रायपुर
अटल जी के संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ को दी नई पहचान: मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और छत्तीसगढ़ निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी छत्तीसगढ़ के निर्माता और प्रदेशवासियों की भावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का परिणाम है। उन्होंने इस अंचल की भौगोलिक विशिष्टताओं, विकास की आवश्यकताओं और पृथक राज्य की वर्षों पुरानी जनआकांक्षा को समझा तथा प्रधानमंत्री के रूप में उसे साकार किया। छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य के रूप में पहचान दिलाने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय और भावनात्मक था। छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था। श्री साय ने अटल जी के साथ अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें स्वयं भी श्रद्धेय अटल जी का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनके साथ जुड़ी अनेक आत्मीय स्मृतियां आज भी मन में जीवंत हैं। अटल जी का स्नेह और उनका मार्गदर्शन उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में है, जो उन्हें जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता के रूप में उन्होंने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी। वे ऐसे सर्वस्वीकार्य राजनेता थे, जिन्हें दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों का सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ। वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और संवाद उनके सार्वजनिक जीवन की विशेषता थी।राष्ट्रहित उनके लिए सदैव सर्वोपरि रहा और मां भारती की सेवा उनके जीवन का सर्वोच्च ध्येय थी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी ने सुशासन और अंत्योदय को शासन का आधार बनाकर विकास की ऐसी विरासत स्थापित की, जो आज भी देश को दिशा दे रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को सड़कों से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल ने ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी। किसानों के कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों का दूरगामी प्रभाव पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता देते हुए अटल जी के कार्यकाल में पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया। यह निर्णय जनजातीय समुदायों के विकास, अधिकारों और आकांक्षाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक था। उन्होंने विकास की मुख्यधारा को गांव, गरीब, किसान, जनजातीय समाज और वंचित वर्गों तक पहुंचाने के लिए अनेक दूरदर्शी पहल कीं।
राज्यपाल डेका से चेन्नई के पत्रकारों ने सौजन्य भेंट की
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से लोकभवन में पत्र सूचना कार्यालय चेन्नई के निदेशक पी. अरूण कुमार के नेतृत्व में चेन्नई से आए पत्रकारों के दल ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में हो रहे विकास कार्यों, विशेष रूप से बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद तेजी से हो रहे विकास तथा उद्योग-व्यापार की बढ़ती संभावनाओं के संबंध में चर्चा की।
राज्यपाल ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति के पश्चात लोग तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यापार की बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से व्यापारी और उद्योगपति यहां आकर निवेश एवं व्यवसाय के लिए रुचि दिखा रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां वनोपज, कृषि, उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के वन उत्पाद भेंट किए तथा शाल पहनाकर उनका सम्मान किया। उन्हें स्मृति चिह्न भी प्रदान किए गए। पत्रकारों ने राज्यपाल को चेन्नई के महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना भी उपस्थित थे।
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स्वतंत्रता दिवस पर श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड में गूंजे राष्ट्रभक्ति और धर्माराधना के जयकारे
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर, मालवीय रोड में चल रहे पवन समयोपदेश वर्षा योग 2026 के शुभवसर पर विविध धार्मिक एवं देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। प्रातः 7:30 बजे मूलनायक भगवान के समक्ष श्री जी का अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन किया गया। आज की शांतिधारा करने का सौभाग्य इंदर चंद प्रियांक जैन (टैगोर नगर) एवं अजय, अंश, हर्ष जैन को प्राप्त हुआ। अभिषेक और शांतिधारा के उपरांत प्रातःकालीन धार्मिक कक्षा में मुनि 108 श्री पुनीत सागर जी महाराज द्वारा तत्त्वार्थसूत्र का अध्ययन करवाया गया।
इसी क्रम में आज प्रातः जिनालय प्रांगण में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के हर्षोल्लास के साथ झंडा वंदन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर की ट्रस्ट, कार्यकारिणी, वर्षायोग 2026 समिति, विभिन्न मंदिरों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर ध्वजारोहण किया, भारत देश का राष्ट्रीय गीत गाया और भारत माता की जय के गगनभेदी नारे लगाए।
धर्माराधना के अंतर्गत आज नवधाभक्ति पूर्वक मुनि संघ को आहार देने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। मुनि 108 श्री पुनीत सागर जी महाराज को आहार देने का सौभाग्य श्रीमती संगीता संजीव जैन पूरी (मैत्री परिवार, डीडी नगर) को प्राप्त हुआ। वहीं, एलक 105 श्री धैर्यसागर जी महाराज को आहार देने का सौभाग्य श्रीमती शिखा श्री प्रशांत जैन (एक्सल प्रिंटर, कंकाली पारा) को प्राप्त हुआ। धार्मिक कक्षाओं के अगले चरण में मुनि 108 श्री आगम सागर जी महाराज ने छह ढाला का अध्ययन करवाया और अपनी मंगल देशना प्रदान की।
मुनि श्री ने अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जेलों में अमानवीय यातनाएं सही हैं। आज हम उन्हीं के संघर्ष और परिश्रम के परिणामस्वरूप इस स्वतंत्र भारत में बिना किसी रोक-टोक के स्वतंत्र जीवन जी पा रहे हैं। हम देश की सुरक्षा में तैनात उन सैनिकों के प्रति अत्यंत कृतज्ञ हैं, जो कड़ाके की ठंड, मूसलाधार बारिश और चिलचिलाती गर्मी की परवाह किए बिना सीमाओं पर निरंतर पहरा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे आचार्यश्री के वचनों के अनुसार, सीमा पर तैनात सैनिक भले ही सांसारिक दृष्टि से कम धन कमाते हों, परंतु वे देश की रक्षा करते हुए सबसे बड़ी पुण्य की कमाई करते हैं। देशवासियों की सुरक्षा उनके कंधों पर होती है। यदि दुश्मन देश में घुसपैठ कर दे, तो वह अशांति, मारकाट और लाखों बेगुनाहों का खून बहाकर हाहाकार मचा सकता है। सैनिक अपना व्यक्तिगत स्वार्थ त्यागकर, अपने माता-पिता, पत्नी, बच्चों और सभी रिश्तेदारों को छोड़कर सीमा पर देशवासियों की रक्षा करते हैं। स्वार्थी व्यक्ति केवल अपने और अपने परिवार की सोचता है, जबकि परमार्थी सैनिक समस्त देशवासियों का भला चाहता है और सबका भला चाहने वाला जीव तीर्थंकर प्रकृति का बंध करता है।
मुनि श्री ने देश के नागरिकों को संदेश देते हुए कहा कि हम सभी भारत देश के नागरिक हैं और हमें अपने देश के प्रति वफादार और ईमानदार रहना चाहिए। इस देश का नाम भारत है, जो कि युग के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के पुत्र भरत के नाम पर रखा गया है। हमें इस देश को गर्व से भारत कह कर ही संबोधित करना चाहिए, न कि विदेशी शब्द का प्रयोग करना चाहिए। आप सभी स्वतंत्र भारत के गौरवान्वित नागरिक हैं, अतः गर्व से कहें कि हम भारतीय हैं।
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लोकभवन में स्वागत समारोह स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर
समारोह में मुख्य सचिव विकास शील, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण हिना अनिमेष नेताम, राज्यपाल के विधिक सलाहकार सत्यभामा अजय दुबे, सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सेना के वरिष्ठ अधिकारीगण, विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रेस-मीडिया कर्मी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
पावर कंपनी में ध्वजारोहण…. विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को दे रहे गति: सुबोध सिंह
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह (आईएएस) ने पॉवर कंपनी मुख्यालय में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने परेड की सलामी ली। सुरक्षा एवं सतर्कता विभाग ने मार्चपास्ट की प्रस्तुति दी। उसमें परेड कमांडर सुरक्षा निरीक्षक प्रभुशरण सिंह के साथ चार प्लाटून ने सहभागिता की। सुरक्षा उपनिरीक्षक ताराचंद बेन के साथ टीम ने बैंड पर सुमधुर राष्ट्रीय गीतों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर प्रबंध निदेशकगण (जनरेशन) एसके कटियार (ट्रांसमिशन) राजेश कुमार शुक्ला (डिस्ट्रीब्यूशन) भीम सिंह कंवर, मुख्य अभियंता (मा.सं.) रश्मि वर्मा एवं मुख्य सुरक्षा अधिकारी विंग कमांडर ए. श्री निवास राव विशेष रूप से उपस्थित थे। समारोह का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) गोविन्द पटेल ने किया।
सुबोध कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऊर्जा किसी भी राष्ट्र के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ होती है। 'विकसित भारत' के निर्माण में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक है। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के महान संकल्प को साकार करने में हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के सबल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ राज्य की ऊर्जा अधोसंरचना को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर कार्यरत है।
जनरेशन कंपनी के संयंत्र रहे देश में तीसरे नंबर पर
सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 76.44 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (PLF) के साथ 19,403 मिलियन यूनिट विद्युत का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की रिपोर्ट के अनुसार, जनरेशन कंपनी ने देश के सभी राज्य ताप विद्युत गृहों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया है। कोरबा पूर्व स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह ने भी देश में तृतीय स्थान हासिल कर संपूर्ण प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
साढ़े तीन लाख करोड़ के होंगे निवेश
उन्होंने बताया कि भविष्य की विशाल ऊर्जा माँग को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार तथा निजी क्षेत्र के सार्वजनिक व निजी सहभागिता (MoUs) के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ से अधिक के निवेश का खाका तैयार किया गया है। इस अभूतपूर्व निवेश से राज्य की उत्पादन क्षमता में 32,000 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि होगी। छत्तीसगढ़ न केवल अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं में पूर्णतः आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि सरप्लस पावर के माध्यम से देश के अन्य राज्यों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करते हुए 'राष्ट्र के पावर हब' के रूप में स्थापित होगा। राज्य के इतिहास में पहली बार NTPC के सहयोग से परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) परियोजना स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं, जो प्रदेश को ऊर्जा के स्वच्छ एवं विविध स्रोतों से सशक्त करेगा।
पारेषण कंपनी ने 40 प्रतिशत बढ़ाई एटीसी क्षमता
सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राष्ट्रीय ग्रिड से विद्युत हस्तांतरण क्षमता (अवैलेबल ट्रांसफर कैपेसिटी-ATC) में लगभग 40 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2024 की 3,536 मेगावाट क्षमता बढ़कर अब 4,930 मेगावाट पहुँच गई है। तकनीकी दक्षता के कारण हमारा ट्रांसमिशन लॉस 3.29 प्रतिशत से घटकर 2.72 प्रतिशत हो गया है। यह CSERC द्वारा निर्धारित 3 प्रतिशत के मानक लक्ष्य से भी बेहतर है। आगामी माँग को पूरा करने के लिए पूंजी निवेश योजना 2026-2030 के तहत 74 नए उपकेंद्रों (400 KV के 8, 220 KV के 21 तथा 132 KV के 41) के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डिस्ट्रीब्यूशन ने की बस्तर में नई रोशनी की पहल
सिंह ने कहा कि शांति और सुरक्षा के इस नए स्वर्णिम दौर में, बस्तर संभाग के शेष 461 ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गाँवों को मुख्य 'ऑन-ग्रिड' बिजली नेटवर्क से जोड़ने हेतु 973 करोड़ का विशेष प्रस्ताव स्वीकृत कर कार्य तीव्र गति से प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 'मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान' (M-ऊर्जा) के तहत 48 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 808 करोड़ रुपए की आर्थिक राहत दी गई है। 'बिजली बिल भुगतान समाधान योजना' में उपभोक्ताओं को 745 करोड़ रूपए से अधिक की छूट प्रदान की जा रही है। कृषि क्षेत्र की समृद्धि हेतु एक वर्ष में 23,757 नए कृषि पंपों को कनेक्शन दिया गया। अब साढ़े आठ लाख कृषि पंपों को निःशुल्क/रियायती बिजली देने हेतु ₹4,717 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' के तहत 40,696 नए घरों में रूफटॉप सोलर लगाए गए। अब तक 76,000 घरों में यह संयंत्र स्थापित हो चुके हैं तथा 95,000 अन्य घरों में कार्य प्रगति पर है।
1235 पदों पर होगी भर्ती
सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक पूंजी उसके अधिकारी और कर्मचारी होते हैं। पावर कंपनीज़ की इन सभी उपलब्धियों के मूल में हमारे अभियंताओं, तकनीशियनों, लाइनमैनों और मैदानी अमले का अनवरत परिश्रम निहित है। कर्मचारियों के हित में पदोन्नति प्रक्रियाओं का सरलीकरण कर समयबद्ध पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। पारदर्शिता और कार्यदक्षता बढ़ाने हेतु 1,235 नए पदों पर निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और उपभोक्ता सेवाओं में तेजी आएगी। प्रशासनिक गतिशीलता के लिए सभी मैदानी कार्यालयों में 'ई-ऑफिस' (e-Office) व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है, जिससे फाइलों का त्वरित एवं पेपरलेस निस्तारण हो रहा है।
सिंह ने कहा कि बिजली सेवा एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण दायित्व है। हर मौसम और विषम परिस्थितियों में चौबीसों घंटे डटे रहने वाले हमारे फील्ड कर्मचारियों और अभियंताओं के जज़्बे को मैं सलाम करता हूँ। यह स्वतंत्रता दिवस केवल अतीत के गौरवगान का नहीं, बल्कि राष्ट्र एवं प्रदेश के प्रति अपने कर्तव्यों के पुनर्संकल्प का दिन है। उन्होंने कहा कि मुझे दृढ़ विश्वास है कि आपकी निष्ठा, टीम भावना और कठिन परिश्रम के बल पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ 'विकसित छत्तीसगढ़' और 'विकसित भारत' के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगी। इस अवसर पर तीनों कंपनियों के कार्यपालक निदेशक, मुख्य अभियंता एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
देश के रक्षको को नन्हे नन्हे बच्चों ने भेजा रक्षा सूत्र
डॉ.अशोक का जीवन समाज को रहा समर्पित... अब आंखों और शरीर का भी किया दान
रायपुर। उदया सोसायटी टाटीबंध निवासी डॉ. अशोक पेंढरकर का जीवन दूसरों की सेवा के लिए समर्पित रहा। अब उनके जाने के बाद उनकी इच्छा के अनुरुप उनकी आंखें और शरीर भी समाज के लिए दान कर दिया गया। बतादें कि 13-14 अगस्त की मध्यरात्रि 12.10 को उनका निधन हो गया। जिसके बाद देररात 2.30 बजे एम्स में उनका नेत्रदान और 14 अगस्त को सुबह 11.00 बजे एम्स में ही उनका देहदान कर दिया गया। जो मेडिकल छात्रों के शोध और अध्यययन के काम आएगा।
राज्यपाल ने किया 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश की पुस्तक ‘थॉट्स अबाउट गॉड‘ का विमोचन
दिव्यांश ने अपने दादा की प्रेरणा से इस पुस्तक की रचना की है। पुस्तक में एक युवा छात्र के दृष्टिकोण से ईश्वर और आध्यात्मिकता से जुड़े विचारों, सवालों और उसकी अपनी समझ को सहज रूप में प्रस्तुत किया गया है। कम उम्र में गंभीर और विचारपरक विषय पर पुस्तक लिखने के दिव्यांश के प्रयास को राज्यपाल ने सराहनीय बताया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने मास्टर दिव्यांश की दूसरी पुस्तक ‘फ्रॉम पॉकेट मनी टू पोर्टफोलियो’ के कवर को भी लॉन्च किया। यह पुस्तक बच्चों और युवाओं में कम उम्र से ही पैसे की बचत, निवेश और वित्तीय जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से छात्र द्वारा लिखी जा रही है। इसमें गुल्लक के माध्यम से बचत की आदत विकसित करने और बचाई गई राशि के उचित निवेश के विचार को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों में पढ़ने, लिखने और नए विषयों पर विचार करने की आदत विकसित करना उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने दिव्यांश को अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता और सीखने की ललक को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर दिव्यांश के पिता सुधीर सुल्तानिया, माता सरिता सुल्तानिया सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।
बड़े सपने देखें और कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें : मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सरगुजा जिले के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी छात्र-छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की। अंबिकापुर क्षेत्र के सात शासकीय विद्यालयों के लगभग 50 विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीय संवाद किया और उनके अनुभव, रुचियों तथा भविष्य के सपनों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दौर में देखा गया सपना और उसे पूरा करने के लिए किया गया परिश्रम जीवन की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा बड़े सपने देखने चाहिए और उन सपनों को साकार करने के लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करना चाहिए। कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता का अर्थ केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनना नहीं है। आज युवाओं के लिए शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, खेल, तकनीक, प्रशासन, उद्यमिता सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी प्रतिभा और रुचि होती है। आवश्यकता इस बात की है कि वह अपनी क्षमता को पहचाने, सही लक्ष्य चुने और पूरी प्रतिबद्धता के साथ उसे हासिल करने में जुट जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रदेश की विभिन्न प्रतिभाओं और उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तित्वों के प्रेरक प्रसंग भी सुनाए।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के संपूर्ण जीवन की नींव होता है। जिस प्रकार किसी मजबूत भवन के लिए उसकी नींव मजबूत होना आवश्यक है, उसी प्रकार उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, परिश्रम और समय का सदुपयोग आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस महत्वपूर्ण समय का उपयोग अपने लक्ष्य को पहचानने, ज्ञान अर्जित करने और व्यक्तित्व निर्माण में करने का आह्वान किया। शैक्षणिक भ्रमण में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनकालों, बकिरमा, सुखरी, रामपुर, मेंड्राकला एवं करजी तथा शासकीय सेजेस केशवपुर के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी), ट्राइबल म्यूजियम और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय सहित विभिन्न प्रमुख संस्थानों एवं स्थलों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने इन संस्थानों की शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन के अवसरों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। राजधानी और नवा रायपुर के प्रमुख संस्थानों को नजदीक से देखने का अनुभव विद्यार्थियों के लिए उत्साहवर्धक रहा।
समाजसेवियों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, पत्रकारों और महिलाओं का सम्मान 16 अगस्त को
रायपुर। प्रभा फाउंडेशन संस्था द्वारा स्वर्गीय प्रभा त्रिवेदी की स्मृति में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं सराहनीय योगदान देने वाले समाजसेवियों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, पत्रकारों, महिलाओं एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं के सम्मान समारोह का आयोजन 16 अगस्त को सुबह 11.30 बजे से किया जा रहा है। कार्यक्रम विमातरा हॉल, स्वदेशी भवन के बाजू में शंकर नगर, रायपुर में आयोजित किया गया है।
प्रभा फाउंडेशन एवं डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथी क्लीनिक के डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी ने बताया कि “समर्पण को सम्मान, समाज को नई पहचान” थीम पर समाजसेवियों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, पत्रकारों और महिलाओं का सम्मान समारोह 16 अगस्त को किया जा रहा है। डॉ उत्कर्ष त्रिवेदी ने कहा कि स्वर्गीय प्रभा त्रिवेदी के सेवा, संस्कार, समर्पण एवं समाज के प्रति योगदान को स्मरण करते हुए गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
15 अगस्त पर रायपुर में बदली रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था, पुलिस ने जारी किया रुट मैप
बड़े सपने देखें और कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें: CM साय
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न
रायपुर। मंत्रालय में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 102वीं एवं 103वीं संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मार्च 2026 और जून 2026 की तिमाहियों के दौरान राज्य में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा केंद्र व राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार और सरकारी हितग्राही योजनाओं में वित्तीय सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने पीएम सूर्यघर योजना, पीएम स्वनिधि योजना, पीएम आवास योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों का बिना किसी बाधा के त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकर्स से कहा कि ऋण प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाए।
किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से शीघ्रता से लोन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों के लिए भी केसीसी वितरण की समीक्षा की गई। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना किसानों को खेती, पशुपालन और मछली पालन के लिए बेहद कम ब्याज (मात्र 4%) पर आसान लोन देती है। बिना किसी गारंटी के मिलने वाले इस लोन की सीमा को बढ़ाकर अब 2 लाख कर दिया गया है, जबकि कुल ऋण सीमा को 5 लाख तक किया गया है।
राज्य के बस्तर और सरगुजा संभागों में बैंकिंग सेवाओं की सीमित पहुंच को देखते हुए, वहां नई बैंक शाखाएं खोलने और स्थानीय स्तर पर ऋण उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वित्तीय सेवा विभाग के मानकों के अनुसार, बिना बैंकिंग सुविधा वाले गांवों में 5 किलोमीटर के दायरे के भीतर बैंकिंग सेवाएं (शाखाएं या बीसी एजेंट) उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक ऋण योजना के तहत बैंकों के प्रदर्शन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) की गतिविधियों, जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों और वित्तीय साक्षरता सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई। इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD) के प्रतिनिधियों सहित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सदस्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
सुबह-सुबह ED की दस्तक से मचा हड़कंप, इस बड़े ग्रुप समेत 3 ठिकानों पर दी दबिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ED की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने आज सुबह राजनांदगांव में कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई DMF घोटाले से जुड़े मामले में की जा रही है। ED की टीम ने नाहटा और भंसाली ग्रुप से जुड़े प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में लेते हुए दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की है। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम सुबह रायपुर से राजनांदगांव पहुंची और सत्यम विहार कॉलोनी स्थित नाहटा के ठिकाने पर और कामठी लाइन में ललित भंसाली के ठिकाने पर रेड मारी है। ईडी की टीम अभी भी दस्तावेजों की जांच कर रही है। बता दें कि ललित भंसाली सरकारी टेंट हाउस का काम संभालते हैं।
ईडी की टीम DMF घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहे है। सबसे खास बात यह है कि इन दोनों ही ठिकानों पर अक्टूबर 2025 में भी ED की टीम कार्रवाई कर चुकी है।
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