मोका चक्रवातः पांच दिन का अलर्ट, छत्तीसगढ़ में भी दिखेगा असर
2023-05-06 07:30 PM
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रायपुर। जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के आज के समय में वाटर रिचार्जिंग सबसे बड़ी चुनौती है। जल स्त्रोतों को सहेजने और वाटर लेवल बढ़ाने की नवाचारी पहल करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार नालों का ट्रीटमेंट कर जल को सहेजने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में सुराजी गांव योजना के तहत नरवा कार्यक्रम में नालों का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रवाहित होने वाले 13 हजार से ज्यादा नालों का उपचार वाटर रिचार्जिंग के लिए किया जा चुका है, जिसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि नरवा विकास कार्यक्रम वन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।


बीते साल नवंबर में ही हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 58 प्रतिशत आरक्षण पर रोक लगा दी गई थी। राज्य सरकार की ओर से मामला सुप्रीम कोर्ट में गया था। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश इस मामले में बड़ी राहत के तौर पर देखे जा रहे हैं। जल्द ही इस पर सरकार अपना पक्ष रख सकती है, इसके बाद भर्ती और आरक्षण आधारित अन्य प्रक्रियाओं पर स्थिति साफ हो सकेगी।
सभी वाहन चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है। पर्सनल वाहनों के लिए फिटनेस और परमिट की आवश्यकता नहीं होती है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल गेटों से एकत्र किए गए नमूना आंकड़ों के अनुसार, यह देखा गया है कि बहुत से वाहन बिना वैध दस्तावेजों के चल रहे हैं। खासतौर से हेवी माल यान जिसमें फिटनेस अनिवार्य है, ऐसे वाहन भी बिना फिटनेस और बिना टैक्स के चलते पाये जाते है। ऐसे वाहनो से सड़क दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है और इंश्योरेंस क्लेम में भी समस्या उत्पन्न होती है ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज छत्तीसगढ़ यंग साइंटिस्ट कांग्रेस 2023 का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. भूपेश बघेल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि बिना वैज्ञानिक सोच के इंसान और समाज आगे नहीं बढ़ सकता। आज जिसके पास परमाणु बम है वह पूरी दुनिया में राज कर रहा है यदि पूरे इतिहास पर नजर डालें तो पिछले 200-300 साल बहुत महत्त्वपूर्ण हैं, जिसमें बिजली की खोज के साथ कई और महत्वपूर्ण खोज हुए, जिसके बूते देश और दुनिया प्रगति की राह पर है। मुख्यमंत्री डॉ. बघेल ने छत्तीसगढ़ यंग साइंटिस्ट कांग्रेस 2023 में अपने विचारों को रखते हुए कहा कि बिना वैज्ञानिक सोच के इंसान आगे नहीं बढ़ सकता है। समय समय पर नई खोजों ने समाज को आज इस स्थिति में पहुंचाया है। हमारे लिए महत्वपूर्ण ये है कि हम सोचें और समस्याओं का पता लगाएं जैसे न्यूटन ने सेव के पेड़ से गिरने पर सोचा था। जो व्यक्ति सवाल नहीं करता और समाधान नहीं खोजता वो समाज में पीछे रह जाता है। डॉ. बघेल ने कहा कि राजा राममोहन राय ने अंग्रेजी और विज्ञान के लिए आंदोलन चलाया था। आज देश के विद्यार्थी देश और दुनिया में अपना स्थान बना पाए हैं। पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की सोच वैज्ञानिक थी, उनके पास विज्ञान की भी डिग्री थी, जब उन्हें अवसर मिला तो उन्होंने देश को आईआईटी और आईआईएम दिया। यदि नेहरू जी आधारभूत संरचनाएं निर्मित नहीं करते तो हम भी अपने पड़ोसी देशों की तरह होते, लेकिन आज हम दुनिया से आंख में आंख मिलाकर बात कर पा रहे हैं। संसाधनों का सही उपयोग होना चाहिए पहले टीवी और मोबाइल के नाम पर भी लोग हंसते थे, लेकिन आज वैज्ञानिक सोच की वजह से मोबाइल में ही लोग टीवी देख रहे हैं। पहले मौसम वैज्ञानिक से जानकारी लेनी पड़ती थी, आज मोबाइल में ही सब कुछ है, लेकिन हम संसाधनों का सही से इस्तेमाल न करें तो इसका दुरूपयोग भी होता है। जितना शोध हमारे ऋषि मुनियों ने किया है उतने शोध पूरी दुनिया में कहीं नहीं हुए हैं। वर्तमान समस्याओं को पुराने शोध के आधार पर खोजेंगे तो नए शोध समाज में कैसे आएंगे। आज मौसम में बदलाव हो रहा है, ये क्यों हो रहा है इसके आधार में नहीं जाएंगे तो पता कैसे चलेगा। वैज्ञानिक सोच का परिणाम है आज का छत्तीसगढ़ हमने नरवा गरूआ घुरूआ बारी योजना की शुरूआत की है। छत्तीसगढ़ सरकार दुनिया की पहली सरकार है जो गोबर खरीद रही है। इसके लिए लोगों ने मजाक भी बनाया और योजना की सफलता पर सवाल उठाए। अब गोबर से वर्मी कंपोस्ट बन रहा है, पराली को जला नहीं रहे गौठानों में पहुंचा रहे हैं। जितना हम धरती से ले रहे हैं उतना हमें धरती को वापस भी करना है, इस योजना से धरती उर्वरा हो रही है, उत्पादन बेहतर हो रहा है। प्रकृति ने छत्तीसगढ़ में हमें बहुत कुछ दिया है, इसका इस्तेमाल कर हम रोजगार भी उत्पन्न कर रहे हैं। गोबर से कई उत्पाद बन रहे हैं, खाद बना रहे हैं, प्राकृतिक पेंट बना रहे हैं, गोबर से बिजली उत्पादन कर रहे हैं। गांव की महिलाएं बहने गोबर से बिजली उत्पादन कर रही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मीडिया संस्थानों, प्रतिनिधियों और पत्रकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) May 3, 2023
मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना गया है। इसी स्तंभ की मजबूती, पत्रकारिता के सम्मान, स्वतंत्रता और सुरक्षा की सुनिश्चितता के लिए पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय…
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की सभी पत्रकार भाई बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं।
— Governor Chhattisgarh (@GovernorCG) May 3, 2023
We extend our heartfelt congratulations to all our journalists brothers and sisters on World Press Freedom Day.#विश्व_प्रेस_स्वतंत्रता_दिवस#World_Press_Freedom_Day. pic.twitter.com/HRvR57yeHZ
वहीं राज्यपाल हरिचंदन ने कहा कि कलम की ही ताकत थी, जो गुलामी के दिनों में जोश और हौसले को बढ़ाती रही, जिसकी वजह से भारत आजादी के मुकाम को हासिल कर पाया। आज भी पत्रकारिता को उसी ताकत और सम्मान की नजर से देखा जाता है। इस सम्मान को निरंतर बनाए रखने के लिए पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को हमेशा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इस सत्य को नकारा नहीं जा सकता।
12) दिनांक 03 से 08 मई, 2023 को बरौनी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस कटनी –जबलपुर –नैनपुर होकर रवाना होगी।
Editor/Owner : Shri Ajay Madhukar Kale
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