दिव्य महाराष्ट्र मंडल
बाल संस्कार शिविर में बच्चों के खेल में नजर आया आध्यात्म
- राधा-कृष्ण और त्रिदेव के खेल को लेकर सभी में दिखा उत्साह
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में 1 मई से 30 मई तक चले बाल संस्कार शिविर के अंतिम दिन बच्चों ने आध्यात्म से जुड़े ऐसे खेल खेले कि सभी खेलों में सनातन धर्म का गुणगान हुआ। बच्चों ने खेल को नाम दिया ‘आकाश-धरती और पाताल’, राधा-कृष्ण और त्रिदेव। वहीं बच्चों ने रामायण के पात्रों पर आध्यात्म अंताक्षरी भी खेली।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि 1 मई से शुरु हुए बाल संस्कार शिविर की क्लासेस आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में संचालित की गई। सोमवार से गुरुवार तक आनलाइन क्लासेस और शुक्रवार-शनिवार को आफलाइन क्लासेस संचालित की गई। शनिवार 30 मई को क्लास के अंतिम दिन बच्चों को फ्री हैंड दिया गया था, क्योंकि आज अंतिम दिन बच्चों ने डिसाइड किया कि उन्हें आज शिविर में क्या करना है। बच्चों ने इस दौरान कई रोचक खेल खेले और इन खेलों को नाम भी खुद ही दिया। ‘आकाश-धरती और पाताल’, राधा-कृष्ण और त्रिदेव जैसे नाम दिए।

आस्था काले ने आगे बताया कि शनिवार 30 मई को शिविर का शुभारंभ मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन और संध्या खंगन ने बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत के साथ किया। वहीं सब बच्चों ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया।
आध्यात्मिक समिति की संध्या खंगन ने बताया कि बच्चों ने ‘आकाश-धरती और पाताल’ गेम खेला। जिसमें बच्चों ने इस खेल के साथ योग एक्टिविटी की। शिविर में आई साक्षी टोले बच्चों धरती, आकाश और पाताल बोलती, फिर बच्चे आकाश बोलने पर अपने हाथ ऊपर, पाताल बोलने पर हाथ जमीन पर और धरती बोलने पर कमर में रखते थे। जो क्रम तोड़ देता वह गेम से बाहर हो जाता। इसी तरह राधा-कृष्ण और त्रिदेव वाले खेल में राधा कृष्ण बोलने पर दो बच्चों को जोड़ी बनाना होता, और त्रिदेव बोलने पर तीन बच्चों को। जो नहीं बना पाता वह खेल से बाहर होता गया।

संध्या खंगन ने आगे बताया कि बच्चों ने रामायण के पात्र के नाम पर अंताक्षरी भी खेली। लेकिन नियम थोड़े अलग थे, बच्चों को क्रमशः रामायण के एक पात्र का नाम लेना था, रिपीट करने पर गेम से बाहर। इस तरह बच्चों ने रामायण के कई पात्रों के नाम लिए। जिसे देखकर यह लगा कि बच्चों को रामायण के काफी पात्रों के नाम याद है। वहीं बकरी और शेर के खेल को भी बच्चों ने खूब एजाय किया। अंत में बच्चों को महाराष्ट्र मंडल की ओर से सैंडविच और पना पिलाया गया। आज के शिविर में संध्या खंगन, आस्था काले, अक्षता पंडित और साक्षी टोले उपस्थित थीं।
आज के सावरकर है डॉ. गोडबोले दंपती: काले
0- महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. सुनीता गोडबोले ने कहा- वनवासियों को हम समझें, उन्हें हमारी जरूरत है
मैं अनिकेत हूं’ का आज रायगढ़, कल बिलासपुर में मंचन
शहरी हो या वनवासी, हम सब है भारतवासीः डा. सुनीता गोडबोले
अंतिम पड़ाव की ओर बाल संस्कार शिविर... एक माह में बच्चों ने सीखा बहुत कुछ




अधिक मास पर तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में हुआ श्री विष्णु यज्ञ
रायपुर। पुरुषोत्तम मास भगवान श्रीहरि को समर्पित है। ऐसे में तात्यापारा स्थित श्री हनुमान मंदिर में बड़े जोश के साथ 29 मई से अधिक मास के शुभारंभ के साथ भव्य श्री विष्णु यज्ञ प्रारंभ किया गया। मंदिर समिति के दीपक-कल्पना किरवईवाले और सौरभ-चारूशीला देव इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान बने। विष्णु यज्ञ मंदिर के पुरोहित पंडित संदीप देशपांडे ने संपन्न कराई।
यजमान दंपती ने वैदिक मंत्रों के जाप और शास्त्रों के अनुसार पूरे मन और आत्मा से भगवान विष्णु की पूजा करके यज्ञ शुरू किया। अधिक हीने में भगवान विष्णु की पूजा और यज्ञ करने का खास आध्यात्मिक महत्व है, इसलिए इस त्योहार के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
पंडित संदीप देशपांडे ने मौजूद भक्तों को अधिक मास के महत्व को समझाया और बताया कि विष्णु यज्ञ से इलाके में सुख, समृद्धि और शांति आती है। इस धार्मिक उत्सव के लिए, तात्यापारा इलाके और दूर-दूर से बहुत सारे विष्णु भक्त यज्ञ कुंड के दर्शन करने और पूजा करने के लिए मंदिर आ रहे हैं।
मुख्य यजमान देव और किरवाईवाले परिवार ने सभी भक्तों से इस विष्णु यज्ञ के मौके पर दर्शन और महाप्रसाद का लाभ उठाने की अपील की है। मंदिर ने इस खास अनुष्ठान के लिए महाप्रसाद, भजन और सुंदर सजावट की पूरी तैयारी की है। आज पहले दिन इस विष्णु यज्ञ के शुरू होने के साथ ही, पूरा तात्यापारा हनुमान मंदिर इलाका भक्ति और शुभ रंगों से रंगा गया है।
मैं बस्तर की आनंद यात्रा पर हूं: डॉ. गोडबोले
0- बस्तर में दशकों से आदिवासियों की नि:स्वार्थ सेवा करने वाले पद्मश्री डॉ. गोडबोले दंपती का महाराष्ट्र मंडल के साथ अनेक संस्थाओं ने किया सम्मान


श्रमिकों के बच्चों के लिए डॉक्टर बनने का सुनहरा मौका... ESIC मेडिकल कॉलेजों में 700 सीटें आरक्षित
रायपुर।छत्तीसगढ़ के संगठित क्षेत्र में काम करने वाले बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा (MBBS/ BDS) के क्षेत्र में करियर बनाने का एक बड़ा और सुनहरा अवसर सामने आया है। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देशभर के अपने 20 प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए 700 सीटें आरक्षित की हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई थी , जिसे बढ़ाकर 21 जून 2026 तक निर्धारित की गई है।
श्रमायुक्त कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन आरक्षित सीटों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन नीट यूजी (NEET) परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जून 2026 निर्धारित की गई है। जो भी विद्यार्थी इस पात्रता के दायरे में आते हैं, वे बिना देरी किए कर्मचारी राज्य बीमा निगम की आधिकारिक वेबसाइट ESIC Official Website पर जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष आरक्षण नीति का मुख्य उद्देश्य संगठित क्षेत्र के श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को उच्च और गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा के बेहतर अवसर देना है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर या सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी बिना किसी वित्तीय बाधा के डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर सकेंगे।
कुल आरक्षित सीटें 700 (देशभर के 20 ESIC मेडिकल कॉलेजों में), चयन का आधार नीट यूजी (NEET UG) मेरिट के आधार पर, आवेदन की अंतिम तिथि 21 जून 2026 है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम की आधिकारिक वेबसाइट esic.nic.in का अवलोकन किया जा सकता है।
किसी भी प्रकार की शंका या विस्तृत जानकारी के लिए विद्यार्थी और अभिभावक टोल फ्री नंबर 1800-11-2526 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी ESIC शाखा या राज्य स्तरीय क्षेत्रीय कार्यालय से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है। श्रमायुक्त कार्यालय ने प्रदेश के सभी श्रमिक साथियों से विशेष अपील की है कि वे समय रहते इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी अपने योग्य व इच्छुक बच्चों तक पहुंचाएं और अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक आवेदन करवाकर इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं।
महाराष्ट्र मंडल रायपुर के सुपरहिट हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ अब रायगढ़ व बिलासपुर में
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सुपरहिट हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ अब एक बार फिर रायगढ़ और बिलासपुर में तहलका मचाने के लिए तैयार है। रोटरी क्लब रायगढ़ स्टील सिटी के माध्यम से यह सस्पेंस थ्रिलर ड्रामा जिंदल सभागृह पतरापाली रायगढ़ में 30 मई की शाम सात बजे मंचित किया जाएगा। वहीं जीआई हेल्थ फाउंडेशन 'मैं अनिकेत हूं’ का प्रयोग सिम्स ऑडिटोरियम में कराने जा रहा है। दोनों शहरों में रंगप्रेमी दर्शकों को प्रवेश के लिए पास अथवा आमंत्रण पत्र अनिवार्य किए गए हैं। यही कारण है कि नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ को देखने के लिए रायगढ़ में पास और बिलासपुर में निमंत्रण पत्र को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता बनी हुई है।
महाराष्ट्र मंडल रायपुर की 90वीं वर्षगांठ पर आयोजित तीन दिवासीय समारोह (मराठी सोहळा) के पहले दिन चार अक्टूबर 2025 को नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का मंचन किया गया था, तो किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ महीनों में ही इस नाटक के मंचन को लेकर विभिन्न शहरों के समाजसेवियों संस्थाओं व क्लबों में लगभग होड़ की स्थिति बन जाएगी। पहले मंचन के दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम्स के डायेरक्टर लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) को ‘मैं अनिकेत हूं’ इतना पसंद आया कि उन्होंने अगले एक-दो दिनों में ही इस नाटक को एम्स के ऑडिटोरियम में कराने पर जोर दिया। महज पांच दिनों के बाद नौ अक्टूबर 2025 को ‘मैं अनिकेत हूं’ का प्रयोग एम्स के ऑडिटोरियम में डॉक्टर्स स्टाफ व उनके परिजनों के बीच किया गया। उन्हें यह नाटक उतना ही पसंद आया, जितना की एम्स के डायरेक्टर डॉ. जिंदल को भाया था।
‘मैं अनिकेत हूं’ का अगला प्रयोग 26 दिसंबर 2025 को बालाघाट के कला निकेतन केंद्र में किया गया। तत्पश्चात 21 जनवरी को धमतरी, 21 मार्च को राजीव गांधी ऑडिटोरियम कोरबा, 15 मई को संस्कार भारती के नाट्य समारोह में महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में, अगले दिन यानी 16 मई को सेल ऑडिटोरियम राउरकेला (ओडिशा) में इस सुपरहिट नाटक का मंचन किया गया। सभी स्थानों पर नाटक को लेकर नाट्य प्रेमी दर्शकों का प्रतिसाद अभूतपूर्व और अकल्पनीय था।
‘मैं अनिकेत हूं’ के आयोजक के रूप में रोटरी क्लब और स्थानीय महाराष्ट्र मंडलों की भूमिका कमाल की रही। वहां के लोगों को नाटक बेहद पसंद भी आया और उन्हीं की माउथ पब्लिसिटी का नतीजा है कि दोनों समाजसेवी संस्थाओं में ‘मैं अनिकेत हूं’ के मंचन को लेकर प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। बहरहाल सभी कुछ ठीक ठाक रहा, तो जून महीने के तीसरे- चौथे शनिवार या रविवार को नाटक इसका मंचन सेक्टर- 4 स्थित महाराष्ट्र मंडल भिलाई और महाराष्ट्र मंडल, बल्देव बाग राजनांदगांव के तत्वावधान में संभावित है।
निर्देशक शशि वरवंडकर के अनुसार इन दिनों रायगढ़ और बिलासपुर में नाटक के मंचन से पहले की तैयारियां महाराष्ट्र मंडल परिसर में जारी हैं। सभी कलाकार अनुशासन के साथ समय पर मंडल आकर रिहर्सल में भाग ले रहे हैं और अपने किरदार को और भी परिपक्व व सधा हुआ बनाने में लगे हुए हैं। मंच सज्जा, लाइट और साउंड के लिए अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर के साथ प्रकाश गुरव भी पूरे तामझाम के साथ रायगढ़ और बिलासपुर जाने के लिए तैयार हैं।
महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति और बूढ़ापारा महिला केंद्र की ओर से किया गया मठा वितरण
0- आध्यात्मिक समिति और बूढ़ापारा महिला केंद्र की ओर से की गई इस पहल से सैकड़ों लोगों को गर्मी से मिली राहत
शिव शौर्य को रंगमंच पर उतारने की कोशिश जारी
0- महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस पर मंचित होने वाले भव्य हिंदी नाटक को लेकर हर स्तर पर तैयारियां जोरशोर से जारी
महिलाओं ने काटा चम्मच से गिलास में डाली चूड़ियां, खूब किया डांस
रायपुर। महारष्ट्र मंडल की रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने अपने मई माह की मासिक बैठक में गेम्स, गीत, संगीत के साथ जमकर मस्ती की। बैठक का आयोजन इंद्रप्रस्थ कालोनी फेस-2 स्थित रास डांस स्टूडियो में किया गया। बैठक डांस स्टूडियो में हो और महिलाएं डांस न करें ऐसा हो ही नहीं सकता। महिलाओं ने बैठक की शुरूआत रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ के साथ की।
बैठक का आयोजन रीना बाबर, अनुभा साडेगांवकर और राजश्री वैद्य के द्वारा किया गया। चालीसा पाठ के साथ महिलाओं ने गेम खेला। जिसमें टेबल पर चूड़िया बिखेर दी गई। अब काटा चम्मच की मदद से चूड़ियों को उठाकर गिलास में डालन था। जिसने निर्धारित एक मिनट में सबसे ज्यादा चूड़िया डाली वो विजेता रही। स्पर्धा में प्रथम रितु बहिरट, द्वितीय अनिता लांगे, तृतीय विशाखा पोगडे रही। इसके पश्चात हर महीने की मीटिंग किसके यहां होगी यह निश्चित किया गया। सभी ने गाने पर बहुत डांस किया तथा मंडळ द्वारा मंगाए गए नाश्ते का आनंद उठाया।
इस अवसर पर अलका कुळकर्णी, अपर्णा जोशी, अपर्णा वरारपांडे, संध्या खंगन, अचला मोहरिकर, मीरा कुपटकर, मंगला पुराणकर, विशाखा पोगडे, जयश्री गायकवाड़ , शीतल कंबलकर, प्राची जोशी, सोनाली कुळकर्णी, मीना विभूते, स्मिता बल्कि, वीणा वंडलकर, रितु बहिरट, अक्षदा बहिरट, प्राची गणोदवाले, साधना बहिरट, रीना बाबर, राजेश्री वैद्य, अनुभा साडेगावकर और रचना ठेंगड़ी उपस्थित थीं।
मानसून पूर्व तैयारियां तेज, मुख्य सचिव ने ली बाढ़ नियंत्रण हाई पावर कमेटी की बैठक
रायपुर। आगामी मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। राहत शिविरों के प्रबंधन से लेकर आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं पर व्यापक रणनीति तैयार की गई। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय बाढ़ नियंत्रण समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्षों को मानसून 2026 के मद्देनजर सुरक्षा और राहत व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। सभी कलेक्टर्स को आगामी 1 जून से प्रतिदिन वर्षा की स्थिति और उससे होने वाली संभावित क्षति की जानकारी अनिवार्य रूप से शासन को भेजनी होगी। प्रत्येक जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में जून माह में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। आपदा के समय त्वरित सहायता और समन्वय के लिए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) क्रियाशील कर दिया गया है। महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र (स्टेट कंट्रोल रूम) राज्य स्तर पर दूरभाष क्रमांक 0771-2223471, 0771-2221242 ओर फैक्स क्रमांक 0771-2223472 इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालयों में भी जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा चुके हैं। बैठक में मुख्य सचिव ने बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति में जनहानि को शून्य रखने के लिए विभागों को उनकी जिम्मेदारी दी है।
पहुंचविहीन और संवेदनशील क्षेत्रों में राशन, नमक, केरोसिन और जीवन रक्षक दवाओं का अग्रिम भंडारण अभी से सुनिश्चित किया जाए। बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए विशेष चिकित्सा दलों का गठन किया जाए। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हर साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले निचले इलाकों की पहचान कर वहां चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। बाढ़ से बचाव के उपकरणों और मोटरबोट्स की तत्काल मरम्मत करा ली जाए। नगर सेना और नागरिक सुरक्षा अमले को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। बड़े बांधों का जलस्तर बढ़ने पर जल निकासी (पानी छोड़ने) से कम से कम 12 घंटे पहले निचले जिलों और सीमावर्ती राज्यों को अलर्ट जारी करना अनिवार्य होगा।
प्रदेश के जर्जर व कमजोर हो चुके पुल-पुलियों, रपटों और सरकारी इमारतों की पहचान कर तत्काल मरम्मत कराई जाए। दुर्घटनाजन्य स्थलों पर बैरियर और सूचना पटल लगाए जाएं। बाढ़ प्रभावितों के मकान क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में वन विभाग नजदीकी डिपो में बांस-बल्ली का पर्याप्त भंडारण रखे।
पद्मश्री दंपती डॉ. रामचंद्र गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले का महाराष्ट्र मंडल में सम्मान 28 को
- छत्रपति शिवाजी सभागृह में आयोजित वीर सावरकर जयंती पर बच्चों की फैंसी ड्रेस स्पर्धा होगी आकर्षण का केंद्र
रायपुर। नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में सोमवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से पद्मश्री प्राप्त करने के बाद डॉ. रामचंद्र गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले दंपती को महाराष्ट्र मंडल गुरुवार, 28 मई को शाम 6:30 बजे सम्मानित करने जा रहा है।
मंडल के य.गो. जोगलेकर स्मृति छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित होने वाले विनायक दामोदर सावरकर जयंती समारोह में डॉ. गोडबोले दंपती सम्मानित किए जाएंगे। इस मौके पर डॉक्टर दंपती अपने 35 वर्षों से बस्तर के अबूझमाड़ में शोषित पीड़ित और बीमार आदिवासियों का नि:शुल्क इलाज करने से लेकर वहां इलाज को लेकर फैली भ्रांतियों और उन्हें दूर करने को लेकर किए गए भगीरथ प्रयास के बारे में चर्चा भी करेंगे।
उपाध्यक्ष गीता दलाल ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार को वीर सावरकर जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस मौके पर वीर सावरकर पर आमंत्रित किए गए लेख के आधार पर निर्णायक परिणाम तय कर विजेताओं, उप विजेताओं के नामों की घोषणा करेंगे, जिन्हें कार्यक्रम के दौरान ही पुरस्कृत व प्रोत्साहित भी किया जाएगा। प्रथम पुरस्कृत लेख का सामूहिक वाचन विजेता प्रतिभागी करेंगे। कार्यक्रम का सबसे रोचक सेगमेंट बच्चों की वीर सावरकर पर आधारित फैंसी ड्रेस स्पर्धा है। इसमें बच्चे विभिन्न परिधानों और स्टाइल वाले विनायक दामोदर सावरकर का भेष धारण कर मंच पर उतरेंगे।
मंडल की साहित्यिक समिति की प्रभारी कुमुद लाड ने बताया कि वीर सावरकर पर सोमवार तक पर्याप्त लेख मिल गए हैं। इधर वीर सावरकर फैंसी ड्रेस स्पर्धा को लेकर बच्चे खासे उत्साहित हैं और उनके अभिभावकों की ओर से भरपूर पूछताछ करने के बाद पंजीयन भी कराया गया है। कुमुद के अनुसार सावरकर जयंती समारोह में हमारे मुख्य अतिथि अथवा प्रमुख वक्ता 'वीर सावरकर की वर्तमान परिस्थितियों में प्रासंगिकता' पर अपना संबोधन देंगे।
एकादशी पर महाराष्ट्र मंडल द्वारा बूढ़ापारा में मठा वितरण 27 मई को
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति और बूढ़ापारा महिला केंद्र द्वारा एकादशी पर्व के अवसर बुधवार 27 मई को राहगीरो को मठा वितरित किया जाएगा। केंद्र द्वारा सप्रे शाला बूढ़ापारा परिसर स्थित हनुमान मंदिर में मठा वितरित किया जाएगा।
महाराष्ट्र मंडल के आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने कहा कि मंडल के सेवाभावी कार्यों की श्रृंखला में वल्लभनगर, शंकर नगर, चौबे कालोनी के बाद अब बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं और आध्यात्मिक समिति की ओर से मठा वितरण किया जाएगा। एकादशी के दिन बुधवार 27 मई को सुबह 9 बजे से मठा वितरित होगा। काले ने आगे कहा कि 25 मई से नौतपा शुरू हो गया है। ऐसे में सुबह से ही सड़कें सूनी हो जा रही है। बहुत जरूरी काम के साथ लोग घरों से बाहर निकल रहे है। ऐसे में राहगीरों, वाहन चालकों, पैदल चलने वालों को राहत से मंडल ने इस पुनीत कार्य का संकल्प लिया है।
अधिक मास के शनिवार को घी के दीये जलाकर हुआ हनुमान चालीसा पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से हर शनिवार को होने वाला रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ इस शनिवार भी उत्साह के साथ जारी रहा। अधिक मास होने के कारण चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने स्वामी आत्मानंद सरोवर स्थित श्री हनुमान मंदिर पहुंचकर घी की दीये जलाए और हनुमान चालीसा व रामरक्षा स्तोत्र का पाठ किया। इस दौरान संयोजिका अक्षता पंडित, स्वाती डबली, गौरी क्षीरसागर और सुमन काले उपस्थित रहीं।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि इस शनिवार चौबे कालोनी केंद्र के साथ रोहिणीपुरम, अमलीडीह, सियान गुड़ी और मंडल कार्यालय में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। रोहिणीपुरम महिला केंद्र के सदस्यों ने रास डांस स्टूडियो में एकत्रित होकर पाठ किया।

इस दौरान अलका कुळकर्णी, अपर्णा जोशी, अपर्णा वरारपांडे, संध्या खंगन, अचला मोहरीकर, मीरा कुपटकर, मंगला पुराणकर, विशाखा पोगडे, जयश्री गायकवाड, शीतल कंबलकर, प्राची जोशी, सोनाली कुळकर्णी, मीना विभूते, स्मिता बल्कि, वीणा वंडलकर, रितु बहिरट, अक्षदा बहिरट, प्राची गणोदवाले, साधना बहिरट, रीना बाबर, राजेश्री वैद्य, अनुभा साडेगावकर और रचना ठेंगड़ी उपस्थित थीं। इसी तरह अमलीडीह केंद्र की अक्षरा भागड़े, शोभा जोशी, अर्चना भाखरे और शशि भट्ट ने पाठ किया.

आध्यात्मिक समिति की सृष्टि दंडवते ने बताया कि इसके साथ महाराष्ट्र मंडल कार्यालय में भी पाठ किया गया। इस दौरान महाराष्ट्र मंडल की लेखा व्यवस्थापिका बी. नंदिनी नायडू, सखी निवास मैनेजर कम्लेश्वरी साहू, वार्डन मंजिरी भगाड़े, श्रद्धा जोशी, हुल्लास देवांगन, मेस की मुख्य रसोइया जामबाई यदु, सुनीता तांडी, वैशाली टांगले, गायत्री साहू, हेमिन साहू, सविता निषाद, नीता खड़तकर उपस्थित थीं। इसके साथ सियान गुड़ी में डॉ ओपी सोनी, लखन लाल साहू, विष्णु कुमार मिश्रा, केके पाठक और डॉ ओसी बिसेन ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। उपस्थित थे।
छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मदिवस 19 फरवरी को स्वराज दिवस घोषित करने की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी और महाराष्ट्र मंडल रायपुर के पदाधिकारियों ने 23 मई की शाम राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। सिविल सोसायटी और महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मदिवस 19 फरवरी को प्रदेश में "स्वराज दिवस" के रूप में घोषित करने की मांग से संबंधित करीब 5 हजार लोगों के हस्ताक्षर सहित आवेदन सौंपे।
छत्तीसगढ सिविल सोसायटी के अध्यक्ष डा. कुलदीप सोलंकी ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज भारत के महान योद्धा और स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उन्होंने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़कर हिंदवी स्वराज की स्थापना की तथा भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। शिवाजी महाराज केवल एक योद्धा ही नहीं थे, बल्कि एक महान प्रशासक और विजनरी भी थे। उन्होंने एक मजबूत और स्वतंत्र भारत का सपना देखा था।
महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि शिवाजी महारा, देवी अहिल्याबाई होल्कर और वीर सावरकर के प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल करने एवं राज्य के युवाओं को सावरकर प्रेरणादायी स्थल अंदमान निकोबार की शैक्षणिक यात्रा कराने से भविष्य के युवाओं को राष्ट्र प्रेम समर्पण धैर्य सीखने का अवसर मिलेगा जो राष्ट्र के लिए आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने स्वराज दिवस, सावरकर यात्रा एवं शिवाजी, अहिल्याबाई, सावरकर प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के निवेदन में सहमति व्यक्त करते हुए क्रियान्वयन का आश्वासन दिया है। चर्चा में छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के अध्यक्ष डॉ कुलदीप सोलंकी, शिक्षाविद संजय जोशी, महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, बृहन महाराष्ट्र मंडल छत्तीसगढ कार्यवाह सुबोध टोले सहित अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।