दिव्य महाराष्ट्र मंडल
‘सुखहर्ता-दुखहर्ता..’ से ‘अलबेला सजन आयो…’ ने बटोरी तालियां
- सांस्कृतिक प्रस्तुति के अंतिम दिन बच्चों ने डांस ने मोहा मन
- नृत्य और शिल्प कला समिति ने किया आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में अंतिम दिन गुरुवार 24 सितंबर को मंडल की नृत्य और शिल्प कला समिति की ओर से बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। मंडल के सभासदों के बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। जिसमें गणपति बप्पा की स्तुति के साथ फिल्मी गानों पर ठुमके भी लगे। बच्चों की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोली।

नृत्य और शिल्प कला समिति समन्वयक रचन ठेंगड़ी ने बताया कि कार्यक्रम में कुल 18 बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंग साधक शशि वरवंडकर और मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला की शुरूआत अक्षदा बहिरट के ‘सुखहर्ता-दुखहर्ता’ गीत पर नृत्य के साथ हुई। वहीं अद्विता बल्की ने ‘श्री कृष्ण गोविंद..हरे मुरारी...’ की प्रस्तुति दी। वहीं आश्रणी बोबड़े ने गणपति बप्पा की आरती पर नृत्य किया। आराध्या शिवणकर ने गणपति बप्पा मोरिया में नृत्य किया।

रचना ठेंगड़ी ने आगे बताया कि इसी तरह सक्षम जोशी ने लाडू गोड-गोड की प्रस्तुति दी। समक्ष के हाथों और मुंह के एक्सप्रेशन को देखकर सभी बड़े खुश हुए। कार्यक्रम में अवनी राउत, उर्वी रणदिये, आरोही शिवणकर ने गोंळल, अनुश्री बनोदे ने जब जिद पर आ गई पार्वती, आंचिन्य जोशी ने कथक, अभिश्री जोशी, आरोही अल्करी ने अलबेला सजन आयो रे, सरविल ठोके ने केसियो, अरनव कुसरे ने मेरा वाला डांस, नित्या प्रिया, समीरा परचुरे और तेजस्वी वर्मा ने शानदार प्रस्तुति दी।

सुधाकर कोंडापुरकर: एक सैद्धांतिक प्रेरणादायी व्यक्तित्व
(अजय मधुकर काले)
‘लोककला में श्रीगणेश’ में देखने मिली महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा
- महाराष्ट्र गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा मिलने के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र मंडल में विशेष सांस्कृतिक आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरूआत भगवान श्री गणेश के हाल में जोरदार प्रवेश के साथ हुई। भगवान गणेश के साथ उनकी दोनों पत्नियां रिद्धी और बुद्धि का भी सभागृह में प्रवेश किया। गजानना श्री गणराया…’ गीत के साथ आतिशबाजी और नृत्य प्रस्तुत कर भंडारा से आए कलाकारों ने खूब तालियां बटोरीं। महाराष्ट्र की समृद्ध लोक श्रीगणेश कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव को राज्य की सीमाओं से बाहर पहुंचाने के उद्देश्य से ‘लोक कला के श्रीगणेश’ के बेहतरीन आयोजन किया गया।
महाराष्ट्र मंडल में मेजर शहीद यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में कार्यक्रमों के अंतर्गत कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर भैरी भवानी परफॉर्मिंग आर्ट्स की ओर से बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में लोक कला के विभिन्न माध्यमों के जरिए महाराष्ट्र की भक्ति, श्रद्धा, लोक जीवन और सांस्कृतिक परंपराओं को लोगों को देखने- समझने का मौका मिला। महाराष्ट्र की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राज्य के बाहर व्यापक मंच मिले और कला- रसिकों को महाराष्ट्र की लोक कला का अनुभव प्राप्त हो, इसी उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
कोकण क्षेत्र में गणेशोत्सव के दौरान गांवों और वाडियों में बाल्या नृत्य बहुत प्रसिद्ध है। इसमें पारंपरिक ढोल की थाप पर नर्तक विशेष मुद्रा में नृत्य करते हैं। जाखड़ी नृत्य एक ऊर्जावान और लयबद्ध लोक नृत्य है, जिसे गणेश आगमन और विसर्जन के दौरान ताल और संगीत के साथ प्रस्तुत किया जाता है। इसी तरह विदर्भ क्षेत्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव के दौरान स्थानीय लोक गीतों, ढोल- ताशा और पारंपरिक सामूहिक नृत्यों की धूम रहती है।यही सब कुछ रंगमंच पर सधे अंदाज में देखने को मिला।
सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री एड. आशीष शेलार की संकल्पना और सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के संचालक प्रशांत संगीता कैलास खेडेकर ने रायपुर समीपस्थ क्षेत्रों के कला- रसिकों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर ‘लोक कला में श्रीगणेश’ इस विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लेने का आह्वान किया है।
पहुंची थी रक्तदान करने.. फिर एक मरीज का फोन आया तो पहुंची मेकाहारा
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सभासद समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए हमेशा तत्पर रहते है। 23 सितंबर को इनडोर स्टेडियम में आयोजित रक्तदान शिविर में महिला सभासदों ने अपनी इसी तत्परता का परिचय दिया और बड़ संख्या में रक्तदान करने पहुंची। वहीं एक सभासद के बाद किसी परिचित का फोन आया कि उनके किसी परिचित को हार्ट अटैक आया है और इमरजेंसी में बी नेगेटिव फ्रेश ब्लड की जरूरत है। ऐसे में मंडल की कार्यकारिणी और स्वास्थ्य समितियों की प्रभारी आस्था काले ने तत्परता दिखाई और मेकाहारा पहुंचकर गीता देवी पांडे के लिए रक्तदान किया।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि हम सभी महिलाएं रक्तदान करने के लिए इनडोर स्टेडियम बैठी अपनी पारी का इंतजार कर रही थी। उसे समय मेरे पास एक परिचित का फोन आया कि उनके संबंधी गीता देवी पांडे को हार्ट अटैक आया है, और उन्हें तत्काल बी नेगेटिव फ्रेश ब्लड की आवश्यकता है। यह जानकारी जब हमारी कार्यकारिणी सदस्य आस्था काले को हुई तो उन्होंने खुद से तत्परता दिखाते हुए कहा कि मेरा ब्लड ग्रुप बी नेगेटिव है, मैं वहां जाकर रक्तदान कर दूंगी। फिर वे तुरंत पहले घर पहुंची फिर अपने पति अभय काले के साथ मेकाहारा पहुंची और गीता देवी पांडे के लिए रक्तदान किया।
महाराष्ट्र मंडल की महिला केंद्रों ने दी सुंदर मराठी हिंदी भजनों की प्रस्तुति
- शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दौरान महिला केंद्रों की आयोजन
- मंगला अरुण कुसरे की स्मृति में महिला केंद्र ने दी भजन की प्रस्तुति

रायपुर। प्रथम तुला वंदितो कृपाळा, गजानना गणराया.... मंगलमूर्ती माझे आई, मजला ठाव द्याव पायीं.... ओम जय शिव ओंकारा... आज गोकुळात रंग खेळतो हरी, राधिके, जरा जपून जा तुझ्या घरी... जैसे मराठी भजनों के साथ महाराष्ट्र मंडल की महिला केंद्रों की महिलाओं ने गजानन के साथ विठ्ठल और शिव के सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। वहीं दूसरी ओर महिलाओं ने देवी की स्तुति कर जोगवा गाया और महिलाएं झूम उठी। मौका था महाराष्ट्र मंडल में आय़ोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में आयोजनों की श्रृंखला में हुए महिला केंद्रों की भजन प्रस्तुति का।

महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि प्रतिवर्ष भी भांति इस वर्ष भी महिला केंद्रों की टीम ने गणेशोत्सव के दौरान 22 और 23 सितंबर को सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम मंगला अरुण कुसरे की स्मृति में आयोजित किया गया था। जिसमें चौबे कॉलोनी, रोहिणीपुरम, डंगनिया, कोटा, वल्लभनगर, बूढ़ापारा, तत्यापारा, शंकर नगर और अवंती विहार की महिलाओं ने भजनों की प्रस्तुति दी।

तोपखानेवाले ने आगे बताया कि कार्यक्रम की शुरूआत श्री अथर्वशीर्ष के पाठ के साथ की गई। जिसके बाद केंद्र की महिलाओं ने गणपति वंदना प्रस्तुत किया। महिलाओं ने ‘अशी चिक मोत्याची माळ, होती ग तीस तोळ्याची ग…. ’, ‘ वाजे मृदुंग टाळ वीणा.. ये रे नाचत गौरी गणा। गणपती बाप्पा मोरया मंगलमूर्ती मोरया।’ ‘जय जय हे ओंकारा’ और ‘ओम जय शिव ओंकारा’ सहित हिंदी-मराठी भजनों की प्रस्तुति दी।

केंद्र की महिलाओं ने ‘उधे ग अंबे उधे.... उधे ग अंबे उधे! होऊ दे सर्व दिशी मंगळ, चढवितो रात्रंदिन संबळ’ के साथ जोगवा प्रस्तुत किया। मराठी जोगवा देवी को भेंट स्वरूप भिक्षा मांगने की एक परंपरा है, जिसमें भक्त देवी के नाम पर सूखा राशन या अनाज मांगते हैं और यह दान 'जोगता' और 'जोगातीन' के बीच बांटा जाता है।

यह देवी की पूजा का एक अंग है और विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान या देवी के विशेष मंगलवार और शुक्रवार को किया जाता है।

दिल हूम- हूम- करें... घबराए से शुरू हुआ संगीतमय सफर रहा यादगार
दिव्यांग बालिका विकास गृह के बच्चों ने बनाई रंगोली और ड्राइंग
- मंडल में शिल्पकला समिति ने बनाई आकर्षक रंगोली
रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह में निवासरत बच्चियों ने मनमोहक रंगोली के साथ आकर्षक ड्राइंग बनाई। बच्चों की रंगोली पर स्वच्छता और सेवा का भाव नजर आया। वहीं महाराष्ट्र मंडल में गणेशोत्सव के दौरान मंडल की शिल्पकला समिति के सदस्यों ने आकर्षक रंगोली बनाई।

दिव्यांग बालिका विकास गृह प्रभारी मालती मिश्रा ने बताया कि समाज कल्याण विभाग से संबंद्ध दिव्यांग बालिका विकास गृह में सेवा संकल्प अभियान के तहत रंगोली और ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन दिव्यांग बालिका विकास गृह में किया गया। स्पर्धा में 28 बालिकाओं ने भाग लिया। बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, दिव्यांग बालिका विकास गृह प्रभारी मालती मिश्रा, वार्डन रमा नहरगढ़कर, शेखर क्षीरसागर उपस्थित थे। वहीं शेख मंडल परिसर में शेखर क्षीरसागर, अनिता लांघे, और श्रेया टल्लू ने आकर्षक रंगोली बनाई।
लोगों के दिलों की बनीं गानों की प्ले लिस्ट से मैच हुई कराओके गायन समिति की लिस्ट
- गणेशोत्सव में मंगलवार 22 सितंबर को कराओके गायन समिति की प्रस्तुति
रायपुर। महराष्ट्र मंडल में आयोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में 9वें दिन मंडल की कराओके गायन समिति ने शानदार मराठी, हिंदी के नये पुराने गानों की प्रस्तुति दी। गानों के शौकीन दर्शकों ने अपने दिलों में जो प्ले लिस्ट बनाकर लाई थी, वहीं प्ले लिस्ट उन्हें सुनने को भी मिली। करीब तीन घंटे तक चले कार्यक्रमों में हिंदी के नये पुराने सदाबहार गाने सुनने को मिले। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे मंडल के सभासद और बिजली कंपनी के एक्जक्यूटिव इंजीनियर आनंद मोखलीवाले ने ‘दिल हुम हुम करे, घबराए’ गाने के साथ प्रस्तुतियों का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पहले के जमाने में गायन थोड़ा सरल था, क्योंकि लय टूट जाने या आगे पीछे होने पर संगत में बैठे कलाकारों को यह बोल दिया जाता था, कि भाई थोड़ा देख लेना, लय बना रहे। लेकिन अब मोबाइल के जमाने में ऐसा नहीं है। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने आयोजन समिति को शुभकामनाएं दी और कहां मंडल नये फनकारों को हमेशा मंच उपलब्ध कराता है।

करोओके गायन समिति की अंकिता किरवई ने बताया कि निखिल मुकादम ने ‘गणनायकाय गणदेवताय गणाध्यक्षाय धीमहि’ को माउथ आर्गन में बजाकर खूब तालियां बटोरी। वहीं इसके बाद ग्रुप प्रस्तुति के रुप में देवा हो देवा गणपति देवा के साथ सभी फनकारों ने ईश्वर की आराधना की। फिर शुरु हुआ वह प्ले लिस्ट जिसका सभी को इंतजार था। आशीष और स्वाती जोशी ने ‘घूंघट की आड़ से...’, हेमंत मार्डीकर और धनश्री पेंडसे ने ‘वादा कर ले साजना....’, सुमित मोड़क और अंकिता किरवई ने ‘कितना प्यारा वादा है....’ प्रशांत बक्षी ने ‘है दुनिया उसी की....’, मनीषा वरवंडकर ने मेरे ख्वाबों में जो आए..... की प्रस्तुति दी।

समिति प्रमुख सुमित मोड़क ने बताया कि सुनील गोहलानी ने किसी की मुस्कुराहटों...., श्रीकांत कोरान्ने ने छू लेने दो नाजुक...... की प्रस्तुति दी। वहीं अंकिता ने रूपेली वाडूत माण्डयाचा...,प्रगति ओगले ने आइरनीच्या देवा तुला मराठी..... की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कराओके समिति से सुमित मोड़क, अंकिता किरवई. आशीष जोशी, स्वाती जोशी, मनीषा मुकादम, धनश्री पेंडसे, निखिल मुकादम, श्रीकांत कोरान्ने, सुनील गोहलानी, प्रशांत बक्षी, प्रगति ओगले, अक्षता मातुरकर और हेमंत मार्डीकर ने प्रस्तुति दी।
'स्वच्छता ही संस्कृति’ पर भव्य रंगोली को देखने के लिए उमड़ रही भीड़
रक्तदान महाकुंभ में महाराष्ट्र मंडल के सभासदों ने भी निभाई सहभागिता
- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत इनडोर स्टेडियम में हुआ रक्तदान

रायपुर। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान महाकुंभ में शामिल होकर रक्तदान के उपरांत महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। रक्तदाता द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाकर उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बनता है। वहीं रक्तदान करने से परोपकार की आशा के साथ मन प्रफुल्लित रहता है।

काले ने कहा कि वे आज 69 बार रक्तदान करने पहुंचे है। इनडोर स्टेडियम में रक्तदान महाकुंभ में सेवा और जनभागीदारी की ऐतिहासिक तस्वीर देखने को मिली। इस ऐतिहासिक आयोजन का भागीदार बन महाराष्ट्र मंडल परिवार खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। महाराष्ट्र मंडल के सभासदों ने भी उत्साह के साथ रक्तदान किया।

रक्तदान करने वालों में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सखी निवास प्रभारी नमिता शेष, दिव्यांग बालिका विकास गृह प्रभारी मालती मिश्रा, मंडल की कार्यकारिणी सदस्य, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक प्रभारी आस्था काले, सह महिला प्रमुख अपर्णा देशमुख, शालिनी जोशी, सरिता फडके, मेघा कोतवालीवाले, अमृता सोमण, सुप्रिया शेष, संगीता शर्मा, ज्योति राहटगांवकर, यशस्वी दंडवते, सुजाता निंबालकर, तेजल चोपकर, अर्चना पराडकर, सीमा कटणकार, रचना तिवारी, निदा सुल्तान, आराधना लाल, अनिता लागे और संजय पुराणिक शामिल है।
बतादें कि इनडोर स्टेडियम में महाराष्ट्र मंडल की महिला सभासदों के साथ एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं का रक्तदान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत धरसींवा विधायक अनुज शर्मा सहित कुल 31 लोगों ने देहदान और अंगदान का संकल्प लिया।
स्पार्कलिंग स्प्राउट्स प्ले स्कूल के बच्चों ने महाराष्ट्र मंडल पहुंच किए गणपति बप्पा के दर्शन
रायपुर। शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दौरान महाराष्ट्र मंडल स्थापित गणपति बप्पा के दर्शन करने के लिए बुधवार 23 सितंबर को समता कॉलोनी स्थित स्पार्कलिंग स्प्राउट्स प्ले स्कूल के बच्चे पहुंचे। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने महाराष्ट्र मंडल में गणपति बप्पा के पावन दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
बच्चों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान बच्चों ने न केवल पूजा में भाग लिया, बल्कि इस आध्यात्मिक एवं आनंदमय अनुभव का खूब आनंद भी उठाया। उनके चेहरों पर उत्साह और खुशी देखते ही बन रही थी। इस सुंदर अवसर पर बच्चे अपनी शिक्षिकाओं भार्गवी पाध्ये, खुशी पोपटानी एवं स्कूल के संचालक नवीन देशमुख के साथ उपस्थित रहे। बप्पा से सभी बच्चों के सुख, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में कक्षा चौथी के विद्यार्थियों ने भेंट की प्राथमिक चिकित्सा पेटी
रायपुर। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में विद्यार्थियों द्वारा एक अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। कक्षा चौथी के छात्र-छात्राओं रोहान साहू, वेदांशी साई, हर्ष टंडी, सुहानी अथाले, दीपिका साहू, दुर्गा साहू, रौनक श्रीवास्तव, खुशी सोनी, याशिका गांगुली और चंचल मानिकपुरी ने मिलकर विद्यालय में एक सुसज्जित प्राथमिक चिकित्सा पेटी (फर्स्ट एड बॉक्स) भेंट किया। ताकि खेल-कूद या दैनिक गतिविधियों के दौरान किसी भी छात्र को चोट लगने पर तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सके। बच्चों ने यह चिकित्सा पेटी प्राचार्य मनीष गोवर्धन को सौंपी।
विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि इस चिकित्सा पेटी में रुई, पट्टी, एंटीसेप्टिक लिक्विड, बर्न क्रीम, कैंची और आवश्यक प्राथमिक दवाएं व्यवस्थित रूप से रखी गई हैं। कक्षा चौथी के इन विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने यह कदम स्कूल परिसर में स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया है। आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार का महत्व बताते हुए छात्र-छात्राओं ने कहा कि सही समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार किसी भी बड़े खतरे को टाल सकता है।
प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बच्चों के इस विचार और सामाजिक जिम्मेदारी की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा, "बच्चों की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे न केवल अन्य छात्रों में प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि उनमें सहयोग और जिम्मेदारी की भावना का भी विकास होगा।"
महाराष्ट्र मंडल में आईएएस अफसर रीना कंगाले ने की श्रीगणेश की पूजा
'आता थांबवायचं कसं?' में दिखा अन्याय का विरोध और पारिवारिक एकजुटता
0 महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव में हुआ मुंबई के प्रसिद्ध मराठी नाटक का मंचन
0 पहले अंक में खुशनुमा माहौल और दूसरे अंक में दिखी जीवन की कड़वी सच्चाई
रायपुर। आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध, ब्लैकमेलिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में सोमवार 21 सितंबर को मंचित मुंबईके प्रसिद्ध मराठी नाटक में 'तन्वी' की कहानी केवल एक पात्र की नहीं, बल्कि वर्तमान में लड़कियों और परिवारों की पीड़ा को दर्शाती नजर आई। एआई के इस जमाने में बढ़ रहे साइबर क्राइम के घातक परिणामों को यह नाटक समाज के सामने उजागर करता है। तन्वी की इस पीड़ा में परिवार और समाज के लोग साथ खड़े नजर आए. जो हमें इस बात के लिए प्रेरित करते दिखे कि हमें भी समाज में ऐसा ही उदाहरण स्थापित करना होगा। मराठी सिने स्टार डॉ. गिरीश ओक, सुकन्या कुलकर्णी मोने, जान्हवी पणशीकर, आकाश पाटील, ऐश्वर्या शेटे ने अपने अभिनय और संवादों से दर्शकों को आत्म मंथन के लिए विवश कर दिया कि आखिर समाज किस दिशा में जा रहा है, और ऐसी कठिन परिस्थिति में हमारा क्या दायित्व होना चाहिए? नाटक के प्रस्तुतकर्ता तरल मुंशी मुंबई थे।

मराठी नाटकों, धारावाहिक, टीवी सीरियल्स और फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता डॉ. गिरीश ओक और सुकन्या मोने ने नाटक में तन्वी के माता-पिता का किरदार निभाया। दोनों ने अपने पात्रों के साथ न्याय करते हुए मध्यमवर्गीय परिवार की मानसिकता को तोड़ते हुए, दोषारोपण या डर के बजाय 'बेटी के अस्तित्व और उसके भविष्य' को प्राथमिकता दी। यह नाटक साइबर उत्पीड़ित और उनके परिवारों को आत्मसम्मान के साथ खड़े होने के लिए 'पारिवारिक ढाल' और 'सामाजिक आत्मबल' प्रदान करता नजर आया।

रंग निर्देशक आचार्य रंजन मोड़क ने बताया कि कोई भी नाटक कभी भी किसी समस्या का सीधा समाधान नहीं दे सकता, लेकिन वह दृष्टिकोण बदलने और जागरूकता फैलाने का काम निश्चित रूप से करता है। इस नाटक के माध्यम से कलाकारों ने साइबर अपराध के दुष्परिणाम दिखाते हुए ऐसे कठिन समय में परिवार को एकजुट होने की सीख दीं।

मराठी नाटक ‘आता थांबवायचं कसं’ का लेखन और दिग्दर्शन संदीप दंडवते ने किया। नाटक के निर्माता समृद्धी तांबे, गंधाली कुलकर्णी, सुनंदा काळुसकर, प्रवीण भोसले और भरत नारायणदास ठक्कर है। नेपथ्य में संदेश बेंद्रे, पार्श्वसंगीत की कमान समीर म्हात्रे, प्रकाश योजना रत्नकांत जगताप, रंगभूषा राजेश परब, वेशभूषा अमृता काकतकर, गीतकार विघ्नेश जोशी ने संभाली। नाटक में सूत्रधार की भूमिका में दीपक गोडबोले नजर आए।
‘मिहिका, प्रीति और दुर्गा ने जिया अहिल्या का किरदार’





राजधानी रायपुर में रक्तदान महाकुंभ का आयोजन 23 सितंबर को
रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत राजधानी रायपुर की नारी शक्ति एक बड़े भ्रम को तोड़ते हुए नई क्रांति लाने जा रही है। जी... हां...। राजधानी की महिलाएं 23 सितंबर को सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में रक्तदान कर इतिहास रचने जा रही है। इस महाकुंभ में महाराष्ट्र मंडल परिवार की महिलाएं भी उत्साह के साथ भाग ले रही है। महाराष्ट्र मंडल के सभासद, अंचल के सुप्रतिष्ठित पैथालाजिस्ट और माडर्न ब्लड बैंक के संचालक डॉ मनोज लांजेवार ने कहा कि रक्तदान के बड़े फायदे है, हर व्यस्क महिला और पुरुष को रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
डॉ मनोज लांजेवार ने कहा कि रक्तदान करने से हार्ट अॅटैक का खतरा 50 प्रतिशत कम हो जाता है। ब्लड टेस्ट में लोगों को ब्लड ग्रुप सहित विभिन्न कमियों की जानकारी हो चाकी है। रक्तदान करने से चिड़चिड़ापन और गुस्सा कम होता है एवं एक अलग अनुभव होता है कि हमारे रक्तदान से किसी की जिंदगी बच सकती है। बिना किसी अपेक्षा के मानव हित में किया गया रक्तदान हमें आनंद की अनुभूति देते है और हममें घमंड कम होता है।
महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि अपने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन से बंधे महाराष्ट्र मंडल की महिला सभासदों ने सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान महाकुंभ में सहभागिता निभाने के लिए अपनी सहमति दे है। सभी निर्धारित तिथि पर आयोजन स्थल पर उपस्थित होंगी। उन्होंने मंडल की महिला सभासदों से अपील की है कि इस रक्तदान महाकुंभ में सहभागिता जरुर निभाई। अपनी सहमति देने के लिए आप मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल और महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले से संपर्क कर सकते है।
तोपखानेवाले ने आगे बताया कि रक्तदान के लिए अब तक सहमति देने वालों में मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, मालती मिश्रा, नमिता शेष, रश्मि गोवर्धन, अपर्णा देशमुख, अंकिता किरवई, रेणू अमित देशमुख, स्वाति मोड़क, प्रिया बक्षी, रेणू पुराणिक, सुरेखा हिशीकर, कांचन पुसदकर, रचना ठेगड़ी, कविता ठेगड़ी, रीना बाबर, रीना देशमुख, नम्रता जाधव, अवनी जाधव, अर्चना दंडवते, सुजाता निंबालकर, मंगल जाधव, किशोरी खंगन, मनीषा गायकवाड़, शिल्पा धोतरे, श्वेता भोसले, राजलता चौहान, माधवी ढोक, रैना पुराणिक, अर्चना जतकर, आस्था अभय काले, अमृता सोमण, प्रीति काले, अर्चना पराड़कर, अपर्णा मोघे, चित्रा बल्कि, रूखमणी रामटेके, वैशाली पुरोहित, सरिता फड़के, सुहानी पवार, अर्चना पराड़कर शामिल है।
सिद्धार्थ कोमल ने सपरिवार किए महाराष्ट्र मंडल में प्रतिष्ठित गणेशजी के दर्शन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल भवन की मुख्य लॉबी में प्रतिष्ठित गणपति प्रतिमा के दर्शन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किए। छत्तीसगढ़ शासन में कृषि उत्पादन आयुक्त व कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव पद पर पदस्थ सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के साथ उनकी पत्नी गार्गी सिंह परदेशी और सुपुत्र भी रहे।
