छत्तीसगढ़
सेक्टर-4 भिलाई में गूंजी शिव की महिमा..... कथावाचक बोले- सिद्धी पानी है तो पढ़े हुए को लिखना सीखे... मिलेगा श्रीगणेश का आशीर्वाद
CG CRIME : पुलिस कस्टडी से भाग निकला रेपिस्ट... लापरवाही पर भड़के एसपी... एएसआई सहित 3 आरक्षक सस्पेंड
छत्तीसगढ़ सरकार ने जूनियर डाक्टरों की शिष्यवृत्ति बढ़ाने का लिया निर्णय

बिलासपुर में मलेरिया से युवक की मौत.... भिलाई में डेंगू का कहर जारी...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम में बदलाव के चलते एक तरफ जहां पूरे प्रदेश में आई फ्लू का कहर जारी है है तो बिलासपुर में डेंगू मलेरिया के मामले बढ़ रहे है। इसके साथ ही लोग मौसमी बीमारियों से भी लोग परेशान हैं। प्रदेश की न्यायधानी में मलेरिया के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। वहीं भिलाई में भी डेंगू कहर बरपा रहा है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और डोर टू डोर सर्वे कर मरीजों की पहचान की जा रही है।ॉ
शासन स्तर पर डेंगू व मलेरिया के लिए अलर्ट जारी करने के साथ ही बिलासपुर के कोटा अंतर्गत ग्राम कुरदा में मलेरिया का मामला सामने आया गया है। इसकी वजह से ही ग्राम कुरदा में रहने वाले एक 18 साल के मलेरिया पाजिटिव युवक की सिम्स में शुक्रवार की शाम मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर में मलेरिया के चलते एक युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक की उम्र महज 18 साल थी। वहीं शहर में मलेरिया के चार और मरीज मिले हैं, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम कोटा के कुरदा सहित अन्य इलाके में डोर टू डोर सर्वे कर रही है और मरीजों की पहचान कर रही है। साथ ही जरूरी दवाएं और हिदायत के निर्देश दिए जा रहे हैं। वही भिलाई में भी डेंगू के मरीजों में बढ़ोतरी हो रही है। बताया जा रहा है कि बीते 18 दिनों के भीतर डेंगू के 21 मरीज मिले हैं। सबसे ज्यादा सेक्टर एरिया में डेंगू का प्रकोप देखने को मिल रहा है। तेजी से बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार से फाइट द बाइट अभियान चलाने का फैसला लिया है।
प्रदेश की प्रगति और विकास के लिए सीएम जनसेवा मित्र रचेंगे नया इतिहास
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि छह महीने पहले जिन बेटे-बेटियों का चयन मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र के रूप में किया गया था, उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। ये सभी युवा इतिहास रचेंगे। स्वामी विवेकानंद कहते थे तुम केवल साढ़े तीन हाथ के हाड़-मांस के पुतले नहीं हो, तुम अनंत शक्तियों का भंडार हो। दुनिया में हर काम आप कर सकते हैं। युवा प्रदेश की प्रगति और विकास के लिए नया इतिहास रचने में सहयोग करें। जो काम आपको मिला है, वह अपने आप को तराशने और बनाने और सीखने का कार्य है। इसे पूरी गंभीरता से करें। अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने की कोशिश करें।
लाड़ली बहना योजना सहित अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं में भरपूर सहयोग करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज लाल परेड ग्राउण्ड में मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र बूट कैंप बैच-2 में सीएम जनसेवा मित्रों को संबोधित कर रहे थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री चौहान ने पुष्प-वर्षा कर युवाओं का स्वागत किया। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष सचिन चतुर्वेदी, सीईओ राघवेन्द्र कुमार सिंह, लोकेश शर्मा तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आप मेरी आंख और कान हैं। आपको जो ग्राम पंचायत कार्य करने के लिए दी गई हैं, उस पंचायत में लगातार भ्रमण करें। सभी से विनम्रता से बात कर योजनाओं के बारे में समझाइश दें। कार्य को पूरा करने के लिए दिल में तड़प रखकर बेहतर प्रयास करें। कार्य करने के पीछे सकारात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए। लोगों की सेवा भगवान की पूजा मानकर करें, तो आनंद की प्राप्ति होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक समय सड़कों की हालत खराब थी। बिजली भी बहुत कम आती थी। पीने के पानी, सिंचाई की व्यवस्था भी नहीं थी। म.प्र. बीमारू राज्य था। आज प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रूपये से बढ़कर एक लाख 40 हजार रूपए हो गई है। बिजली का उत्पादन 2900 मेगावॉट से बढ़कर 28 हजार मेगावॉट हो गया है। लगभग 47 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था हो गई है। सड़कों की स्थिति में सुधार हुआ है। प्रदेश का बजट भी बढ़ा है। हम सीएम राइज स्कूल बना रहे हैं।
बारिश में घर ला रहे यह सब्जियां तो..... इस बात का जरूर रखें ख्याल, नहीं तो
देश के सभी केंद्रीय भंडार स्टोर्स पर अब उपलब्ध होंगे छत्तीसगढ़ हर्बल के उत्पाद
रायपुर। यह छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक क्षण है, जब वनवासियों के सतत् विकास, आजीविका और महिला सशक्तिकरण की दिशा में तीन सरकारी संस्थान साथ आए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उपज सहकारी संघ, आईआईएम रायपुर और केंद्रीय भंडार ने छत्तीसगढ़ हर्बल्स को लेकर एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया है। इस एमओयू के तहत सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव के सभी केंद्रीय भंडार स्टोर्स पर अब छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद उपलब्ध होंगे। प्रदेश की स्व-सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक विकास और समृद्ध भविष्य के लिए यह तीनों संस्थाएं मिलकर काम करेंगी, इससे वनवासी ग्रामीण महिलाओं और वन संग्राहकों की मेहनत को अब देश भर में नई पहचान मिलेगी।
इस एमओयू का सबसे बड़ा लाभ वनवासी महिलाओं को मिलेगा, जो हर दिन कड़ी मेहनत, लगन और विश्वास से छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद बना रही हैं। इनके बनाए उत्पादों को राष्ट्र व्यापी बाजार सुलभता से उपलब्ध होगा। छत्तीसगढ़ हर्बल्स भारत का पहला लघु वनोपज आधारित ब्रांड बनने की दिशा में तेजी से विकसित हो रहा है। प्रदेश के जंगलों की प्राकृतिक शुद्धता अब पूरे देश में पहुंचेगी और राज्य की इन वनवासी महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी होगी। वे स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ेगी।
आदिवासी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए गए छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए आईआईएम रायपुर केंद्रीय भंडार के कर्मचारियों को रिटेल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्रदान करेगा। केन्द्रीय भंडार को आईआईएम रायपुर की प्रशिक्षण विशेषज्ञता से लाभ होगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में लघु वनोपजों के संग्रहण के साथ-साथ उनके प्रसंस्करण तथा विपणन आदि की सुगम व्यवस्था के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
एमओयू पर हस्ताक्षर के अवसर पर सीजीएमएफपी फेडरेशन के प्रबंध निदेशक श्री अनिल राय ने कहा कि ये छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है कि तीन बड़ी सरकारी संस्थाएं ग्रामीण महिलाओं के बनाए उत्पाद छत्तीसगढ़ हर्बल्स की बिक्री के लिए सहयोग करेंगे। जिससे स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी।
आईआईएम रायपुर के निदेशक डॉ. राम कुमार काकानी ने कहा कि आईआईएम रायपुर पूर्ण रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की आजीविका की समृद्धि में सहयोग करेगा। हमारे विशेषज्ञों की टीम केंद्रीय भंडार के कर्मचारियों और राज्य लघु वनोपज संघ के साथ मिलकर निरंतर बेहतर काम करने के लिए संकल्पित है।
केंद्रीय भंडार के प्रबंध निदेशक डॉ. मुकेश कुमार ने वीडियो के माध्यम से शुभकामनाएं संदेश में कहा कि हमारे और पूरे देश के लिए यह स्वर्णिम अवसर है कि अब छत्तीसगढ़ आदिवासी भाई-बहनों के बनाएं प्रोडक्ट देशभर के केंद्रीय भंडार स्टोर्स पर उपलब्ध होंगे। आईआईएम रायपुर के विशेषज्ञ दिल्ली आकर केंद्रीय भंडार के कर्मचारियों को ट्रेनिंग देंगे। छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद के प्रमोशन और बिक्री से हम उन लाखों वनवासियों को आर्थिक सशक्त करने के लिए सहयोग करेंगे।
छह से नौ अगस्त तक यह ट्रेनें रहेगी रद्द... सफर की योजना बना रहे है तो जरूर पढ़े खबर
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न सेक्शनों में गतिशीलता के उन्नयन, समय की पाबंदी और चल रहे विभिन्न सुरक्षा संबंधी रखरखाव कार्यों में सुधार करने के लिए एवं ट्रैक रखरखाव कार्य के लिए कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा । यह यह कार्य दिनांक 6 अगस्त से 10 अगस्त 2023 तक किया जाएगा।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे ने 6 से 9 अगस्त तक बिलासपुर एवं रायगढ़ से चलने वाली 08738/08737 बिलासपुर-रायगढ़- बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल, रायपुर चलने वाली 08746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर स्पेशल, रायपुर एवं दुर्ग चलने वाली 08701/08702 रायपुर-दुर्ग-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल , रायपुर चलने वाली 08729 रायपुर-डोगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल, गोंदिया एवं कटंगी चलने वाली 07805/07806 गोंदिया-कटंगी-गोंदिया डेमू पैसेंजर स्पेशल, गोंदिया चलने वाली 07809 गोंदिया-कटंगी पैसेंजर स्पेशल, बिलासपुर एवं शहडोल चलने वाली 08740/08739 बिलासपुर –शहडोल –बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल और इतवारी एवं बालाघाट चलने वाली 08714/08715 इतवारी-बालाघाट-इतवारी मेमू पैसेंजर स्पेशल गोंदिया एवं बालाघाट के बीच रद्द रहेगी।
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि 7 से 10 अगस्त तक कटंगी चलने वाली 07810 कटंगी-गोंदिया पैसेंजर स्पेशल, गेवरा रोड चलने वाली 08745 गेवरा रोड-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल और डोगरगढ़ चलने वाली 08730 डोगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी
सूचना देने में लापरवाही पर राज्य सूचना आयुक्त की बड़ी कार्रवाई..... तीन पंचायत सचिव को 25-25 हजार जुर्माना
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग ने आवेदकों को समय पर सूचना देने में लापरवाही बरतने और सूचना का अधिकार अधिनियम का समुचित क्रियान्वयन नहीं किए जाने पर ग्राम पंचायतों के 3 सचिवों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी ने कोंडागांव जिले के केशकाल जनपद पंचायत के डुंडाबेडमा ग्राम पंचायत के सचिव दयानंद भारद्वाज, जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम पंचायत करमा के सचिव सीलसर्जन खैरवार और कोरबा जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पंचायत रजगामार के सचिव और तत्कालीन जन सूचना अधिकारी पर यह जुर्माना लगाया है। राज्य सूचना आयुक्त ने संबंधित जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को जुर्माने की राशि वसूल कर शासन के खाते में जमा कर आयोग को पालन प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सूचना आयोग को प्राप्त द्वितीय अपील के एक प्रकरण में ग्राम पंचायत डुंडाबेडमा में आवेदक के द्वारा तत्कालीन जन सूचना अधिकारी से ग्राम पंचायत से संबंधित आय-व्यय, कैशबुक की छाया प्रति मांगी गई थी। किंतु जन सूचना अधिकारी के द्वारा जानकारी देने में विलंब किया गया और आयोग के नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया। अन्य एक प्रकरण में ग्राम पंचायत करमा में आवेदक द्वारा वार्षिक लेखा रिपोर्ट की प्रति मांगी गई थी। किंतु जन सूचना अधिकारी के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती गई। इसी तरह ग्राम पंचायत रजगामार में आवेदक द्वारा अनुमोदित वार्षिक लेखा की रिपोर्ट की कॉपी मांगी गई। किंतु जन सूचना अधिकारी के द्वारा समय सीमा 30 दिवस में जानकारी नहीं दी गई और प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा भी कोई औपचारिक आदेश पारित नहीं किया गया। अतः राज्य सूचना आयुक्त ने तत्कालीन जनसूचना अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत के सचिवों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री आज जारी करेंगे 15.72 करोड़ रुपये की राशि
छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्य न्यायमूर्ति डब्ल्यू. ए. शिशॉक का इम्फाल में निधन
बायोमास से बिजली उत्पादकों के लिए वेबसाइट का किया गया लोकार्पण
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के राज्य भार प्रेषण केंद्र में वियुत पारेषण प्रणाली के सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सबकमेटी फॉर आपरेशन एंड प्रोटेक्शन (सोप) की बैठक हुई, जिसमें बायोमास से बिजली उत्पादन करने वाले उत्पादकों को ग्रिड के संचालन एवं सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। इसमें एक वेबसाइट पेज का भी लोकार्पण किया गया, जिससे बायोमास से बिजली उत्पादन करने वाले उत्पादक पारेषण ग्रिड से जुड़ने संबंधी प्रक्रिया का निष्पादन में सहायता मिलेगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक उज्जवला बघेल के मार्गदर्शन में हुई बैठक में जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। डंगनिया स्थित भार प्रेषण केंद्र के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में कार्यपालक निदेशक केएस मनोठिया ने सर्वप्रथम सभी आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के निर्देश पर सबकमेटी फॉर आपरेशन एंड प्रोटेक्शन का गठन किया जाता है, इसका उद्देश्य पारेषण ग्रिड कोड के प्रावधानों के अनुरूप उत्पादन, वितरण, उपकेंद्र तथा भार प्रेषण केंद्र के बीच सामंजस्य बनाकर कार्य करना है।
इसमें विचार-विमर्श से पारेषण प्रणाली सुचारू रुप से संचालित करने में सहायता मिलता है। बैठक में प्रदेश की विद्युत उत्पादन की स्थिति एवं बढ़ती मांग के बारे में विस्तार से बताया गया। इसमें कार्यपालक निदेशकगण आरके शुक्ला, डीके चावड़ा, आरए पाठक, एमएस चौहान, मुख्य अभियंता अविनाश सोनेकर, कल्पना घाटे, एसीई गिरीश गुप्ता सहित अधिकारीगण उपस्थित थे।
बड़ी ख़बर... आईएएस रानू साहू निलंबित..... सिविल लिस्ट में दी गई जानकारी
रायपुर। आईएएस रानू साहू को अंतत राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। रानू 2010 बैच की IAS अधिकारी है। जानकारी के मुताबिक रानू साहू को सरकार की अनुशंसा के बाद GAD ने 22 जुलाई 2023 को निलंबित किया था।
प्रदेश के समान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस अफसरों की सिविल लिस्ट में 2 अगस्त को इस संबंध में जानकारी दी गई। 2 अगस्त को सूबे के तमाम IAS अफसरों की सिविल लिस्ट अपडेट हुई जिसमें रानू साहू के निलंबन की ख़बर पुष्ट हुई।
बता दें कि आईएएस रानू साहू को प्रवर्तन निदेशालय (ED)ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMALA)के तहत 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने ED को तीन दिन की रिमांड में IAS रानू साहू को सौंपा था। ED ने भी तीन दिन में ही पूछताछ के बाद रानू साहू को बिना अतिरिक्त रिमांड मांगे कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था।
लगातार हो रही बारिश से रनवे में भरा पानी, दिल्ली और प्रयागराज की फ्लाइट रद्द
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में लगातार पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बारिश की वजह से छोटे बड़े नदी-नाले उफान पर हैं, खेत खलिहान भरे पड़े हैं और जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इस बीच बिलासपुर से बड़ी खबर सामने आई है। बिलासा देवी केंवटीन एयरपोर्ट के रनवे में पानी भर गया है। जिसकी वजह से नई दिल्ली-प्रयागराज की फ्लाइट रद्द कर दी गई है।
बता दें कि लगातार हो रही बारिश के कारण बिलासा देवी एयरपोर्ट पर पानी भर गया है, जिसके कारण फ्लाइट लैंडिंग और टेक ऑफ करने में दिक्कत आ रही है. इस वजह से 2 दिनों से फ्लाइट्स रद्द हैं।
युवाओं की ने छत्तीसगढ़ी गीतों और प्रस्तुति ने मोहा मन..... सीएम के पहुंचते ही "कका कका" के नारे से गूंज उठा जयंती स्टेडियम
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुर्ग संभाग के युवाओं के साथ भेंट-मुलाकात के लिए जयंती स्टेडियम, सेक्टर-6, भिलाई भेंट-मुलाकात स्थल पहुंचे। कार्यक्रम स्थल में छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर, राज गीत के साथ मुख्यमंत्री ने युवाओं से भेंट–मुलाकात कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्यमंत्री के आगमन के साथ ही युवाओं का जोश दोगुना हो गया है। धुमाल और बैंड परफॉर्मेंस की धुन में उत्साहित युवाओं के "कका कका" के नारे से गूंज उठा जयंती स्टेडियम।
युवाओं के साथ भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राजनांदगांव, कवर्धा, बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़, मानपुर-मोहला-अंबागढ़-चौकी और दुर्ग जिले से आए युवाओं से जयंती स्टेडियम, भिलाई में सीधी बातचीत कर रहे हैं। दिग्विजय कॉलेज की छात्रा ईश्वरी ने बताया कि इन 5 सालों में मैंने जाना कि हम सब ज्यादा सुरक्षित हुई हैं। ज्यादा तरक्की कर रहे हैं। हम लोग उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ रहे हैं।
बालोद से टेकराम पटेल ने कहा कि मेरी माटी इस दुनिया को सुवासित करती है। आल्हादित करती है। महानदी की धाराओं की तरह हमारा विकास हो रहा है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के विद्यार्थी मुकेश कुमार साहू ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ विषय पर केंद्रित कविता पढ़ी। मुकेश ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलायी जा रही जनहितैषी योजनाओं का समावेश अपनी कविता में करते हुए प्रस्तुति दी। बेमेतरा जिले के मनीष वर्मा ने आल्हा शैली की तर्ज में योजनाओं को गाकर सुनाया।
मुख्यमंत्री ने पूछा कि किन युवाओं ने रायपुर और बिलासपुर का प्रोग्राम यूट्यूब से देखा।युवाओं ने आवाज लगाई हमने। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ युवाओं ने अपनी आकांक्षा बताई। उनका जो सपना है। वही हमारे पुरखों का भी सपना था। सरकार का भी यही सपना है। पौने 2 लाख करोड़ रुपये पैसा डालने का काम हमारी सरकार ने किया। इससे मंदी नहीं आई। यूनिवर्सिटी खोले, 4 मेडिकल कॉलेज खोले।
जहां -जहां भेंट मुलाकात के लिए गए, दो मांग आती है स्वामी आत्मानंद स्कूल खोल दें और बैंक खोल दें। इतने साल हो गए इंग्लिश माध्यम के कॉलेज नहीं थे। हमने 10 कॉलेज खोले। आगे भी खोलेंगे। अब छत्तीसगढ़ की पहचान हमारी विशिष्ट संस्कृति से है। चाहे आदिवासी परम्परा हो, राम वन पथ गमन हो, कबीर सरोवर हो या बाबा घासीदास के पुण्यस्थलों से जुड़े स्थलों का विकास।
संस्कृतियों के समन्वय और आपसी समझ में साहित्य और कला का महत्वपूर्ण योगदान
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि मध्यप्रदेश की जनजातीय विरासत अत्यंत समृद्ध है। यहां सर्वाधिक जनजातियाँ निवास करती है। हमारे सामूहिक प्रयास होने चाहिए कि हम अपनी संस्कृति, लोकाचार, रीति-रिवाज और प्राकृतिक परिवेश को सुरक्षित रखते हुए जनजातीय समुदाय के आधुनिक विकास में भागीदार बनें। नव उन्मेष से संयुक्त प्रतिभाएँ भारत को समग्र विकास के उत्कर्ष तक ले जायें। 'उन्मेष' और 'उत्कर्ष' जैसे आयोजन इस दिशा में तर्क संगत भी हैं और भाव संगत भी। ऐसा आयोजन एक सशक्त "कल्चरल ईको सिस्टम" का निर्माण करेगा। इसमें मध्यप्रदेश शासन का सक्रिय सहयोग सराहनीय है। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद मेरी सर्वाधिक यात्राएँ मध्यप्रदेश में हुर्ह हैं। मैं आज पाँचवीं बार मध्यप्रदेश की यात्रा पर आई हूँ। मैं मध्यप्रदेश के 8 करोड़ निवासियों को यहाँ मेरे आत्मीय स्वागत के लिए धन्यवाद देती हूँ।
राष्ट्रपति रवीन्द्र भवन में "उत्कर्ष और उन्मेष" उत्सव के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रही थीं। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय अंतर्गत संगीत नाटक अकादमी और साहित्य अकादमी द्वारा संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से भोपाल में पहली बार 3 से 5 अगस्त तक भारत की लोक एवं जनजाति अभिव्यक्तियों के राष्ट्रीय उत्सव "उत्कर्ष" एवं "उन्मेष" का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने दीप प्रज्ज्वलन कर उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रप्रेम और विश्व बंधुत्व हमारे देश की चिंतन धारा में सदैव रहे हैं। प्राचीन काल से हमारी परंपरा कहती है "यत्र विश्व भवति एकनीडम्"। पूरा विश्व एक परिवार है। इस बार भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है और उसका आदर्श वाक्य "वन अर्थ, वन फेमिली एवं वन फ्यूचर" इसी भावना की अभिव्यक्ति है। यही भावना महाकवि जयशंकर प्रसाद की कविता में प्रतिबिंबित होती है: " अरूण यह मधुमय देश हमारा, जहाँ पहुँच अंजान क्षितिज को मिलता एक सहारा"।
राष्ट्रपति ने कहा कि साहित्य का सत्य हमेशा इतिहास के सत्य से ऊपर होता है। कवि वर रविन्द्रनाथ टैगोर और महर्षि नारद की रचनाओं में यह स्पष्ट है। साहित्य मानवता का आइना है, इसे बचाता है और आगे भी बढ़ाता है। साहित्य और कला संवेदनशीलता, करूणा और मनुष्यता को बचाती है। साहित्य और कला को समर्पित यह आयोजन सार्थक और सराहनीय है।