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Petrol Diesel Prices India : भारी सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, मोदी सरकार का बड़ा फैसला
नईदिल्ली। वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की भारी कटौती करने का एलान किया है।
सरकार के इस फैसले के बाद पेट्रोल का उत्पाद शुल्क घटकर अब मात्र ₹3 प्रति लीटर रह गया है और डीजल का उत्पाद शुल्क को पूरी तरह से शून्य कर दिया गया है। वर्तमान में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है। ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की नाकाबंदी करने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $70 से उछलकर $122 प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि दुनिया के अन्य देशों (यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका) में तेल की कीमतें 20% से 50% तक बढ़ गई हैं। उनके अनुसार मोदी सरकार के पास दो विकल्प थे। पहला आम जनता पर बढ़ी हुई कीमतों का बोझ डालना और दूसरा सरकार खुद आर्थिक नुकसान सहकर जनता को राहत दे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरा विकल्प चुना। सरकार ने अपने राजस्व का त्याग किया है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची तबाही का असर भारतीय नागरिकों की जेब पर न पड़े। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है। एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की कमी से आम आदमी को सीधे तौर पर परिवहन खर्च में राहत मिलेगी।
किसानों सहित सभी वर्गों का कल्याण हमारा ध्येय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। गरीब, किसान, महिला और युवा सहित सभी वर्गों का कल्याण राज्य सरकार का संकल्प है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। प्रदेश के किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि और लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की खुशहाली है। इसी ध्येय से किसानों को फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण से आय दोगुनी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह प्रदेश का स्वर्णिम काल है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगीकरण और युवाओं को रोजगार से जोड़ने में सबसे आगे है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिले को 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 133 करोड़ की लागत के तामिया-जुन्नारदेव मार्ग, नल जल योजना के कार्य, पुलिस आवास गृह, माध्यमिक विद्यालय भवन और छात्रावास सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के लिए नया भवन बनाए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश के 7008 श्रमिकों के खातों में संबल योजना की 157 करोड़ की राशि का अंतरण किया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 55 लाख से अधिक हितग्राहियों को 463 करोड़ की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र एवं हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चैत्र नवरात्रि की महा अष्टमी के दिन छिंदवाड़ा में दीप प्रज्ज्वलित कर एवं कन्या पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा को लगभग 500 करोड़ और पांढुर्णा को 350 करोड़ से अधिक की अनुपम सौगात मिली है। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के पास जामसांवली में श्री हनुमान लोक के लोकार्पण का सौभाग्य मिला। भगवान श्री हनुमान के बिना तो रामराज्य भी अधूरा सा लगता है। हमारा शासनकाल भगवान श्रीराम के राज्य जैसा होना चाहिए। राज्य सरकार अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद अब मध्यप्रदेश के पवित्र चित्रकूट धाम को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। विरासत को विकास से जोड़ते हुए प्रदेश में श्रीराम गमन पथ का कार्य जारी है। उज्जैन में बाबा महाकाल, जामसांवली श्री हनुमान धाम, सतना की शारदा मैया जैसे अनेक प्रसिद्ध धर्म स्थलों में महत्वपूर्ण तीर्थ होने के नाते सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने राम नवमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं
देलही : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राम नवमी के शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मोदी ने कहा कि त्याग, तपस्या और संयम से परिपूर्ण मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जीवन लोगों को हर परिस्थिति का सामना पूरे सामर्थ्य से और दृढ़ संकल्प के साथ करने के लिए प्रेरित करता रहता है।
प्रधानमंत्री ने भगवान राम के आदर्शों की शाश्वत प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि ये मूल्य न केवल भारत के लोगों के लिए बल्कि आने वाले समय में पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक शक्ति बने रहेंगे।
“देशभर के मेरे परिवारजनों को रामनवमी की असीम शुभकामनाएं। त्याग, तप और संयम से भरे मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से हमें हर परिस्थिति का पूरे सामर्थ्य से सामना करने की प्रेरणा मिलती है। उनके आदर्श अनंतकाल तक भारतवासियों के साथ-साथ संपूर्ण मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। मेरी कामना है कि भगवान राम की कृपा से सबका कल्याण हो, जिससे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि का मार्ग प्रशस्त हो।”
जैव विविधता हमारी विरासत, इसे समृद्ध करना हमारा कर्तव्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) में संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में विमुक्त कर जैव विविधता संरक्षण का नव संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने चीतों के पुनर्वास के लिए बनने वाले विशेष बाड़े (बोमा) का भूमिपूजन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और जल स्रोतों को समृद्ध बनाकर वन्य प्राणियों एवं जलीय जीवों के संरक्षण के लिए सतत् प्रयास कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से साफ पानी वाली नदियों में कछुओं की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि इससे हमारे पारिस्थितिकीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नौरादेही टाइगर रिजर्व को भविष्य में एक और बड़ी पहचान मिलने जा रही है। आने वाले समय में यह क्षेत्र मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा सुरक्षित आवास बनेगा। इससे मध्यप्रदेश के वन्य-जीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही हमारी जैविक सम्पदा और भी समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में हमारी सरकार यह महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्म दिवस पर चीता पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा (बाड़े) का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलीय जीवों की समृद्धि के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दिखाते हुए यहां चंबल नदी और भोपाल से लाए गए 14 कछुए भी मुक्त विचरण के लिये बामनेर नदी में छोड़े। यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा नेशनल टाइगर रिजर्व है। जिसकी सीमाएं सतपुड़ा, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान से मिलती हैं। नौरादेही टाइगर रिजर्व में कई प्रकार के वन्यजीवों की प्रजातियों के लिए अनुकूल वातावरण है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। जंगल की सुंदरता हमारे वन्य जीवों से होती है। राज्य सरकार जीवोदया के संकल्प से कार्य कर रही है। जलचर, थलचर और नभचर सभी प्राणियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बीते समय घड़ियाल और 25 कछुए कूनो-पालपुर में छोड़े थे और 5 गिद्धों को भी मुक्तावास में छोड़ा था। यह सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रदेश में वन्य-जीव पर्यटन के विकास एवं विस्तार से ग्रामीण आबादी को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। टाइगर रिजर्व से मानवों को वन्यजीवों के साथ जीने और सहअस्तित्व की भावना का सहज प्रकटीकरण होता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को अपने 61वें जन्म-दिवस पर सागर जिले की रहली तहसील स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में वन्य-जीव संरक्षण की दिशा में एक नई पहल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली बामनेर नदी में 14 कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में विमुक्त (रिलीज) किया। ये कछुए 2 विशिष्ट प्रजातियों के हैं। टेरा प्रिंस प्रजाति के 06 कछुए और सुंदरी प्रजाति के 08 कछुए। विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्रजातियाँ नदी की स्वच्छता बनाए रखने और जलीय जैव-विविधता के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रकृति और वन्य-जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। कछुओं का विमुक्तिकरण और चीता पुनर्वास की दिशा में बढ़ते कदम मध्यप्रदेश को वन्य-जीव पर्यटन और संरक्षण के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक प्रभावी रूप से स्थापित करेंगे। उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र में कछुओं की महत्ता पर जोर देते हुए जल संरचनाओं के संरक्षण का आह्वान किया।
मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की दी मंजूरी
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों और उनकी निरंतरता की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद ने रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 82 करोड़ 39 लाख रूपये की स्वीकृति के अलावा शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 1 जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते की वृद्धि करते हुए 58 प्रतिशत के मान से महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है। मंत्रि-परिषद ने अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन की स्वीकृति सहित अनेक कल्याणकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के सातवें वेतनमान प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को 1 जुलाई, 2025 से 03 प्रतिशत की वृद्धि करते हुये कुल 58 प्रतिशत के मान से मंहगाई भत्ता स्वीकृत किया गया। छठवें वेतनमान के कार्मिकों एवं निगम / मंडल / उपक्रम के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर राज्य शासन में कार्यरत पांचवें एवं चौथे वेतनमान अंतर्गत कार्मिकों को समानुपातिक आधार पर मंहगाई भत्ता में वृद्धि के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया।
स्वीकृति अनुसार 1 जुलाई, 2025 से 31 मार्च, 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान छः समान किश्तों में किया जायेगा। प्रथम किश्त का भुगतान मई माह में, द्वितीय किश्त का भुगतान माह जून में, तृतीय किश्त का भुगतान माह जुलाई में, चतुर्थ किश्त का भुगतान माह अगस्त में, पांचवी किश्त का भुगतान माह सितम्बर में और छठवी किश्त का भुगतान माह अक्टूबर में किया जायेगा।
एक जनवरी, 2025 से 31 मार्च, 2026 की अवधि में सेवानिवृत और मृत शासकीय सेवकों के संबंध में उन्हें अथवा नामांकित सदस्य को एरियर राशि का भुगतान एकमुश्त किया जायेगा। राज्य शासन के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 01 जनवरी, 2026 से सातवें वेतनमान अंतर्गत 58 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान अंतर्गत 257 प्रतिशत पेंशन राहत स्वीकृत करते हुये छत्तीसगढ़ शासन के 9 फरवरी, 2026 के पत्र पर सहमति प्रदान की गई।
मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा जिले की महाना माईक्रो सिंचाई परियोजना की लागत 82 करोड़ 39 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना से कुल 4500 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 18 ग्रामों के लगभग 950 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।
मंत्रि-परिषद् द्वारा प्रदेश के अन्य पिछड़े वर्ग के युवक-युवतियों को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों/पुलिस/होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए सक्षम बनाने लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 का संचालन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार प्रतिवर्ष अन्य पिछड़े वर्ग के 4000 युवाओं को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में पात्र पुरूष अभ्यर्थी को 1 हजार रूपये प्रति माह तथा महिला अभ्यर्थी को 1100 रूपये प्रति माह की दर से शिष्यवृत्ति भी उपलब्ध कराई जायेगी।
स्वीकृति अनुसार प्रदेश के 10 स्थानों पर स्थापित 40 केन्द्रों पर महिला एवं पुरूष अभ्यर्थियों को पृथक-पृथक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसमें न्यूनतम 35 प्रतिशत सीट महिला अभ्यर्थियों द्वारा भरी जायेगी। इसके अंतर्गत नि:शुल्क आवासीय एवं भोजन व्यवस्था तथा अध्ययन सामग्री प्रदान की जायेगी।
मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षक वर्ग-1 के समरूप प्रतिमाह 18 हजार रूपये मानदेय दिया जाने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र में पूरक पोषण आहार में की गयी वृद्धि के अनुरूप, प्रदेश के समस्त संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में 06 माह से 06 वर्ष आयुवर्ग के अति कम वजन (SUW) के बच्चों के लिए पूर्व निर्धारित प्रतिदिन प्रति हितग्राही राशि 8 रूपये से बढ़ाकर 12 रूपये किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार वाणिज्य कर विभाग अंतर्गत ग्रामीण आवास एवं परिवहन अधोसंरचना विकास के लिए 2,933 करोड़,वाणिज्यिक कर ट्रिब्यूनल और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 37 करोड़ रूपये, सूचना प्रौद्योगिकी और स्थापना व्यय अंतर्गत 162 करोड़ रूपये सहित 9 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।
लोक निर्माण विभाग अंतर्गत मंत्रालय भवन के निर्माण, विधानसभा एवं विधायक विश्राम गृह, नवीन विधायक विश्राम गृह के निर्माण के लिए 691 करोड़ रूपये, शासकीय आवास गृह, स्टेट गेस्ट हाउस और कार्यालय निर्माण के लिए 731 करोड़ रूपये, परियोजना क्रियान्वयन इकाई सम्बन्धित कार्य के लिए 565 करोड़ रूपये और राजधानी परियोजना का स्थापना व्यय के लिए 379 करोड़ रूपये सहित संबंधित 17 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।
जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 3 विभागीय योजनाओं अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास योजना, अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास संबंधी योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिये वित्तीय राशि 102 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत लोक कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं स्मार्ट पीडीएस, मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम, उज्जवला, प्रधानमंत्री गतिशक्ति, मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना सहित अन्य योजनाओं के लिए 865 करोड़ रूपये, विभागाध्यक्ष कार्यालय म.प्र. राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की योजना के लिए राशि 354 करोड़ 03 लाख रुपये, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण के लिए 3.90 करोड़ रूपये, नियंत्रक नापतोल कार्यालय के लिए 16 करोड़ 50 लाख रुपये और खाद्य आयोग के गठन के लिए 16 करोड़ रूपये सहित 22 विभिन्न योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन की स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर सीधी और गुना एसपी को हटाने के दिये निर्देश
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सीधी जिले में अचानक पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति जानी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतों और जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली पर विस्तार से समीक्षा एवं फीडबैक लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और जिला सहकारी बैंक के के महाप्रबधंक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक गुना श्री अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटाने के निर्देश भी दिये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के संदर्भ में शासन स्तर पर आवश्यक कदम भी उठाये जायेंगे। प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था के चलते अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा की गई लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिये प्रदेश में अभियान के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर भी आयोजित किये जाते हैं। अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश देना चाहता हूँ कि यदि वे फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो उन्हें फील्ड में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शिता के साथ पहुँचे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदाशीनता को गंभीरता से लिया जाकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने सीधी में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में तेजी लाते हुये निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किया जाये।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देवी स्कंदमाता की दिव्य कृपा को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम्
देलही : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देवी स्कंदमाता की दिव्य कृपा को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया और सभी के कल्याण के लिए उनकी दिव्य आशीर्वाद की कामना की।
"देवी स्कन्दमाता की करबद्ध प्रार्थना! मेरी कामना है कि अपने ममतामयी स्नेह और आशीर्वाद से वे सबका जीवन आलोकित करें।
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदाऽस्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥"
सिंह पर सदैव विराजमान रहने वाली और दोनों हाथों में कमल-पुष्प धारण करने वाली तेजस्वी देवी स्कंदमाता हमें सदा शुभ फल प्रदान करें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की
देलही : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शहीद दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के लिए इन महान नायकों का बलिदान भारत की सामूहिक स्मृति में गहराई से अंकित है; उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि कम उम्र में ही उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाई। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि औपनिवेशिक शासन की ताकत से विचलित हुए बिना, उन्होंने दृढ़ विश्वास के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने जीवन से ऊपर रखा; न्याय, देशभक्ति और निडर प्रतिरोध के उनके आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों के मन में प्रेरणा का संचार करते हैं।
"आज हम भारत माता के वीर सपूतों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। राष्ट्र के लिए उनका बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में सदा के लिए अंकित है।
कम उम्र में ही उन्होंने असाधारण साहस और भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य के प्रति अटूट निष्ठा का परिचय दिया। औपनिवेशिक शासन की ताकत से विचलित हुए बिना, उन्होंने दृढ़ विश्वास के साथ बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने जीवन से ऊपर रखा; न्याय, देशभक्ति और निडर प्रतिरोध के आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों के मन में प्रेरणा का संचार करते हैं।
देश के दिल और असीम विकास अवसरों के केन्द्र मध्यप्रदेश से जुड़िए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान जुड़वा भाइयों की तरह हैं। दोनों राज्य मिलकर विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत तैयार कर रहे हैं। हम सिर्फ विरासतों और विविधताओं के ही नहीं, आर्थिक दृष्टि से भी एक-दूसरे के स्वाभाविक साझेदार हैं। राजस्थान का विकसित टेक्सटाइल, जेम्स-एंड-ज्वेलरी और मध्यप्रदेश की ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता, टेक्सटाइल पार्क एवं मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम मिलकर एक सशक्त वैल्यू चैन तैयार कर सकते हैं। मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है।
ये परियोजना दोनों राज्यों की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। लगभग 1 लाख करोड़ रूपए की इस परियोजना में दोनों राज्यों को मात्र 5-5 प्रतिशत राशि देनी होगी। इसकी 90 प्रतिशत लागत भारत सरकार देगी। उन्होंने कहा है कि दोनों राज्यों के बीच रोटी-बेटी का संबंध रहा है और अब पानी का संबंध भी बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को जयपुर में आयोजित 'इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में राजस्थान के निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर सेशन का शुभारंभ किया। उन्होंने राज्य के सभी निवासियों को हाल ही में मनाए गए राजस्थान राज्य के स्थापना दिवस (19 मार्च) और अखंड सौभाग्य के लोक-पर्व गणगौर पूजन की बधाई और मंगलकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। राज्यों के बीच प्राकृतिक संसाधनों के बंटवारे मधुरता से पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के व्यापारियों ने देश-दुनिया में व्यापार-व्यवसाय में अपना नाम कमाया है। धन कमाने के लिए मन और बुद्धि चाहिए। राजस्थान के व्यापारियों ने अपनी क्षमता, युक्ति-बुद्धि और योग्यता से अपना लौहा मनवाया है। हम यहां दोनों राज्यों के बीच व्यापार संबंध प्रगाढ़ करने के लिए आए हैं। वर्तमान हालातों में कई तरह की चुनौतियां हैं, साथ ही हमारे पास आगे बढ़ने के स्वर्णिम अवसर भी हैं। कुछ साल पहले तक हमारे निवेशक खाड़ी देशों में निवेश के लिए जा रहे थे, लेकिन अब वहां स्थिति तेजी से बदल गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र में नियमों-कानूनों का सरलीकरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए 26 प्रकार की नई नीतियां लागू की हैं। अब स्पेस और एआई सेक्टर के लिए भी हम पॉलिसी लाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, देश के सरप्लस बिजली स्टेट्स में से एक है। अब हम देश के 'ग्रीन, क्लीन एंड सोलर एनर्जी कैपिटल' के रूप में उभर रहे हैं। इलेक्ट्रिसिटी सरप्लस राज्य बनने के बाद अब मध्यप्रदेश की बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन संचालित हो रही है। प्रदेश में लगभग 2 रुपए 90 पैसे प्रति यूनिट दर पर घरेलू बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
विधानसभा चुनावः असम, केरल और पुडुचेरी में ईवीएम-वीवीपीएटी का पहला यादृच्छिकीकरण कार्य पूरा
नईदिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च, 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव और छह राज्यों में उपचुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। ईवीएम का आवंटन दो चरणों वाली यादृच्छिक प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित मतदान केंद्रों को किया जाता है। पहले चरण में, जिला स्तरीय गोदामों से विधानसभा क्षेत्रों को ईवीएम का यादृच्छिक आवंटन किया जाता है। दूसरे चरण में विधानसभा क्षेत्र स्तर से मतदान केंद्र स्तर तक ईवीएम का यादृच्छिक आवंटन किया जाता है।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशों के अनुसार, सभी मतदान वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) में मानकों को पूरा करने वाली ईवीएम-वीवीपीएटी मशीनों का पहला यादृच्छिकीकरण पूरा करना होगा। तदनुसार, असम और केरल राज्यों और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश के आम चुनावों के साथ-साथ गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा राज्यों में होने वाले उपचुनावों के लिए ईवीएम का पहला यादृच्छिकीकरण पूरा हो चुका है, जिनके लिए मतदान 9 अप्रैल, 2026 को होगा।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में डीईओ द्वारा ईवीएम प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस) के माध्यम से पहला यादृच्छिकीकरण किया गया। सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उनके संबंधित जिला मुख्यालयों में यादृच्छिक रूप से चयनित ईवीएम और वीवीपीएटी की निर्वाचन क्षेत्रवार सूचियां साझा की गई हैं।
इन ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संबंधित विधानसभा के सुरक्षित कक्ष में रखा जाएगा। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने के बाद, यादृच्छिक रूप से पहली और दूसरी चयनित ईवीएम और वीवीपीएटी की सूची भी सभी चुनावी उम्मीदवारों के साथ साझा की जाएगी।
भारतीय नौसेना अपने नवीनतम स्टील्थ युद्धपोत 'तारागिरी' को कमीशन करने के लिए तैयार
नईदिल्ली। भारतीय नौसेना, भारत की समुद्री संप्रभुता के एक निर्णायक समारोह में 3 अप्रैल 2026 को अपने नवीनतम स्टील्थ युद्धपोत, तारागिरी (एफ41) को कमीशन करने की तैयारी कर रही है। विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाले इस समारोह की अध्यक्षता माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। यह राष्ट्र के पूर्णतः आत्मनिर्भर नौसैनिक शक्ति बनने की दिशा में किए जा रहे प्रयास का एक सशक्त प्रमाण होगा। प्रोजेक्ट 17ए श्रेणी के चौथे शक्तिशाली प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी केवल एक युद्धपोत नहीं है; यह 6,670 टन का 'मेक इन इंडिया' भावना और हमारे स्वदेशी शिपयार्डों की परिष्कृत इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रतीक है।
मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा निर्मित यह युद्धपोत अपने पूर्ववर्ती डिज़ाइनों की तुलना में एक पीढ़ीगत विकास का प्रतिनिधित्व करता है। इसका आकार अधिक सुव्यवस्थित है और इसमें कम रडार क्रॉस-सेक्शन है, जिससे यह घातक स्टील्थ तकनीक से कार्य करने में सक्षम है। 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से बना यह युद्धपोत घरेलू औद्योगिक तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है। इस कार्य में अब 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं। जो भारत सरकार की आत्मनिर्भरता पहल में योगदान करते हुए हजारों भारतीयों को रोजगार प्रदान करते हैं।
तरागिरी एक संयुक्त डीजल या गैस (सीओडीओजी) प्रणोदन संयंत्र द्वारा संचालित है, जिसे 'उच्च गति- उच्च सहनशक्ति' की बहुमुखी प्रतिभा और अनेक समुद्री अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया है। युद्धपोत का हथियार भंडार विश्व स्तरीय है। इसमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और एक विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली हैं। ये प्रणालियाँ अत्याधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से निर्बाध रूप से एकीकृत हैं जिससे चालक दल पलक झपकते ही खतरों का जवाब दे सकता है।
समुद्र में अग्रणी शिकारी होने के अलावा, तारागिरी आधुनिक कूटनीति और मानवीय संकटों की जटिलताओं के लिए भी उपयुक्त है। इसकी अनुकूल मिशन प्रोफ़ाइल इसे उच्च-तीव्रता वाले युद्ध से लेकर मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) तक हर चीज के लिए आदर्श बनाती है।
भारतीय नौसेना एक युद्ध-परिचित, एकजुट, विश्वसनीय और आत्मनिर्भर बल के रूप में निरंतर विकसित हो रही है, जो भारतीयों द्वारा डिज़ाइन किए गए, भारतीयों द्वारा निर्मित और भारतीयों द्वारा संचालित जहाजों से संरक्षित विकसित और समृद्ध भारत के लिए समुद्रों की रक्षा कर रही है। तारागिरी एक उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार है, जो बढ़ती समुद्री शक्ति का प्रतीक और हमारी नीली सीमाओं का अभेद्य रक्षक है।
स्वयं को स्वस्थ रखने के लिये खेलों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय जीवन पद्धति में खेलों का विशेष महत्व रहा है। रामायण और महाभारत काल में भी खेल और शरीर को स्वस्थ रखने में व्यायाम के महत्व का कई स्थानों पर उल्लेख है। भारतीय संस्कृति में यह माना गया है कि खेल हमें स्वस्थ रखने का प्रभावी माध्यम है। खेल जब तक हमारी जीवनशैली का भाग रहेंगे, हम बीमार नहीं होंगे। इसी का परिणाम है कि निरोगी काया को ही उत्तम सुख माना गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक निजी टीवी चैनल द्वारा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित पंख खेल पुरस्कार 2026 के अंतर्गत पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में टॉक-शो के प्रश्नों के उत्तर देते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी कमलापति रेल्वे स्टेशन स्थित होटल हयात प्लेस बंसल प्लाजा में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया और प्रदेश की खेल प्रतिभाओं और उन्हें प्रोत्साहन दे रहे व्यक्तियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वस्थ तन और प्रसन्न मन के साथ लक्ष्य की स्पष्टता और निरंतर प्रयासरत रहना सफलता के लिये आवश्यक है। राज्य सरकार खेलों और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिये पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी जिलों में खेल सुविधाओं का विस्तार और उन्नयन किया जा रहा है। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है।
आठ लाख आबादी वाले उज्जैन में 30 करोड़ लोगों के लिये व्यवस्था करना राज्य सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। राज्य सरकार प्रदेशवासियों के सहयोग से सिंहस्थ-2028 के आयोजन में सफल होगी। उन्होंने जनसामान्य को अपनी रोजमर्रा के जीवन के साथ आध्यामिक दृटिकोण को भी विकसित करने के लिये प्रेरित किया। इस अवसर पर पंख खेल पुरस्कार से संबंधित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
योग निवारक स्वास्थ्य और कल्याण का एक शक्तिशाली साधन : केंद्रीय आयुष मंत्री
नईदिल्ली। भूमि से 35,000 फीट ऊपर, समय धीमा होता हुआ प्रतीत होता है और शरीर भी सुस्त पड़ जाता है। एक सीमित सीट पर घंटों बिताने से सबसे अनुभवी यात्री भी थका हुआ, तनावग्रस्त और मानसिक रूप से निर्बल महसूस कर सकता है। यात्रा की इस आधुनिक चुनौती का समाधान करने के लिए, एक सरल लेकिन शक्तिशाली उपाय सामने आ रहा है: हवाई यात्रा के लिए योग —एक सोच-समझकर तैयार किया गया 5 मिनट का इन-फ्लाइट वेलनेस प्रोटोकॉल।
आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव द्वारा योग महोत्सव 2026 के दौरान शुरू की गई यह अभिनव पहल, योग के शाश्वत ज्ञान को आपके केबिन के दायरे में लाती है और आपकी सीट को कायाकल्प के स्थान में बदल देती है। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान द्वारा विकसित यह प्रोटोकॉल आज के नियमित हवाई यात्रियों के लिए तैयार किया गया है—यह हवाई यात्रा के दौरान तरोताजा रहने का एक त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी तरीका प्रदान करता है।
आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने इस पहल के पीछे की सोच को उजागर करते हुए बताया, “योग निवारक स्वास्थ्य और कल्याण का एक शक्तिशाली साधन है। यह इन-फ्लाइट योग प्रोटोकॉल हर परिस्थिति में—यहां तक कि 35,000 फीट की ऊंचाई पर भी—योग को सुलभ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, ताकि व्यक्ति यात्रा के दौरान सक्रिय, तनावमुक्त और संतुलित रह सकें।”
हवाई यात्रा, विशेषकर लंबी दूरी की यात्राएं, अक्सर लंबे समय तक गतिहीनता का कारण बनती हैं। इससे मांसपेशियों में अकड़न, रक्त संचार में कमी, थकान, जेट लैग और कुछ मामलों में डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यात्रा संबंधी तनाव और केबिन के दबाव में बदलाव के साथ, एक सरल स्वास्थ्य उपाय की आवश्यकता स्पष्ट हो जाती है।
5 मिनट का योग प्रोटोकॉल हल्की चहलकदमियों, सचेत श्वास और कुछ समय के ध्यान के माध्यम से इन चुनौतियों का समाधान करता है, जिससे शरीर और मन दोनों में संतुलन बहाल करने में मदद मिलती है।
आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने वैज्ञानिक और निवारक पहलुओं पर बल देते हुए कहा, “दैनिक दिनचर्या में—यहां तक कि हवाई यात्रा जैसी सीमित परिस्थितियों में भी योग को शामिल करने से रक्त संचार में अत्यधिक सुधार हो सकता है, तनाव कम हो सकता है और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा मिल सकता है। इस तरह के व्यावहारिक उपाय निवारक स्वास्थ्य देखभाल को सरल और सुलभ बनाते हैं।”
पानी की बूंद-बूंद बचाने के लिए सनातन संस्कृति की पवित्र धारा का अभियान है जल गंगा संवर्धन
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारी सनातन संस्कृति की सबसे पवित्र धारा का अभियान है। जल की महत्ता ऐसी है कि इसके बिना कोई जीवित नहीं रह सकता है। शरीर 5 तत्वों से मिलकर बना है। ये सभी तत्व कभी अकेले नहीं रह सकते हैं। पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुड़ी पड़वा, विक्रम संवत्, चेटीचंड, चैत्र नवरात्रि की बधाई देते हुए प्रदेश में तीसरे चरण के जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, जहां से 250 से अधिक नदियां निकलती हैं।
मां नर्मदा के पवित्र जल से मध्यप्रदेश के साथ गुजरात में भी आनंद की धारा बह रही है। हमारी नदी जोड़ो परियोजनाओं का लाभ पड़ौसी राज्य राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जल संचय के अभियान में देशभर के जल स्त्रोतों के विकास कार्य करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के तीसरे जल गंगा संवर्धन अभियान में 3 महीने तक लगातार जल संचय की गतिविधियां संचालित होंगी, जिसमें 2500 करोड़ की राशि से सभी विधानसभा, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचय के कार्य किए जाएंगे। हमारी सरकार ने पहले वर्ष में 30 दिन, दूसरे वर्ष में 120 दिन चलाया और मौजूदा तीसरे वर्ष में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक 139 दिनों तक प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को इंदौर के इस्कॉन मंदिर में आयोजित तीसरे राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अमृत 2.0 परियोजना में सिंगल क्लिक से 12.72 करोड़ लागत से बिलावली तालाब, 4.89 करोड़ लागत से लिम्बोदी तालाब, 3.82 करोड़ लागत से छोटा सिरपुर तालाब के जीर्णोद्धार कार्यों के भूमि-पूजन सहित 22 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जल के अपव्यय को रोकने और एक-एक बूंद संग्रहण के लिए शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि 'जल ही जीवन है, जल है तो कल है' के मूल मंत्र के साथ जागरूकता फैलाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार्मिक और पर्यावरणीय संदेशों से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों में भी शामिल हुए। उन्होंने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया और गौ माता की पूजा कर उन्हें गौ-ग्रास खिलाया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान इसी का हिस्सा है। पिछले वर्षों में प्रदेश में लाखों जल संरचनाओं पर कार्य किया गया है। इंदौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के पहले वर्ष में इंदौर नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में पुरानी बावड़ियों और तालाबों के गहरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य किया गया। साथ ही सैकड़ों कुओं का भी जीर्णोद्धार किया गया है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यह अभियान केवल सरकारी नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन होना चाहिए।
हिंद महासागर के आसपास के देशों के साथ सामुद्रिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए आईओएस सागर पहल
नईदिल्ली। हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, इंडियन ओशन शिप (आईओएस) सागर की 16 मार्च 2026 को शुरूआत हुई। यह आईओएस सागर पहल का दूसरा आयोजन है। फरवरी 2026 में भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर नौसेना सिम्पोजियम (आईओएनएस) की अध्यक्षता ग्रहण की थी। इसलिए, इस आयोजन में हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर ) के 16 आईओएनएस देशों की भागीदारी शामिल है।
यह पहल भारत के दीर्घकालिक सामुद्रिक सहयोग के प्रयासों पर आधारित है और क्षेत्र में सभी के लिए सरकार के सुरक्षा और विकास (सागर) के संबंध में दृष्टिकोण को दर्शाती है, साथ ही यह पूरे क्षेत्र में महासागर यानी पारस्परिक और समग्र क्षेत्रीय सुरक्षा विकास के व्यापक कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाती है।
आईओएस सागर एक अद्वितीय संचालन सहभागिता कार्यक्रम है जो विदेशी मित्र देशों के नौसैनिकों को भारतीय नौसेना के जहाज पर एक साथ प्रशिक्षण और नौकायन करने में सक्षम बनाता है। जहाज पर होने वाली गतिविधियों और व्यावसायिक प्रशिक्षण मॉड्यूल में अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को शामिल करके, यह पहल व्यावहारिक सहयोग, अंतरसंचालनीयता और सामुद्रिक संचालन की साझा समझ को बढ़ावा देती है। आईओएस सागर के वर्तमान आयोजन के हिस्से के रूप में, 16 विदेशी मित्र देशों के नौसैनिक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
कार्यक्रम का प्रारंभ कोच्चि में स्थित भारतीय नौसेना प्रशिक्षण केंद्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण सत्रों के साथ होगा, जहां प्रतिभागियों को नौसेना संचालन, समुद्री कौशल और सामुद्रिक सुरक्षा से जुड़ी अवधारणाओं के प्रमुख पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। इस चरण के बाद, प्रतिभागियों को भारतीय नौसेना के जहाज पर तैनात किया जाएगा, जहां वे भारतीय नौसेना कर्मियों के साथ मिलकर समुद्री यात्रा करेंगे और समुद्र में संचालनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे।
यात्रा के दौरान, जहाज सामुद्रिक गतिविधियों और बंदरगाह के दौरे में भाग लेगा, जिससे क्षेत्र भर में सहयोगी नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के साथ संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य पेशेवर संबंधों को मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रणालियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और साझा सामुद्रिक चुनौतियों की एक गहरी समझ को विकसित करना है।
कोरबा में मेधावी बच्चों की शिक्षा में मददगार होगा 'अनिकेत'... मंचन 21 मार्च को
0- महाराष्ट्र मंडल रायपुर के नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का मंचन 21 को, रोटरी क्लब व महाराष्ट्र मंडल कोरबा भी जुटे हैं तैयारियों में
0- संत ज्ञानेश्वर सभागृह में अनिकेत की टीम जी जान से जुटी है रिहर्सल में, ताकि कोई कमी न रह जाए नाटक के मंचन में
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के ख्याति प्राप्त नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ के चार सफलतम मंचन के बाद अब इसका पांचवा प्रयोग शनिवार, 21 मार्च को कोरबा के राजीव गांधी ऑडिटोरियम, इंदिरा स्टेडियम टीपी नगर में होगा। रोटरी क्लब कोरबा और महाराष्ट्र मंडल कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में व्यावसायिक स्तर पर मंचित होने वाले नाटक की आय से आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी शिक्षा जारी रखने में असमर्थ मेधावी विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान किया जाएगा।
अनिकेत... टीम के सामने बड़ी चुनौती इस बात की है कि जिस सेवाभावी कार्य के लिए ‘मैं अनिकेत हूं’ का मंचन किया जा रहा है, ऐसा पहले नहीं हुआ था। जाहिर है, जब नाटक का मंचन व्यावसायिक स्तर पर होगा तो नाट्य मंडली पर भी अपेक्षाकृत अधिक दबाव होगा कि कहीं कोई चूक न हो जाए, कहीं कोई कमी न रह जाए। यही वजह है कि निर्देशक और नाटक में अनिकेत की केंद्रीय भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ रंगसाधक शशि वरवंडकर के निर्देशन में पूरी टीम गत कई दिनों ने रिहर्सल कर रही है।
बताते चलें कि 90 मिनट के नाटक ‘मैं अनिकेत हूं में अनिकेत की पत्नी मीनाक्षी शर्मा का रोल बहुमुखी प्रतिभा की धनी वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. अनुराधा दुबे निभा रहीं हैं। वहीं पूरे नाटक के हर दृश्य में भारद्वाज वकील की दमदार भूमिका में आचार्य चेतन दंडवते नजर आएंगे। जज के प्रभावी रोल में दिलीप लांबे और गवाहों की भूमिकाओं में प्रकाश खांडेकर, रंजन मोड़क, रविंद्र ठेंगड़ी, समीर टुल्लू, भारती पलसोदकर, सुमीता रायजादा और श्याम सुंदर खंगन नाटक में दिलचस्प उतार-चढ़ाव लाएंगे। विनोद राखुंडे, पंकज सराफ भी अपनी अहम भूमिकाओं से प्रभावित करेंगे। पर्दे के पीछे डॉ. शुचिता देखमुख, अजय पोतदार और प्रवीण क्षीरसागर तकनीकी पहलुओं को सशक्त बनाएंगे।
अब तक चार बार मंचन
वरिष्ठ रंगसाधक रंजन मोड़क बताते हैं कि ‘मैं अनिकेत हूं’ का पहला मंचन चार अक्टूबर 2025 को महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में, दूसरा मंचन 9 अक्टूबर को एम्स रायपुर के ऑडिटोरियम में, तीसरा 26 दिसंबर को नूतन कला निकेतन बालाघाट में और महाराष्ट्र मंडल धमतरी में चौथा नाट्य प्रयोग 21 जनवरी को किया जा चुका है। एक जानकारी के अनुसार बिलासपुर, जबलपुर, जगदलपुर, भिलाई और राजनांदगांव की संस्थाएं भी ‘मैं अनिकेत हूं’ के यथाशीघ्र मंचन को लेकर निर्देशक शशि वरवंडकर, मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले व सचिव चेतन दंडवते के संपर्क में हैं।
लघु कृषकों को उन्नत खेती के लिए किराये पर उपलब्ध कराये जाएंगे कृषि यंत्र
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 में विभिन्न विभाग मिलकर कृषि विकास और कृषक कल्याण योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करेंगे। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी उपायों पर क्रियान्वयन तेज किया जाएगा। कृषक कल्याण वर्ष का लाभ किसानों के परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश, देश का इकलौता राज्य है, जो 5 रुपए में किसानों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करवा रहा है। ये किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में कृषक कल्याण वर्ष में सक्रिय सहभागिता जुटाने के उद्देश्य से आयोजित किए गए कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। टूरिज्म डिपार्टमेंट ने होम स्टे की योजना शुरू की है। होम स्टे संचालकों के लिए 20 लाख रुपये तक की आय जीएसटी से मुक्त रखी गई है। लघु-कुटीर उद्योग के क्षेत्र में शहद उत्पादन से किसान लाभ कमा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कार्यशाला में लगभग सभी प्रमुख विभाग शामिल हुए हैं। राज्य की आबादी का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा इन 16 विभागों के अंतर्गत आ जाता है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर करने के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं।
अपर मुख्य सचिव जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास डॉ. राजेश राजौरा ने प्रदेश में विभिन्न परियोजनाओं से निरंतर बढ़ रहे सिंचाई प्रतिशत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले कुछ समय में एक लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा। डॉ. राजौरा ने अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी और बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से इन परियोजनाओं की स्वीकृति का मार्ग प्रशस्त हुआ। मध्यप्रदेश का बड़ा क्षेत्र इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से लाभान्वित होगा।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश पिछले 10 साल से कृषि क्षेत्र में 2 अंकों में वृद्धि कर रहा है। इस गति को बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार कई विभागों को जोड़कर कृषक कल्याण वर्ष मना रहे हैं। कार्यशाला में जैविक खेती, उद्यानिकी में नर्सरी, कोदो-रागी जैसे मोटे अनाजों से आइसक्रीम निर्माण, केज कल्चर सहित अनेक महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। मत्स्य पालन, संस्कृति, पर्यटन, खाद्य एवं नवकरणीय ऊर्जा सहित कई विभागों ने अपनी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की है।
अपर मुख्य सचिव कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग श्री के.सी. गुप्ता ने मध्यप्रदेश में छोटे और कुटीर उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न शिल्पों के विशेषज्ञ कलाकारों और अन्य शिल्पियों की सहायता के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। शिल्पियों को उत्पादों की बिक्री के लिए भी आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जा रही है।