर दिया। एक पैरेट्स के सवाल का जवाब देते हुए पीएम ने कहा कि मैं काफी पॉजिटिव हूं. मैं रोता नहीं हूं, कभी हारता नहीं, इसलिए मैं मानता हूं कि जीवन में लक्ष्य के प्रति सचेत रहें। बुरी से बुरी चीजों में पॉजिटिव देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी चीज की अति नहीं करनी चाहिए। चाहें आपकी मां ने आपका फेवरेट खाना ही क्यों न बनाया हो। ज्यादा खाने से उल्टी हो सकती है। इसलिए बच्चों को खुद पर लगाम लगाना होना, टेक्नोलॉजी भी ऐसे ही है. टेक्नोलॉजी का कैसे इस्तेमाल करना है, इसका विवेक होना चाहिए। आज हर माता-पिता की चिंता का यह विषय है।
इसपर रोक लगाने के लिए घर में डिसिप्लिन होना चाहिए। डाइनिंग टेबल पर फोन बैन करें। घर में ही नो मोबाइल जोन बनाएं कि घर में इस समय कोई फोन नहीं देखेगा। अगर आप फोन देख भी रहे हैं तो रील नहीं देखें आप मोबाइल पर मैथ के प्रश्नों को हल करने के तरीके देखें, पढ़ने की लेटेस्ट चीजों को देखें। क्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करें. मोबाइल की ताकत को पहचानें. क्लास रूम में भी मोबाइल के पॉजिटिव चीजों की चर्चा होनी चाहिए. साथ ही पारदर्शिता लानी होगी।
रायपुर। आमतौर पर हम सभी की यह अवधारणा रहती है कि बचपन पढ़ाई-लिखाई के साथ खेलकूद और मौज मस्ती के लिए होता है। हम करते भी यहीं है। लेकिन इन्हीं बच्चों में कुछ बच्चे ऐसे होते है जो छोटी सी उम्र में बड़े कारनामे कर जाते है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया राजधानी रायपुर के 11वर्षीय सोहम जाऊलकर ने। सोहम को लेखन में इतनी रूचि है कि उसने एक कहानी लिख डाली। सोहम में लेखन की प्रति रूचि देख परिजनों ने भी उसे पूरा सपोर्ट किया और उसकी लिखी कहानी को पुस्तक में पिरो दिया। इस पुस्तक ‘The Dragon Wars’ का विमोचन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। मुख्यमंत्री साय ने सोहम को उसकी लेखनी और परिजनों को उसके उत्साहवर्धन के लिए ढेरों शुभकामनाएं दी।

राजधानी के नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डा. अनुज जाऊलकर और डा. स्मिता जाउलकर के बेटे सोहम अभी राजकुमार काजेल में कक्षा छठवीं में पढ़ रहे है। डा. अनुज जाऊलकर ने बताया कि सोहम की लेखन में रूचि बचपन से थी। किसी न किसी विषय पर कुछ न कुछ वह लिखा करता था। बीते गर्मी की छुट्टियों में उनसे ‘The Dragon Wars’ पर केंद्रीय कहानी लिखी। इसके लिए सोहम ने खुद ही स्केच भी तैयार किया। जिसे देख मुझे और स्मिता को यह विचार आया कि क्यों न इसे पुस्तक के रुप में संजोया जाए। फिर सोहम ने अपनी कहानियों का टाइटल खुद ही ‘The Dragon Wars’ सजेस किया। जिसे हमने Bribooks पब्लिशर के माध्यम से प्रिंट करवाया।

डा. अनुज और डा. स्मिता जाउलकर ने बताया कि बीते दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों पुस्तक का विमोचन कराया गया। उन्होंने सोहम को अपनी ढेर सारी शुभकामनाएं दी। अभी सोहम और एक स्टोरी लिख रहा है, जिसे भी प्रकाशित कराया जाएगा। सोहम की कहानियां उसकी क्रियटिव सोच का दर्शाती है। जो यंग माइंड के लिए काफी अच्छी है। पुस्तक की प्रति प्राप्त करने के लिए आप 70007 43514 नंबर पर संपर्क कर सकते है। यह पुस्तक जल्द ही अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध होगी।
बतादें कि डा. अनुज जाऊलकर और डा. स्मिता जाउलकर महाराष्ट्र मंडळ के आजीवन सभासद है। सोहम की इस उपलब्धि पर महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय मधुकर काळे, सचिव चेतन दंडवते और पूरी कार्यकारिणी ने उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की है।
रायपुर। साइंस कालेज मैदान में चल रहे स्वदेशी मेले में रविवार को बच्चों के लिए वेशभूषा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 35 बच्चों ने भाग लिया। स्पर्धा में महाराष्ट्र मंडळ के सदस्यों के बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में पहुंच दर्शकदीर्घा का दिल जीत किया।
स्पर्धा में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र मंडळ की ओर से रानी लक्ष्मीबाई, सोशल मीडिया, चंद्रयान और किसान बनकर पहुंचे थे। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पार्थ शेष ने प्राप्त किया जो सनातन धर्मी बना थी। द्वितीय स्थान स्वामी विवेकानंद बने अनिरुद्ध चाफेकर ने प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर जिजामाता बनीं शार्वी गनोदवाले रही। स्पर्धा में निर्णायक के रुप में प्रगति कॉलेज की प्रोफेसर गुंजन शर्मा और वंडर किसड्स की प्रिसिंपल पल्लवी मिश्रा उपस्थित थीं।
मेले में युद्ध कौशल गतका के हैरतअंगेज निपुणता से पल में दुश्मन को मात देने की प्रतिभा प्रदर्शन ने दर्शक को अंचभित कर दिया और वे सांसे रोककर कलाकारों की प्रस्तुति को निहारते रहे। वहीं बस्तर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले मल्लखंभ के कलाकारों ने अपने करतबों ने दर्शकों को हतप्रभ कर दिया।
स्वदेशी मेला में प्रतिदिन जहां विभिन्न स्टालों के जरिए देश भर के बेहतरीन उत्पादों को देखने उसे खरीदने के लिए लोग एकजुट हो रहे हैं वहीं विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए सैकड़ों प्रतिभागी बच्चों से लेकर युवा, महिलाएं तक अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मशक्कत कर उसे गरिमामयी मंच के माध्यम से पेशकर वाहवाही अर्जित कर रहे हैं।
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर स्कूल में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर ध्वजारोहण के साथ स्कूल के शैक्षणिक और खेलकूद के प्रतिभावान छात्रों को सम्मान भी किया गया। महाराष्ट्र मंडळ के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन ने ध्वजारोहण किया। उतरांत सभी बच्चों और अतिथियों ने राष्ट्रगान का गायन किया। वहीं बच्चों द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। मुख्यअतिथि श्याम सुंदर खंगन का सूत माला के साथ स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने स्वागत किया। वहीं मंडळ के वरिष्ठ सदस्य प्रसन्न निमोणकर का स्वागत खरे सर ने किया। स्कूल के प्रभारी निरंजन पंडित और सहप्रभारी पारितोष डोनगांवकर का स्वागत स्कूल के उपप्राचार्य राहुल सर ने किया।
बच्चों को संबोधित करते हुए श्यामसुंदर खंगन ने कहा कि जिस पर घर में बड़े बुजुर्ग कुछ नियम तय बनाते है, उसी तरह देश को चलाने के लिए जो नियम बनाया गया है वहीं संविधान है। जिसका हमें मान रखना है। स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने कहा कि आज हम स्कूल स्थापना का 40वां वर्ष मना रहे है।

बच्चों को संबोधित करते हुए मंडल के वरिष्ठ सदस्य प्रसन्न निमोणकर ने बच्चों से अपने लिए एक नियम बनाने की अपील की। उन्होंने सभी बच्चों को प्रामिस लिया कि आज ही वे घर जाकर इस बात की आदत डाल लेंगे, कि जब भी उनके पैरेट्स कार या बाइक लेकर घर से निकलेंगे. तो वे हेलमेट और सीटबेल्ट के लिए उन्हें अवश्य याद दिलाएंगा। उन्होंने बच्चों से कहा कि अगर वह ऐसा करने में सफल होते है तो सही मायने उन्होंने अपना गणतंत्र पर्व मना लिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा मन
गणतंत्र दिवस समारोह में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। जिसे सभी ने खूब सराहा। मीडिल क्लास के बच्चों ने भारत हमको जान से प्यारा की शानदार प्रस्तुति दी। सारे जग में न्यारा देश हमारा है... इतिहास का मैं आईना हूं। गीत की प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरीं।

प्रतिभावान छात्रों को हुआ सम्मान
10वीं और 12वीं बोर्ड में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों का शाला परिवार ने सम्मान किया। बीते वर्ष बोर्ड में स्कूल के दो छात्र कुंदन बियानी और मुस्कान सिंह ने बोर्ड की मैरिट सूची में अपना स्थान बनाया था। वहीं 10वीं और 12वीं बोर्ड में अच्छा प्रदर्शन करने वाले मैथ्स, बायो, कामर्स और आर्ट्स के छात्रों का सम्मान अतिथियों ने किया।
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम महाराष्ट्र मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने ध्वजारोहण किया। तत्पश्चात राष्ट्रगान का गायन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशाखा तोपखानेवाले ने कहा कि आज के दिन सन् 1950 में भारत का संविधान पूर्ण रूप से लागू हो गया था। हमारा महान संविधान लोकतंत्र की आत्मा है। देश की एकता और अखण्डता बनाए रखने का माध्यम है। संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी आस्था और विश्वास बनाए रखकर ही प्रत्येक व्यक्ति और प्रदेश राष्ट्र के प्रति अपने कर्त्तव्य का निर्वाह कर सकता है। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व को कर्मयोग की शिक्षा भारत दे रहा है। समाज को एकजुट होकर कार्य करना होगा। हमें संविधान बनाने वालों का सम्मान करना होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय मधुकर काळे ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि भारत को आजादी दिलाने वाले अमर शहीदों और असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को सादर नमन, जिनके त्याग तथा बलिदान के कारण, आजाद देश को अपना संविधान बनाने का अवसर मिला। इस अवसर पर दिव्यांग बालिका गृह प्रभारी आस्था काळे, सुबोध टोळे, दिलीप लांबे, अभय भागवतकर, नवीन देशमुख, प्रवीण क्षीरसागर, रविंद्र ठेगड़ी प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर स्कूल में 23 जनवरी 2024 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि शाला प्रभारी निरंजन पंडित, विशेष अतिथि परितोष डोनगांवकर थे। शाला के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
नेताजी के छायाचित्र में माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य पर स्कूल की विद्यार्थी पूर्वी ईसर ने नेताजी की जीवनी का परिचय दिया। शिक्षिका रिद्धि विधानी ने सुभाष चंद्र बोस के वाक्यों को दोहराया। इस उपलक्ष्य पर स्कूल में हुए विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कारों का वितरण भी किया गया।
स्कूल के प्रभारी निरंजन पंडित ने बच्चों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन को लेकर शुभकामनाएं दी और वार्षिक परीक्षा की तैयारी को लेकर अधिक से अधिक पढ़ने के की अपील की। उन्होंने 10वीं और 12वीं में अध्ययनरत छात्रों से भी परीक्षा की तैयारी को लेकर संवाद किया।
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल ने सोमवार को एक भव्य आयोजन में सन् 1990 और 92 में राममंदिर आंदोलन में कारसेवक के रूप में शामिल हुए आजीवन सभासदों का अभिनंदन किया। इस मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि भारतीय मजदूर संघ (बीएमसी) के संगठन मंत्री बी सुरेंद्रन ने कहा कि कारसेवकों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के बिना अयोध्या में राममंदिर संभव नहीं हो पता। युवावस्था में जब मैंने करियर की अनदेखी कर घर- बार छोड़ दिया था और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रचारक बन गया था, तब परिजनों ने कहा था कि तुमने तो अपनी जिंदगी बर्बाद कर ली। लेकिन अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलाल प्रतिमा के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से चंद दिन पहले ही उन्हीं स्वजनों ने फोन कर कहा कि तुमने तो अपने जीवन को धन्य कर लिया। तुम्हारा जीवन सार्थक हो गया।

सुरेंद्रन ने रामेश्वरम के पास रामसेतु में तकरीबन डेढ़ किलोमीटर पदयात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने रामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया था। जर्मनी से मशीनरी और इंजीनियर आए थे, उनके विफल होने के बाद दोबारा विदेशी टेक्निशियन व मशीनों के माध्यम से यह प्रयास किया गया। दोनों ही बार उन्हें विफलता मिली और जो लोग यह प्रयास कर रहे थे, वह रात को दु:स्वप्न की वजह से सो नहीं पाए और भाग खड़े हुए।

महाराष्ट्र मंडल में रामोत्सव का शुभारंभ राम रक्षा स्त्रोत से किया गया। आध्यात्म समिति की प्रभारी आस्था काले के नेतृत्व में 151 बार राम रक्षा स्त्रोत पाठन करने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। प्रभु श्रीराम के जयघोष के साथ महाआरती की गई। बीएमएस मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के संगठन मंत्री सुनील किरवई ने अपने सारगर्भित भाषण में भारतीय संस्कृति, परंपरा की विशेष चर्चा की और समाज व परिवार में रिश्तों की महत्ता को उजागर किया। उन्होंने कहा कि सन् 1991 में उत्तर प्रदेश में रामसेवकों पर तत्कालीन सरकार की ज्यादतियों और गोलीबारी के बीच जब यहां मैंने अपनी मां से कारसेवा करने के लिए अयोध्या जाने की अनुमति मांगी तो उन्होंने बिना संकोच मुझे अनुमति देते हुए कहा कि वहां से श्रीराम का प्रसाद लेकर आना। मैंने उनसे पूछा कि वहां तो गोलियां चल रही हैं। आपने मुझे रोका क्यों नहीं, तो मां ने कहा कि तू कारसेवा करने अयोध्या जाएगा, यह तय है। अनुमति नहीं दूंगी तो जिद व अवसाद के साथ जाएगा। वहां तेरा मन नहीं लगेगा। रामकाज में जा रहा है, तो सब ठीक होगा और लौटते समय प्रसाद लेकर आना। यह मां का विश्वास है और आशीर्वाद भी, कि हम अपने प्रयास में सफल हों। सुनील किरवई ने कहा कि मेरी दो मां हैं। एक वह मां कमला मुकुंद किरवई, जिसने मुझे जन्म दिया और एक वह मां, जो मेरी भाभी भी है शशि रघुनाथ किरवई।

रामभक्ति के भावविभोर भरे वातावरण में कार्यसेवक सुधाकर दिनकर देशमुख, मदन होनप, चेतन गोविंद दंडवते, कैलाश राव राउत, सविता तराटे सहित कुछ अन्य कारसेवकों का शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह से अभिनंदन किया गया। मदन होनप के शहर से बाहर होने के कारण उनके स्वजनों ने सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले य. गो. जोगलेकर स्मृति छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह की सुधीर, अनुभा जाउलकर, श्रावणी मुकादम, पल्लवी मुकादम, प्रकाश गुरुव सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने आकर्षक साज सज्जा की थी।

एडवोकेट प्रशांत देशपांडे ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने किया। मंच पर विशेष अतिथियों बी. सुरेन्द्रन, सुनील किरवई, बीएमएस के वनवासी क्षेत्र के संगठन मंत्री गुर्जर का सम्मान किया गया। अध्यक्ष अजय काले, उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन, सह सचिव सुकृत गनोदवाले, मेस- भवन प्रभारी दीपक किरवईवाले, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी निरंजन पंडित, सह प्रभारी परितोष डोनगांवकर, कार्यकारिणी सदस्य भागीरथ कालेले, महिला सह प्रमुख अपर्णा देशमुख, रेणुका पुराणिक, स्वावलंबन समिति प्रमुख शताब्दी पांडे, पर्यावरण समिति प्रमुख अभय भागवतकर, सहप्रमुख वैभव बर्वे, युवा समिति प्रभारी विनोद राखुंडे, सांस्कृतिक समिति प्रभारी प्रिया प्रशांत बक्षी, सह प्रभारी गौरी प्रवीण क्षीरसागर, महाराष्ट्र नाट्य मंडल की अध्यक्ष अभया जोगलेकर, सचिव प्रसन्न निमोणकर, निर्देशक अनिल कालेले सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं आजीवन सभासद उपस्थित रहे।

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