दिव्य महाराष्ट्र मंडल
दिव्यांग बालिका और संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति आज
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ में आयोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे श्रीगणेशोत्सव 2023 उत्सव के दौरान गुरुवार 21 सितंबर को महाराष्ट्र मंडळ के प्रकल्प दिव्यांग बालिका विकास गृह, कामकाजी महिला वसती गृह एवं संत ज्ञानेश्वर विद्यालय स्कूल के बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम महाराष्ट्र मंडळ के संत ज्ञानेश्वर हाल में दोपहर 4 बजे से होगा।
महाराष्ट्र मंडळ की खेलकूद समिति प्रभारी गीता दलाल ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान आज खेलकूद समिति की ओर से दिव्यांग बालिका, कामकाजी महिला वसती गृह और संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडळ के आजीवन सभासद विजय लाड होंगे।
गीता दलाल ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियों कर ली गई। इस दौरान कुल 12 प्रस्तुति होगी। संत ज्ञानेश्वर स्कूल की ओर से 6 एंट्री आ चुकी है। वहीं कामकाजी महिला वसती गृह से चार और दिव्यांग बालिका से दो एंट्री आ गई। सभी प्रतिभागी फिल्मी गानों के साथ गीतों की प्रस्तुति देंगे।
गजलों और भजन की प्रस्तुति ने बांधा समां... महाराष्ट्र मंडळ में सजीं सुर ताल की महफिल
रायपुर। 'घर में पधारो गजानन जी....', 'रामगुण गायके.....' और 'शिव तांडव स्त्रोत' की गूंज महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में सुनाई दी। महाराष्ट्र मंडल में शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दूसरे दिन कमल ताई शेष सुगम संगीत स्पर्धा में यह दृश्य देखने को मिला। यहां राजधानी रायपुर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के करीब 27 प्रतिभागियों ने गजल और भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से संगीतप्रेमी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की आयोजक रंजन मोडक ने बताया कि सुगम संगीत स्पर्धा में निर्णायक भूमिका रमेश पालकर और धर्मेन्द्र सिंहदेव ने बखूबी निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, मंडल के वरिष्ठ आजीवन सभासद विनोद शेष रहे, जिन्होंने अपनी मां की स्मृति में यह संगीतमय प्रतियोगिता करवाई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडळ अध्यक्ष अजय काळे ने की। वहीं मंडळ के सचिव चेतन दंडवते भी विशेष रुप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। अतिथियों और निर्णायकों का स्वागत शाल और श्रीफल भेंटकर किया गया।

कला एवं सांस्कृतिक समिति की प्रभारी भारती पलसोदकर ने बताया कि जेएन पांडेय स्कूल, संत ज्ञानेश्वर स्कूल, गुजराती इंग्लिश मीडियम स्कूल, कमलादेवी संगीत महाविद्यालय सहित कई स्कूलों व कालेजों के बच्चों व युवाओं ने स्पर्धा में भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सृष्टि गोस्वामी, द्वितीय निखिल सोनी और तृतीय स्थान विशाल यादव ने प्राप्त किया। तीनों विजयी प्रतिभागियों को क्रमशः 1000, 750 और 500 रुपये की नकद पुरस्कार राशि के साथ शील्ड और प्रमाणपत्र दिया गया।

कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति समिति के सुमित मोडक, अंकिता किरवई, स्मिता टेंबे, हार्दिका बोबर्डें, धनश्री पेडसे, राकेश देशमुख, अस्मिता कुसरे, मनीषा पाटिल और निखिल मुकादम का विशेष योगदान रहा।
महाराष्ट्र मंडळ में हुई शिवाजी महाराज की महाआरती
गणेशोत्सव पर 20 सितंबर की शाम फिर सुरमयी होगा महाराष्ट्र मंडळ..... सजेगी गीत-संगीत की संध्या
रायपुर। गणेशोत्सव पर एक बार फिर से महाराष्ट्र मंडळ के प्रांगण में गीत और संगीत की मधुर ध्वनि गूंजने वाली है। श्रीमती कमल ताई शेष स्मृति में सुगम संगीत प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर महाराष्ट्र मंडळ में तैयारियां शुरू हो चुकी है। जिसमें 15 से 25 आयु वर्ग के युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
मंडळ के सदस्य रंजन मोडक ने बताया कि संगीत में रूचि रखने वाले युवाओं को मंच देने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए श्रीमती कमल ताई शेष स्मृति में सुगम संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र मंडळ चौबे कालोनी में 20 सितंबर की शाम 4 बजे किया जाएगा। स्पर्धा में भाग लेने के लिए प्रतिभागी 15 सितंबर तक अपना पंजीयन करा सकते है। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
आयोजन समिति की भारती पलसोदकर ने बताया कि स्पर्धा को लेकर कुछ नियम आयोजन समिति ने तय किए है। प्रतियोगिता में 15 से 25 वर्ष आयु वर्ग के लोग शामिल होंगे। प्रतिभागी गीत, गजल एवं भजन में से किसी एक विधा भी भाग ले सकते है। प्रतिभागियों नो मुखड़े के साथ अंतरे की भी प्रस्तुति देनी होगी। सभी प्रतिभागियों को 5-5 मिनट का समय दिया जाएगा।
मंडळ में स्थापित हुए श्रीगणेश, आज शाम होगी सुगम संगीत स्पर्धा... जानें किस दिन होगा कौन सा कार्यक्रम
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ में शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव का शुभारंभ 19 सितंबर को श्रीगणेश की स्थापना के साथ शुरू हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रीगणेश की स्थापना आचार्य चेतन दंडवते ने कराई। यजमान के रुप में मंडळ के वरिष्ठ सदस्य विनोद शेष उपस्थित थे।
गणेशोत्सव समिति प्रभारी दीपक किरवईवाले ने बताया कि 19 सितंबर को शाम पूरे विधि विधान से भगवान श्रीगणेश की स्थापना की गई। तत्पश्चात भगवान की आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मंडळ के सदस्य उपस्थित थे।
दीपक किरवईवाले ने बताया कि 20 से लेकर 27 सितंबर तक लगातार मंडळ के विभिन्न प्रकल्पों की ओर से विविध आयोजन किया जाना है। 20 सितंबर को मंडळ की कला एवं संस्कृति समिति की ओर से श्रीमती कमल ताई शेष स्मृति सुगम संगीत स्पर्धा का आयोजन किया गया है। समिति की प्रभारी भारती पलसोदकर ने बताया कि यह खुली स्पर्धा समस्त आयु वर्ग के लिए होगी।
21 सितंबर, गुरुवार को मंडल की खेलकूद समिति मंडल के प्रकल्पों दिव्यांग बालिका विकास गृह, कामकाजी महिला वसती गृह और संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी। मंडल की युवा समिति के प्रभारी विनोद राखुंडे ने बताया कि 22 सितंबर, शुक्रवार को नगर स्तरीय शालेय वाद विवाद स्पर्धा और सुलेख स्पर्धा होगी। 9वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए वाद विवाद का विषय 'विद्यार्थियों के लिए सोशल मीडिया वरदान या अभिशाप' रखा गया है। 10वीं कक्षा व इससे बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थी 'आज की आवश्यकता पर्यावरण या प्रौद्योगिकी' विषय पर वाद विवाद करेंगे। इस मौके पर विद्यार्थियों के लिए चित्रकला स्पर्धा भी आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ आजीवन सभासद विजय लाड होंगे।
साहित्य समिति की प्रभारी कुमुद लाड के अनुसार 23 सितंबर, शनिवार को नागरिक संवाद का भव्य आयोजन किया जाएगा। 'कैसे स्मार्ट हो हमारी स्मार्ट सिटी' में नगर के सुप्रसिद्ध वक्ता अमिताभ दुबे, शिल्पा नाहर, प्रवीण जैन, डॉ. बाला कृष्णन, नितिन श्रीवास्तव और मनीष पिल्लीवार अलग- अलग पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। मंच का संचालन प्रसन्न निमोणकर करेंगे।
रविवार, 24 सितंबर को महाराष्ट्र नाट्य मंडल संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर दो मराठी एकांकी का मंचन करेगा। नाट्य मंडल की अध्यक्ष अभया जोगलेकर ने बताया कि डॉ. वसंत सबनीस लिखित एकांकीका 'चोर आलेच पाहिजेत' और पु. ल. देशपांडे लिखित सुप्रसिद्ध एवं भारत में विभिन्न भाषाओं में सर्वाधिक मंचित नाटकों में से एक 'विट्ठल तो आला आला' का मंचन किया जाएगा। इन दोनों ही नाटकों का निर्देशन प्रा. अनिल श्रीराम कालेले करेंगे।
25 सितंबर, सोमवार को महाराष्ट्र मंडल सदस्य पाल्य क्लासिकल नृत्य स्पर्धा का आयोजन किया गया है।मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के अनुसार महाराष्ट्र मंडल के सभी आजीवन सभासदों के लिए ओपन मंच वाले इस कार्यक्रम को मंडल के सभी 14 महिला केंद्र आयोजित करेंगे। पर्यावरण समिति के प्रभारी अभय भागवतकर के अनुसार 26 सितंबर, मंगलवार को इंदौर की सुप्रसिद्ध गायिका शुभांगी अंबरडेकर पारुलकर का सुगम संगीत का कार्यक्रम होगा। हारमोनियम पर डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति और तबले पर बी. शरद कुमार संगत देंगे।
कला एवं सांस्कृतिक समिति के रंजन मोडक ने बताया कि 27 सितंबर, बुधवार को महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सदस्यों को विविध मनोरंजक प्रस्तुतियों के लिए मंच पर आमंत्रित किया जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम को लेकर अभी से अपनी- अपनी प्रस्तुतियों को लेकर प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन करवा लिया है। साथ ही नाम जुड़वाने के लिए अभी भी प्रतिभागियों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
28 सितंबर, गुरुवार को शाम 5:00 बजे महाराष्ट्र मंडल की सभी समितियां कार्यकारिणी सदस्य, पूजा- पाठ, होम- हवन के बाद जुलूस निकालकर श्री गणेश प्रतिमा का महादेव घाट में विसर्जन करेंगे।
रोहिणीपुरम महिला केंद्र मनाया आवरण... एक दूसरे को दी तीज की शुभकामनाएं...
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ के रोहिणीपुरम महिला केंद्र की ओर से हरतालिका तीज की पूर्व संध्या पर आवरण अर्थात (कड़ू भात) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने सहभोज भी किया। छत्तीसगढ़ की परंपरा के अनुसार महिलाओं के लिए विशेष रुप से करेले की सब्जी बनाई गई थी। महिलाओं के बीच मेहंदी लगाओ, बैलुन फूलाओं सहित कई स्पर्धा का आयोजन किया गया।
रोहिणीपुरम महिला केंद्र की संयोजिता श्यामल जोशी ने बताया कि आवरण में समाज की महिलाएं इंद्रधनुष के ड्रेस कोड में आई थीं। इस अवसर पर सभी महिलाओं ने मेहंदी लगवाई एवं बैलून वाला गेम खेला। जिसमें बैलून उछलकर डिस्पोजल गिलास को जमाना था। इस खेल में यशस्वी पिंपल पूरे ने 181 गिलास जमा कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। दूसरी विजेता प्रांजल बल्ला एवं तीसरी स्मिता बल्कि रही।
श्याम जोशी ने आगे बताया कि मंडळ सदस्य शताब्दी पांडे ने कजरी के गीत गाये एवं सभी महिलाओं ने आज आनंदी आनंद झाला पर डांडिया नृत्य किया। कार्यक्रम के अंत में डिनर का आयोजन हुआ। इस प्रकार आनंद में वातावरण में कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शताब्दी पांडे, रीना बाबर, यशस्वी उंठवाले, अचला मोहरीकर, अलका कुलकर्णी, प्रांजल बल्ला, अनिता लांगे, डा. वंदना काळे, चित्रा बलकी, स्मिता बलकी, राजश्री वैद्य, अपर्णा जोशी, अनुभा सांडेगांवकर, रचना ठेंगड़ी, जयश्री भूरे, अपर्णा कश्यप, मंजूला देवरस, साधना बहिरट, मीरा कुपटकर प्रमुख रुप से उपस्थित थीं।
गणेश स्थापना के लिए आपको नहीं मिल रहे है पंडित... तो आचार्य दंडवते बता रहें नियम.. मंत्रोच्चार के साथ खुद करें स्थापना
रायपुर। गणेशोत्सव 19 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग घरों और चौक चौराहों में श्रीगणेश की स्थापना करते है। ऐसे में श्रीगणेश की स्थापना के लिए आचार्य मिलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। महाराष्ट्र मंडळ के सचिव और आचार्य चेतन दंडवते ने कहा कि आचार्य नहीं मिलने की स्थिति में आप खुद श्रीगणेश की स्थापना कर सकते है। उन्होंने कहा कि स्थापना के लिए पूजन की विधि इस
श्री पार्थिव गणेश प्राणप्रतिष्ठा पूजन विधि
प्रथम कपाळी तिलक धारण करून आचमन करावे
ऊँ केशवाय नमः ऊँ नारायणाय नमः ऊँ माधवाय नमः ऊँ गोविंदाय नमः
पुन्हा आचमन करावे
ऊँ केशवाय नमः ऊँ नारायणाय नमः ऊँ माधवाय नमः ऊँ गोविंदाय नमः
ऊँ विष्णवे नमः ऊँ मधुसूदनाय नमः ऊँ त्रिविक्रमाय नमः ऊँ वामनाय नमः ऊँ श्रीधराय नमः ऊँ ह्यषीकेशाय नमः ऊँ पद्मनाभाय नमः ऊँ दामोदराय नमः
ऊँ संकर्षणाय नमः ऊँ वासुदेवाय नमः ऊँ प्रद्युम्नाय नमः ऊँ अनिरूद्धाय नमः
ऊँ पुरूषोत्तमाय नमः ऊँ अधोक्षजाय नमः ऊँ नारसिंहाय नमः ऊँ अच्युताय नमः ऊँ जनार्दनाय नमः ऊँ उपेंद्राय नमः ऊँ हरये नमः ऊँ श्री कृष्णाय नमः
देवापुढे पानसुपारीचा विडा ठेवावा देवास नमस्कार करून मोठ्या मंडळीनचे आशीर्वाद घ्यावेत आणि पुजेला प्रारंभ करावा।।
खालीलप्रमाणे प्रत्येक देवतेचे स्मरण करून नमस्कार करावा
ॐ श्रीमन्महागणपतये नम:॥ ॐ इष्ट देवताभ्यो नमः ॐ कुल देवताभ्यो नमः
ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः ॐ वास्तु देवताभ्यो नमःॐ गुरू देवताभ्यो नम॥
नंतर हातात अक्षता घेऊन श्रीगणेशाचे मनात स्मरण करावे आणि खालीलप्रमाणे मंत्र म्हणावेत
सुमुखश्च एकदंतश्च कपिलो गजकर्णकःलंबोदरश्च विकटो विघ्ननाशो गणाधिपः
धुम्रकेतुर् गणाध्यक्षो भालचंद्रो गजाननःद्वादशैतानि नामानी यःपठेद् शृणुयादपि
विद्यारंभे विवाहेच प्रवेशे निर्गमे तथा संग्रामे संकटे चैव विघ्नस्तस्य न जायते......
अक्षता श्रीगणेशाच्या पायांवर वहाव्यातण्नंतर उजव्या हातात दोन पळ्या पाणी घेऊन त्यात गंध अक्षता फुले घेऊन खालीलप्रमाणे संकल्प म्हणावा रिकाम्या जागी आपल्या नाव गोत्राचा उच्चार करावा
श्रीमद्भगवतो महापुरुषस्य शालिवाहनशके शोभन नाम संवत्सरे दक्षिणायने वर्षा ऋतौ भाद्रपद मासे शुक्लपक्षे चतुर्थ्यां तिथौ भौम वासरे वर्तमाने तुला स्थिते श्री चन्द्रे, कन्या स्थिते श्रीसूर्ये, शेषेशु वैधृति नाम योगे, विष्टि करणे शुभपुण्यतिथौ्॥
मम आत्मनः श्रुतिस्मृति. पुराणोक्त फलप्राप्त्यर्थं श्रीपरमेश्वर प्रीत्यर्थं ......... गोत्रोत्पन्ना...........शर्माणं अहं अस्माकं सकलकुटुंबानां सपरिवाराणां समस्त शुभफल प्राप्त्यर्थं प्रतिवार्षिक विहितं पार्थिवसिद्धिविनायक देवता प्रीत्यर्थं यथाज्ञानेन यथामिलित उपचार द्रव्यै: प्राणप्रतिष्ठापन पूर्वक ध्यानआवाहनादि षोडश उपचार पूजन अहं करिष्ये॥
पाणी ताह्मणात सोडावे, पुन्हा पाणी हातात घेऊन खालील प्रमाणे उच्चार करावा।
आदौ निर्विघ्नता सिद्ध्यर्थं महागणपति स्मरणं शरीर शुद्ध्यर्थं षडंगन्यासं कलश शंख, घंटा, दीप पूजनं च करिष्ये॥
ताह्मणात पाणी सोडावेण्नंतर श्रीगणेशाचे स्मरण करून कलश,शंख,घंटा,दिवा समई यांची पूजा करावी गंध अक्षता,फुले,हळद,कुंकू वहावे
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॥प्राणप्रतिष्ठा॥
पुढीलप्रमाणे उच्चार करून मुर्तीच्या नेत्रांना दुर्वांनी तूप लावावे दोन्हीही हातांनी मूर्ती वर छाया करावी
अस्यां मृन्मयमूर्तौ प्राणप्रतिष्ठापने विनियोगरू॥
॥ॐ आं .हीं क्रों॥ अं यं रं लं वं शं षं सं हं ळं क्षं अरू॥ क्रों .हीं आं हंस: सोहं॥
अस्यां मूर्तौ १ प्राण २ जीव ३ सर्वेंद्रियाणि वाङ् मनरूत्वक् चक्षु श्रोत्र जिव्हा घ्राण पाणि पाद पायूपस्थानि इहैवागत्य सुखं चिरं तिष्ठंतु स्वाहा॥
नमस्कार करून उजवा हात मूर्ती वर ठेवावा डावा हात स्वतःच्या हृदयास स्पर्श करून खालीलप्रमाणे उच्चार करावा
गर्भाधानादि पंचदश संस्कार सिद्ध्यर्थं पंचदश प्रणवावृती करिष्ये ॥
आणि श्री गणेशास स्पर्श करून मनात 15 वेळा ॐ म्हणावे नंतर श्रीगणेशाच्या नेत्रांना तूप लावावे।
ॐ अस्यै प्राणा: प्रतिष्ठंतु अस्यै प्राणा:क्षरंतु च।
अस्यै देवत्वमर्चायै मामहेति च कश्चन॥
श्री गणेशाचे ध्यानं करावे
ॐ एकदंतं शूर्पकर्णं गजवक्त्रं चतुर्भुजं।
पाशांकुशधरं देवं ध्यायेत्सिद्धिविनायकं॥
श्री गणेशाच्या पायांवर अक्षता वहाव्यात
ॐआवाहयामि विघ्नेश सुरराजार्चितेश्वर।
अनाथनाथ सर्वज्ञ पूजार्थं गणनायक॥
श्री गणेशास अक्षता वाहून सिंहासन अर्पण करत आहोत अशी कल्पना करावी
ॐ नानारत्न समायुक्तं कार्तस्वरविभूषितम्।
आसनं देवदेवेश प्रीत्यर्थं प्रतिगृह्यताम्॥
श्री गणेशाच्या चरणांवर दुर्वा किंवा फुलाने पाणी शिंपावे
ॐ पाद्यं गृहाण देवेश सर्वक्षेमसमर्थ भो।
भक्त्या समर्पितं तुभ्यं लोकनाथ नमोस्तु ते॥
श्री गणेशाच्या चरणांवर गंध फुल अक्षता यांनी युक्त पाणी वहावे
ॐ नमस्ते देव देवेश नमस्ते धरणीधर।
नमस्ते जगदाधार अर्घ्यं नरूआ प्रतिगृह्यताम॥
ताह्मणात ४ वेळा पाणी सोडावे
ॐ कर्पूरवासितं वारि मंदाकिन्यारूसमाहृतम्।
आचम्यतां जगन्नाथ मया दत्तं हि भक्तितरू॥
श्रीगणेशाच्या मूर्तीवर पाणी शिंपावे
ॐ गंगादिसर्वतीर्थेभ्यो मया प्रार्थनया हृतम्।
तोयमेतत्सुखस्पर्शं स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्॥
श्रीगणेशाच्या चरणांवर पंचामृत वहावे
ॐपंचामृत मयोनीतं पयः दधी घृतं मधु
शर्करा सह संयुक्तं स्नानार्थ प्रतिगृह्यताम्
श्रीगणेशास शुद्धोदक वहावे
ॐ श्रीगणेशाय नमः शुद्धोदकं समर्पयामी
अथर्वशीर्ष चे अभिषेक करावे, किंवा 21 गणपति चे नाव घेऊन फुलाने अभिषेक करावा। नंतर
श्रीगणेशास अक्षता वहाव्यात
ॐ श्रीगणेशाय नमः सुप्रतिष्ठितमस्तु॥
श्रीगणेशास वस्त्रे वहावीत
ॐ सर्वभूषाधिके सौम्ये लोकलज्जानिवारणे।
मयोपपादिते तुभ्यं वाससी प्रतिगृह्यताम्।
श्रीगणेशास यज्ञोपवीत वहावे
ॐ देवदेव नमस्तेतु त्राहिमां भवसागरात्।
ब्रह्मसूत्रं सोत्तरीयं गृहाण परमेश्वर॥
श्रीगणेशास गंध लावावे
ॐ श्रीखंडं चंदनं दिव्यं गंधाढ्यं सुमनोहरम्।
विलेपनं सुरश्रेष्ठ चंदनं प्रतिगृह्यताम्॥
श्रीगणेशास अक्षता वहाव्यात
ॐ अक्षतास्तंडुलारूशुभ्रारूकुंकूमेन विराजितारू।
मया निवेदिता भक्त्या गृहाण परमेश्वर॥
श्रीगणेशास हळद वहावी
ॐ हरिद्रा स्वर्णवर्णाभा सर्वसौभाग्यदायिनी।
सर्वालंकारमुख्या हि देवि त्वं प्रतिगृह्यताम्॥
श्रीगणेशास कुंकू वहावे
ॐ हरिद्राचूर्णसंयुक्तं कुंकुमं कामदायकम्।
वस्त्रालंकारणं सर्वं देवि त्वं प्रतिगृह्यताम्॥
श्रीगणेशास शेंदूर वहावा
ॐ उदितारुणसंकाश जपाकुसुमसंनिभम्।
सीमंतभूषणार्थाय सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्॥
श्रीगणेशास गुलाल अबीर वहावे
ॐ ज्योत्स्नापते नमस्तुभ्यं नमस्ते विश्वरूपिणे।
नानापरिमलद्रव्यं गृहाण परमेश्वर॥
श्रीगणेशास फुले, हार,कंठी,दुर्वा वहावे
ॐ माल्यादीनि सुगंधीनि मालत्यादीनि वै प्रभो।
मया हृतानि पूजार्थं पुष्पाणि प्रतिगृह्यताम्॥
श्रीगणेशाच्या प्रत्येक अवयवांवर अक्षता वहाव्यात
॥अथ अंग पूजा॥
ॐ गणेश्वराय नम: पादौ पूजयामि,
ॐ विघ्नराजाय नम: जानुनी पूजयामि, गुडघे
ॐआखुवाहनाय नम: ऊरू पूजयामि; मांड्या
ॐ हेरंबाय नम: कटिं पूजयामि;कंबर
ॐ लंबोदराय नम: उदरं पूजयामि; पोट
ॐ गौरीसुताय नम: स्तनौ पूजयामि; स्तन
ॐ गणनायकाय नम: हृदयं पूजयामि हृदय
ॐ स्थूलकर्णाय नम: कंठं पूजयामि; कंठ
ॐ स्कंदाग्रजाय नम: स्कंधौ पूजयामि; खांदे
ॐ पाशहस्ताय नम: हस्तौ पूजयामि; हात
ॐ गजवक्त्राय नम: वक्त्रं पूजयामि; मुख
ॐ विघ्नहत्रे नम: ललाटं पूजयामि; कपाळ
ॐ सर्वेश्वराय नम: शिररू पूजयामि; मस्तक
ॐ गणाधिपाय नम: सर्वांगंपूजयामि॥
श्रीगणेशास विविध पत्री अर्पण कराव्यात
अथ पत्र पूजा.
ॐ सुमुखायनम: मालतीपत्रं समर्पयामि ;मधुमालती
ॐ गणाधिपायनम: भृंगराजपत्रं समर्पयामि ;माका
ॐ उमापुत्रायनम: बिल्वपत्रं समर्पयामि ; बेल
ॐ गजाननायनम: श्वेतदूर्वापत्रं समर्पयामि; पांढ-या दूर्वा
ॐ लंबोदरायनम: बदरीपत्रं समर्पयामि ;बोर
ॐ हरसूनवेनम: धत्तूरपत्रं समर्पयामि ; धोत्रा
ॐ गजकर्णकायनम: तुलसीपत्रं समर्पयामि ;तुळस
ॐ वक्रतुंडायनम: शमीपत्रं समर्पयामि ;शमी????
ॐ गुहाग्रजायनम: अपामार्गपत्रं समर्पयामि ;आघाडा
ॐ एकदंतायनम: बृहतीपत्रं समर्पयामि ;डोरली
ॐ विकटायनम: करवीरपत्रं समर्पयामि ;कण्हेरी
ॐ कपिलायनम: अर्कपत्रं समर्पयामि ;मांदार
ॐ गजदंतायनम: अर्जुनपत्रं समर्पयामि ;अर्जुनसादडा
ॐ विघ्नराजायनम: विष्णुक्रांतापत्रं समर्पयामि ;विष्णुक्रांत
ॐ बटवेनम दाडिमपत्रं समर्पयामि ;डाळिंब
ॐ सुराग्रजायनम: देवदारुपत्रं समर्पयामि ;देवदारु
ॐ भालचंद्रायनम: मरुपत्रं समर्पयामि
ॐ हेरंबायनम: अश्वत्थपत्रं समर्पयामि ;पिंपळ
ॐ चतुर्भुजायनम: जातीपत्रं समर्पयामि ;जाई
ॐ विनायकायनम: केतकीपत्रं समर्पयामि ;केवडा
ॐ सर्वेश्वरायनम: अगस्तिपत्रं समर्पयामि।
श्रीगणेशास धूप, अगरबत्ती ओवाळावी
ॐ वनस्पतिरसोद्भूतो गंधाढ्यो गंधउत्तम।
आघ्रेयरूसर्वदेवानां धूपोयं प्रतिगृह्यताम्॥
श्रीगणेशास दीप, निरांजन ओवाळावे
ॐ आज्यंच वर्तिसंयुक्तं वह्निना योजितं मया।
दीपं गृहाण देवेश सर्वक्षेमसमर्थ भो:॥
श्रीगणेशास नैवेद्य प्रसाद समर्पण करावा
ॐ शर्कराखंडखद्यानी दधिक्षीरघृतानिच।
आहारं भक्ष्यभोज्यं च नैवेद्यं प्रतिगृह्यताम्॥
श्रीगणेशास विडा अर्पण
ॐ करावा, पूगीफलं महद्दिव्यं नागवल्लीदलैर्युतं।
कर्पूरैलासमायुक्तं तांबूलं प्रतिगृह्यताम्॥
श्रीगणेशाच्या समोरील विड्यावर दक्षिणा ठेवावी
ॐ हिरण्यगर्भ गर्भस्थं हेमबीजं विभावसो:।
अनंतपुण्यफलद मतरूशातिं प्रयच्छ मे॥
श्रीगणेशाच्या समोरील नारळावर पळीभर पाणी सोडावे आणि त्यावर एक फुल वहावे
ॐ इदं फलं मयादेव स्थापितं पुरतस्तव।
तेन मे सुफलावाप्तिर्भवेज्जन्मनि जन्मनि॥
खालीलप्रमाणे श्रीगणेशास दोन.दोन दुर्वा वहाव्यात
दूर्वायुग्म पूजा.
ॐ गणाधिपायनम: दूर्वायुग्मं समर्पयामि॥
ॐ उमापुत्रायनम: दूर्वायुग्मं समर्पयामि॥
ॐ अघनाशनायनम: दूर्वायुग्मं समर्पयामि॥
ॐ विनायकायनम: दूर्वायुग्मं समर्पयामि॥
ॐ ईशपुत्रायनम: दूर्वायुग्मं समर्पयामि॥
ॐ सर्वसिद्धिप्रदायकायनम: दूर्वायुग्मं समर्पयामि॥
ॐ एकदंतायनम: दूर्वायुग्मं समर्पयामि॥
ॐ इभवक्त्रायनम: दूर्वायुग्मं समर्पयामि॥
ॐ आखुवाहनायनम: दूर्वायुग्मं समर्पयामि॥
ॐ कुमारगुरवेनम: दूर्वायुग्मं समर्पयामि॥
श्रीगणेशाची आरती करावी
स्वतः भोवती प्रदक्षिणा करावी
ॐ यानि कानि च पापानि जन्मांतरकृतानि च।
तानि तानि विनश्यंति प्रदक्षिण पदे पदे॥
श्रीगणेशास नमस्कार करावा
ॐ नमस्ते विघ्नसंहर्त्रे नमस्ते ईप्सितप्रद।
नमस्ते देवदेवेश नमस्ते गणनायक॥
श्रीगणेशाची प्रार्थना करावी
ॐ विनायकगणेशान सर्वदेवनमस्कृत।
पार्वतीप्रिय विघ्नेश मम विघ्नान्निवारय॥
एक पळीभर पाणी ताह्मणात सोडावे
ॐ अनेन मया यथाज्ञानेन कृत पूजनेन तेन श्रीसिद्धिविनायक देवताभ्यः प्रीयताम्॥
तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में प्रतिमा की पुनः प्राण प्रतिष्ठा संपन्न
विश्वकर्मा जयंती पर महाराष्ट्र मंडल में श्रमवीरों का सम्मान
रायपुर। देव शिल्पी श्री विश्वकर्मा भगवान की जयंती महाराष्ट्र मंडळ रायपुर में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल ने अपने श्रमवीरों का सम्मान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि से मंडळ के आजीवन सभासद संजय गुप्ता थे। अध्यक्षता मंडळ अध्यक्ष अजय काळे ने की। कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडळ के सभी कर्मचारियों का सम्मान किया गया।
देवशिल्पी विश्वकर्मा के तैल चित्र में पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अध्यक्ष अजय काळे ने कहा कि मंडळ कई वर्षों से विश्वकर्मा जयंती पर अपने श्रमवीरों का सम्मान कर रहा है। मंडळ प्रबंधन के इन कर्मचारियों के मजबूत इरादों के कारण मंडळ सफलता क ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रगति के बारे में सोचोगें तो प्रगति होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि संजय गुप्ता ने कहा कि मेरा घर महाराष्ट्र मंडळ के पड़ोस में है। मंडळ मेरे लिए प्रेरणास्त्रोत है। मंडळ की समाजसेवा को देखकर मैं और हमारा पूरा समाज प्रेरित है। आज हमने समाजसेवा के लिए एम्स के सामने एक भवन बनाया है। वहीं समाज सेवा के अन्य कार्य भी हम मंडल के प्रेरित होकर कर रहे है।
कार्यक्रम का संचालन सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी और संत ज्ञानेश्वर स्कूल के सह प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने किया। आभार प्रदर्शन पर्यावरण समिति के प्रभारी अभय भागवतकर ने किया। इस अवसर पर कामकाजी महिला वसतिगृह की प्रभारी नमिता शेष, अनुराधा चौधरी, प्रीति शेष भी उपस्थित थीं।
बच्चों ने बनाए सीड बाल वाले मिट्टी के गणेश... श्रीगणेश को दिया आकर्षक स्वरूप
रायपुर। अपनी सांस्कृतिक धरोधर को संजोकर चल रही महाराष्ट्र मंडळ ने 17 सितंबर को बच्चों को मिट्टी के श्रीगणेश की प्रतिमा बनाने की ट्रेनिंग दी। लगातार 10 वर्षों से चल रहे इस काम में इस वर्ष भी 30 से अधिक बच्चों ने अपनी भागीदारी निभाई। बच्चों ने मिट्टी से श्री गणेश को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया। खुद से मिट्टी के गणेश बनाकर बच्चों में अच्छी खासी खुशी देखी गई। मिट्टी से बनी सभी प्रतिमा में सीड बाल डाला गया है। बच्चों प्रतिमाओं का विसर्जन घर के गमलों में करेंगे ताकि इस मिट्टी से एक पौधा निकलकर आए।
महाराष्ट्र मंडळ के कला एवं संस्कृति प्रभारी अजय पोतदार के मार्गदर्शन में बच्चों ने श्रीगणेश की प्रतिमा बनाई। अजय ने बताया कि अपनी संस्कृति और संस्कार को संजोने के लिए मिट्टी के श्रीगणेश बनाने का काम पिछले 10 सालों से चल रहा है। साल दर साल इसमें भाग लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। इस वर्ष 30 से अधिक बच्चों ने अपनी सहभागिता निभाई और प्रतिमा का निर्माण किया।
अजय ने बताया कि मिट्टी मंडळ की ओर से उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने बताया कि मिट्टी से श्रीगणेश की प्रतिमा बनाने के लिए सर्वप्रथम कुल मिट्टी को पांच बराबर भागों में बांटा गया। पहले भाग से प्रतिमा के लिए बेस तैयार किया गया। दूसरे भाग से भगवान का पेट वाला हिस्सा तैयार किया गया। तीसरे भाग से भगवान का सिर और शूड तैयार किया गया। चौथे भाग के दो हिस्से कर दोनों पैर बनाए गए। पांचवें भाग के चार हिस्से कर श्रीगणेश के चारों हाथ तैयार किए गए। मिट्टी को पांच बराबर हिस्सों में इसलिए बांटा गया ताकि प्रतिमा के सारे अंग बराबर बने कोई मोटा पतला न हो।
अजय ने बताया कि मिट्टी के गणेश बनाने वाले सभी प्रतिभागियों को मंडळ की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, नमिता शेष, गीता दलाल, अर्चना मुकादम, शेखर क्षीरसागर, किशोर साहू, नवीन देशमुख, सोनल फडनवीस, प्रगति ओगले, तृप्ति तामस्कर, मनीषा पाटिल पर्यावरण प्रमुख अभय भागवतकर और वैभव बर्वे विशेष रूप से उपस्थित थे।
संत श्री गजानन महाराज की पुण्यतिथि महोत्सव 19 सितंबर को... तात्यापारा स्थित मंदिर में होगा दो दिवसीय आयोजन
रायपुर। तात्यापारा स्थित संत श्री गजानन महाराज (शेगांव) संस्थान तात्यापारा की ओर से प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी भाद्रपद पंचमी पर मंगलवार 19 सितंबर और बुधवार 20 सितंबर को संत श्री गजानन महाराज पुण्यतिथि महोत्सव मनाया जाएगा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार 19 सितंबर को शाम 6.30 बजे कलश स्थापना, संत श्री की षडशोपचार पूजा होगी। रात 8 बजे महाआऱती की जाएगी। दूसरे दिन 20 सितंबर को सुबह 6 बजे गजानन विजय ग्रंथ का सामूहिक परायण होगा। सुबह 8 बजे संत श्री की षोडशोपचार पूजा और अभिषेक होगा। उसके उपरांत सुबह 10 बजे श्री सत्यनाराय़ण कथा, दोपहर 12 बजे महाआरती और प्रसाद वितरण होगा। संध्या 4 बजे महिलाओं द्वारा भजन प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं रात 8 बजे महाआरती और प्रसाद वितरण होगा।
तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर की मूर्ति में हुआ विशिष्ट लेप संवर्धन.... पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ कराई पुनः प्राण प्रतिष्ठा
रायपुर। तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में भगवान श्री हनुमान जी की अति प्राचीन प्रतिमा विशिष्ट लेप संवर्धन मंदिर समिति की ओर से कराया गया। विशिष्ट लेप संवर्धन के बाद प्रतिमा की पुनर्स्थापना की जा रही है। दो दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह 16 सितंबर से शुरू हुआ है।
मंदिर समिति के किशोर गिरीभट्ट ने बताया कि मंदिर के आचार्य संदीप देशपांडे, शशांक देशपांडे, चारूदत्त जोशी और प्रवीण दाभडकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर में मूर्ति की पुनः प्राण प्रतिष्ठा करवा रहे है। पहले दिन पूजन कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडळ के आजीवन सदस्य और समाज प्रमुख दीपक किरवईवाले पत्नी कल्पना किरवईवाले के साथ पूजा में बैठी थीं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष चंद्रकांत मोंहदीवाले ने बताया कि श्री हनुमान मंदिर तात्यापारा में स्थापित श्री हनुमान जी की अति प्राचीन प्रतिमा के संरक्षण के लिए विशिष्ट लेप संवर्धन किया गया। मुम्बई से इसके विशेषज्ञ महेश लाड ने इस कार्य को सम्पन्न किया। इसके पश्चात श्री हनुमान जी की प्रतिमा की पुनर्स्थापना का कार्य शनिवार 16 सितंबर और रविवार 17 सितंबर को सम्पन्न होने जा रहा है। यजमान दीपक किरवईवाले दंपती द्वारा पंडित संदीप देशपांडे, शशांक देशपांडे व चारूदत्त जोशी के पौरोहित्य में यह कार्यक्रम संपन्न हो रहा है। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष चंद्रकांत मोंहदीवाले, अनिल गनौदवाले, सौरभ देव, मिलिंद शेष, किशोर गिरीभट्ट निशीकांत छटपुरकर, सुरेखा हिशीकर और अल्का लेले प्रमुख रुप स उपस्थित रहीं।
चौबे कालोनी महिला केंद्र ने आवरण के साथ मनाया तीज महोत्सव.. दीपाली बनीं सावन क्वीन
रायपर। तीज महोत्सव का आयोजन को लुत्फ उठाने में महिलाएं पीछे रह जाए ऐसा हो ही नहीं सकता। महाराष्ट्र मंडल की चौबे कालोनी महिला केंद्र द्वारा 12 सितंबर को आवरण यानी कड़ू भात और तीज महोतसव का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र की महिलाओं के लिए विविध आयोजन भी हुए। आवरण के दौरान केंद्र की 40 से अधिक महिलाएं उपस्थित थीं।
चौबे कालोनी केंद्र की अक्षता पंडित ने बताया कि आवरण के दौरान कई खेलो के साथ कुकिंग और राखी बनाओं का प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान सावन क्वीन स्पर्धा का आयोजन भी किया गया। सावन क्वीन बनने के लिए महिलाएं सज धजकर पहुंचीं थी। दीपाली येलने को सावन क्वीन घोषित किया गया।
मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि व्यंजन प्रतियोगिता में मनीषा वरवंडकर प्रथम, प्रीति शेष द्वितीय तथा गौरी क्षीरसागर तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं राखी प्रतियोगिता में मनीषा वरवंडकर प्रथम, अंजलि वैद्य द्वितीय, अक्षता पंडित तृतीय स्थान पर रहीं।
गणेशोत्सव पर महाराष्ट्र मंडल में होगी क्लासिकल नृत्य स्पर्धा... हिंदी और मराठी गानों की सजेगी महफिल
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ रायपुर में शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव का आयोजन 19 सितंबर से किया जा रहा है। उत्सव के दौरान 19 सितंबर से 28 सितंबर तक विविध आयोजन मंडळ द्वारा किया जा रहा है। इसी कड़ी में 25 सितंबर को शाम 7 बजे से क्लासिक नृत्य स्पर्धा का आयोजन मंडळ ने अपने आजीवन सदस्यों के लिए किया है।
मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि मंडल के आजीवन सदस्यों के लिए महिला केंद्र की ओर से क्लासिकल नृत्य स्पर्धा का आयोजन किया गया है। स्पर्धा में शामिल होने के लिए प्रतिभागी हिंदी और मराठी दोनों गानों में अपनी प्रस्तुति दे सकते है।
स्पर्धा में शामिल होने के लिए प्रतिभागी अपना नाम महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले 9425003159 और महाराष्ट्र मंडळ कार्यालय में नायडू मेडम 9753311631 के पास दर्ज करा सकते है। स्पर्धा में निर्णायक का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा।
तीज के पहले मराठी महिलाओं ने मनाया आवरण.... विविध प्रतियोगिताओं को खूब किया एंजाय
रायपुर। सावन का महीना चल रहा हो और महिलाएं तीज को एंजाय न करें ऐसा हो ही नहीं सकता। तीज उत्सव मनाने में सभी समाज की महिलाएं आगे रहती है। राजधानी की मराठी समाज की महिलाओं ने भी तीज उत्सव को खूब एंजाय किया। महाराष्ट्र मंडळ के सुंदर नगर महिला केंद्र की ओर से 15 सितंबर को आवरण यानी कड़ू भात का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज क महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और विविध प्रतियोगिताओं में इनाम भी जीते।

सुंदर नगर महिला केंद्र की संयोजिका सुरभि गनौदवाले ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कड़ू भात को मराठी में आवरण कहा जाता है। सुंदर नगर महिला केंद्र की महिलाओं ने 15 सितंबर को आवरण का खूब लुत्फ उठाया। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। जिसमें महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। आज के आयोजन में केंद्र की सहसंयोजिका स्मिता टेंबे और हार्दिका बोबर्डे, का विशेष योगदान रहा।

सुरभि गनौदवाले ने बताया कि आवरण के दौरान वरमाला गेम और कुर्सी दौड़ महिलाओं के लिए रखा गया था। वरमाला गेम में महिलाओं को एक दूसरे के गले में माला पहनाना था। इसमें भारती पलसोदकर प्रथम, सिखा खांडेकर द्वितीय और मैथिली बक्षी तीसरे स्थान पर रही। महिलाओं ने इस खेल को खूब एंजाय किया। वहीं कुर्सी दौड़ में भी महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। जिसमें निष्ठा सप्रे प्रथम, हार्दिका बोबर्डे द्वितीय और अंकिता किरवई तीसरे स्थान पर रही।
आज हुए आवरण कार्यक्रम में मेघा पोतदार, निष्ठा सप्रे, अंकिता किरवई, स्मिता टेंबे, हार्दिका बोबर्डे, मनीषा चन्नावार, प्रिया बक्षी, प्रिया गोवर्धन, स्नेहा बक्षी, सिखा खांडेकर, सुरेखा बक्षी, वर्षा राउत, सुरभि गनौदवाले, मैथिली बक्षी, प्रगति ओगले, साई गायकवाड प्रमुख रुप से उपस्थित थीं।
मराठी स्पीकिंग क्लास की अगली बैच 2 अक्टूबर से..... सरलता से मराठी सीखने का मिल रहा मौका
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ रायपुर द्वारा संचालित मराठी स्पीकिंग क्लास की 16वीं बैच 2 अक्टूबर से शुरू होने वाली है। इसके लिए अभी से पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मराठी सीखने के इच्छुक लोग महाराष्ट्र मंडळ के आफिस या पद्मजा लाड के पास अपना पंजीयन करा सकते है।
महाराष्ट्र मंडळ की आजीवन सदस्य और मराठी स्पीकिंग क्लास प्रभारी पद्मजा लाड ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल, रायपुर विगत 87 वर्षों से मराठी संस्कृति और मराठी भाषा की रक्षा करता आ रहा है। अनेक लोगों की मराठी भाषा सीखने की इच्छा पूर्ण करने के लिए वर्ष 2021 महाराष्ट्र मंडल, रायपुर ने "मराठी स्पिकिंग क्लास" का प्रकल्प online mode में प्रारंभ किया। इस प्रकल्प का लाभ विविध आयु वर्ग, विविध क्षेत्र, रायपुर और रायपुर के बाहर के सभी लोगों के लिए लाभदायक और समाधानकारक सिद्ध हुआ है।
पद्मजा लाड ने बताया कि शिक्षा, नौकरी, व्यवसाय इन सब क्षेत्रों के लोगों की सुविधा के लिए इस online क्लास का समय रात 9 से 10 बजे तक रखा गया है। अधिक से अधिक लोग इस प्रकल्प का लाभ लेकर मराठी भाषा का विकास स्वयं एवं परिवार के लिए कर सकते हैं। मराठी स्पीकिंग क्लास की 16वीं बैच 2 अक्टूबर गांधी जयंती से शुरू होने जा रही है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति पद्मजा लाड से उनके मोबाइल नंबर 9407701633, 9340805110 पर संपर्क कर सकते है।
तान्हा पोला में दिखी बच्चों की क्रिएटिविटी... आकर्षक सज्जा में दिखा गांव का परिदृश्य
रायपुर। पोला उत्सव की बात हो और गांव की कल्पना न की जाए ऐसा हो ही नहीं सकता। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित तान्हा पोला उत्सव में बच्चों की क्रिएटिविटी नजर आई। वहीं आकर्षक सज्जा के साथ गांव का परिदृश्य भी देखने को मिला। तान्हा पोला उत्सव में शामिल बच्चों को मिट्टी, लकड़ी और कार्डबोर्ड से बैल गाड़ी, बैल, गांव के घर का मनमोहक डिजाइन तैयार किया। स्पर्धा में अनवी राउत प्रथम और आरव कुक्षत्री दूसरे स्थान रहें।

अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर चल रही महाराष्ट्र मंडळ रायपुर तान्हा पोळा का आयोजन 15 सितंबर की शाम किया गया। जिसमें बच्चों ने अपनी भागीदारी निभाई। महाराष्ट्र मंडळ की सांस्कृतिक प्रभारी प्रिया बख्शी और गौरी क्षीरसागर ने बताया कि तान्हा पोला स्पर्धा में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवल और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। मंडल सदस्य सुनीता कुलकर्णी और जयश्री ढेकने ने स्पर्धा में जज की भूमिका निभाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडळ अध्यक्ष अजय काले ने सांस्कृतिक समिति को आयोजन को लेकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज से समय में अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से भावी पीढ़ी को जोड़े रखने के लिए ऐसे आयोजन बहुत जरूरी है। वहीं मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि इस वर्ष बारिश के चलते लोगों की सहभागिता पिछले वर्ष की तुलना में कम रही, लेकिन जिन्होंने भी भाग लिया पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम में नमिता शेष, प्रिया बक्षी, गौरी क्षीरसागर, प्रियंका बोरवनकर, प्रमोद बोरवनकर, वर्षा राउत, अंजली कुक्षत्री, शुभांगिनी कुक्षत्री, जगदीश कुक्षत्री, मौली राउत शामिल रहीं।
