दिव्य महाराष्ट्र मंडल
वृद्धजन दिवस: महाराष्ट्र मंडल ने किया वरिष्ठ जनों का अभिनंदन.... रोचक खेल के साथ दी गई ज्ञानवर्धक एवं स्वास्थ्यगत जानकारियां
महाराष्ट्र मंडळ में लगा नेत्र जांच शिविर... वृद्धजनों सहित कई लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ में एक अक्टूबर के वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। शिविर का आयोजन महाराष्ट्र मंडल की स्वास्थ्य सेवा समिति और श्रीगणेश विनायक आई हास्पिटल के सौजन्य से किया गया था। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगे इस शिविर में बड़ी संख्या में वृद्धजनों और वरिष्ठ नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाया।
महाराष्ट्र मंडळ के सचिव स्वास्थ्य समिति के प्रभारी अरविंद जोशी ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र मंडळ में निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। श्रीगणेश विनायक आई हास्पिटल के डाक्टर अनिल कुमार गुप्ता और डा परीक्षित इंगले स्वयं शिविर में उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने मंडळ के वरिष्ठ सदस्यों का नेत्र परीक्षण किया। शिविर में पहुंचकर 40 से अधिक लोगों ने अपना नेत्र परीक्षण करवाया।
महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय काळे ने कहा कि महाराष्ट्र मंडळ अपने बुजुर्गों के प्रति अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करता रहता है। इसी कड़ी में आज वरिष्ठ नागरिक दिवस पर नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
गणपति बप्पा के विसर्जन में लेझिम बजाती महिलाओं ने खींचा ध्यान... महाराष्ट्र मंडळ की गणेश प्रतिमा का विसर्जन
रायपुर। गणपति बाप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या के जयघोष के साथ महिलाओं ने लेझिम बजाकर प्रथम पूज्य गणेशजी को विदाई दी। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में हवन पूजन और महाआरती के बाद विसर्जन के लिए लंबोदर की प्रतिमा को गाड़ी पर रखा गया है। तत्पश्चात गणपति प्रतिमा के सामने महिलाओं ने लेझिम बजाते हुए लोगों का ध्यान खींचा। गणपति प्रतिमा को महादेव घाट के हवन कुंड में विसर्जित किया गया।
वृद्धजन दिवस पर महाराष्ट्र मंडळ के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान
भक्ति और फिल्मी गीतों पर प्रस्तुति के साथ भगत सिंह के प्ले ने बांधा समां
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में 27 सितंबर की शाम भक्ति, फिल्मी गीतों में बच्चों से लेकर बड़ों ने मनमोहक प्रस्तुति दी। महाराष्ट्र मंडळ की कला एवं संस्कृति समिति की ओर से आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या के खुले मंच में जब दो साथ के पार्थ ओझा और चार साल के कियंश साल्वे ने अपनी प्रस्तुति दी तो दर्शकों ने उत्साह में खूब तालियां बजाई। महाभारत पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया।

बच्चों की इन प्रस्तुति के साथ शहीद भगत सिंह की जन्म तिथि पर भगत सिंह पर आधार प्ले ने कार्यक्रम में समां बांध दिया। मंडळ के आजीवन सभासद रंजन मोडक के निर्देशन में भगत सिंह की याद में जालियां वाला बाग पर कलाकार आयुष राजवैद्य प्ले किया। जिसमें संगीत तिलक भोगल ने दिया। आयुष के इस प्ले ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
महाराष्ट्र मंडळ के कला एवं संस्कृति समिति की प्रभारी भारती पलसोदकर ने बताया कि कार्यक्रम में 28 बच्चों प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति दी। जिसमें मंडळ की महिला सदस्यों ने भी शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का शुभारंभ मंडळ के अध्यक्ष अजय काळे, गणेशोत्सव प्रभारी दीपक किरवईवाले, नमिता शेष, सुकृत गनौदवाले ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। कार्यक्रम का संचालन मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने किया।

भारती पलसोदकर ने आगे बताया कि 27 सितंबर को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जन्मतिथि होने के कारण कार्यक्रम की शुरूआत उन पर आधारित आकर्षक प्ले के साथ किया गया। आचार्य सभासद रंजन मोडक के निर्देशन में भगत सिंह की याद में जालियां वाला बाग पर कलाकार आयुष राजवैद्य प्ले किया। जिसमें संगीत तिलक भोगल ने दिया। मंच के साइड ने आयुष की एंट्री और तिलक के गिटार पर तिलक के संगीत ने दर्शकों में उत्साह भर दिया।

कला एवं संस्कृति समिति की अंकिता किरवई ने बताया कि प्रतियोगिता में तीन प्रतिभागी अंशुका टेंबे, गरविता मोडक और अन्नया टोल ने प्रस्तुति दी। इतर अन्य प्रतिभागियों ने खुले मंच पर प्रस्तुति दी। महाराष्ट्र मंडळ के सुंदर नगर महिला केंद्र की टीम ने महाभारत थीम पर आकर्षक प्रस्तुति दी। टीम ने द्रौपती के चीरहरण और महिलाओं के सम्मान पर आधारित नाट्य प्ले किया। वहीं सुंदर नगर और शंकर नगर की महिलाओं ने पुराने गीतों पर प्रस्तुति दी। मंडळ सदस्य हेमंत मार्डीकर और धनश्री पेंडसे ने अभी न जाओ छोड़कर.. गीत गाया। कार्यक्रम में गीता दलाल, अनुराधा चौधरी, अनघा करकशे, आशीष जोशी, श्रीकांत स्वाती कोराने, वर्षा पांडेय, शेखर क्षीरसागर, निखिल मुकादम, अभय भागवतकर, वैभव बर्वे सहित बड़ी संख्या में मंडल के पदाधिकारी उपस्थित थे।
'निघालो घेऊन दत्ताची पालकी', सुंदर ते ध्यान उभे विटेवरी' जैसे सुमधुर भजनों से इंदौर की शुभांगी ने लूटी वाहवाही
मराठी स्पीकिंग क्लास में प्रशिक्षुओं ने सीखा मराठी ग्रामर.. सभी में दिखा उत्साह
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ द्वारा संचालित मराठी स्पीकिंग क्लास की 16वीं बैच 25 सितंबर से शुरू हो गई है। क्लास के दूसरे दिन मराठी सीखने में प्रशिक्षुओं ने काफी उत्साह दिखाया। पहले और दूसरे दिन मराठी बोलने और समझने के लिए सभी को मराठी ग्रामर की बेसिक जानकारी दी गई। आनलाइन मोड पर चल रहे मराठी स्पीकिंग क्लास को लेकर लोगों में उत्साह बना हुआ है। बतादें कि अब तक हुए 15 बैच में बड़ी संख्या में लोगों ने मराठी सीखी। मराठी सीखने में राजधानी रायपुर ही नहीं वरन महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और विदेशों से भी लोग जुड़ चुके है।
महाराष्ट्र मंडळ द्वारा संचालित मराठी स्पीकिंग क्लास रात 9 से 10 तक ऑनलाइन मोड पर संचालित हो रही है। क्लास की प्रभारी पद्मजा लाड ने बताया कि क्लास की 16वीं बैच 25 सितंबर से शुरू हुई है। 25 और 26 सितंबर इन दो दिनों में बच्चों को मराठी ग्रामर की बेसिक जानकारी दी गई। ऑनलाइन क्लास में रायपुर शहर से बाहर के विद्यार्थी भी शामिल होकर फर्राटेदार मराठी बोलना सीख रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मराठी समुदाय के अलावा अन्य भाषा के जानकार भी मराठी सीखने के लिए काफी ज्यादा उत्सुक हैं। लाड ने बताया कि इससे पहले की कक्षाओं में बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, कोरबा, राजनांदगांव के हर उम्र विद्यार्थी मराठी सीखने की क्लास में शामिल हो चुके हैं। क्लास में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र मंडळ में या पद्मजा लाड के पास मोबाइल नंबर 94077 01633 अथवा 93408 05110 पर संपर्क किया जा सकता हैं।
मराठी स्पीकिंग क्लास के संदर्भ में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काळे ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोग मराठी बोलना सीखें और मराठी संस्कृति के करीब आएं। इसी उद्देश्य से मराठी स्पीकिंग क्लास ऑनलाइन मोड पर शुरू की गई है। काले ने कहा कि हमारा उद्देश्य लोगों को मराठी संस्कृति और परंपरा के करीब लाना है और यह मराठी भाषा सीखे बिना संभव नहीं है। यही कारण है कि हम लोग मराठी स्पीकिंग क्लास में एडमिशन के लिए महाराष्ट्र मंडल की सदस्यता अनिवार्य वाली कोई शर्त नहीं रखी है। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में मराठी भाषी स्थानीय लोग इस क्लास से लाभान्वित होंगे।
महाराष्ट्र मंडल में आज शाम शुभांगी का सुगम संगीत
‘आला रे आला गणपति आला’ से गूंजा महाराष्ट्र मंडळ, महिलाओं ने दी कई मनमोहक भजन की प्रस्तुति
रायपुर। आला रे आला गणपति आला... पार्वतिच्या बाडा पायात वाडा... विसरू नको रे आई बापाला... झिजवली त्यांनी काया.. जैसे मराठी भजनों की प्रस्तुति से महाराष्ट्र मंडळ का संत ज्ञानेश्वर हाल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मौका था महाराष्ट्र मंडळ के गणेशोत्सव में आयोजित भजन संध्या का। महाराष्ट्र मंडल की सभी महिला केंद्र की टोली ने 25 सितंबर की शाम चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडळ पहुंच क्रमशः कई मनमोहक भजन की प्रस्तुति दी।

महाराष्ट्र मंडळ में आयोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दौरान आयोजित 10 दिनी कार्यक्रमों के कड़ी में 25 सितंबर को मंडल के सभी 15 महिला केंद्र की टीम ने मंडळ पहुंच सुमधुर भजन की प्रस्तुति दी। दोपहर 3 बजे शुरू हुए भजन का सिलसिला शाम को आरती तक चलता रहा। इस दौरान सभी केंद्र की महिलाओं ने क्रमशः अपनी-अपनी प्रस्तुति दी। लगातार छह घंटे चले भजन प्रस्तुति के चलते पूरा भवन भक्तिमय हो गया।

महाराष्ट्र मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि भजन संध्या की शुभारंभ मंडळ की आजीवन सभासद अपर्णा काळेले, हेमा बर्वे और जयश्री केलकर ने दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के पूजन के साथ किया। भवन संध्या में पहली प्रस्तुति बूढ़ापारा महिला केंद्र की महिलाओं ने अभिनय के साथ दी। महिलाओं ने गणपति जी के भजन के साथ अपनी प्रस्तुति प्रारंभ की।

तोपखानेवाले ने आगे बताया कि गणपति वंदना के साथ शुरू हुआ भजनों का सिलसिला छह घंटे तक चलता रहा। इस दौरान मंडळ के सभी 15 महिला केंद्र की टीम ने क्रमशः अपनी प्रस्तुति दी। महिलाओं देवों में प्रथम पूज्य श्रीगणेश के साथ भोलेनाथ शिवशंकर, देवी और भगवान विट्ठल के भजन प्रस्तुत किए। भजन संध्या में एक-एक महिला केंद्र से 20-22 महिलाओं की टोली सहित 300 महिलाएं पहुंची थी।
महाराष्ट्र मंडळ में 27 सितंबर की शाम लगेगा डांस का तड़का.... बच्चों से लेकर बड़े तक बिखेरेंगे अपना जलवा
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में 27 सितंबर यानी आज शाम डांस का तड़का लगेगा। इस रंगारंग प्रस्तुति ने सभी आयु वर्ग के लोग अपनी प्रतिभा का परिचय मंडळ के मंच पर देंगे। बात क्लासिकल गीत संगीत की हो या बालीवुड के फिल्मी गानों की। दोनों के एक साथ बच्चे से लेकर बड़े तक सभी पहुंचेंगे महाराष्ट्र मंडल। आयोजन को लेकर अभी 28 प्रविष्ठियां आ चुकी है। जिसमें एकल, जोडी और समूह नृत्य शामिल है।
महाराष्ट्र मंडल की कला एवं संस्कृति मंडल प्रभारी भारती पलसोदकर ने बताया कि महाराष्ट्र मंडळ में आयोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में चल रहे कार्यक्रम की कड़ी में 27 सितंबर को शाम 7 बजे रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति मंडळ के सदस्यों द्वारा दी जाएगी। कार्यक्रम में सभी आयु वर्ग के लोग शामिल होंगे। बच्चों से लेकर बड़े भी डांस प्रस्तुत करेंगे।
महाराष्ट्र मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाने ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान मंडल के सभी प्रकल्पों द्वारा अलग-अलग दिन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंडळ की कला एवं संस्कृति समिति और महिला मंडल की भागीदारी के साथ रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। इसमें क्लासिकल, सेमी क्सालिकल, फिल्मी नये पुराने गीतों पर प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम में मंडल की सभी 15 महिला केंद्र की टीम शामिल होंगी।
अंधेरा मंच, बैकड्राप से रोशनी और विट्ठल को साक्षात मंच पर देख मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
रायपुर। अंधेरा मंच, बैकड्राप से रोशनी और विट्ठल की मनमोहक आकृति देखकर महाराष्ट्र मंडळ के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में बैठ दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। विट्ठल तो आला-आला का यह पहला दृश्य जितना आकर्षक था, पूरा नाटक उतना ही मनोरंजक। बात हो रही है महाराष्ट्र मंडल में रविवार, 24 सितंबर की रात हुए विट्ठल तो आला-आला नाटक के मंचन की।

महाराष्ट्र मंडळ में शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में दो नाटकों का मंचन किया गया। इनमें पहला डा. वसंत सबनिस लिखित मराठी एकांकिका 'चोर आले पाहिजेत' था। इसमें सुधांशु नाफडे, गौरी क्षीरसागर, भगीरथ कालेले, अभिषेक बक्षी और परितोष डोंनगांवकर ने अपने अभिनय से लाफ्टर के साथ खूब तालियां बटोरी। प्रा. अनिल श्रीराम काळेले निर्देशित इस नाटक की रोचकता इस बात में थी कि केंद्रीय पात्र सुधांशू नाफडे (रामभाऊ) अपने घर के गहनों की बीमा करने के बाद चोरी करवाना चाहता है, लेकिन काफी दिलचस्प संवादों के बीच हास्य परिहास के साथ सफल नहीं हो पाता।

अगला नाटक पु. ल. देशपांडे लिखित सुप्रसिद्ध एकांकिका 'विट्ठल तो आला-आला' मंचित किया गया। 12 पात्रीय इस नाटक में निश्चित ही विट्ठल की भूमिका में भगीरथ काळेले अपनी वेशभूषा, रंगभूषा और संवाद अदायगी से छाए रहे। उनका साथ प्रसन्न निमोणकर (सेठजी), चेतन दंडवते (पंडितजी), प्रिया बक्षी (वकील), सुधाशु नाफडे़ (पशु चिकित्सक), अभिषेक बक्षी (मास्टर), प्रेम उपवंशी (दर्जी), कीर्ति हिशीकर (गायिका), पवन ओगले (अंधा भिखारी) ने बखूबी दिया।

भगवान विट्ठल हर पात्र से काम मांगते या अपना स्वयं का स्थान देकर स्वयं उनकी जगह काम करने का प्रस्ताव देते दिखे। इस प्रस्ताव को सभी ने सौम्यता के अपने-अपने तर्कों से ठुकरा दिया। इस बीच नाटक को एक अलग ही रंग देने के लिए अचानक नवीन देशमुख (फिल्म डायरेक्टर), रविंद्र ठेंगड़ी (म्यूजिक डायरेक्टर) मंच पर आते है और हास परिहास का नया दौर शुरू हो जाता है। 50 मिनट के इस नाटक में निर्देशक प्रा. अनिल श्रीराम काळेले दर्शकों के साथ समाज को सशक्त संदेश देने में सफल रहे। अपनी निर्देशकीय दक्षता से काळेले ने करीब 75 साल पुराने इस नाटक की सामायिकता को नई ताजगी दी।

दोनों ही नाटकों में कला संयोजन अजय पोतदार, वेशभूषा अपर्णा कालेले मेकअप वंदना निमोणकर और पाश्व संगीत परितोष डोंनगांवकर ने दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिति अरूण भावे और वनजा भावे ने दोनों नाटकों के भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए अतिशीघ्र तीन अंकीय नाटक की योजना बनाने का आग्रह किया। महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय काळे ने नये भवन में संत ज्ञानेश्वर सभा गृह के सौ. कुमुदिनी वरवंडकर मंच पर सफलता पूर्वक मंचित किए गए दोनों नाटकों के लिए पूरी टीम का अभिवादन किया।
गणेश पंडाल में महिला मंडळ ने प्रस्तुत किया भजन... बहीं भक्ति रस की गंगा
'सिटी के साथ ही नागरिकों का भी स्मार्ट होना जरूरी'.... महाराष्ट्र मंडल के नागरिक संवाद में वक्ताओं ने रखें विचार
महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव में 24 सितंबर को विट्ठल तो आला-आला और चोर आले पाहिजेत का मंचन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ में रविवार 24 सितंबर को शाम 7.30 बजे से दो मराठी नाटकों का मंचन किया जाएगा। शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में मंचित किए जाने वाले दोनों ही नाटकों का निर्देशन महाराष्ट्र नाट्य मंडळ के निर्देशक प्रा. अनिल श्रीराम काळेले ने किया है।
नाट्य मंडळ की अध्यक्ष अभया जोगळेकर ने बताया कि डा. वसंत सबनिस लिखित एकांकिका चोर आलेत पाहिजेत एक दिग्भ्रमित और कुछ हद तक विक्षिप्त युवक की कहानी है, जो शादी के समय मिले ढाई हजार रुपये तोले वाले 10 तोला सोने का बीमा सिर्फ इसलिए करवाता है कि वह चोरी हो जाए, ताकि बीमा कंपनी उसे सोने की वर्तमान बाजार दर के हिसाब से भुगतान करें। इस मनोरंजक नाटक में सुधांशु नाफडे, गौरी क्षीरसागर, भगिरथ काळेले, अभिषेक बक्षी और परितोष डोंनगांवकर ने अभिनय किया है। कला संयोजन अजय पोतदार, वेशभूषा अपर्णा काळेले, मेकअप वंदना निमोणकर और पाश्व संगीत की जिम्मेदारी नवीन देशमुख पूरी की।
अभया जोगळेकर के अनुसार पु.ल.देशपांडे लिखित सुप्रसिद्ध एकांकिका विट्ठल तो आला-आला का महाराष्ट्र मंडळ में रोचक अंदाज में मंचन किया जाएगा। नाटक में विट्ठल की भूमिका में भगिरथ काळेले आकर्षण का केंद्र होंगे। तो वहीं प्रसन्न निमोणकर (सेठजी), चेतन दंडवते (पंडितजी), प्रिया बक्षी (वकील), सुधाशु नाफडे (पशु चिकित्सक), अभिषेक बक्षी (मास्टर), प्रेम उपवंशी (दर्जी), कीर्ति हिशीकर (गायिका), पवन ओगले (अंधा भिखारी), नवीन देशमुख (फिल्म डायरेक्टर), रविंद्र ठेंगड़ी (म्यूजिक डायरेक्टर) की अहम भूमिकाएं है। लगभग एक घंटे का यह नाटक आध्यात्म के साथ वर्तमान परिस्थितियों को मनोरंजक अंदाज में कुरेदता हुआ दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेगा।
ऐतिहासिक है विट्ठल तो आला आला
अनिल काळेले ने बताया कि लगभग 75 साल पहले पुरुषोत्तम लक्ष्मण देशपांडे द्वारा लिखित नाटक विट्ठल तो आला आला देश में सर्वाधिक मंचित किए जाने वाले नाटकों में से एक है। भारत देश की लगभग सभी भाषाओं में अनुवादित इस नाटक को हर विचारधारा की नाट्य संस्थाएं निःसंकोच मंच पर साकार करती है। महाराष्ट्र मंड़ळ में सन् 1954 में इस नाटक का मंचन जब किया गया था, तब महाराष्ट्र नाट्य मंडल का गठन तक नहीं हुआ था। 1954 में खेले गए इस नाटक का निर्देशन श्रीराम पुरषोत्तम काळेले ने किया था। इसमें यशवंत जोगळेकर, प्रो. कालिया सर, सौ. करकरे, आबा करकरे, इंदु ताई काळेले की भूमिका भी अहम थी। इप्टा के महासचिव अरूण काठोटे के अनुसार 90 के दशक में यही नाटक गांधी मैदान स्थित रंग मंदिर में इप्टा की ओर से मंचित किया गया था। इप्टा रायगढ़ ने भी महाराष्ट्र मंडळ रायपुर में इसका सफल मंचन किया।
महाराष्ट्र मंडल गणेश उत्सव में नागरिक संवाद 23 की शाम.... स्मार्ट कैसे हो हमारी स्मार्ट सिटी पर बोलेंगे वक्ता
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के पांचवें दिन शनिवार, 23 सितंबर को नागरिक संवाद का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम की संयोजक साहित्य समिति की प्रभारी कुमुद लाड ने बताया कि शाम 7:30 बजे से 'स्मार्ट कैसे हो हमारी स्मार्ट सिटी' विषय पर नागरिक संवाद का कार्यक्रम रखा गया है।
कुमुद लाड ने आगे बताया कि इस नागरिक संवाद में नगर के सुप्रसिद्ध वक्ता अमिताभ दुबे, शिल्पा नाहर, प्रवीण जैन, डॉ. बाला कृष्णन, नितिन श्रीवास्तव और मनीष पिल्लीवार अलग- अलग बिंदुओं और पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। मंच का संचालन प्रसन्न निमोणकर करेंगे। मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने प्रबुद्ध नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
बतादें कि 'कैसे स्मार्ट हो हमारी सिटी स्मार्ट' संवाद में विभिन्न क्षेत्रों और विषयों के विशेषज्ञ वक्ता रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर अपने विचार व्यक्त करेंगे। साथ ही वे यह भी बताएंगे कि स्मार्ट सिटी की राह में हमारे कौन से निर्णय, आदतें और सोच बड़े बाधक हैं और उन बाधाओं को दूर कैसे करना है।
छोटों ने पेंसिल से उकेरा श्रीगणेश... तो बड़ों ने सुलेख और निबंध में दिखाया अपना टैलेंट




महाराष्ट्र मंडळ में वाद-विवाद, सुलेख और चित्रकला स्पर्धा आज
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ रायपुर में 22 सितंबर, शुक्रवार को नगर स्तरीय शालेय वाद विवाद स्पर्धा और सुलेख स्पर्धा होगी। महराष्ट्र मंडळ में आयोजित मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव 2023 के विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में आज दोपहर 4 बजे से इस स्पर्धा का आयोजन किया गया है। स्पर्धा में विभिन्न स्कूलों के बच्चें भाग लेंगे।
कार्यक्रम के आयोजक मंडल की युवा समिति के प्रभारी विनोद राखुंडे ने बताया कि 9वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए वाद-विवाद का विषय 'विद्यार्थियों के लिए सोशल मीडिया वरदान या अभिशाप' रखा गया है। 10वीं कक्षा व इससे बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थी 'आज की आवश्यकता पर्यावरण या प्रौद्योगिकी' विषय पर वाद विवाद करेंगे। इस मौके पर विद्यार्थियों के लिए चित्रकला स्पर्धा भी आयोजित की गई है। तीनों ही स्पर्धाओं के लिए अभी से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने पंजीयन करवा लिया है।