प्राइवेट अस्पतालों पर शिकंजा कसने की तैयारी में सरकार... सभी CMHO को जारी हुआ लेटर... मांगी गई जानकारी
2023-03-25 07:44 PM
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नियमों की अनदेखी निजी अस्पतालों के लिए मुसीबत का पैगाम लेकर आ गई है। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई का फरमान जारी कर दिया है, तो नियमों की अनदेखी को लेकर गहलोत सरकार ने प्रशासन से पूरी जानकारी मांगी है। जिसके लिए सीएमएचओ को लेटर जारी कर दिया गया है। जिसके तहत जानकारी मिलते ही ऐसे निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की गाज गिरना तय माना जा रहा है।
दरअसल, राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल का विरोध हो रहा है। इस बिल का विरोध करने वाले कोई और नहीं, बल्कि निजी सेक्टर के डॉक्टर और निजी अस्पताल संचालित करने वाले लोग हैं। इन सबसे निपटने और निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसने के लिए राजस्थान की गहलोत सरकार ने निजी अस्पतालों की जांच का फरमान जारी किया है, ताकि उनका विरोध रोका जा सके।
यही वजह है कि गहलोत सरकार ने प्रदेशभर के सीएमएचओ को पत्र जारी किया है। सरकार को खूब पता है कि तमाम हॉस्पिटल्स नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कोई आवासीय में हॉस्पिटल चला रहा है तो कोई बायो मेडिकल वेस्ट का ठीक से निस्तारण नहीं कर रहा है। सरकार को मिलने वाले टैक्स में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होती है। कई हॉस्पिटल्स तो नक्शे के अनुसार बने ही नहीं हैं। ऐसी बिल्डिंग को या तो सील किया जाएगा या गिरा दिया जाएगा। कुल मिलाकर सरकार इनकी कमियां निकालकर दबाव बनाने के प्रयास में है।
उधर, बिल का विरोध अब राज्य के अलावा देशभर में होने जा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने सभी डॉक्टरों से 27 मार्च को मेडिकल सर्विस बंद करने का आह्वान किया है। शनिवार को जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल स्थित जेएमए हॉल में प्राइवेट हॉस्पिटल संचालकों की बैठक हुई। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद अग्रवाल ने आंदोलन को समर्थन देते हुए 27 मार्च को संगठन से जुड़े सभी डॉक्टरों से देशभर में बंद का आह्वान किया है। प्राइवेट हॉस्पिटल एवं नर्सिंग होम सोसाइटी के सचिव डॉ. विजय कपूर ने बताया कि 27 मार्च को जयपुर में महारैली निकाली जाएगी। प्रदेशभर के डॉक्टर्स इसमें शामिल होंगे।


