दिव्य महाराष्ट्र मंडल
दत्तात्रेय मंदिर में महाराष्ट्र मंडल की प्रतिभाओं के गूंजे भक्ति गीत- भजन

विपुल को एमबीबीएस में गोल्ड मैडल... राज्यपाल के हाथों पुरस्कृत... मंडल ने दी शुभकामनाएं
- मंडल सदस्य डा. श्रीकांत इंचुलकर और माधुरी इंचुलकर के पुत्र है विपुल
- महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष और कार्यकारिणी ने दी शुभकामनाएं
रायपुर। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर से एमबीबीएस में बाल रोग विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए विपुल इंचुलकर को स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। मेडिकल कॉलेज, रायपुर पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका से स्वर्ण पदक प्रदान किया। विपुल महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डा. श्रीकांत इंचुलकर और माधुरी इंचुलकर के पुत्र है। विपुल की इस उपलब्धि पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले और कार्यकारिणी ने उन्हें खूब शुभकामनाएं दी और कहा कि जीवन में जब भी समाजसेवा का कोई भी अवसर मिले तो उस अवसर का लाभ जरूर उठाना। डाक्टर बिरादरी ने कोरोना से त्रासदी के लिए समाजसेवा का अद्भुत उदाहरण पेश किया था।
बतादें कि पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में नव प्रवेशित विद्यार्थियों को चिकित्सा आचार संहिता की शपथ दिलाने के लिए ‘व्हाइट कोट सेरेमनी’ का वृहद गौरवशाली आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका थे। मेडिकल कालेजके डीन डॉ. विवेक चौधरी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित 230 छात्र - छात्राओं को राज्यपाल की उपस्थिति में चिकित्सा आचार संहिता महर्षि चरक शपथ दिलाया जाना महाविद्यालय के लिए बड़े गौरव की बात हैं। इस अवसर पर एमबीबीएस चिकित्सा पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।
मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरविंद नेरल ने मेडिकल प्रोफेशन के क्रियान्वयन के समय निभाये जाने वाले नैतिक मूल्यों और आदर्शों की जानकारी दी। डॉ. नेरल ने कहा कि मरीज दवाइयों के अलावा एक आदर्श चिकित्सक से अपनत्व, मुस्कुराहट और मित्रवत व्यवहार की अपेक्षा रखते हैं। मेडिकल साइंस सभी विज्ञानों में सबसे अधिक मानवीय और सभी मानविकी में सबसे अधिक वैज्ञानिक होता है। एक डॉक्टर ताउम्र विद्यार्थियों की तरह सीखता रहता है।
परितोष और नवीन ने दिव्यांग बच्चियों को दिया लैपटाप
- सीजीपीएससी की तैयारियों की राह होगी आसान
रायपुर। सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्था महाराष्ट्र मंडल रायपुर से जुड़ चुके उनके हर एक सदस्य में समाजसेवा का गुण निहित हो ही जाता है। फिर समाजसेवा का मौका सामूहिक रुप से मिले या एकल में हर एक सदस्य कोई मौका छोड़ना नहीं चाहता। इसका ताजा उदाहरण मंगलवार, 10 दिसंबर को देखने को मिला। जब मंडल के संत ज्ञानेश्वर के प्रभारी परितोष डोनगांवकर और सह प्रभारी नवीन देशमुख ने मंडल द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह में निवासरत उन दिव्यांग बच्चियों को उपहार स्वरूप लैपटाप दिया जो सीजी पीएससी की तैयारी कर रही है। लैपटाप पाकर बच्चियों के चेहरे में मुस्कान आ गई।
महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम मंडल से जुड़े है। हम जो देखते हैं, उसे आत्मसात करते है। मंडल से जुड़ने के बाद हर कोई समाजसेवा का नजदीक से देखता है। ऐसे में उसके लिए प्रेरित होना स्वभाविक है। आज हमारे युवा साथी परितोष डोनगांवकर और नवीन देखमुख ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CG PSC), छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) एवं शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की तैयारी के लिए उपहार स्वरूप लैपटाप प्रदान किया। दोनों ने बच्चियों को भविष्य में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए आश्वस्त भी किया।
वित्त मंत्री को संत ज्ञानेश्वर स्कूल के वार्षिकोत्सव का न्यौता
डंगनिया केंद्र की बैठक में दिखी संस्कृति, परंपरा और हमारे ऐतिहासिक गौरव
- अहिल्या बाई होल्कर और दत्तात्रेय जयंती पर प्रस्तुत भजन ने लुभाया
- महाराष्ट्र मंडल के डंगनिया केंद्र की टीम ने किया आयोजन
रायपुर। अपनी सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र मंडल की चौबे कालोनी महिला केंद्र की बैठक में शनिवार 7 दिसंबर को मराठी संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक गौरव एक साथ नजर आया। पारंपरिक परिधान में पहुंच जहां महिलाओं ने अपनी संस्कृति को संजोया वहीं दत्तात्रय जयंती पर सुंदर भजन प्रस्तुत कर अपने पुर्वजों से विरासत में मिली परंपरा का निर्वहन किया। वहीं शिवभक्त देवी अहिल्या बाई होल्कर की विजय गाथा के साथ अपने ऐतिहासिक गौरव को याद किया।
महाराष्ट्र मंडल रायपुर के डंगनिया केंद्र की बैठक में मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने वर्तमान समाज में रानी अहिल्याबाई होलकर के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि शिवभक्त देवी अहिल्याबाई होलकर समस्त नारियों के लिए बड़ी आदर्श है। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, दीक्षा, लेकर कई पुरानी कुरीतियों से उन्हें निजात दिलाई। वे एक आदर्श पत्नी के साथ आदर्श मां भी थी। वे जीवन के हर कठिन परिस्थिति से जूझने के लिए तत्पर रहती थी।
महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों ने उत्साह से किया रामरक्षा स्तोत्र, हनुमान चालीसा का पाठ
- महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति का अभियान 6 जनवरी को पूरे करेगा एक वर्ष
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रत्येक शनिवार को आयोजित राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन शनिवार, 7 दिसंबर को भी बड़े उत्साह के साथ किया गया। मंडल के तात्यापारा, टाटीबंध और डंगनिया समेत अन्य केंद्रों की महिलाओं ने राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर उनके साथ ऐसे कई भक्तजन भी जुड़े, जो महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद नहीं हैं।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था अभय काले ने बताया कि समिति की ओर से प्रत्येक शनिवार यह आयोजन निरंतर जारी है। राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ को लेकर बुजुर्गों के साथ युवाओं और अन्य लोगों की सहभागिता सराहनीय है। डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने रालास इन्क्लेव स्थित शिव मंदिर में हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का एक साथ पाठ किया। सदस्य दिव्या पात्रीकर के नेतृत्व में सभी पाठ किया। इसी तरह डंगनिया केन्द्र द्वारा बीसी में महिलाओं द्वारा हनुमान चालीसा रामरक्षा का पाठ किया गया। इसमें अनुभा, नमिता शेष, भावना राजिमवाले, रश्मि डांगे, ज्योति डोलस, प्रिया जोगलेकर, रंजना राजिमवाले, श्रद्धा देशमुख, शिल्पा पराड़, अमृता शेष, दीपांजलि भालेराव, वंदना तैलंग, प्रियंका राजपूत, प्रीति रणदिवे, प्रिती काले, माधुरी गिरहें, दिव्या पात्रीकर वर्षा नारखेड़कर, संध्या अनिल कुमार, श्रुति दोनगांवकर, माधुरी इन्चुलकर, प्रणिता इन्चुलकर उपस्थित थीं।

क्लैट 2025: रायपुर के अनन्य टाप 3 में... माता-पिता डाक्टर, बेटे ने ला में चुना कैरियर
रायपुर। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) 2025 यूजी और पीजी के परिणाम शनिवार देर रात घोषित किए गए। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट में राजधानी रायपुर निवासी और महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डा. सिद्धार्थ तामस्कर और डा. प्रीति तामस्कर के पुत्र अनन्य तामस्कर ने आल इंडिया रैंक में टाप-3 में अपनी स्थान सुनिश्चित कर अपने माता-पिता के साथ पूरे छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र मंडल परिवार का नाम रोशन किया है। अनन्य की इस सफलता पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते सहित पूरी कार्यकारिणी ने उन्हें शुभकामनाएं दी है।
कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट 2025 में पचपेड़ी नाका रायपुर निवासी अनन्य तामस्कर ने आल इंडिया टाप-3 में जगह बनाई। अनन्य के माता-पिता दोनों डाक्टर है, लेकिन वे अपने भाई से प्रेरित हुए। जो हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के फोर्ट सेमेस्टर के छात्र है। अनन्य को 116 में 103 अंक मिले है। अनन्य ने बताया कि बचपन से ही उन्हें किताबों में रूचि है। क्लैट की तैयारी के लिए मैंने 10 से 12 घंटे रूटीन में पढ़ाई की।
अनन्य के पिता डा. सिद्धार्थ तामस्कर ने बताया कि 12वीं की नियमित पढ़ाई और स्कूल के हेड ब्वाय की जिम्मेदारी के साथ क्लैट की तैयारी बड़ा टास्क था। ऐसे में देर रात 2 बजे तक पढ़ाई और सुबह उठकर स्कूल जाना बड़ी टास्क था। जिसे अनन्य ने पूरा किया। जिसका परिणाम आज दिख रहा है।
पर्यावरण समिति ने मंडल परिसर में रोपे पौधे... अब नजर आएगी हरियाली
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति ने शनिवार, 7 दिसंबर को चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल परिसर में चंपा और टिकोमा के आकर्षक पौधे लगाए। पौधरोपण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आल इंडिया बिजली कर्मचारी संघ के पदाधिकारी अरुण देवांगन थे। मुख्य अतिथि अरुण देवांगन और मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने मंडल के मुख्य द्वार में बने लान एरिया में पौधे लगाकर उमसें पानी डाला गया।

महराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि मंडल की पर्यावरण समिति ने मंडल के नवनिर्मित भवन को सुंदर बनाने के लिए परिसर में चंपा, टिकोमा सहित अन्य कई प्रजाति के पौधों का रोपण किया किया है। पौधरोपण का नेतृत्व कृषि वैज्ञानिक डा. जेएस उरकुरकर ने किया। इस अवसर पर रेखा उरकुरकर, अर्चना पराडकर, अनघा करकशे, दिनकर करकशे, किशोर कुमार साहू प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने मनाया सशस्त्र सेवा झंडा दिवस
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में शनिवार, 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सेलिब्रेट किया गया। सेवा के जवान, भारत माता और आतंकवादी के ड्रेस कोड में पहुंचे बच्चों ने सेना से जवानों का शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन किया। झंडा दिवस का आयोजन स्कूल के ग्रीन हाउस की प्रभारी वंदना बिसेन और गीत भोजवानी के मार्गदर्शन में सेना के जवान बनकर पहुंचे पुष्कर साहू, गुलशन साहू और भारत माता बनीं आरिधी जैन ने प्ले प्रस्तुत किया।
शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस हर साल 7 दिसंबर को मनाया जाता है, यह दिन भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, बलिदान और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, इस दिन को विशेष रूप से सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। आज बच्चों और शिक्षकों ने अपना सहयोग देते हुए झंडा दिवस सेलिब्रेट किया।
स्कूल के उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार ने कहा कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस का मुख्य उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों के वीर जवानों के योगदान को सम्मानित करना और उनके कल्याण के लिए धन जुटाना है, इस दिन, समाज में सशस्त्र बलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके परिवारों के लिए सहायता प्रदान करने की कोशिश की जाती है।
बस्तर के तोकापाल की सुश्री बबीता नाग ने मुख्यमंत्री को बांधा निरामय सूत्र
अभिनव वाचक स्पर्धा 2024 में भिलाई में माधवी और रायपुर में स्मिता रही प्रथम
- मध्य प्रदेश मराठी अकादमी द्वारा 22 सितंबर को आयोजित हुई थी स्पर्धा
रायपुर। मध्य प्रदेश मराठी अकादमी की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 22 सितंबर 2024 को अभिनव पुस्तक वाचन स्पर्धा का आयोजन किया गया था। इस स्पर्धा में रायपुर महाराष्ट्र मंडल सहित बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा और भिलाई के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। सभी विजेताओं को महाराष्ट्र मंडल सेक्टर-4 में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में इंदौर की मुख्य समिति के पदाधिकारी विशेष रुप से उपस्थित थे। विजेताओं को लंदन से पहुंची शारदा जिरापुरे ने पुरस्कृत किया।

स्पर्धा में रायपुर महाराष्ट्र मंडल के 12 सदस्यों ने भाग लिया था। जिसमें से 78 फीसद अंक के साथ स्मिता चान्दे प्रथम स्थान पर रही। स्वाती डबली द्वितीय और भारती देवणकर तृतीय स्थान पर रही। वहीं भिलाई केंद्र में माधरी बक्षी प्रथम, जयश्री जलतारे व आरती द्रोणकर द्वितीय और सुषमा नेने और वर्षा देशपांडे तीसरे स्थान पर रही।
महाराष्ट्र मंडल के साहित्यिक समिति की प्रमुख कुमुद लाड ने बताया कि इस वर्ष अभिनव पुस्तक वाचन के लिए निर्धारित पुस्तक ‘लंडन च्या आजी बाई ची’ पर आधारित थी। सभी प्रतिभागियों ने पहले इस पुस्तक का अध्ययन किया फिर परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा में 12 लोगों ने पूरे उत्साह के साथ परीक्षा दी। सभी का प्रयास अच्छा था। स्मिता चान्दे 78 फीसद अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रही।

भिलाई से बीते वर्ष की विजेता निधि देशपांडे की स्मृति में उनके पति मंगेश देशपांडे ने विजेताओं को नकद पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में भिलाई के प्रसिद्ध संगीतज्ञ सुधाकर शिवलीकर गुरुजी को चक्रधर सम्मान प्राप्त होने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन भिलाई केंद्र की प्रमुख जयंता जोशी ने किया।
इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले, मंडल के सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी और भवन प्रभारी निरंजन पंडित भी साथ में रहे। कार्यक्रम में मराठी साहित्य समिति की प्रभारी कुमुद लाड, रंजन मोडक, स्वाति मोडक समेत अन्य लोग भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल की कई मराठी साहित्यिक प्रतिभाओं को पुरस्कृत व सम्मानित किया गया।

‘पुरुषोत्तम योग’ पाठ के साथ सरल शब्दों में व्याख्या... सभी ने सराहा
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति ने बीते दिनों भगवतगीता के 15वें अध्याय यानी पुरुषोत्तम योग का पाठ किया। इस दौरान आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले का सरल शब्दों में इसकी व्याख्या की। उन्होंने बताया कि श्लोक क्रमांक 1-5 में मनुष्य की दुर्बलताओं रूपी शाखाएं समस्त लोकों में व्याप्त हो रहीं हैं उन्हें वैराग्य रूपी शस्त्र द्वारा काटकर भगवान अर्थात परमेश्वर की शरण में आना चाहिए। आस्था ने बताया कि पुरुषोत्तम योग में श्रीकृष्ण ने कहा कि सूर्य और चंद्रमा का तेज मेरा ही है। मैं सृष्टि के कण-कण में विराजमान हूं, जो व्यक्ति त्रिदोषों का त्याग कर अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण कर लेता है और मेरी शरण में आता है वह मुक्ति को प्राप्त कर लेता है।
शताब्दी पांडेय ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल आध्यात्मिक समिति द्वारा आयोजित गीता के पंद्रहवें अध्याय का अर्थ सहित वाचन अत्यंत प्रभावकारी रहा। संक्षिप्त में कहें तो जीवन का सार आज के सत्र में मिल गया कि मनुष्य योनि बड़े ही भाग्य से मिलती है, जिसमें हम इंद्रियों के मोहजाल से मुक्त होकर भगवान की भक्ति कर गोलोक धाम को जाने का अपना मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। आध्यात्मिक समिति की प्रमुख आस्था काले ने बहुत ही रोचक एवं सरल शब्दों में अध्याय का भावार्थ समझाया, डॉ अलखनंदा नारद ने स्पष्ट उच्चारण और भाव के साथ श्लोकों का पठन किया।
डॉ अलकनंदा नारद ने कहा कि हम सब गीता के श्लोकों का पाठ तो करते हैं परन्तु उसके अर्थ से अनभिज्ञ रहते हैं। आस्था जी का साधुवाद करती हूं कि उन्होंने हम सबको जोड़ा और हम सभी इससे लाभान्वित हुए। मंडल की वरिष्ठ आजीवन सभासद संध्या खंगन ने कहा कि गीता के 15वें अध्याय की व्याख्या आस्था काळे ने बहुच सुंदर ढंग से की। उदाहरण सहित उनके समझाने का तरीका बेहद अच्छा था। वहीं अर्चना जतकर ने कहा कि आस्था ने गीता के 15वें अध्याय का अर्थ सरल और उदाहरण सहित समझाया।
दिव्यांग बालिका विकास गृह की कम्लेश्वरी बनीं सखी निवास की मैनेजर
रायपुर। 16 वर्षों से महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह में रहकर बीकाम, एमए (हिंदी), बीएड और पीजीडीसीए करने वाली कम्लेश्वरी साहू को मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कामकाजी महिला वसती गृह (सखी निवास) के मैनेजर पद का नियुक्ति पत्र सौंपा। सखी निवास में चंडी बलौदाबाजार निवासी दिव्यांग कम्लेश्वरी साहू को रोजगार का बेहतरीन अवसर देकर महाराष्ट्र मंडल ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस को सही मायनों में सार्थकता प्रदान की।
दिव्यांग बालिका विकास गृह में ही रहकर एमकाम, पीजीडीसीए करने के बाद डीएलएड कर रहीं दिव्यांग नेहा सिन्हा ने मंगलवार की देर शाम महाराष्ट्र मंडल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में अध्यक्ष काले से नये कंप्यूटर सिस्टम की मांग की। क्योंकि पुराने कंप्यूटर में तकनीकी खराबी है। अध्यक्ष ने उनकी मांग को तत्कालमानते हुए उन्हें तत्काल कंप्यूटर देने का आदेश मंडल प्रबंधक को दिया। कवर्धा निवासी नेहा डीएसपी बनने के लिए पीएससी की तैयारी भी कर रही है। समाजशास्त्र में एमए करने वाली दिव्यांग बालिका विकास गृह की सीमा सारथी इन दिनों एक फिटनेस सेंटर में काम कर रही है। इसके साथ ही वे भी सीजीपीएससी की जोरशोर से तैयारी कर रहीं हैं।
मंडल अध्यक्ष काले ने दिव्यांग बालिका विकास गृह की बच्चियों के आत्मविश्वास की प्रशंसा की। उन्हें सीजीपीएससी समेत अन्य व्यावसायिक प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिए की जाने वाली तैयारियों की जानकारी दी और कहा कि मोबाइल, सोशल मीडिया और बाहर की दुनिया से दूर होकर प्रतिदिन कम से कम 16 घंटे की पढ़ाई के बाद ही हम बेहतर परिणाम की उम्मीद कर सकते हैं। मंडल के वरिष्ठ सभासद अनिल कालेले ने कहा कि सबसे पहले एकमात्र लक्ष्य निर्धारित करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी क्षमता से जुट जाएं। सफलता जरूर मिलेगी। वरिष्ठजन सेवा समिति के प्रभारी दीपक पात्रीकर ने भी दिव्यांग बच्चियों के लिए आशीर्वचन कहे।
सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने कहा कि लक्ष्य निर्धारित करने के बाद आपकी ओर से की जाने वाली तैयारियों के बीच बहुत सी बाधाएं, तकलीफें और तनाव आएंगे। उन्हें नजर अंदाज कर आगे बढ़ने पर ही आपकी तैयारी सफल होगी। दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न विजय निमोणकर के मुताबिक तीव्र गति से दिव्यांग बालिका विकास गृह भवन को नई साज- सज्जा और सुविधाओं के साथ नया स्वरूप दिया जा रहा है। इसका प्रत्यक्ष लाभ हमारी दिव्यांग बच्चियों को मिलेगा और इससे उनके एजुकेशन के परफार्मेंस में और सुधार होगा।
प्रमुख समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने दिव्यांग बच्चियों से कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं हो या स्कूल कालेज की, किसी भी तरह की सुविधा या अतिरिक्त मदद के लिए उन्हें तत्काल नि:संकोच यहां महाराष्ट्र मंडल में सूचित करना चाहिए। इससे हम उन्हें लाभान्वित कर सकें। दिव्यांग दिवस पर मंडल के पदाधिकारियों ने दिव्यांग बच्चियों को खूबसूरत उपहार भी दिए।
बच्चों ने उत्सुकता से सुनी अहिल्याबाई की वीरगाथा
रायपुर। शासकीय माध्यमिक शाला रेलवे स्टेशन यानी निवेदिता स्कूल में वीरांगना रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं वर्षगांठ मनाई गई। कार्यक्रम में बतौर वक्ता पहुंची महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बच्चों को रानी अहिल्याबई की वीरगाथा सुनाई। इस दौरान बच्चों ने पूरी उत्सुकता के साथ सुनी।
तोपखानेवाले ने बताया कि 300 साल पहले जह महिलाएं इतनी स्वतंत्र नहीं थी तब महिलाओं को आगे लाने के लिए उन्होंने बहुत काम किया। अहिल्या बाई प्रजा के लिए समर्पित होकर काम करती थी। वह कहती थी कि गरीबों की सेवा व प्रजा की सेवा ही ईश्वर की पूजा है। वह न्यायप्रिय रानी थी। अहिल्याबाई कि यह सोच थी कि दुनिया में कोई भी काम असंभव नहीं है। उनके सेवाभावी कार्यों के कारण समाज उन्हें हमेशा याद रखेगा।
स्कूल के प्रधान पाठक वीरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि आज मंडल की महिला प्रमुख तोपखानेवाले मैडम ने बच्चों को अहिल्याबाई के बारे में रोचक और ज्ञानवर्धन बातें बताई। इस अवसर पर स्कूल के प्रधान पाठक वीरेंद्र अग्रवाल, शिक्षिका हेमलता देशमुख, शेफाली श्रीवास्तव और मंडल की वरिष्ठ सदस्य संध्या खंगन उपस्थित थीं। इस दौरान 200 से अधिक बच्चे उपस्थित थे।
दिव्यांगों के प्रति समाज के वर्तमान दृष्टिकोण पर परिचर्चा 3 दिसंबर की शाम
- अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग जन दिवस दिव्यांग बालिका विकास गृह में आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह में मंगलवार, 3 दिसंबर को शाम 6 बजे से अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग जन दिवस के अवसर पर दिव्यांगों के प्रति समाज के वर्तमान दृष्टिकोण पर परिचर्चा का आयोजन किया गया है।
दिव्यांग बालिका विकास गृह प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने बताया कि हर वर्ष 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजन के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के प्रति समाज को जागरूक करना है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि हर व्यक्ति, चाहे वह शारीरिक या मानसिक रूप से सक्षम हो या नहीं, समाज का अभिन्न हिस्सा है।
निमोणकर ने आगे बताया कि परिचर्चा में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और पूर्व व वर्तमान कार्यकारिणी हिस्सा लेगें। इसके साथ मंडल के वरिष्ठ जन भी इसमें शामिल होकर अपने विचार व्यक्त करेंगे। परिचर्या में कम आयु में ही दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास वृद्धि के लिए किए जा रहे कार्यों पर भी चर्चा होगी।
गीता जयंती महोत्सव में भागवत् गीता के 18 अध्याय के सामूहिक पाठ से गूंज उठा महाराष्ट्र मंडल


