देश-विदेश
राज्यपाल ने गुजरात के बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय राजपीपला का किया भ्रमण
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल मंगलवार को गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला के भगवान बिरसा मुंड़ा विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने परिसर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. दर्शना बेन वसावा भी मौजूद थी।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की संकल्पना है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रावास का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों की आवास व्यवस्थाओं की समीक्षा की। विश्वविद्यालय के स्वरूप और विकास के विषय में विश्वविद्यालय प्रबंधन से चर्चा की। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़- मां के नाम” अभियान के तहत पौध-रोपण किया। राज्यपाल के आगमन पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
राज्यपाल पटेल को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मधुकर पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय जनजातीय कला, विरासत, संस्कृति, औषधीय प्रणालियों, भाषा और साहित्य का संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए समर्पित है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा के माध्यम से जनजातीय समुदायों की परंपराएँ और ज्ञान प्रणाली, व्यापक सामाजिक पुनर्जागरण में योगदान दें सके। कुलपति डॉ. पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों जैसे मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान, कानून, शिक्षा, आदिवासी पारंपरिक कला, शिल्प और कौशल आधारित शिक्षा में स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर, व्यावसायिक और पी.एच.डी. तक के शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है।
बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2017 मे हुई थी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से गुजरात और विकासशील क्षेत्रों की जनजातीय आबादी के संदर्भ में परिवर्तनकारी और नवीन शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करना है। विश्वविद्यालय की स्थापना जनजातीय क्षेत्रों के तीव्र विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी, कौशल-आधारित, व्यावसायिक, प्रबंधन, पर्यटन, जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक मूल्य प्रणालियों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में शैक्षिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। विश्वविद्यालय में जनजातीय कला, संस्कृति, परंपरा, भाषा, औषधीय प्रथाओं, रीति-रिवाजों, वन-आधारित आर्थिक गतिविधियों, वनस्पतियों, जीवों, और जनजातीय क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित ज्ञान और प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए शिक्षण और अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने फ़ाइल समीक्षा, लोक शिकायत निपटान और स्वच्छता अभियान में रिकॉर्ड सफलता अर्जित की
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीएंडटी) ने अपने संबद्ध एवं अधीनस्थ संगठनों के साथ मिलकर विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत सभी कार्यकलापों को सक्रिय रूप से संचालित किया और अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक अर्जित किया। यह अभियान 2 अक्टूबर 2025 को आरंभ हुआ और 31 अक्टूबर 2025 को समाप्त हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य अभिलेखों की समीक्षा और छंटाई, लंबित मामलों में कमी, स्क्रैप के प्रबंधन एवं निपटान तथा विभाग एवं उसके संगठनों के विभिन्न मुद्दों पर त्वरित निर्णय लेना था।
2.0 अभियान के दौरान, परिपूर्णता दृष्टिकोण अपनाकर अभिलेख प्रबंधन, स्थान अनुकूलन, लंबित मामलों में कमी और जन शिकायत निपटान में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गईं। व्यापक डिजिटलीकरण और सभी संबद्ध कार्यालयों एवं स्वायत्त निकायों में छंटनी अभियान चलाकर वास्तविक फाइलों की संख्या कम करने के लिए ठोस प्रयास किए गए, जिससे अभिलेख प्रबंधन में सुधार हुआ, लंबित मामलों का निपटान हुआ और परिचालन दक्षता में वृद्धि हुई।
इस दौरान, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, कर्तव्य भवन-III में साइबर सुरक्षा पर दो कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस पहल का उद्देश्य कुशल डिजिटल संसाधन प्रबंधन को प्रोत्साहित करना, डेटा अव्यवस्था को कम करना और समग्र साइबर सुरक्षा एवं प्रणाली प्रदर्शन को बेहतर बनाना था। कार्यशालाओं में विभाग के मध्यम स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अभियान अवधि के दौरान, मंत्रालय के पास लंबित सभी जन शिकायतों और अपीलों की व्यापक समीक्षा की गई और उनका समाधान किया गया, जिससे नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई। इसी प्रकार, सभी लंबित संसदीय आश्वासनों, अंतर-मंत्रालयी परामर्श (आईएमसी) संदर्भों और सांसदों/वीआईपी पत्र-व्यवहारों को प्राथमिकता के आधार पर लिया गया, उनकी जांच की गई और उनका समाधान किया गया, जो जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई की संस्कृति को दर्शाता है।
कार्यस्थल की स्वच्छता और सफाई में सुधार के लिए भी प्रयास किए गए - विभिन्न कार्यालयों में सार्वजनिक उपयोग के लिए शौचालयों की मरम्मत की गई और निकटवर्ती क्षेत्रों की गहन सफाई की गई। पर्यावरणगत सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक संसाधन विभाग के अधिकारियों ने “एक दिन, एक घंटा, एक साथ, श्रमदान” पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया ।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सभी संबद्ध कार्यालयों में अभिलेखों के डिजिटलीकरण और संरक्षण जैसे कार्यकलाप व्यापक स्तर पर आरंभ किए गए। डिजिटल शासन को बढ़ावा देने और वास्तविक स्थान खाली करने के लिए कई शाखाओं और प्रभागों ने अपने अभिलेखों का डिजिटलीकरण शुरू किया। विभाग और उसके सभी संगठनों में फाइलों की रिकॉर्डिंग और समीक्षा का कार्य मिशन मोड में किया गया।
2 अक्टूबर 2025 को स्वच्छता दिवस समारोह के एक भाग के रूप में, स्वच्छता और सामूहिक उत्तरदायित्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए नई दिल्ली में स्वच्छता विषय पर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि 1250 रूपये में वृद्धि कर 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति दी गयी है।
मार्च 2023 से 1000 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ योजना प्रारंभ की गई थी। सितंबर 2023 से 1,250 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 250 रुपये की वृद्धि कर नवंबर 2025 से 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की स्वीकृति दी गयी है। योजना में 250 रुपये की वृद्धि किए जाने पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,793 करोड़ 75 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 20,450 करोड़ 99 लाख रुपये संभावित व्यय होगा।
मंत्रि-परिषद द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों के लिए सूचकांक में छूट प्रदाय किये जाने एवं आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
संस्कृति विभाग द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना में आचार्य शंकर की 108 फीट की बहूधातु प्रतिमा स्थापित की जायेगी। इसके साथ ही आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर आधारित शंकर संग्रहालय, (अद्वैत लोक) निर्माण, आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय वेदान्त संस्थान, अद्वैत निलयम आदि निर्माण कार्य किये जायेंगे। ये सभी निर्माण कार्य एमपीटीसी द्वारा किए जायेंगे। इसके लिए जून 2025 में 2195 करोड़ 54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। मंत्रि-परिषद ने पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।
फरीदाबाद और गुजरात में आतंकी साजिशों का बड़ा खुलासा — डॉक्टरों की संलिप्तता से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, देश को दहलाने की तैयारी थी
हवा में था SpiceJet का विमान और इंजन हो गया फेल, कोलकाता एयरपोर्ट पर हुई इमरजेंसी लैंडिंग
मुंबई से कोलकाता जा रही स्पाइसजेट फ्लाइट SG 670 पर उस समय हड़कंप मच गया जब विमान में तकनीकी खराबी आ गई और इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, पायलट ने तुरंत कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी और एहतियातन इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी. फ्लाइट SG 670 रविवार (9 नवंबर 2025) की रात मुंबई से कोलकाता आ रही थी.
अधिकारियों के मुताबिक विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं. घटना के बाद एयरपोर्ट पर थोड़ी देर के लिए फुल इमरजेंसी घोषित की गई थी, जिसे रात 11:38 बजे (23:38) वापस ले लिया गया. घटना की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पर दमकल की गाड़ियां और मेडिकल टीमें तैनात कर दी गई थीं.
एनआईटी दीक्षांत समारोह.... जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल सिन्हा और रक्षा वैज्ञानिक डॉ. रेड्डी का मिला मार्गदर्शन
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर का 16वां दीक्षांत समारोह पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जम्मू एवं कश्मीर के माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार एवं रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जी. सतीश रेड्डी उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने की। निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव, सेनेट एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, प्राध्यापकगण, अधिकारीगण, अभिभावक एवं स्नातक विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
संस्थान ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कुल 1,382 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान कीं, जिनमें 1,055 स्नातक, 278 स्नातकोत्तर और 49 डॉक्टरेट (पीएच.डी.) विद्यार्थी शामिल रहे। इस अवसर पर कुल 54 पदक — 27 स्वर्ण और 27 रजत विभिन्न शाखाओं के मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान किए गए। बी.टेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की आर्या श्रीवास्तव को संस्थान का सर्वश्रेष्ठ छात्र पुरस्कार प्राप्त हुआ।
समारोह का शुभारंभ निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने सभी विशिष्ट अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह अवसर संस्थान के गौरवशाली इतिहास का स्वर्ण अध्याय है। उन्होंने मुख्य अतिथि श्री मनोज सिन्हा को समर्पण, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना से युक्त एक दूरदर्शी नेता बताया तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. जी. सतीश रेड्डी की देश की स्वदेशी रक्षा क्षमता को सुदृढ़ करने में निभाई गई महत्त्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सुरेश हावरे ने एनआईटी रायपुर को देश के श्रेष्ठ प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक बताते हुए विद्यार्थियों से निरंतर सीखने और ईमानदारी से समाज की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का रहस्य निरंतर आत्मविकास और सृजनशीलता में निहित है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश “उत्तिष्ठत, जाग्रत” (उठो, जागो) का उल्लेख करते हुए अनुशासन, परिश्रम और कर्मनिष्ठा का पाठ पढ़ाया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. जी. सतीश रेड्डी ने कहा कि भारत आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री के “विकसित भारत” के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि भारत शोध प्रकाशनों और पेटेंट दाखिल करने में विश्व में तीसरे स्थान पर है और युवा वर्ग नवाचार, स्टार्टअप एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई क्रांति का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर निर्यातक देश बन चुका है।
मुख्य अतिथि श्री मनोज सिन्हा ने कहा कि यह दिवस संस्थान के गौरव और उपलब्धि का प्रतीक है। उन्होंने स्नातकों से आजीवन सीखने, जोखिम उठाने और नवाचार की भावना को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यहाँ 111 यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स हैं जिनका संयुक्त मूल्यांकन 350 अरब डॉलर से अधिक है। उन्होंने स्नातकों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए सफलता के पांच सूत्र साझा किए आजीवन सीखना, समस्या-समाधान, निडर नवाचार, टीमवर्क और परिवर्तनशीलता। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में जिज्ञासा, नैतिकता और सृजनशीलता का संचार करने का आह्वान किया।
समारोह के प्रथम चरण में स्वर्ण एवं रजत पदक विजेताओं को मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स और निदेशक द्वारा सम्मानित किया गया। द्वितीय चरण में निदेशक प्रो. एनवी रमना राव ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएच.डी. विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान कीं। समारोह का समापन शपथ ग्रहण और राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने इस ऐतिहासिक दिवस को एक प्रेरणादायी एवं भावनात्मक रूप में पूर्ण किया।
सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में माता जानकी के दर्शन कर मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को बिहार के सीतामढ़ी में माँ जानकी की जन्म स्थली पुनौरा धाम के मंदिर में जानकी मैया के दर्शन कर पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में जानकी मैया की आरती कर आचमन भी किया। उन्होंने मध्यप्रदेश के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंदिर परिसर में पुजारियों एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने पारम्परिक तरीके से पगड़ी पहनाकर और अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की और कहा कि माता जानकी की यह जन्म स्थली (पुनौरा धाम) भारतीय संस्कृति, आस्था और स्थापत्य कला का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि माता जानकी समर्पण और त्याग की प्रतिमूर्ति थीं। उनके चरणों में मध्यप्रदेश की जनता की ओर से प्रणाम कर सभी के मंगल की कामना करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन पर मंदिर परिसर में बडी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। सभी ने माता जानकी का जयघोष किया।
पुनौरा धाम में दर्शन-पूजन के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता जानकी की जन्म स्थली के दर्शन का सौभाग्य मिला है। यह स्थान भगवान श्रीराम के रामराज्य का समय, माता सीता से स्वयंवर तथा विवाह के बाद इस स्थान से अयोध्या जाने का स्मरण कराता है। हमें भगवान श्री राम के जीवन से प्रेरणा मिलती है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अयोध्या में हिंदु-मुस्लिम सभी भाईयों ने मिलकर श्री राम का भव्य मंदिर बनवाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में धार्मिक पर्यटन को कैसे बढ़ाया जा सकता है, यह हमने काशी, अयोध्या, प्रयागराज और उज्जैन में भी देखा है। बाबा महाकाल के महालोक से हर वर्ग का कल्याण हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सीतामढ़ी में जनकपुरी धाम के निर्माण के लिए राशि मंजूर की है, इससे पूरा क्षेत्र और बिहार सांस्कृतिक मूल्यों से समृद्ध होते हुए स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिहार की धरती सम्राट अशोक के काल से सदैव लोगों को आकर्षित करती रही है। इसी धरती पर भगवान श्री कृष्ण के पुत्र साम्ब ने भव्य सूर्य मंदिर बनाया था। बिहार और मध्यप्रदेश का संबंध हर कालखंड में प्रगाढ़ रहा है। दोनों ही राज्यों में डबल इंजन की सरकार गरीब, किसान, युवा और नारी सहित हर वर्ग का कल्यााण करते हुए आगे बढ़ रही है।
शिवराज सिंह चौहान 10 नवंबर को ओडिशा दौरे पर
देलही: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 नवंबर 2025 (सोमवार) को ओडिशा के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। अपने इस दौरे के दौरान वे राज्य में किसानों की आय वृद्धि, पोषण सुरक्षा और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान प्रातः पटना से प्रस्थान कर 11 बजे भुवनेश्वर पहुंचेंगे। तत्पश्चात वे लोक सेवा भवन स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “मंडिया दिवस (Millet Day)” के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे ओडिशा सहित पूरे देश में मिलेट्स
(श्री अन्न/मोटे अनाज) के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे। साथ ही, मिलेट्स को प्रोत्साहन देने सहित इसके माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के संबंध में भी चर्चा होगी।
इसके बाद, केंद्रीय मंत्री चौहान कटक जिले के सदर क्षेत्र का दौरा करेंगे, जहाँ वे किसानों के साथ फील्ड विजिट और संवाद करेंगे। वे किसानों के अनुभवों और सुझावों को जानेंगे तथा केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कृषि कार्यक्रमों की जमीनी स्थिति का अवलोकन करेंगे।
दोपहर में वे आईसीएआर-सीआरआरआई (ICAR-CRRI) बिद्याधरपुर, कटक में आयोजित संयुक्त रणनीति बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में पीएम धन धान्य कृषि योजना, पल्सेस सेल्फ-रिलायंस मिशन और राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
चौहान का यह दौरा ओडिशा में सतत एवं आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने पूर्व में कहा है कि “भारत का भविष्य किसान के खेतों में छिपा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम खेती को लाभकारी, पर्यावरण-संवेदनशील और तकनीक-समर्थ बना रहे हैं।”
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह राज्यों का दौरा करके मैदानी रूप से कार्य करते हुए किसानों से लगातार रूबरू हो रहे हैं। उनका कहना है कि हमारे किसानों और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सिर्फ दिल्ली के कृषि भवन में बैठकर काम नहीं हो सकता है, बल्कि इसके लिए खेतों पर किसानों के बीच जाकर उनके अनुभव जानना जरूरी है।
चौहान सायं भुवनेश्वर से विजयवाड़ा के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां अगले दिन विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
सबकी सेवा का माध्यम है अन्नकूट महोत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से उज्जैन में आयोजित 9वें अन्नकूट महोत्सव एवं संध्या भजन कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों और परम्पराओं के संरक्षण और विकास के लिए प्राण-प्रण से संकल्पित होकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अन्नकूट महोत्सव श्रृद्धा और भक्ति के परम अवसर के साथ पुण्य अर्जन का अवसर भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा ने समाज और नर नारायण की सेवा का सबको समान अवसर दिया है, इसलिए हर किसी को इस दिशा में आगे आना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चहुंओर तेजी से विकास के काम चल रहे हैं। विकास में हम सबका सहयोग लेंगे। साधु-संतों के आशीर्वाद से हमें प्रदेश की जनता की सेवा करने की असीम ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी लोकतांत्रिक परम्पराओं का पालन करते हुए कर्म और आत्मबल से राजधर्म के सभी दायित्वों का निर्वहन कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को अन्नकूट महोत्सव की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाली गीता जयंती पर प्रदेश में धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गीता जयंती पर उज्जैन के दशहरा मैदान में एक वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन स्थानों को हमारी सरकार तीर्थस्थलों के रूप में विकसित कर रही है। श्री राम वन गमन पथ के निर्माण के लिए चित्रकूट, ओरछा और अन्य संबंधित स्थानों में भी तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
उज्जैन में शनि मंदिर परिसर में शनि लोक के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 140 करोड़ रुपए मंजूर करने पर सभी शनि भक्तों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। उपस्थित जनसमुदाय ने अपने-अपने मोबाइल का टार्च ऑन कर रौशनी दिखाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया।
इस अवसर पर स्वामीनारायण आश्रम के पीठाधीश्वर आनंद जीवन दान स्वामी, संत श्याम बाबा राधे राधे बाबा, शनि मंदिर के मुख्य पुजारी शैलेन्द्र त्रिवेदी, गंगेडी हनुमान आश्रम के संत धर्मेन्द्र दास जी महाराज, भुवनेश्वरी माताजी के पुजारी संजय गुरूजी, नगर निगम की अध्यक्षा दीदी कलावती यादव, शनि मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य वीरेंद्र आंजना सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।
श्रीमद भगवद गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिक से अधिक हिस्सेदारी हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके लिए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान गीता ज्ञान स्पर्धा में किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेश भर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है।
24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में पुनीत इस्सर और मोहित शेवानी मुंबई, शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रम होंगे। जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी होगी।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर श्रीकृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण करने को कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
गीता महोत्सव में ऑनलाइन श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे।
भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
1 दिसम्बर को प्रदेश के विकासखंडों में गीता पाठ होंगे। जिला मुख्यालय पर भी आचार्यों की सन्निधि में सस्वर पाठ होंगे। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े विशेष स्थलों जैसे इंदौर जिले के जानापाव, धार जिले के अमझेरा, उज्जैन जिले के नारायणा, अशोकनगर जिले के चंदेरी, रायसेन जिले के जामगढ़, देवास जिले के पीवडिया-खातेगांव, सागर जिले के प्राचीन नगर एरण और पन्ना जिले में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गीता जयंती पर श्रीकृष्ण मंदिरों की विशेष सज्जा की जाएगी। जिला स्तर पर संतों और विद्वतजनों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही है।
नौसेना दिवस 2025 : भारतीय नौसेना तिरुवनंतपुरम में भव्य परिचालन का प्रदर्शन
देलही : भारतीय नौसेना 04 दिसंबर 2025 को तिरुवनंतपुरम के शंगुमुघम समुद्र तट पर एक शानदार परिचालन प्रदर्शन के साथ नौसेना दिवस 2025 मनाएगी।
यह भारतीय नौसेना के प्रमुख नौसेना स्टेशनों के अलावा किसी अन्य स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश का एक सिलसिला है। इससे पहले, यह ओडिशा के पुरी और महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम नागरिकों को भारतीय नौसेना के बहु डोमेन संचालन के विभिन्न पहलुओं को देखने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। ऑपरेशनल प्रदर्शन भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक ऑपरेशनल प्लेटफॉर्म और महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के व्यापक विज़न द्वारा निर्देशित हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में 'पसंदीदा सुरक्षा भागीदार' के रूप में इसके संकल्प को प्रदर्शित करेगा। यह कार्यक्रम नौसेना की दुर्जेय लड़ाकू क्षमताओं, तकनीकी उत्कृष्टता और परिचालन तत्परता को जीवंत करेगा, साथ ही देश की बढ़ती समुद्री ताकत और आत्मनिर्भरता को भी दर्शाएगा।
इस ऑपरेशनल प्रदर्शन में अग्रिम पंक्ति के प्लेटफार्मों द्वारा समन्वित युद्धाभ्यास प्रदर्शित किए जाएगे, जो नौसेना की समुद्री क्षेत्र में शक्ति और सटीकता प्रदान करने की क्षमता का प्रतीक होगा। यह कार्यक्रम सतह, उप-सतही और हवाई संपत्तियों के निर्बाध सहयोग को उजागर करेगा, जो भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए नौसेना की तैयारी को दर्शाता है।
आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को दर्शाते हुए, इस प्रदर्शन में रक्षा निर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतिनिधित्व करने वाली कई स्वदेशी निर्मित संपत्तियां प्रदर्शित की जाएंगी। ये मंच 'मेक इन इंडिया' के तहत नौसेना के निरंतर प्रयासों को मूर्त रूप देते हैं, जिससे एक आधुनिक, तकनीकी रूप से उन्नत और भविष्य के लिए तैयार समुद्री बल का निर्माण होता है। यह समारोह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित नौसेना की तैयारियों और निवारक क्षमता को भी उजागर करेगा, जो सटीकता, गति और प्रभुत्व के साथ हमला करने की उसकी क्षमता की पुष्टि करता है। यह प्रदर्शन भारतीय नौसेना के उन पुरुषों और महिलाओं के व्यावसायिकता, अनुशासन और साहस को श्रद्धांजलि है जो देश की संप्रभुता और समुद्री हितों की रक्षा करते हैं।
नौसेना दिवस 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है, जिसने दुश्मन की नौसेना और तटीय सुरक्षा को करारा झटका दिया था। ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत, भारतीय नौसेना की मिसाइल नौकाओं ने कराची बंदरगाह पर एक साहसिक हमला किया। इस निर्णायक कार्रवाई ने न केवल भारत की समुद्री शक्ति, बल्कि सटीकता, साहस और रणनीतिक कौशल का भी प्रदर्शन किया। 2025 का ऑपरेशनल प्रदर्शन, एक विकसित और समृद्ध भारत के लिए समुद्र की सुरक्षा करने वाले एक युद्ध-तैयार, एकजुट, विश्वसनीय और आत्मनिर्भर बल के रूप में भारतीय नौसेना की समुद्री उत्कृष्टता का उत्सव होगा।
वाणिज्य विभाग ने दक्षता और स्वच्छ शासन के लिए विशेष अभियान का सफलतापूर्वक समापन किया
देलही : भारत सरकार के वाणिज्य विभाग ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान 5.0 का सफलतापूर्वक समापन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना, कार्य कुशलता में सुधार लाना और विभाग, उसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और संबद्ध संगठनों में लंबित शिकायतों का समाधान करना था। इस पहल के माध्यम से, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने और कार्यस्थल प्रबंधन एवं स्वच्छता मानकों को बेहतर बनाने के प्रयास किए गए।
विभाग के नोडल अधिकारी और उसके क्षेत्रीय संगठनों द्वारा विशेष अभियान 5.0 की प्रगति पर कड़ी निगरानी रखी गई, जिससे निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में निरंतर गति सुनिश्चित हुई। विभाग और उसके सार्वजनिक उपक्रमों एवं संगठनों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अभियान के दौरान, 88,385 फाइलों की समीक्षा की गई और 46,255 फाइलों को हटाया गया। कुल 277 स्वच्छता अभियान चलाए गए, जिनसे ई-कचरे और स्क्रैप के निपटान से लगभग 70 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, और इसके परिणामस्वरूप 36,005 वर्ग फुट कार्यालय स्थान भी मुक्त हुआ।
अभियान के दौरान अपनाई गई सर्वोत्तम कार्य प्रणलियों में मुंबई स्थित भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम लिमिटेड (ईसीजीसी) मुख्यालय में व्यापक स्तर पर चार्जिंग पॉइंट स्थापित करके इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना; छतों पर सौर ऊर्जा प्रणालियाँ लगाना और शून्य कार्बन जोन का निर्माण; हरियाली विकास, बेहतर पार्किंग सुविधाओं और स्थान अनुकूलन के माध्यम से कार्यालय परिसर का संवर्धन; और मद्रास निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र (एमईपीजेड) परिसर के पास झील का पुनरुद्धार शामिल था। अन्य पहलों में डिजिटलीकरण और रिकॉर्ड प्रबंधन, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं का कार्यान्वयन, ई-कचरे पर जागरूकता अभियान और विद्युत उपकरणों का इन्वेंट्री प्रबंधन और लिफ्ट निरीक्षण शामिल थे।
विशेष अभियान 5.0 के तहत इन सामूहिक प्रयासों ने वाणिज्य विभाग के सभी कार्यालयों में स्वच्छता, दक्षता और पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी की एक मज़बूत संस्कृति को सुदृढ़ किया है। नवीनीकरण, रिकॉर्ड प्रबंधन, डिजिटलीकरण और ई-कचरा निपटान पर ध्यान केंद्रित करने के जरिये इस अभियान ने कार्यस्थल की स्वच्छता को बढ़ाया है और सुशासन एवं प्रशासनिक उत्कृष्टता के सरकार के विजन को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।
बिहार का बच्चा अब रंगदार नहीं, डॉक्टर-इंजीनियर बनेगा: प्रधानमंत्री मोदी का सीतामढ़ी से संकल्प
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भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर चौथे दौर की वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न
नईदिल्ली। भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चौथे दौर की वार्ता आज ऑकलैंड और रोटोरुआ में संपन्न हुई। दोनों पक्षों के बीच पांच दिनों तक रचनात्मक और दूरदर्शी चर्चा हुई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री श्री टॉड मैक्ले ने इस दौर में हुई स्थिर प्रगति की सराहना की और एक आधुनिक, व्यापक और भविष्योन्मुखी एफटीए की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने वस्तुओं के व्यापार, सेवाओं के व्यापार, आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग और उत्पत्ति के नियमों सहित प्रमुख क्षेत्रों में विस्तृत चर्चा की। इन चर्चाओं में आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने और एक पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी बनाने की साझा महत्वाकांक्षा परिलक्षित हुई जो लचीले, समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा दे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, भारत वैश्विक समृद्धि और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखलाओं में योगदान देने वाली गहरी आर्थिक साझेदारियों को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों मंत्रियों ने कहा कि प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से व्यापार प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि, निवेश संबंधों में गहनता, आपूर्ति श्रृंखला की सुदृढ़ता और दोनों देशों के व्यवसायों के लिए बेहतर पूर्वानुमान और बाज़ार पहुँच सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
जारी चर्चाएं प्रक्रिया में तेजी लाने तथा समझौते को शीघ्र, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभप्रद रूप से संपन्न करने की दिशा में काम करने के दोनों देशों के साझा संकल्प को प्रतिबिंबित करती हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 में न्यूज़ीलैंड के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापारिक व्यापार 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो लगभग 49 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि दर्शाती है। प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा और सेवाओं जैसे सेक्टरों में और अधिक संभावनाओं के द्वार खुलने की उम्मीद है, जिससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। दोनों पक्षों ने अंतर-सत्रीय कार्य के माध्यम से गति बनाए रखने तथा भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर शीघ्र सहमति की दिशा में आगे बढ़ने के साझा संकल्प के साथ सभी अध्यायों में विस्तृत चर्चा जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
देखे वीडियो---- वाराणसी से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरूआत की
नईदिल्ली। भारत के आधुनिक रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, श्री मोदी ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी वाराणसी के सभी परिवारों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देव दीपावली के दौरान मनाए गए असाधारण उत्सवों का जिक्र किया और कहा कि आज का दिन भी एक शुभ अवसर है। उन्होंने विकास के इस उत्सव के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं।
Delighted to flag off four Vande Bharat trains. These will enhance connectivity and provide greater comfort for citizens.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 8, 2025
https://t.co/kHl2ufYLoF
यह देखते हुए कि दुनिया के विकसित देशों में, आर्थिक विकास का एक प्रमुख चालक मजबूत बुनियादी ढांचा रहा है, श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जिन भी देशों ने महत्वपूर्ण प्रगति और विकास हासिल किया है, वहां बुनियादी ढांचे की उन्नति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारत भी इस मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में नई वंदे भारत रेलगाड़ियां शुरू करने की घोषणा की। बनारस-खजुराहो वंदे भारत के अलावा, उन्होंने फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत, लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत और एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत को भी हरी झंडी दिखाई। इन चार नई ट्रेनों के साथ, देश में चालू वंदे भारत ट्रेनों की कुल संख्या अब 160 से अधिक हो गई है। प्रधानमंत्री ने इन ट्रेनों के शुभारंभ पर वाराणसी और देश के सभी नागरिकों को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह भारतीय रेलवे को बदलने का एक व्यापक अभियान है, "वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव रख रही हैं"। उन्होंने वंदे भारत को भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए और भारतीयों की बनाई गई ट्रेन बताया, जो हर भारतीय को गर्व से भर देती है। उन्होंने कहा कि विदेशी यात्री भी वंदे भारत को देखकर चकित रह जाते हैं। श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने एक विकसित भारत के लिए अपने संसाधनों को बढ़ाने के अभियान की शुरुआत की है और ये ट्रेनें उस यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने के लिए तैयार हैं।
इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि भारत में सदियों से तीर्थयात्रा को राष्ट्रीय चेतना का माध्यम माना जाता रहा है, श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि ये यात्राएँ केवल दिव्य दर्शन के मार्ग नहीं हैं, बल्कि पवित्र परंपराएँ हैं जो भारत की आत्मा से जुड़ती हैं। उन्होंने प्रयागराज, अयोध्या, हरिद्वार, चित्रकूट और कुरुक्षेत्र को राष्ट्र की विरासत के आध्यात्मिक केन्द्र बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, "ये पवित्र स्थल अब वंदे भारत नेटवर्क के माध्यम से जुड़ रहे हैं; यह भारत की संस्कृति, आस्था और विकास यात्रा के संगम का प्रतीक है। यह विरासत शहरों को राष्ट्रीय प्रगति के प्रतीक के रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन, दो आतंकी ढेर, तलाशी अभियान जारी
डेस्क। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में सुरक्षा बलों ने शनिवार सुबह दो आतंकवादियों को मार गिराया। घुसपैठ की कोशिश की खुफिया सूचना पर शुरू किए गए ऑपरेशन पिंपल के तहत भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की।
भारतीय सेना की चिनार कोर ने बताया कि 7 नवंबर 2025 को एलओसी के पास घुसपैठ की सूचना मिली थी। इसके आधार पर शुक्रवार देर रात केरन सेक्टर के छत्रू इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया। तड़के सुबह संदिग्ध गतिविधि दिखने पर सतर्क जवानों ने आतंकवादियों को चुनौती दी। जवाब में आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दो आतंकवादी मारे गए। इलाके में गोलीबारी जारी है और तलाशी अभियान भी चल रहा है। अभी तक किसी जवान के हताहत होने की सूचना नहीं है।