दिव्य महाराष्ट्र मंडल
बिटिया की हैं शादी... तलाश है अच्छे भवन की तो एक बार जरूर आए महाराष्ट्र मंडल

.jpeg)


सिने जगत जैसी लाइव अंताक्षरी मंडळ में.... गाने का है शौक तो टीम बना अवश्य लें भाग
रायपुर। टीवी और सिल्वर स्क्रीन में आपने बचपन से अंताक्षरी प्रतियोगिता देखी होगी। वैसी ही अंताक्षरी लाइव देखने मिले तो अंताक्षरी देखने का मजा दोगुना हो जाता है। प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग टेबल, बजर सिस्टम, एलडीई स्क्रीन पर फिल्मों की क्लीप दिखा गाने पहचानना, गाने की धून सुनकर गाना पहचानने के साथ और बहुत कुछ लेकर आ रहा है आपका अपना महाराष्ट्र मंडळ।
जी हां, चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडळ की ओर से तिलक जयंती के अवसर पर 10 और 11 अगस्त को नगर स्तरीय अंताक्षरी स्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडळ भवन में होगा। स्पर्धा का शुभारंभ 10 अगस्त को शाम पांच बजे प्रारंभ होगा। दूसरे दिन रविवार को सुबह 9 बजे से स्पर्धा शुरू होगी।
महाराष्ट्र मंडल की सहसचिव मालती मिश्रा ने बताया कि स्पर्धा में प्रत्येक समाज, संस्था या ग्रुप के टीम में 4 सदस्य प्रतिभागी होंगे। दर्शकों से भी प्रश्न पूछे जावेंगे एवं तुरंत आकर्षक इनाम दिया जाएगा। टीम के गठन में महिला और पुरुष दोनों को शामिल किया जा सकता है। स्पर्धा हिंदी फिल्मी गानों पर आधारित होगी। प्रत्येक टीम के लिए प्रवेश शुल्क 1000 रुपये ( प्रति व्यक्ति 250 रुपये) निर्धारित किया गया है।
अन्य जानकारी के लिए महाराष्ट्र मंडळ की उपाध्यक्ष और अंताक्षरी स्पर्धा प्रभारी गीता श्याम दलाल से 9424217229 के साथ मालती मिश्रा सह सचिव, 9329822985, हेमंत मार्डिकर समनव्यक (इवेंट). 9993059700, ओपी कटारिया प्रमुख खेलकुद समिति 9131513357, सुधीर जाऊलकर उप प्रमुख खेलकूद समिति 9827111477, पल्लवी मुकादम उप प्रमुख, खेलकूद समिति 7000475029 से संपर्क किया जा सकता है।
अगर आपको गाने का है शौक तो यह स्पर्धा आपके लिए... जीते सोने का सिक्का
रायपुर। जी, हां अगर आपको भी गाने का शौक है तो यह प्रतियोगिता आपके लिए ही है। दो वर्गों में आयोजित इस स्वर्धा में जीतने वाले पुरुष और महिला प्रतिभागी को मिलेगा सोने का सिक्का। महाराष्ट्र मंडल की खेलकूद समिति रविवार, 11 अगस्त को एकल गायन स्पर्धा का आयोजन करने जा रही है। प्रतियोगिता चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडळ के संत ज्ञानेश्वर सभा गृह में होगी।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल ने बताया कि 11 अगस्त को एकल गायन स्पर्धा का आयोजन मंडल की खेलकूज समिति की ओर से किया गया है। स्पर्धा सुबह11 बजे प्रारंभ होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए समिति ने कुछ नियम बनाए है। दलाल ने बताया कि स्पर्धा महिला एवं पुरुष वर्ग के लिए अलग-अलग होगी। प्रतिभागियों को कराओके म्यूजिक में फिल्मी गीत के दो पद गाने होंगे। प्रतभागियों के न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष निर्धारित की गई है।
दलाल ने आगे बताया कि पुरुष और महिला वर्ग के विजेता को सोने के सिक्का पुरस्कार स्वरूप दिया जाएगा। इसके साथ सभी प्रतिभागियों को मेडल और सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा। निर्णायक मंडळ का निर्णय अंतिम होगाl स्पर्धा के लिए प्रवेश शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। जिसे महाराष्ट्र मंडळ के QR से पेमेंट करना है एवं नाम और मोबाईल नंबर के साथ 9329822985 मे भेजना होगा।
स्पर्धा की अधिक जानकारी के लिए आप उपाध्यक्ष महाराष्ट्र मंडळ एवं अंताक्षरी स्पर्धा प्रभारी गीता श्याम दलाल 9424217229, मालती मिश्रा सह सचिव, महाराष्ट्र मण्डल 9329822985, हेमंत मार्डीकर समन्वयक (इव्हेंट) 9993059700, ओपी कटारिया प्रमुख खेलकूद समिति 9131513357, सुधीर जाऊलकर उप प्रमुख खेलकूद समिति 9827111477, पल्लवी मुकादम उप प्रमुख, खेलकूद समिति 7000475029 से संपर्क कर सकते हैं।
अथर्व शीर्ष पाठ के साथ रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ भी
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की डंगनिया केंद्र की महिलाओं द्वारा प्रत्येक माह की गणेश चतुर्थी पर होने वाला अथर्व शीर्ष का पाठ इस चतुर्थी को भी जारी रहा। ऊं भद्रं कर्णेभि श्रृणुयाम देवाः....के साथ शुरू हुए पाठ से केंद्र की सदस्य श्रद्धा मरघड़े का पूरा घर भक्तिमय हो उठा। महिलाओं ने क्रमशः 21 बार अथर्व शीर्ष का पाठ किया। जैसे जैसे पाठ पूरा होता, वैसे वैसे अगले पाठ के लिए महिलाओं में ज्यादा उत्साह देखा गया। लय से लय मिलाकर भक्ति में रमी महिलाएं पाठ कर रही थी।
केंद्र की संयोजिका ने बताया कि केंद्र द्वारा वर्ष भर पड़ने वाले गणेश चतुर्थी के दिन अथर्व शीर्ष का पाठ किया जाता है। सावन शुरू होने के साथ इस माह 24 जुलाई को गणेश चतुर्थी पड़ी। केंद्र की महिलाओं ने 21 बार अथर्व शीर्ष का पाठ किया। वहीं साथ ही रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का भी पाठ किया गया।
इस अवसर पर श्रद्धा मरघड़े, भावना राजिमवाले, नमिता शेष, ज्योति डोलस, अनुजा महाडि, अनुभा जाउलकर, सरोजिनी पराड़, अंजली काले, दिपांजली भालेराव, जया भावे, रश्मि डांगे, शुभांगी रुद्रजवार और संध्या अनिल प्रमुख रुप से उपस्थित थीं।
भारत माता की जय और इंकलाब के नारों से गूंज उठा संत ज्ञानेश्वर स्कूल का हाल
रायपुर। भारत माता की जय और इंकलाब के नारों से संत ज्ञानेश्वर स्कूल का हाल उस वक्त गूंज उठा जब बच्चे महान क्रांतिकारी की वेशभूषा धर हाल में पहुंचे। दर्शकदीर्घा में बैठे बच्चे भी पूरे उत्साह में नजर आए। मौका था महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में आयोजित तिलक-आजाद जयंती का। स्कूल में मंगलवार को क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उप प्राचार्य राहुल वोडीतेलवार और मॉर्निंग इंचार्ज उपस्थित थे।
प्राचार्य ने बच्चों ने बताया कि आज जो हम सार्वजनिक स्तर पर गणेश उत्सव हमाते है, इसकी परंपरा बाल गंगाधर तिलक ने शुरू की थी। ताकि स्वतंत्रता आंदोलन में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सके। वहीं चद्रशेखर आजाद की शौर्य का वर्णन करते हुए उन्होंने कि उनका ध्येय वाक्य था, ‘दुश्मनों की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहें हैं, आजाद ही रहेंगे’।
उप प्राचार्य राहुल सर ने बताया कि कार्यक्रम में बी दीपक राव बाल गंगाधर तिलक, रोहन अंभोरे चंद्रशेखर आजाद, तन्मय दास, मुकुल छेकर ने क्रांतिकारियों का रूप धारण किया था। तथा क्रांतिकारियों के नारे से हाल गुंजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों से दोनों क्रांतिकारियों से जुड़े कई सवाल पूछे गए। जिनका जवाब सभी विद्यार्थियों ने उत्सुकता के साथ दिया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका विनीता सुंदरानी एवं स्तुति रॉबिंसन ने किया। इस अवसर पर शिक्षिका अस्मिता कुसरे और सुदेवी विश्वास ने भी अपने विचार रखें।
अलग कार्यशैली के बावजूद तिलक- आजाद में थी कमाल की साम्यता
मोबाइल एडिक्शन के कारण बच्चों को रात में नहीं आती अच्छी नींदः डा. चंद्रकांत वाघ
- संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में हुआ एक दिवसीय वर्कशाप का आयोजन
- किशोरावस्था पर बच्चों के मन में उपजे सवालों का हुआ निदान
रायपुर। बच्चों में मोबाइल एडिक्शन को हम युवा पैरेट्स की लापरवाही कहें या समय की जरूरत। दोनों ही स्थिति में नुकसान सिर्फ बच्चों का है। इन दिनों छोटी उम्र में बच्चों को मोबाइल की ऐसी लत लग गई है कि बच्चों को रात में नींद नहीं आती है। वहीं सुबह उन्हें उठाने के लिए पैरेट्स का काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इससे बचने के लिए हमें रात को भोजन के बाद मोबाइल नहीं देखने की आदत डालनी होगी। जो लोग रात में मोबाइल देख भी रहे वो कमरे की लाइट बंद करके तो मोबाइल बिल्कुल भी न देखें। उक्त बातें डा. चंद्रकांत वाघ ने एक वर्कशाप के दौरान संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों से कहीं।

किशोरावस्था में बच्चों के मन में बहुत सारे प्रश्नों का जन्म होता है। उनकी जिज्ञासाओं को शांत करना और सही दिशा प्रदान करना बेहद आवश्यक होता है। ऐसे में महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर स्कूल ने बच्चों के लिए एक दिवसीय वर्कशाप का आयोजन किया। वर्कशाप में पहुंचे महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डा. चंद्रकात वाघ ने बच्चों की जिज्ञासाओं को सरलता के साथ शांत किया। इस अवसर पर उनकी पत्नी मनीषा वाघ भी उपस्थित थीं।
छात्र तन्मय तिवारी ने रात में नींद नहीं आने की बात कहीं। इस पर डाक्टर वाघ ने कहा कि रात में नींद नहीं आने का सबसे बड़ा कारण मोबाइल का एडिक्शन है। वहीं लखन साहू ने सही और स्वास्थ्यवर्धक डाइट को लेकर अपने पूछा। डॉक्टर वाघ ने बच्चों को नशे से दूर रहने तथा नशे की बुरी प्रवृत्तियों के बारे में भी जागरूक किया। इससे पूर्व स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन और उपप्राचार्य राहुल वोडीतेलवार ने डा. वाघ का सूतमाला और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों के साथ शिक्षिकों की उपस्थिति रही।
कैंसर अवेयरनेस के लिए कार्य करेगा मंडल का सड्डू-मोवा महिला केंद्र
रायपुर। समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही महाराष्ट्र मंडल की नवीन सड्डू-मोवा केंद्र की महिलाओं ने कैंसर अवेयरनेस के लिए कार्य करने का बीड़ा उठाया है। इसी वर्ष नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण के साथ अस्तित्व में आए सड्डू-मोवा महिला केंद्र की टीम पूरे जोश के साथ नजर आई। केंद्र की पहली बैठक पहले सावन सोमवार को संयोजिका आरती पोतदार के घर आयोजित की गई। बैठक में महिलाओं का उत्साह और उपस्थिति दोनों की सराहनीय थे।

बैठक की शुरूआत मंडल उपाध्यक्ष गीता दलाल, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, वरिष्ठ सदस्य नमिता शेष, अपर्णा देशमुख, रश्मि गोवर्धन और रेणुका पुराणिका के स्वागत के साथ किया गया। केंद्र की संयोजिका और सह संयोजिकाओं ने मिलकर सभी का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। उपरांत बैठक में शामिल सभी महिलाओं ने बारी-बारी से अपना परिचय दिया।

संयोजिका आरती पोतदार ने बताया कि आज हुई बैठक में सभी वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति में केंद्र द्वारा साल भर किए जाने वाले कार्यक्रम पर चर्चा की गई। सभी ने एकजुट होकर एक साथ मिलकर कार्य करने की बात कहीं। वहीं कैंसर अवेयरनेस के ऊपर एक जागरूकता अभियान चलाने को लेकर सहमति बनीं। वहीं नये सदस्य बनाने को लेकर भी चर्चा हुई।

इस अवसर पर संयोजिका आरती पोतदार, सह संयोजिका प्राजक्ता ऐतुलवार, मनीषा होशंगाबाद, विशाखा दुबे, उन्नती शाह स्मिता करदले सहित सुरेखा पाटिल, वनिता चिताम्बरे, विनया करदले और सुषमा शाह प्रमुख रुप से उपस्थित थीं। नमिता शेष ने आभार प्रदर्शन करते हुए केंद्र की संयोजिका, सह संयोजिका और सदस्यों से हमेशा साथ खड़े रहने की बात कहीं।

तिलक- आजाद जयंती पर महाराष्ट्र मंडल में 23 जुलाई को विशेष प्रेजेंटेशन
गुरु पूर्णिमा पर रोहिणीपुरम केंद्र ने किया भजन और चालीसा पाठ
रायपुर। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महाराष्ट्र मंडल की रोहिणीपुरम महिला केंद्र द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन केंद्र की सदस्य श्यामल जोशी के घर पर किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी महिलाओं ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया।
श्यामल जोशी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंची सभी महिलाओं ने एक पेड़ मां के नाम को गति देने पर चर्चा की। इस दौरान निर्णय लिया गया कि केंद्र को ओर पांच पेड़ लगाएं जाएंगे और उन पेड़ों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी केंद्र की महिलाओं की होगी। इसके अलावाल सावन उत्सव के लिए तैयारी पर भी चर्चा हुई।
जोशी ने आगे बताया कि बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि प्रत्येक शनिवार को होने वाले रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ को किसी न किसी एक सदस्य के घर पर नियमित रुप से किया जाएगा। अंत में कृष्ण के नामो की अंताक्षरी भी खेली गई तथा पुरस्कार भी दिया गया। कार्यक्रम में अचला मोहरीकर, जयश्री भुरे, मीरा कुपटकर, अपर्णा जोशी, अपर्णा वराडपांडे, रीना बाबर, अनीता लांगे, स्मिता बल्कि, साधना बहिरट, प्राची गनोदवाले, सीमा बक्शी आदि उपस्थित रहे।
Best Out of waste… संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने वेस्ट मटेरियल से बनाया वॉल हैंगिंग, गुलदस्ता और बहुत कुछ
रायपुर। घर पर पड़े वेस्ट मटेरियल से कुछ अच्छा बनाने की बात हो तो बच्चों की क्रिएटिविटी देख आप अचंभित रह जाएंगे। फिर स्कूल में अगर अपने सहपाठियों के साथ इसे लेकर काम्पिटिशन हो तो फिर बच्चों के उत्साह का और क्या पूछना है। ऐसे ही उत्साह के साथ बीते शनिवार को संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने अपनी अद्भुत क्रिएटिविटी दिखाई। क्लास वन से लेकर 8वीं तक के बच्चों ने अपने-अपने स्तर पर अपने टैंलेट का खूब प्रदर्शन किया। किसी बच्चे ने शानदार वाल हैंगिग बनाई तो किसी ने खूबसूरत गुलदस्ता बना सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। कुछ बच्चों ने वाटरफाल बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं 9वीं से 12वीं के बच्चों के लिए निबंध लेखन स्पर्धा हुई।
स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि इस शनिवार कक्षी पहलीं से लेकर 8वीं तक के बच्चों के लिए वेस्ट आउट आफ द वेस्ट काम्पिटिशन का आयोजन किया गया। प्राइमरी और मीडिल के बच्चों के लिए अलग-अलग वर्ग में स्पर्धा का आयोजन किया गया।

प्राइमरी के बच्चे किसी से कम नहीं
कक्षा पांचवीं से भावेश बघेल ने अपने हाथों से भगवान जगन्नाथ, लावण्या ने अनाज से वक्रतुंड महाकाय श्लोक को विस्तारित रूप से समझाया। हिमानी ने वॉल हैंगिंग, हंसिका प्रसाद ने वॉटरफॉल, भोज ने कृष्णा, यीशु ने कृष्णा, रुचि साहू, भूपेंद्र वर्मा, लोकेश कोठारी, रौनक व कुछ बच्चों ने छत्तीसगढ़ी महतारी, तोरण, स्वचालित कार, गुलदस्ता, चंद्र अभियान और भी अनेक नई चीजें बनाईं। स्पर्धा में भारती सहगल, वंदना यादव, अनिता सोनी और विनीता सुंदरानी ने बच्चों का मार्गदर्शन किया।
वॉल हैंगिंग और गुलदस्ता सभी को भाया
कक्षा छठवीं से आठवीं के बच्चों ने वेस्ट से बेस्ट में अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए मनमोहक वॉल हैंगिंग, गुलदस्ता, चंद्रयान जैसी चीजें बनाई। इस स्पर्धा में शिक्षिका वर्षा गिरीभट्ट, मेघा जैन, वंदना बिसेन, शिखा सूद, सरिता पांडे, श्रद्धा मते, रोशन सिंग राजपूत, प्रतिक्षा ने बच्चों का सहयोग किया।

‘जी-20’ पर बच्चों ने लिखे अपने विचार
वहीं 9वीं से 12वीं के बच्चों के लिए ‘जी-20’ विषय पर निबंध लेखन स्पर्धा का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बतादें कि G20 दुनिया के 19 देशों और यूरोपियन यूनियन का एक समूह है। इसकी स्थापना वर्ष 1999 में G7 देशों द्वारा किया गया था। इसका गठन दुनिया की मजबूत अर्थ व्यवस्था वाले देशों द्वारा आपसी सहयोग के लिए किया गया था। G20 सदस्य वैश्विक जीडीपी का लगभग 85%, वैश्विक व्यापार का 75% से अधिक और विश्व जनसंख्या का लगभग दो-तिहाई प्रतिनिधित्व करते हैं।
वेस्ट से बेस्ट बनाने की स्पर्धा में बच्चों की निखरी प्रतिभा
महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में हुई बच्चों की प्रेरक गतिविधि
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में शनिवार को पहली कक्षा से लेकर पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता रखी गई। प्रतियोगिताओं में बच्चों के अंदर छिपी हुई प्रतिभा निखर कर सामने आई।
कक्षा पांचवीं से भावेश बघेल ने अपने हाथों से भगवान जगन्नाथ, लावण्या ने अनाज से वक्रतुंड महाकाय श्लोक को विस्तारित रूप से समझाया। हिमानी ने वॉल हैंगिंग, हंसिका प्रसाद ने वॉटरफॉल, भोज ने कृष्णा, यीशु ने कृष्णा, रुचि साहू, भूपेंद्र वर्मा, लोकेश कोठारी, रौनक व कुछ बच्चों ने छत्तीसगढ़ी महतारी, तोरण, स्वचालित कार, गुलदस्ता, चंद्र अभियान और भी अनेक नई चीजें बनाईं। इस प्रतियोगिता का जजमेंट शिक्षिका भारती सहगल एवम वंदना यादव ने किया |
सभी शिक्षिकाओं के सहयोग से यह प्रतियोगिता बहुत अच्छे से सफल हुई। इस प्रतियोगिता का संचालन शिक्षिका अनिता सोनी और विनीता सुंदरानी ने किया।
सैटरडे एक्टिविटी में संत ज्ञानेश्वर स्कूल ने बच्चों ने की कलरिंग
रायपुर। जहां हम बड़ों के लिए संडे यानी रविवार का दिन मौज मस्ती और मनोरंजन के लिए होता है,वहीं संत ज्ञानेश्वर स्कूल के छोटे बच्चे अपने मनोरंजन और फन के लिए शनिवार को बेसब्री से इंजतार करते है। क्योंकि इस दिन बच्चों को पढ़ाई नहीं फन करने मिलता है। इस शनिवार 20 जुलाई को बच्चों के लिए कलरिंग स्पर्धा कराई गई। जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया और सुंदर सुंदर चित्रों में शानदार रंग भऱे।
स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि शिक्षिका अस्मिता कुसरे भारती सहगल, हार्दिका बोबडे सुरेखा नायक, शिखा गुप्ता ने बच्चों के लिए रंग भरो स्पर्धा का आयोजन किया। जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। नर्सरी से लिसा, चिन्मय, अंकित, लावण्या कक्षा पीपी-1 से आरुष, हंसिका और पीपी-2 से से अभिज्ञा, सोनल ने पेपर पर दिए गए स्कैच पर शानदार रंग भरा। वहीं कक्षा के सभी बच्चों ने स्पर्धा में उत्साह के साथ भाग लिया।
स्पर्धा की निर्णायक शिक्षिका सुदेवी विश्वास ने बताया कि यूं तो बच्चों की प्रतिभा में किसी एक का चयन हर किसी के लिए बड़ा टास्क होता है। यहां भी बच्चों ने एक से बढ़कर रंग भरे। सभी ने अपनी छोटी छोटी कलाईयों में वैक्स कलर लेकर चित्रों में शानदार रंग भरे। सभी के प्रतिभा एक से बढ़कर एक ही थी, इसलिए विजेता का चयन नहीं किया जा सका है। आराम से सभी चित्रों के अध्ययन के बाद विजेता का चयन किया जाएगा।
महाराष्ट्र मंडल में नगर स्तरीय अंताक्षरी स्पर्धा 10 और 11 अगस्त को
अखंडमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः
रायपुर। वैसे तो गुरु की महिमा का वर्णन करना संभव नहीं है, क्योंकि गुरु सूर्य के प्रकाश के समान है और गुरु की महिमा का वर्णन करना सूर्य के समक्ष दीप दिखाने जैसा होगा. गुरु ही हमारे शिक्षा, ज्ञान और जीवन का आधार है। गुरु पूर्णिमा पर महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शनिवार 20 जुलाई को गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों को पुरातन काल से चली आ रही गुरू शिष्य परंपरा के बारे में विस्तृत से बताया गया और आज के परिपेक्ष्य में इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका विनीता सुंदरानी एवं रेणुका शुक्ला ने किया। संगीत शिक्षक अक्षय कुमार ने गुरु वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शिक्षिका अस्मिता कुसरे ने नृत्य प्रस्तुत किया। सुदेवी विश्वास, अस्मिता कुसरे ने गुरु की स्तुति ,अनिता, प्रीति, स्वेता सभी शिक्षकों ने हॉल का डेकोरेशन किया। था। साथ ही सभी कक्षाओं के विद्यार्थी ने संगीत, भाषण, गीत की भी प्रस्तुति दी।
शिक्षिकाओं ने बच्चों को बताया कि सदैव अपने माता-पिता , बुजुर्ग, घर के बड़ों का, सभी गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए। तथा उनके बताए मार्ग पर अग्रसर होना चाहिए। कक्षा नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के बच्चों सप्त ऋषि मुनि का महत्व समझाया गया। विद्यार्थियों ने महर्षि वेदव्यास, द्रोणाचार्य, संत ज्ञानेश्वर महाराज, तुलसीदास ,गुरु नानक साहेब ,कबीर दास, रहीम, ,ऋषि दधीचि आदि का रूप धारण कर इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम में प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बच्चों को सनातन संस्कृति की इस परंपरा के बारे में बताते हुए कहा कि आज भी गुरूओं का जीवन में उतना ही महत्व है, जितना पुरातन काम में हुआ करता था। आज आधुनिकीकरण जरूर हुआ है, लेकिन सही ज्ञान का आधार को गुरु ही है। उप्राचार्य राहुल वोडीतेलवार
महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी की महा आरती में जुटे भक्त
मंडल की पर्यावरण समिति ने माना विमानतल में रोपे पौधे, लिया सुरक्षा का संकल्प
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ की पर्यावरण समिति पौधा रोपण और उसकी सुरक्षा को लेकर लगातार कार्य कर रही है। अपने पौधरोपण की क्रम में शुक्रवार, 19 जुलाई को समिति के सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद विमानतल के टेक्निकल विंग के पास वृहद स्तर पर पौधरोपण किया। समिति के सदस्यों ने नीम, करंज, कचनार, कटहल, अमलताश, गुलमोहर, शिशु के पौधों के साथ 45 ऑक्सीजन देने वाले एवं छायादार पौधे रोपण किया।
पौधरोपण की पश्चात् पर्यावरण समिति के सदस्यों ने पौधों को सुरक्षित रखने, नियमित रूप से पानी देने एवं पूर्ण विकसित करने का संकल्प लिया। पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान प्रमुख रुप से मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल उपस्थित थीं। उन्होंने समिति के सदस्यों को पौधरोपण के फायदे बताते हुए अपने अभियान को और गति प्रदान करने की बात कहीं।
इस अवसर पर प्रमुख रुप से पर्यावरण समिति के समन्वयक अभय भागवतकर, प्रमुख वैभव बर्वे, प्रमुख अनघा करकशे, सह प्रमुख अल्पना देवरणकर, सदस्य चित्रा देशपांडे, सुप्रिया शेष, मनीषा गायकवाड़, शोभना ठाकुर, पल्लवी जोशी, वैशाली पवार, प्रीति राउत एवं अखिलेश जोशी उपस्थित थे।