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महापौर मीनल चौबे ने किया महाराजबंध तालाब सफाई अभियान का निरीक्षण
रायपुर। राजधानी रायपुर के महाराजबंध तालाब में चल रहे सफाई अभियान का निरीक्षण करने महापौर मीनल चौबे पहुंची। यह अभियान ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर, निगम निगम, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जोन 5 अध्यक्ष वल्लभ अग्रवाल, जोन 6 अध्यक्ष बद्री प्रसाद गुप्ता, पार्षद प्रमोद कुमार साहू सहित रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सीईओ ऋचा चंद्राकर, जोन 6 जोन कमिश्नर हितेन्द्र यादव, कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा, ग्रीन आर्मी के अमिताभ दुबे सहित अन्य पदाधिकारियों और स्वयंसेवक उपस्थित थे।
महापौर ने महाराजबंध की श्रमदान से सफाई का महाभियान चलाने के ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर की टीम की सराहना की और कहा कि ऐसे सफाई महाभियान में सभी नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है, जिससे शहर के तालाबों को स्वच्छ और सुन्दर जनसहभागिता से मिलकर बनाया जा सके।
महापौर ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के संबंधित अधिकारियों को कार्य तत्काल गतिमान कर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए है और 3 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट महाराजबन्द तालाब में प्रारम्भ होते तक तालाब किनारे एसटीपी के समीप जाली तत्काल लगवाने के निर्देश दिए है। ताकि गंदगी तालाब के भीतर ना जाने पाए। महापौर ने संबंधित जोन 4 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी को प्रगतिरत एसटीपी के समीप महाराजबंध तालाब की विशेष सफाई अभियान चलाकर शीघ्र करवाने के निर्देश दिए है।
जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 17वीं ईटीएफ बैठक की अध्यक्षता की
नईदिल्ली। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा गंगा नदी पुनरुद्धार के लिए एकीकृत और व्यापक ड्रेन मॉनिटरिंग डैशबोर्ड और स्मार्ट एसटीपी निगरानी तंत्र के माध्यम से नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी संचालित पहल की जा रही है प्रौद्योगिकी आधारित नदी पुनरुद्धार कार्य को गति प्रदान करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में अधिकार संपन्न कार्य समूह-ईटीएफ की 17वीं बैठक हुई। बैठक में नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत आंकडों पर आधारित निर्णय लेने तथा निगरानी तंत्र और अनुपालन ढांचे मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें जल निकासी मानचित्रण और सीवेज उपचार ढांचे की बेहतर निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी तथा विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों के प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। इनमें जल संसाधन सचिव वी एल कंथा राव, पेयजल एवं स्वच्छता सचिव अशोक के के मीणा, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन-एनएमसीजी महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल, जल संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार गौरव मसालदन, एनएमसीजी के उप महानिदेशक नलिन श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक बृजेंद्र स्वरूप, तकनीकी कार्यकारी निदेशक अनूप कुमार श्रीवास्तव; प्रशासनिक कार्यकारी निदेशक एसपी वशिष्ठ, वित्त कार्यकारी निदेशक भास्कर दासगुप्ता, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक-उत्तर प्रदेश जोगिंदर सिंह, शहरी विकास प्रधान सचिव बिहार संदीप, पश्चिम बंगाल स्वच्छ गंगा राज्य मिशन की परियोजना निदेशक नंदिनी घोष, झारखंड के परियोजना निदेशक श्री सूरज तथा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में केन्द्र सरकार के विद्युत मंत्रालय, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
जल शक्ति मंत्री ने प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए वर्तमान वर्ष में प्रदूषण नियंत्रण की 15 अवसंरचना परियोजनाएं पूरी होने की सराहना की और इसे गंगा पुनरुद्धार के निरंतर प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह बेहतर समन्वय, प्रभावी निगरानी और केन्द्रित कार्यान्वयन दर्शाता है, जिससे नदी के दीर्घकालिक पुनरुद्धार का मजबूत आधार तैयार हुआ है। इसमें उत्तर प्रदेश छह परियोजनाएं पूरी कर अग्रणी रहा, जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल ने क्रमशः चार और तीन परियोजनाएं पूरी की। उत्तराखंड और दिल्ली ने भी एक-एक परियोजना पूर्ण की।
बैठक में उपचारित अपशिष्ट जल के दोबारा इस्तेमाल, पैलियो-चैनल आधारित एक्विफर मैपिंग जैसे नवीन और अनुसंधान-आधारित समाधान अपनाने, जैव उपचार और नवीन सीवरेज उपचार परियोजनाओं, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य संबंधित पहल पर जोर दिया गया। ये पहल संवहनीय और अनुकूल नदी प्रबंधन ढांचे के लिए आवश्यक हैं।
पाटिल ने सभी राज्यों को राष्ट्रीय ढांचे के अनुरूप उपचारित जल के सुरक्षित दोबारा उपयोग नीति शीघ्रता से पूरी करने के निर्देश दिये। नीतिगत प्रावधानों, स्पष्ट निर्धारित लक्ष्यों और अनुकूल परिस्थिति निर्मित कर राज्यों में उपचारित जल के सुरक्षित दोबारा उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
पाटिल ने उत्तर प्रदेश में गंगा नदी की जल निकासी प्रणाली (प्राकृतिक और मानव निर्मित) मानचित्रण और विश्लेषण मॉड्यूल तथा जियोटैग्ड वीडियोग्राफी के साथ जीआईएस-आधारित विज़ुअलाइज़ेशन डैशबोर्ड विकसित करने हेतु हवाई सर्वेक्षण परियोजना के कार्यान्वयन प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नमामि गंगा परियोजना के अंतर्गत अनुसंधान और साक्ष्य-आधारित समर्थन के लिए उन्नत भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों के लिए इस पहल का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गंगा के मुख्य मार्ग पर उच्च-रिज़ॉल्यूशन क्षमता के हवाई सर्वेक्षण पूरे हो गये हैं, जिससे सटीक भू-स्थानिक डेटासेट तैयार हुआ है। इन्हें 2डी और 3डी विज़ुअलाइज़ेशन क्षमता वाले लाइव जीआईएस-आधारित ड्रेन डैशबोर्ड में समेकित किया जा रहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की उम्र में निधन
डेस्क। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने 81 वर्ष की उम्र में पुणे के दीनानाथ मंगेश्कर अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां वे इलाजरत थे। उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, सुरेश कलमाड़ी का पार्थिव शरीर मंगलवार दोपहर 2 बजे पुणे के एरंडवाने स्थित उनके आवास ‘कलमाड़ी हाउस’ में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर बैकुंठ श्मशान भूमि में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सुरेश कलमाड़ी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। वे कई बार पुणे से लोकसभा सांसद रहे और यूपीए सरकार में रेल राज्य मंत्री के पद पर भी कार्य किया। इसके अलावा उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ यानी IOA के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
हालांकि वर्ष 2010 के कॉमनवैल्थ गेम्स भ्रष्टाचार मामले में उनका नाम सामने आने के बाद वे विवादों में आ गए थे। फंड के दुरुपयोग के आरोपों के चलते वर्ष 2011 में उनकी गिरफ्तारी हुई थी और कांग्रेस पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। सार्वजनिक जीवन में दशकों तक सक्रिय रहे सुरेश कलमाड़ी के निधन को भारतीय राजनीति के एक युग का अंत माना जा रहा है।
देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का सबसे युवा राज्य है। मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है, चीता स्टेट है, फारेस्ट स्टेट है, मिनरल स्टेट है, बिजली सरप्लस स्टेट है और अब देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट भी बन गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा निवेश पाने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत अवसर और संभावनायें लिए हुए है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में लाभ का सौदा है। देश के मध्य में होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे और स्टार्ट-अप्स लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम केंद्र बन रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्यप्रदेश सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों सदियों से इतिहास, विरासत और व्यापार-व्यवसाय की समझ के मामले में साझा भागीदार रहे हैं। राजस्थान के मारवाड़ी व्यापारी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। समिट में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश सरकार इस प्रतिष्ठित ग्लोबल समिट में 'स्टेट पार्टनर' के रूप में सहभागिता कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को विकास और अवसरों का केंद्र बताते हुए निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोगी सरकार सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट के मध्यप्रदेश सेशन का विधिवत् शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सभी राज्यों के बीच औद्योगिक विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के सभी राज्यों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था आज भी उहापोह की स्थिति में है, ऐसी परिस्थिति में भी भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत के लोकतंत्र में 'जियो और जीने दो' की भावना समाहित है। उद्योग-व्यापार से कई लोगों के जीवन में सवेरा आता है। इससे पवित्र काम कुछ नहीं हो सकता है। मध्यप्रदेश विकास के सभी सेक्टर्स में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े पुरस्कार मिले हैं। हमारे टूरिज्म सेक्टर में सबसे अच्छे रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल में हमने प्रदेश में दो नए टाइगर रिजर्व बनाए हैं। मध्यप्रदेश टाइगर और वल्चर स्टेट तो है ही, हमारी धरती पर चीता भी तेजी से अपना कुनबा बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां 250 से अधिक नदियां बहती हैं। हमने राजस्थान के साथ जल बंटवारे का विवाद सुलझाया। हमारे कार्यों में परस्पर सौहार्द और बंधुता का भाव होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेक इन इंडिया और इंडिया फर्स्ट का आह्वान किया है। यह सिर्फ शब्द नहीं हैं, इसके लिए बड़े मन से काम करने का मानस होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए शासकीय कामकाज को और भी सरल, सहज, पारदर्शी, आसान और सहयोगी बना रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के तलैया स्थित यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क रैन बसेरे का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरे में गरीबों, जरूरतमंद, बेसहारा और यहां रात्रि विश्राम करने आए राहगीरों से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सबके हालचाल और दु:ख-दर्द जाने एवं सभी को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाकर सर्दी से बचाव के लिए गर्म कंबल भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैन बसेरा जाते समय सबसे पहले पुलिस मुख्यालय के सामने लाल परेड ग्राउंड के गेट नम्बर 4 शौर्य द्वार में उपस्थित महिलाओं और बुर्जुगों से बात की, उनकी कुशलक्षेम जानी और सभी को कंबल वितरित किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव तलैया स्थित काली मंदिर पहुंचे और वहां बड़ी संख्या में उपस्थित सभी गरीबों और जरूरतमंदों को भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री द्वारा पूछने पर एक जरूरतमंद ने बताया कि वह सब्जी बेचने भोपाल आए थे, सर्दी भी तेज है और रात भी हो गई है, तो अब वे इसी मंदिर परिसर में रात बिताएंगे। कुछ ने बताया कि वे किसी जरूरी काम से आए थे, सिर्फ रात बिताने के लिए उन्होंने काली मंदिर परिसर में शरण ली है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद सभी विश्रामकर्ताओं से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा यहां कोई परेशानी तो नहीं है।विश्रामकर्ताओं ने कहा कि उन्हें यहां कोई भी परेशानी नहीं है। खाने और सोने की पूरी व्यवस्था है, ठंड से बचने के लिए यहां हीटर भी है। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि ज्यादातर राहगीर आगे के सफर के लिए यहां रात बिताने रूके हैं।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव रैन बसेरे में विश्राम के लिए आए श्री सुबोध जोसेफ के पास पहुंचे। उससे बात की, तो सुबोध ने बताया कि उसकी कमर में भारी दर्द है। इलाज की जरूरत है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और निगमायुक्त भोपाल को सुबोध का समुचित इलाज कराने और उसकी हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रैन बसेरे में उपस्थित सभी राहगीरों को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाई और सभी को कंबल भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने शहर के सभी रैन बसेरों और आश्रय गृहों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं करने के निर्देश कलेक्टर और निगमायुक्त को दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्रामकर्ताओं से कहा कि सरकार गरीबों, जरूरतमंदों और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। तेज सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने स्वयं राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है।
इंडिगो फ्लाइट में देरी से दिल्ली एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी, यात्रियों में गुस्सा
नईदिल्ली। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआई) नईदिल्ली पर शनिवार को पूर्णिया जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट लेट हो गई। इससे यात्रियों में गुस्सा फूट पड़ा। जिन्होंने कहा कि एक दिन पहले भी सर्विस में दिक्कतें आई थीं।
यात्रियों के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6ई 9076, जो दिल्ली से पूर्णिया जाने वाली थी, शुक्रवार को कैंसिल होने के बाद शनिवार को भी लेट हो गई, जिससे उन्हें अपने टिकट दोबारा बुक करने पड़े हैं। बार-बार हो रही इस गड़बड़ी के कारण बोर्डिंग काउंटर पर यात्रियों ने काफी हंगामा किया और फ्लाइट में देरी का विरोध किया। कई यात्रियों ने बताया कि शुक्रवार को भी फ्लाइट कैंसिल हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी यात्रा का प्लान बदला था।
उन्होंने दावा किया कि शनिवार को एयरलाइन ने देरी का कारण खराब मौसम बताया। कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में एयरलाइन स्टाफ ने उन्हें बताया कि फ्लाइट उड़ाने के लिए कोई पायलट उपलब्ध नहीं था। इस बीच, इंडिगो ने दिन में पहले ही एडवाइजरी जारी कर कई एयरपोर्ट पर “कम विजिबिलिटी और कोहरे” के कारण कई फ्लाइट्स में देरी और कैंसिलेशन की संभावना के बारे में यात्रियों को चेतावनी दी थी। यह घटना इंडिगो द्वारा 29 दिसंबर, 2024 को खराब मौसम और ऑपरेशनल कारणों के चलते अपने नेटवर्क में 118 फ्लाइट्स रद्द करने के कुछ ही दिनों बाद हुई है।
इनमें से छह सर्विस ऑपरेशनल दिक्कतों के कारण कैंसिल कर दी गईं, जबकि बाकी फ्लाइट्स अलग-अलग एयरपोर्ट पर खराब मौसम की वजह से रद्द की गईं। पिछले एक महीने से इंडिगो बड़े पैमाने पर दिक्कतों का सामना कर रही है। पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में, एयरलाइन ने हजारों फ्लाइट्स कैंसिल कर दी थीं, जिसमें एक ही दिन में लगभग 1,600 फ्लाइट्स शामिल थीं, जब पायलटों के लिए कोर्ट के आदेश के बाद सख्त फ्लाइट ड्यूटी और आराम के समय के नियम लागू हुए थे। इन कैंसिलेशन की वजह से देश भर के एयरपोर्ट पर लाखों यात्री फंस गए थे।
10 दिसंबर को कोहरे का मौसम शुरू होने के बाद से, एयरलाइन ने बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल करना जारी रखा है। 25 दिसंबर को, इंडिगो ने मौसम संबंधी दिक्कतों के कारण अलग-अलग जगहों के लिए 67 फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं। अकेले शनिवार को ही, खराब मौसम की वजह से कई एयरपोर्ट से 57 और फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने 10 दिसंबर से 10 फरवरी तक की अवधि को सर्दियों के मौसम के लिए आधिकारिक कोहरे की अवधि घोषित किया है, जिसके दौरान कम विजिबिलिटी के कारण फ्लाइट ऑपरेशन अक्सर प्रभावित होते हैं।
शुद्ध पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज इंदौर में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति और अब तक की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजय दुबे को इंदौर में ही तैनात रहने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि नगर निगम की आवश्यकता को देखते हुए पर्याप्त अमला और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर हुई लापरवाही की जांच की जा रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घटना को दु:खद बताते हुए कहा कि इससे सबक लेकर भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सरकार पूरी दृढ़ता से कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जलापूर्ति पुनः प्रारंभ होने पर कहीं भी लीकेज या प्रदूषण की आशंका पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से में जलापूर्ति शुद्ध पाई गई है, जबकि शेष हिस्सों में पुरानी एवं क्षतिग्रस्त लाइनों के कारण समस्या सामने आई है, जिन्हें दुरुस्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, शासकीय एवं निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से इस आपात स्थिति को नियंत्रित किया गया और प्रभावित नागरिकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया है।
बैठक में बताया गया कि शहर के भागीरथपुरा वार्ड क्रमांक में गंदे पानी की आपूर्ति की आशंका सामने आने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई। बीते दो-तीन दिनों में लगभग 40 हजार से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 2 हजार 456 संदिग्ध मामलों में लक्षण पाए गए। इनमें से 212 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें 50 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 162 मरीजों का उपचार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वे स्वयं जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न अस्पतालों में जाकर मरीजों से मिले हैं और अधिकांश मरीजों की स्थिति स्थिर है।
बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये। बैठक में इंदौर कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने स्थिति के संबंध में जानकारी दी।
DIRTY WATER;इंदौर में दूषित पानी से 8 लोगों की गई जान,1000 से ज्यादा पीडित, आज शाम सीएम मोहन यादव आएंगे
इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पानी ने जानलेवा रूप ले लिया है। भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 100 से ज्यादा लोग बीमार होकर अस्पतालों में इलाज करा चुके हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सरकारी रिकॉर्ड में सिर्फ तीन मौतों की ही पुष्टि की जा रही है।
देशभर में स्वच्छता के लिए मिसाल माने जाने वाले इंदौर में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. नर्मदा से आने वाला शुद्ध पानी ही लोगों की बीमारी और मौत की वजह बन गया. शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1000 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त और पेट दर्द से जूझ रहे हैं. नगर निगम ने प्रभावित इलाके की जल सप्लाई बंद कर दी है, पाइपलाइन की मरम्मत की जा रही है और टैंकरों से साफ पानी सप्लाई किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर मरीजों की जांच कर रही हैं.
इंदौर कलेक्टर शिवम शर्मा ने बताया कि 27 अस्पतालों में फिलहाल 149 लोग एडमिट हैं. उपचार जारी हैं. मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया कहीं कोई दिक्कत आए तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें.
हालात इतने बिगड़े कि एक के बाद एक मरीज अस्पताल पहुंचने लगे। वर्मा नर्सिंग होम और त्रिवेणी हॉस्पिटल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में अब तक सौ से अधिक लोगों का इलाज किया जा चुका है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने साफ कहा है कि इस मामले में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं।
नगर निगम ने हालात बिगड़ते देख तुरंत जांच शुरू की. शुरुआती जांच में जो सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया. भागीरथपुरा पुलिस चौकी के टॉयलेट के ठीक नीचे नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज मिला. इस लीकेज के कारण गंदा पानी सीधे नर्मदा की सप्लाई लाइन में मिल रहा था, जिससे पूरे वार्ड में दूषित पानी पहुंच गया. यानी जिस पानी को लोग “अमृत” समझकर पी रहे थे, वही उनके लिए ज़हर बन गया.
सतना में औद्योगिक विकास के लिए 100 एकड़ भूमि पर बनाएंगे नया इंडस्ट्रियल पार्क : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरिक्ष, उद्योग, रक्षा सहित सभी क्षेत्रों में विश्व में अपनी उपलब्धियों का परचम लहरा रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश में उद्योग-व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश में क्षेत्रीय स्तर पर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव करने के निर्णय की सराहना की है। इन्हें अब जिला स्तर पर भी आयोजित किया जाएगा। पहले कटनी में माइनिंग सेक्टर पर केंद्रित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई, अब सतना में एमएसएमई सेक्टर पर आधारित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी। प्रदेश सर्व सुविधा युक्त बनें, मध्यप्रदेश विकास की दौड़ में सबसे आगे रहे और युवाओं को रोजगार मिले, इसके लिए राज्य सरकार हर कदम पर उद्यमियों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना में विंध्य व्यापार मेले को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना, विंध्य क्षेत्र में व्यापार-व्यापार का बड़ा केंद्र है। विंध्य व्यापार मेले के सफल आयोजन के लिए सतनावासी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि सतना में औद्योगिक विकास के लिए 100 एकड़ भूमि पर नया इंडस्ट्रियल पार्क बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य व्यापार मेले के आयोजन के लिए विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स को 8 एकड़ भूमि देने एवं सतना में व्यापारिक गतिविधियों, सांस्कृतिक सम्मेलन आयोजित करने के लिए पीपीपी मोड पर गीता भवन बनाए जाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने 2 वर्षों के कार्यकाल में विंध्य क्षेत्र में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाई है। सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप को बढ़ाकर 1800 मीटर तक किया जा रहा है, जिससे यहां बड़े जेट विमान भी लैंड कर पाएं। चित्रकूट धाम और शारदा माता मंदिर से सतना क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के लिए भी अहम है। राज्य सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेली सेवा शुरू की है। मुश्किल समय में सहायता के लिए पीएम एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। नए साल में प्रदेशवासियों को सरकारी बस सेवा की सौगात भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने सड़क हादसों में घायलों के लिए मदद के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की है। घायलों को अस्पताल पहुंचाकर सहायता करने वाले को सरकार 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अगले 5 सालों में राज्य का बजट दोगुना कर लगभग 7 लाख करोड़ करने का लक्ष्य रखा है। युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। होटल व्यवसाय में राज्य सरकार ने 30 प्रतिशत की सब्सिडी का प्रावधान किया है। अगर कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाए तो उन्हें श्रमिकों के वेतन में 5 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। राज्य में 32 लाख किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पम्प दिए जा रहे हैं। किसानों को बिजली के बिल और अस्थाई कनेक्शन से मुक्ति मिल रही है। किसानों को 60 हजार मूल्य के पंप पर 53 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। राज्य सरकार कुल 30 हजार करोड़ का अनुदान प्रदान करती है।
मध्यप्रदेश बना सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाला राज्य : केंद्रीय गृह मंत्री शाह
भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब देश में सबसे तेज़ गति से विकास करने वाला राज्य बन गया है। बीते सालों की वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव से अलग रहकर अनेकानेक चुनौतियों और संसाधनों के अभाव से उबरकर प्रदेश ने जिस रफ्तार से प्रगति की है, वह पूरे देश को अभिप्रेरित करती है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य सुधार, खनन, फार्मा, नवकरणीय ऊर्जा और वृहद संख्या में आधारभूत अवसंरचनाएं, हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने अपनी नई सोच, उद्यमशीलता, प्रगतिशील दृष्टिकोण और नवाचारों के माध्यम से विकास के ऐसे मानक स्थापित किए हैं, जिनका अनुसरण अब अन्य राज्य भी कर रहे हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री गुरुवार को भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जन्म जयंती के विशेष अवसर पर ग्वालियर के मेला मैदान में आयोजित “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट” को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है और नि:संदेह यह तय है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि में मध्यप्रदेश का योगदान सबसे बड़ा होगा। उन्होंने प्रदेश के नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि यहां निवेश के लिए अनुकूल वातावरण, स्पष्ट नीतियां और मजबूत इच्छाशक्ति दिखाई देती है। इन्हीं सभी प्लस फैक्टर्स से ही मध्यप्रदेश ने इस साल देश में बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश ने देश में तीसरा स्थान हासिल किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक निर्माण कार्यों का एक साथ भूमिपूजन हुआ है। यह बताता है कि राज्य सरकार कितनी तेजी से मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास करना चाहती है। उद्यम से उद्योग स्थापित होता है और उद्योगों से रोजगार सृजित होते हैं। हर हाथ को काम मिलता है। इसी से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उद्योग और अर्थव्यवस्था एक दूसरे के पूरक हैं। मध्यप्रदेश सरकार का औद्योगिक विकास के लिए उठाया जा रहा हर कदम देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने में कारगर साबित हो रहा है।
सत्य बोलना और धर्म पालन के मूल्य ही व्यक्ति की वास्तविक पूँजी : राज्यपाल पटेल
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सत्य बोलने और धर्म का पालन करने वाले को जीवन में कोई दिक्कत नहीं होती है। उन्होंने कहा कि यह जीवन मूल्य ही व्यक्ति की वास्तविक पूँजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय के विद्यार्थी होने का सौभाग्य मिला है। भावी जीवन में माता-पिता, गुरुजन, समाज और राष्ट्र की सेवा का भाव कम नहीं होने दीजिएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की है कि वे विश्वविद्यालय से प्राप्त संस्कारों और अनुभवों से वंचित वर्गों और पीड़ित मानवता की सेवा का कार्य निरन्तर करते रहेंगे। पटेल गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर में आयोजित अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के छटवें दीक्षांत समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का राष्ट्र प्रेम ओजस्वी व्यक्तित्व और हिन्दी प्रेम, हिन्दी भाषा का गौरव प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय वाजपेयी जी को निकट से देखने का मौका उन्हें कई बार मिला है। उन्होंने सुदर्शन जी को भी सुना है। आपात स्थिति की घोषणा के दिन गुजरात में आयोजित सभा का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वर्गीय जय प्रकाश नारायण जी कहते थे कि अटल जी के मुख में सरस्वती का वास है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय वाजपेयी की अंतिम यात्रा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 5 किलोमीटर पैदल चलना अपने नेता के प्रति श्रद्धा अभिव्यक्ति का अभूतपूर्व और प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने विद्यार्थियों के जीवन मूल्यों और उपलब्धियों के लिए अनंत संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आध्यात्मिक चेतना और भारतीय मूल्यों के समन्वय के साथ ‘विकसित भारत एट 2047’ के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विज्ञान और तकनीक के इस युग में वैश्विक प्रतिस्पर्धा और मानकों के अनुरूप विद्यार्थी तैयार करना बड़ी चुनौती है।विद्यार्थियों से कहा कि समाज के बौद्धिक स्तंभ के रूप में आपको राष्ट्र की चुनौतियों को अपनी प्रतिभा, संवेदना और संकल्प के द्वारा अवसर में बदल कर वंचित वर्गों की विकास-यात्रा में सहभागी बनना होगा। दीक्षित विद्यार्थियों से उन्होंने अपेक्षा की है कि विश्वविद्यालय में प्राप्त ज्ञान को वंचित वर्गों और पिछड़े क्षेत्रों में सहज और स्वीकार्य तरीके से प्रसारित करें।राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ सरस्वती, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के चित्रों पर पुष्पाजंली अर्पित कर दीप प्रज्जवलन से किया। सभी संकायों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पदक प्रदान किये। विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन, स्मारिका एवं स्नातक प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम की हिन्दी पुस्तक का लोकार्पण किया। दीक्षांत अवसर पर स्नातक के 60, स्नातकोत्तर के 68 और अनुपस्थित 42 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान करने की घोषणा की गई। समारोह में राज्यपाल का स्मृति प्रतीक, शाल और पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश से रोजगार-अटल संकल्प विषय पर लगी प्रदर्शनी का किया अवलोकन
भोपाल : मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरा ग्वालियर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट” स्थल पर “निवेश से रोजगार-अटल संकल्प” विषय पर प्रदर्शनी लगाई गई। समिट के मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समिट में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमरऔर वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उनके साथ थे।
यह प्रदर्शनी स्व. वाजपेयी अटल जी की राष्ट्र प्रेम को समर्पित जीवन यात्रा और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को अत्यंत जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रही थी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की कविताओं, ओजस्वी भाषणों और उनकी राजनीतिक यात्रा के माध्यम से उनकी दूरदर्शिता, एकात्म मानववाद की विचारधारा तथा भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के उनके संकल्प को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।इसमें पोखरण परमाणु परीक्षण और गोल्डन क्वाड्रिलेटरल जैसी ऐतिहासिक उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया। साथ ही देश की मजबूती व विकास में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की भूमिका को रेखांकित कर रहे थे।
प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक विकास को भी प्रदर्शित किया गया। इसमें राज्य की प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं जैसे सिंगाजी थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट, मालनपुर भिंड की इलेक्जर पीवीसी प्लाइवुड इकाई, पीथमपुर ऑटो हब और भोपाल फूड पार्क भी प्रदर्शित किये गये है। इसके साथ ही ड्रोन टेक्नोलॉजी और एग्रीटेक जैसे क्षेत्रों में कार्यरत सफल स्टार्ट-अप्स की कहानियों के माध्यम से नवाचार, उद्यमशीलता और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों को भी प्रदर्शित किया गया।
संशोधित झरिया मास्टर प्लान के पुनर्वास कार्यों की केंद्रीय मंत्री ने समीक्षा की
नईदिल्ली। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अपने धनबाद दौरे के दूसरे दिन झरिया कोयला क्षेत्र में पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और संशोधित झरिया मास्टर प्लान (आरजेएमपी) के अंतर्गत बेलगरिया और करमाटांड पुनर्वास स्थलों पर जनहितैषी परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। रेड्डी को बीसीसीएल गेस्ट हाउस में सीआईएसएफ कर्मियों द्वारा औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने 25 जून 2025 को संशोधित झरिया मास्टर प्लान (आरजेएमपी) अनुमोदित किया था जिसका उद्देश्य झरिया कोयला क्षेत्र में खदानों में आग लगने, भूमि धंसने और पुनर्वास से संबंधित दीर्घकालिक चुनौतियों का समाधान करना है। आरजेएमपी के अंतर्गत संकटग्रस्त क्षेत्रों से गैर-बीसीसीएल परिवारों का पुनर्वास राज्य सरकार के अधीन झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (जेआरडीए) द्वारा किया जा रहा है, जबकि भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) अपने परिचालन क्षेत्रों के भीतर परिवारों के पुनर्वास के लिए जिम्मेदार है।
रेड्डी ने बेलगारिया पुनर्वास टाउनशिप में, जेआरडीए के प्रशासनिक भवन और एक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान का उद्घाटन किया जिसे निवासियों के लिए चौबीसों घंटे शासन, कुशल कॉलोनी प्रबंधन और समयबद्ध शिकायत निवारण सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किया गया है।
श्री रेड्डी ने प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिनमें बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए सड़क चौड़ीकरण कार्य (चरण II और III) शामिल हैं; सुरक्षा में सुधार और पर्यावरण के अनुकूल अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए 500 एलईडी सौर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना; चरण IV, VI, VII और VIII के लिए शेष विकास कार्य; और प्राथमिक विद्यालय को आधुनिक कक्षाओं, डिजिटल शिक्षण सुविधाओं, स्वच्छता अवसंरचना, बिजली बैकअप और बेहतर शैक्षिक सुविधाओं के साथ एक आदर्श विद्यालय में उन्नत करना शामिल है।
जेआरडीए द्वारा विकसित सबसे बड़ी पुनर्वास बस्ती बेलगारिया को एक व्यापक पुनर्वास केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है। आठ चरणों में 1,191 ब्लॉकों के साथ विकसित इस बस्ती में कुल 18,272 घर हैं, जिन्हें मजबूत नागरिक, सामाजिक और सामुदायिक बुनियादी ढांचे है। जेआरडीए प्रशासनिक भवन और पीडीएस दुकान ₹1.23 करोड़ की परियोजना लागत से बनकर तैयार हो चुके हैं।
आजीविका सहायता की एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत, बीसीसीएल के सीएसआर कार्यक्रम के तहत पुनर्वासित परिवारों को 11 ई-रिक्शा वितरित किए गए, जिससे स्थायी आय सृजन और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए। रेड्डी ने बेलगारिया में की गई प्रगति की सराहना की और परिवारों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और टिकाऊ जीवन स्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध क्रियान्वयन, उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण और आजीविका-उन्मुख पुनर्वास के महत्व पर जोर दिया।
सिकल सेल मरीजों की नियमित जांच की जाए : राज्यपाल पटेल
भोपाल। सिकल सेल रोग से संबंधित मरीजों की नियमित जांच की जाए, उन्हें सिकल सेल कार्ड उपलब्ध कराए जाएँ तथा निरंतर फॉलो-अप के माध्यम से उपचार एवं परामर्श की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सिकल सेल रोग के प्रति व्यापक जन-जागरूकता लाने की आवश्यकता पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अभियान चलाकर सिकल सेल रोग के प्रति जन-जागरूकता लाई जा रही है, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक देश में एक भी बच्चा आनुवांशिक सिकल सेल रोग से पीड़ित नहीं मिले, इसी उद्देश्य से देशव्यापी अभियान संचालित किया जा रहा है।
राज्यपाल पटेल बुरहानपुर जिले की बोरीबुजुर्ग सीएम राइज स्कूल में बुधवार को आयोजित जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने ग्राम पंचायत दवाटिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से गृह भेंट की। शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम बोरीबुजुर्ग का निरीक्षण किया। बालिकाओं से संवाद किया।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि यह संतोष का विषय है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर विकास हो रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से आह्वान किया कि स्थानीय स्तर पर चिन्हित जरूरतमंदों को प्राथमिकता के साथ शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। राज्यपाल श्री पटेल ने “सबका साथ–सबका विकास, सबका विश्वास–सबका प्रयास” के मंत्र को दोहराते हुए लाड़ली बहना योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत फलदार पौधे लगाने के लिये प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। लाभार्थी श्रीमती पारली बाई सोलंकी ने बताया कि लाड़ली बहना योजना से प्राप्त राशि से उन्होंने सिलाई मशीन क्रय कर स्वयं का रोजगार प्रारंभ किया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। वहीं जैविक खेती करने वाले किसान श्री बनसिंग ने बताया कि, वे रासायनिक खेती छोड़कर गोबर खाद से जैविक खेती कर रहे हैं जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा महाकाल संध्याय आरती में हुए शामिल
भोपाल : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उज्जैन प्रवास के दौरान देर रात्रि बाबा महाकाल की संध्या आरती में सम्मिलित होकर महाराज वाडा में बनाई गई हेरिटेज होटल में रात्रि विश्राम किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्राट विक्रामादित्य हेरिटेज़ होटल का अवलोकन कराया और बताया कि यह पहले स्कूल था, जिसको पर्यटन विभाग के द्वारा जीर्णोद्धार और नवीनीकरण करते हुए एक भव्य हेरिटेज होटल का रूप में परिवर्तित किया गया है। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को हेरिटेज का आनंद भी उज्जैन जैसी पवित्र नगरी में मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री नड्डा को महाराज वाड़ा सम्राट विक्रमादित्य होटल के रूफ टॉप पर ले जाकर बाबा महाकाल के शिखर दर्शन भी करवाए।
बाबा महाकाल के शिखर दर्शन से श्री नड्डा भाव विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि अद्भुत है जहां हम रुके हैं, वहीं से बाबा के शिखर दर्शन भी हो रहे हैं। यहां पर आकर एक आत्मिक आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है। बाबा महाकाल के मंदिर के इतने पास रुकना एक अद्भुत अनुभव है, जहां सुबह शाम बाबा की आरती की गूंज भी सुनाई दें और आपके आध्यात्मिक के साथ चैतन्यता भी बनी रहे। बाबा महाकाल आदिकाल से हम सबको आशीर्वाद दे रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में बेहतर काम हो रहे हैं। औद्योगीकरण की नई बयार बह रही है, अब हेरिटेज वॉक के साथ ही उन्नति और पुरातन दोनों का भाव रूप से दर्शन आप उज्जैन आकर देख सकते हैं।
तेलंगाना के कान्हा शांति वनम में 'विश्व ध्यान दिवस' समारोह में शामिल हुए उपराष्ट्रपति
नईदिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति, सीपी राधाकृष्णन ने आज तेलंगाना के कान्हा शांति वनम में आयोजित 'विश्व ध्यान दिवस' समारोह में भाग लिया और मन की शांति, भावनात्मक कल्याण तथा सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में ध्यान की शाश्वत प्रासंगिकता पर विशेष बल दिया।
सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ध्यान एक सार्वभौमिक पद्धति है जो सांस्कृतिक, भौगोलिक और धार्मिक सीमाओं से परे है। उन्होंने इसे मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक स्थिरता और आंतरिक परिवर्तन के मार्ग के रूप में वर्णित किया और इस बात पर जोर दिया कि 'विश्व ध्यान दिवस' आधुनिक जीवन में चिंतन के बढ़ते महत्व को पहचानने का एक अवसर देता है।
उपराष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उस प्रस्ताव को सह-प्रायोजित करने में भारत की भूमिका का उल्लेख किया, जिसके तहत 21 दिसंबर को 'विश्व ध्यान दिवस' घोषित किया गया था। उन्होंने कहा, विश्व ध्यान दिवस से मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने में ध्यान की शक्ति को वैश्विक मान्यता मिली है। इस अवसर पर उन्होंने ध्यान के अभ्यास को विश्व भर में फैलाने के लिए 'दाजी' के योगदान की सराहना की और कहा कि ध्यान, योग और आध्यात्मिक खोज की अपनी सदियों पुरानी परंपराओं के साथ भारत आज भी विश्व को शाश्वत ज्ञान प्रदान कर रहा है।
भारत की सांस्कृतिक विरासत का ज़िक्र करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि हमारे देश में ध्यान को हमेशा से मन और आत्मा का एक प्राचीन विज्ञान माना गया है, जिसे ऋषियों-मुनियों ने आगे बढ़ाया है। भगवदगीता और तमिल के महान ग्रंथ 'तिरुमंथिरम' की सीख का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ध्यान के ज़रिए मन पर काबू पाने से ही इंसान को आंतरिक शांति मिलती है, वह खुद को बेहतर ढंग से समझ पाता है और एक अच्छा जीवन जी पाता है।
उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्य को पाने में ध्यान की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश के विकास का मतलब सिर्फ आर्थिक तरक्की ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक उत्थान भी होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ध्यान के जरिए हम एक ऐसा समाज बना सकते हैं जहाँ शांति हो, लोग मुश्किलों का सामना करने की ताकत रखें और एक-दूसरे के प्रति सद्भाव रखें।
मिशन लाइफ' के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ध्यान से जागरूकता, जिम्मेदारी और प्रकृति के साथ तालमेल जैसे गुण विकसित होते हैं, जो स्थायी जीवन जीने के लिए बहुत जरूरी हैं। उन्होंने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए 'कान्हा शांति वनम' की सराहना की।
नागरिकों से ध्यान को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए, श्री राधाकृष्णन ने लोगों, परिवारों और समाज से आग्रह किया कि वे खुद इसका उदाहरण बनें। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढ़ियों को भी उन पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए जो मानसिक शांति, संतुलन और सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।
समारोह में तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, तेलंगाना सरकार के मंत्री डी. श्रीधर बाबू, हार्टफुलनेस मेडिटेशन के आध्यात्मिक मार्गदर्शक दाजी कमलेश डी. पटेल और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। साथ ही, कान्हा शांति वनम में आयोजित इस सामूहिक ध्यान सत्र में हजारों की संख्या में लोग भी शामिल हुए।
समावेश और आत्मनिर्भरता के सशक्त संदेश के साथ दिव्या कला मेला 2025 का समापन
नईदिल्ली। दिव्यांगता को सहानुभूति नहीं बल्कि समान अवसर और सम्मान की आवश्यकता है। इसी विचार को केंद्र में रखकर भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्लूडी) की ओर से आयोजित नौ दिवसीय ‘दिव्य कला मेला’ का आज इंडिया गेट स्थित कर्तव्य पथ पर सफलतापूर्वक समापन हुआ। 13 से 21 दिसंबर 2025 तक आयोजित यह मेला देश भर के दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों की उद्यमशीलता की क्षमता, रचनात्मक उत्कृष्टता और आर्थिक योगदान को प्रदर्शित करने वाले एक प्रभावशाली राष्ट्रीय मंच के रूप में उभर कर सामने आया।
दिसंबर 2022 में इसी कर्तव्य पथ से शुरू हुई दिव्य कला मेला की यात्रा अपने 28वें पड़ाव पर दिल्ली लौटते हुए एक परिपक्व और प्रभावशाली राष्ट्रीय आंदोलन का स्वरूप ले चुकी है, जो एक सतत आंदोलन के रूप में मेले के विकास को रेखांकित करता है। अब तक देशभर में आयोजित 28 मेलों के माध्यम से 2,362 से अधिक दिव्यांग शिल्पियों और उद्यमियों ने भाग लिया है और कुल 23 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है। दिल्ली में आयोजित मेले में देश के 20 राज्यों से आए लगभग 100 दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों ने अपने उत्पादों और कौशल से आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। होम डेकोर, ऑर्गेनिक फूड और हस्तशिल्प उत्पादों की भारी मांग के चलते लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया गया, जो दिव्यांग-नेतृत्व वाले उद्यमों में बढ़ते जन विश्वास को दर्शाती है।
इस मेले ने रोजगार और वित्तीय समावेशन के रास्ते भी मजबूत किए। 16 दिसंबर को आयोजित एक विशेष रोजगार मेले में 157 दिव्यांग युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से 99 को चुना गया और कई को प्रतिष्ठित कंपनियों से मौके पर ही नौकरी के प्रस्ताव मिले। उद्यमिता को और बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय दिव्यांग वित्त और विकास निगम (एनडीएफडीसी) ने दिव्यांग उद्यमियों को 1.05 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत किए, जबकि एएलआईएमसीओ ने सहायक उपकरणों के वितरण और पंजीकरण को सुगम बनाया, जिससे व्यावहारिक स्वतंत्रता और उत्पादकता में वृद्धि हुई।
समापन अवसर पर आयोजित ‘दिव्य कला शक्ति’ सांस्कृतिक कार्यक्रम ने आयोजन को भावनात्मक ऊंचाई प्रदान की। दिल्ली-एनसीआर से आए दिव्यांग कलाकारों ने नृत्य और संगीत की सशक्त प्रस्तुतियों के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया कि कलात्मक अभिव्यक्ति किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती। इसके साथ ही मेले में स्थापित ‘एक्सपीरियंस ज़ोन’ तथा ब्लाइंड क्रिकेट और बोचिया जैसे दिव्यांग खेलों ने आगंतुकों को दिव्यांगजनों की चुनौतियों के साथ-साथ उनकी क्षमताओं और आत्मविश्वास को नज़दीक से समझने का अवसर दिया।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और एनडीएफडीसी ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए दिल्ली के लोगों, स्थानीय प्रशासन और कर्तव्य पथ के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विभाग ने देश भर में इसी तरह की पहल आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। इसका उद्देश्य समावेशी, गरिमामय और अवसर-संचालित समाज का निर्माण करना है, जहां दिव्यांगजनों को भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा में समान भागीदार के रूप में मान्यता दी जाए।