देश-विदेश
भारतीय नौसेना ने भोपाल में नौसैनिक नौकायन केंद्र का शुभारंभ किया
नईदिल्ली। भारतीय नौसेना ने 17 मई, 2026 को भोपाल की प्रसिद्ध अपर लेक में अपने प्रमुख नौसैनिक नौकायन केंद्र का शुभारंभ किया, इसे भोजताल के नाम से भी जाना जाता है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने इस आयोजन के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर रक्षा बलों और असैन्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, एनसीसी कैडेट्स तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समारोह को यादगार बनाने के लिए आईएनडब्ल्यूटीसी विशाखापत्तनम के 30 से अधिक नौसैनिकों तथा नौसेना की रोइंग, कयाकिंग और कैनोइंग टीमों ने शानदार सेल परेड प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान कयाकिंग, कैनोइंग और रोइंग के आकर्षक प्रदर्शन भी किए गए।
नौसेना कर्मियों के प्रशिक्षण एवं विकास प्रक्रिया में जल कौशल प्रशिक्षण हमेशा से एक अभिन्न अंग रहा है, जो उनके प्राथमिक कार्यक्षेत्र में आपसी सौहार्द, टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मक कौशल को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करता है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह नौकायन केंद्र भारतीय नौसेना की नौकायन टीम, नौसेना की रोइंग, कैनोइंग और कयाकिंग टीमों के साथ ही राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के प्रशिक्षण के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाएगा। वर्तमान में नौसेना नौकायन टीम के कुल 34 सदस्यों में से 17 सदस्य मध्य प्रदेश से हैं। इस सुविधा का उद्देश्य राज्य के अधिकाधिक युवाओं को प्रतिस्पर्धी जल क्रीड़ाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना और उन्हें रक्षा बलों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना है।
यह पहल प्रधानमंत्री के ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए विश्वस्तरीय खेल प्रतिभाओं के बढ़ावा देने के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, यह प्रतिस्पर्धी खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और खेल प्रतिभाओं के दायरे का विस्तार करने संबंधी राष्ट्रीय खेल नीति के उद्देश्यों के अनुरूप भी है।
प्रधानमंत्री ने यूरोपीय उद्योग गोलमेज़ (ईआरटी) को संबोधित किया
देलही : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 मई 2026 को गोथेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग गोलमेज़ (ईआरटी) को संबोधित किया। स्वीडन के प्रधानमंत्री महामहिम उल्फ क्रिस्टेर्सन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष महामहिम उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय उद्योग जगत के वरिष्ठ नेता तथा प्रमुख यूरोपीय और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने इस बातचीत में भाग लिया, जिसकी मेज़बानी वोल्वो ग्रुप द्वारा की गई थी।
अपने मुख्य भाषण में, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोप के बीच बढ़ते रणनीतिक सामंजस्य को रेखांकित किया तथा एक अधिक जटिल और अनिश्चित वैश्विक परिवेश में विश्वसनीय साझेदारियों के महत्व पर बल दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में हो रही प्रगति का स्वागत किया, जिसमें ऐतिहासिक भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ताओं का सफल समापन भी शामिल है। उन्होंने इस समझौते को एक परिवर्तनकारी आर्थिक साझेदारी बताया, जो व्यापार, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, सेवाओं तथा सुदृढ़ आपूर्ति शृंखलाओं में नए अवसर सृजित करेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत–मध्य पूर्व–यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) जैसी संपर्क परियोजनाएँ भारत-यूरोप व्यापार साझेदारी में नया मूल्य जोड़ती हैं।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि आज भारत निवेश, नवाचार और विनिर्माण के लिए विश्व के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक है। उन्होंने भारत की तीव्र आर्थिक प्रगति, अगली पीढ़ी के आर्थिक सुधारों, शासन में व्यापार सुगमता पर केंद्रित प्रयासों, विस्तृत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचनाओं, जीवंत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र तथा तीव्र गति से रूपांतरित हो रहे अवसंरचना क्षेत्र को रेखांकित किया। उन्होंने भारत के “भारत के लिए डिज़ाइन करें, भारत में निर्माण करें और भारत से निर्यात करें” के दृष्टिकोण को दोहराया तथा यूरोपीय कंपनियों को भारत के साथ एक विश्वसनीय और भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के रूप में अपने जुड़ाव को और गहरा करने के लिए आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता की
देलही : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वीडन के गोथेनबर्ग में प्रधानमंत्री महामहिम उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस महारानी विक्टोरिया ने भी इस बैठक में भाग लिया और महामहिम राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ और रानी सिल्विया की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महामहिम राजा के 80वें जन्मदिन पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
दोनों नेताओं ने भारत-स्वीडन संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की और व्यापार एवं निवेश, नवाचार, हरित परिवर्तन, उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा और सुरक्षा, डिजिटलीकरण, एसएमई, अंतरिक्ष, अनुसंधान, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी मेलजोल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ती गति को स्वीकार किया। उन्होंने इन संबंधों को मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं और नवाचार, स्थिरता तथा आर-एंड-डी संबंधों से प्रेरित हैं। उन्होंने इस बढ़ते सहयोग को दिशा देने के लिए नियमित रूप से उच्च-स्तरीय राजनीतिक संपर्क और संस्थागत संवाद बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दिया।
भारत-स्वीडन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर, दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की। यह रणनीतिक साझेदारी चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगी: स्थिरता और सुरक्षा के लिए रणनीतिक संवाद; अगली पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी; उभरती प्रौद्योगिकियां और विश्वसनीय संपर्क; और साथ मिलकर भविष्य का निर्माण– लोग, ग्रह, स्वास्थ्य और लचीलापन। इस रणनीतिक साझेदारी को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए, दोनों नेताओं ने भारत-स्वीडन संयुक्त कार्य योजना 2026-2030 को अपनाया, जो राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी, सुरक्षा, जलवायु और लोगों के आपसी जुड़ाव के क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करती है।
दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में संपन्न हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते ने आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों में एक नया अध्याय शुरू किया है, और वे व्यापार, निवेश तथा तकनीकी संपर्कों को और मजबूत बनाने के लिए इसके शीघ्र कार्यान्वयन हेतु प्रयास जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवाचार, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों, उन्नत विनिर्माण, सतत गतिशीलता और डिजिटल परिवर्तन सहित रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ स्वीडन के निरंतर सहभागिता की सराहना की। प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन ने डिजिटल परिवर्तन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के क्षेत्र में भारत द्वारा की जा रही प्रगति की सराहना की। उन्होंने स्वीडन की अर्थव्यवस्था और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में भारतीय समुदाय के सकारात्मक योगदान का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की विकास गाथा में स्वीडन की और अधिक भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।
डिजिटल परिवर्तन और पेपरलेस न्याय व्यवस्था भविष्य के लिए महत्वपूर्ण और आवश्यक : सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत
रायपुर। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन और पेपरलेस न्याय व्यवस्था भारतीय न्यायपालिका के भविष्य का सबसे महत्वपूर्ण और आवश्यक विषय है। उन्होंने कहा कि अदालतों की पहचान अब लाल कपड़ों में बंधी भारी-भरकम फाइलों से नहीं, बल्कि स्मार्ट तकनीक से होगी। कोविड-19 महामारी के दौर को एक ऐतिहासिक मोड़ बताते हुए उन्होंने कहा कि उस संकटकाल में वर्चुअल हियरिंग और ई-फाइलिंग से न्याय प्रणाली को नई दिशा मिली। सुप्रीम कोर्ट ने अब 'मिसलेनियस डेट्स' पर पूरी तरह वर्चुअल हियरिंग का निर्णय लिया है, जिससे वकीलों को घर बैठे दलीलें रखने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह बात जबलपुर में महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा आयोजित “डिजिटल ट्रांसमिशन: एडवांसिंग पेपरलेस लीगल सिस्टम” विषय पर आयोजित विधिक व्याख्यान कार्यक्रम में कही।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने 37 वर्ष की आयु में महाधिवक्ता बनने के दौर को याद करते हुए बताया कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. अरुण जेटली के सहयोग से उन्होंने देश का पहला पूर्णतः कंप्यूटरीकृत महाधिवक्ता कार्यालय तैयार कराया था। अब लाइव स्ट्रीमिंग और नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड ने न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई है।
न्यायमूर्ति ने विशेष रूप से कहा कि सिक्किम की तरह मध्यप्रदेश भी पूर्णतः पेपरलेस बनने की दिशा में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भारी संबल मिलेगा। देश के ग्रामीण व वरिष्ठजनों को ध्यान में रखते हुए तकनीक को 'बाधा' नहीं बल्कि 'पुल' बनना होगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की एआई कमेटी, न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय और शाहबानो प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जब अदालतें ऐसे युगांतरकारी फैसले देती हैं, तो लोकतंत्र सशक्त होता है। आज का समय न्याय व्यवस्था, लोकतंत्र और भारतीय मूल्यों के पुनर्जागरण का काल है।
केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने आयोजन को न्यायपालिका, सरकार और तकनीक का एक शानदार संगम बताया। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले बजट सत्रों में भारी-भरकम दस्तावेज ले जाने पड़ते थे, लेकिन आज संसद पूरी तरह पेपरलेस हो चुकी है और बजट मोबाइल पर उपलब्ध है। उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा को भी इसी दिशा में आगे बढ़ाने की उम्मीद जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अग्रिम बधाई दी। उन्होंने दुष्यंत कुमार की पंक्ति सुनाते हुए कहा कि यह 'पेपरलेस व्यवस्था' भी एक नई सोच की चिंगारी है, जो पूरी न्याय प्रणाली में उजाला फैलाएगी।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2008-09 के दौर में अदालतों में लैपटॉप ले जाने पर प्रतिबंध हुआ करता था। आज तकनीक ने पूरी व्यवस्था बदल दी है। उन्होंने बताया कि महाधिवक्ता कार्यालय की सुविधा के लिए अब उन सभी मामलों की डिजिटल पहुंच उपलब्ध करा दी गई है, जिनमें सरकार पक्षकार है। अब नोटिसों का डिजिटल ट्रांसमिशन होने से जवाब तेजी से आ रहे हैं और प्रतिदिन स्टेटस रिपोर्ट अपलोड हो रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों के महाधिवक्ता कार्यालयों की उत्कृष्ट और सक्षम टीम को बधाई देते हुए कहा कि उनकी पूरी तैयारी के कारण ही न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण का कार्य बेहतर ढंग से हो पा रहा है।
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जनसहयोग से जल संरक्षण कार्यों में अग्रणी बना है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पानी को बचाने और सहेजने के लिए सरकार के साथ ही आम नागरिक भी सजग और सक्रिय हैं। इसी कारण मध्यप्रदेश केन्द्र सरकार द्वारा करवाए गए जल संरक्षण और जन संचयन के कार्यों में अग्रणी राज्य है। नर्मदा मिशन जैसी संस्थाएं जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने का सराहनीय कार्य कर रही हैं। मध्यप्रदेश में सभी शासकीय विभाग पानी बचाने और लोगों को जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार के लिए मिलकर कार्य करने की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने परिसर स्थल में देशी उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बाल चित्रकार श्री विक्रम लोधी ने मां नर्मदा का चित्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में नर्मदा चिंतन बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर श्री दादा गुरु भगवान ने प्रवचन द्वारा मार्गदर्शन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और दादा गुरु ने स्मित अपराजिता की पुस्तक "समर्थ दृष्टि: साधना के शिखर" का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न श्रेष्ठ सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्तियों को समर्थ नर्मदा अलंकरण प्रदान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कुंए, बावड़ियां, पोखर, नहर और अन्य जल स्त्रोतों एवं जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्य चल रहे हैं। गुड़ी पड़वा से प्रारंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियां आगामी 30 जून तक निरंतर चलेंगी। इतनी लंबी अवधि के इस अभियान का उद्देश्य जल संरचनाओं को उपयोगी बनाना और पानी के प्रति जन जागृति बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संवर्धन अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है। प्रदेश में अनेक त्यौहार भी शासन-प्रशासन के साथ मिलकर मनाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास और विरासत के संरक्षण के आहवान पर मध्यप्रदेश अमल कर रहा है।
पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि नदियों के उद्गम स्थलों के अवलोकन और उन्हें उपयोगी बनाए रखने की दिशा में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग कार्य कर रहा है। ऐसे प्रयासों में सराहनीय जनभागीदारी मिल रही है। वरिष्ठ राष्ट्रवादी विचारक श्री गोपाल आर्य ने कहा कि हमारे देश में अमृता देवी जैसी महिलाएं हुई हैं, जो वृक्षों को बचाने के लिए बलिदान से भी पीछे नहीं हटी। साधक और शासक जब समाज के बीच में रह कर कार्य करते हैं तो श्रेष्ठ परिणाम सामने आते हैं।
कार्यक्रम में दादा गुरू ने कहा कि भारत की संस्कृति ने दुनिया को दर्शन दिया है। हमारी प्रकृति यह संकेत दे रही है कि हम सभी मिलकर पर्यावरण की चिंता करें। हमारी नदियां हमारी शक्ति है। गंगा-यमुना-नर्मदा जल के रूप में प्रवाहित होने वाली प्रत्यक्ष शक्तियां हैं। नर्मदा पथ व्यक्तित्व निर्माण का पथ है। दादा गुरू ने मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में हो रहे कार्य की प्रशंसा की। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर ने प्रदेश में जनसहयोग से जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्यों का विवरण दिया। कार्यक्रम में खेल मंत्री श्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सदस्य श्रीमती माया नारोलिया, विधायक श्री भगवानदास सबनानी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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NEET UG 2026: अगले साल से ऑनलाइन होगी NEET की परीक्षा, नहीं मिलेगी OMR शीट
डेस्क। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा रद होने के बाद परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी है। परीक्षा अब 21 जून 2026 को आयोजित होगी। इसके लिए 14 जून को एडमिट कार्ड जारी हो जाएंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए NTA ने कहा कि भारत सरकार की मंजूरी के बाद दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी जानकारी के लिए केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेपर लीक के इस प्रकरण को देखते हुए अगले साल से NEET की परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर बेस्ड और ऑनलाइन होगी। ओएमआर शीट की जगह छात्रों को कंप्यूटर के सामने बैठाया जाएगा जिससे पारदर्शिता रहे। उन्होंने कहा कि इससे पहले 3 मई को परीक्षा हुई थी और 7 मई तक एनटीए के कंपलेंट सिस्टम में कुछ चिंताएं उठाई गईं और आंतरिक जांच भी हुई। फिर मामला संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया, जिसमें कई राज्य शामिल थे। इस केस में 12 मई तक स्थिति स्पष्ट हो गई थी। हमें 12 मई तक पता चला कि शिक्षा माफियाओं के माध्यम से गेस पेपर जारी हुए थे जो परीक्षा में आए पेपर से मेल खा रहे थे।
उन्होंने कहा- राधाकृष्ण समिति की सिफारिशों का पालन करने के बावजूद यह उल्लंघन कैसे हुआ? ऐसे में सरकारी मशीनरी यह सुनिश्चित करेगी कि इस बार कोई अनियमितता न हो। हम किसी भी माफिया को पैसों के बल पर आपकी सीट छीनने नहीं देंगे। मंत्री के रूप में, अभिभावक के रूप में, अधिकारी के रूप में - हमें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा. हमें सुधारों के लिए कई सुझाव मिले हैं।
प्रधान ने कहा- एनटीए का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हुआ था और वह बहुत ही सक्षम नेतृत्व में है। प्रत्येक वर्ष एक करोड़ उम्मीदवार एनटीए परीक्षाओं में शामिल होते हैं। एनईईटी परीक्षा रद्द होने के दिन एनटीए ने दो निर्णय लिए- सबसे पहले तो एनईटी स्नातक परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा, दूसरा पुनर्परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. इसको लेकर एनटीए शाम तक एक और सूचना जारी करेगा।
जनजातीय कार्य मंत्रालय, सीएसआईआर और आईजीआईबी का सिकल सेल रोग के लिए
नईदिल्ली। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) तथा सीएसआईआर -जिनोमिकी और समवेत जीव विज्ञान संस्थान (आईजीआईबी) के सहयोग से जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के अंतर्गत 14 मई 2026 को सीएसआईआर-आईजीआईबी नई दिल्ली में सिकल सेल रोग के लिए भारत की पहली स्वदेशी सीआरआईएसपीआर -आधारित जीन थेरेपी “बिरसा-101”— पर कार्यशाला का आयोजन किया।
जनजातीय गरिमा उत्सव माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से प्रेरित विकसित भारत की यात्रा का एक महीने तक चलने वाला उत्सव है। इस उत्सव का पहला सप्ताह “विकास के प्रेरक के रूप में प्रौद्योगिकी” को समर्पित है, जिसमें नवाचार से होने वाले परिवर्तन तथा जनजातीय विकास और कल्याण को गति देने वाली तकनीकी उपलब्धियों पर ज़ोर दिया जाएगा।
“बिरसा-101”, जिसका नाम भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में रखा गया है, भारत के उभरते जैव-प्रौद्योगिकी एवं जीनोमिक अनुसंधान तंत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल सिकल सेल रोग के उन्मूलन हेतु भारत सरकार की ओर से निरंतर किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाती है, क्योंकि यह रोग देश के अनेक क्षेत्रों में जनजातीय आबादी को असमान रूप से प्रभावित करता है। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जनजातीय कल्याण पर केंद्रित अनुसंधान, नवाचार तथा किफायती स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के अपने निरंतर प्रयासों के अंतर्गत इस परियोजना को लगभग 3.75 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा ने जनजातीय समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को बेहतर बनाने हेतु उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वदेशी नवाचार के उपयोग के महत्व पर ज़ोर दिया और अंतिम छोर तक किफायती स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।
सीएसआईआर- टीकेडीएल की निदेशक श्रीमती विश्वजननी सत्तिगेरी ने पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय (टीकेडीएल) के अंतर्गत से भारत की पारंपरिक औषधीय ज्ञान प्रणालियों, विशेष रूप से जनजातीय ज्ञान परंपराओं के विशाल भंडार के संरक्षण और सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
डॉ. देबोज्योति चक्रवर्ती ने “बिरसा-101” तथा सीआरआईएसपीआर-आधारित जीन-संपादन प्रौद्योगिकियों पर एक विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने वर्ष 2017 से भारतीय पहल की प्रगति का विवरण प्रस्तुत करते हुए सिकल सेल रोग के लिए स्वदेशी एवं किफायती जीन-संपादन उपचार पद्धति विकसित करने के प्रयासों को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पहुंचकर देवास हादसे के घायलों से की भेंट
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के घायल नागरिकों से भेंट कर उनके उपचार की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस हादसे से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अन्य कार्यक्रम निरस्त कर नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती घायलों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय अस्पताल में दाखिल घायलों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमलतास अस्पताल में इलाज करवा रहे घायल नागरिकों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज पूर्वान्ह में इस हादसे की जानकारी प्राप्त होते ही देवास जिला प्रशासन को हादसे से प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए थे। इंदौर में उपचार करवा रहे घायलों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिल्ली से ही दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत नागरिकों के परिजन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने एवं घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिये निर्देश दिये।
ICU में हुई शादी: दुल्हन का एक्सीडेंट, फिर अस्पताल में पहुंची बारात
इधर शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और बारात निकलने वाली थी। जब दूल्हे सनी यादव को हादसे की जानकारी मिली, तो उसने शादी टालने के बजाय एक अलग फैसला लिया। सनी बारात लेकर सीधे अस्पताल पहुंच गया।अस्पताल प्रशासन और दोनों परिवारों की सहमति से ICU के बाहर और अस्पताल परिसर में शादी की रस्में पूरी की गईं। दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और परिवार के लोगों की मौजूदगी में विवाह सम्पन्न हुआ। इस अनोखी शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग दूल्हे के फैसले और दोनों परिवारों के समर्थन की सराहना कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास के टोंककला की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट पर किया शोक व्यक्त
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि विस्फोट में कई लोगों के हताहत होने का समाचार हृदय विदारक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जिले के प्रभारी एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। घटना की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों के परिजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने एवं घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिये निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में घायलों को त्वरित स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने और शोकाकुल परिजन को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात के सासन गिर में 'लायन' स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम का उद्घाटन किया
देलही : केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज गुजरात के सासन गिर में 'लायन' स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन 2026 से पहले आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक हिस्सा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वर्चुअल माध्यम से की। इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में गुजरात के वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, वन राज्य मंत्री प्रवीण माली तथा आईबीसीए, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
अपने संबोधन में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 'वसुधैव कुटुंबकम' की दूरदृष्टि के लिए धन्यवाद दिया, जिसके कारण आईबीसीए की स्थापना हुई और यह शेरों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। उन्होंने शेरों के संरक्षण के प्रति बढ़ती वैश्विक जागरूकता का श्रेय इसी दूरदृष्टि को दिया।
पटेल ने एशियाई शेर के संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शेर इस क्षेत्र की लोक संस्कृति का अभिन्न अंग है, जिसने गिर में एशियाई शेरों की बढ़ती आबादी में योगदान दिया है। पटेल ने कहा कि गिर इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस तरह पारिस्थितिक दृष्टिकोण अपनाकर आर्थिक विकास और वन्यजीव संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न वन्यजीव संरक्षण पहलों के तहत उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी, जिनमें एशियाई शेरों के प्राकृतिक विस्तार के लिए एक नए स्थल के रूप में बर्दा वन्यजीव अभयारण्य का विकास शामिल है।
अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम
उत्तराखंड में अब ‘नो व्हीकल डे’ और वर्क फ्रॉम होम, धामी कैबिनेट के बड़े फैसले
इसके अलावा किसानों को प्राकृतिक खेती, जीरो बजट फार्मिंग और बायो-इनपुट्स का प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएनजी कनेक्शन, रूफटॉप सोलर और गोबर गैस योजनाओं को मिशन मोड में चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
3 फीट के लड़के को मिली दुल्हन, शादी होने से परिवार में खुशी का माहौल
मरीजों की सेवा में समर्पित GNM प्रिया कुमारी, बीमारी के बाद फिर लौटी ड्यूटी पर