दिव्य महाराष्ट्र मंडल
होम डेकोर और कैंडल्स में बना सकते हैं कैरियरः डॉ. तनीषा बर्धन शर्मा
रायपुर। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महाराष्ट्र मंडल लगातार कार्य करता है। मंडल के सड्डू –मोवा केंद्र के होली मिलन में अतिथि के रुप में पहुंची डॉ. तनीषा बर्धन शर्मा और सुनीता सिंह ने अपने-अपने कार्य क्षेत्र को लेकर केंद्र की महिलाओं को जागरूक किया। डॉ. तनीषा बर्धन शर्मा ने जहां होम डेकोर और कैंडल्स के क्षेत्र में कैरियर बनाने को लेकर टिप्स दिए वहीं सुनीता संजय सिंह ने भरतनाट्यम और योगा को जीवन में उतारने के की सलाह दी।
सड्डू मोवा केन्द्र की संयोजिका शालिनी जोशी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। डॉ. तनीषा बर्धन शर्मा ने होम डेकोर ,कैंडल्स मेंकिंग और सुनीता जी ने भरतनाट्यम् और योगा कि जानकारी दी। उन्होंने सभी का आग्रह से भरतनाट्यम् भी प्रस्तुत किया । अतिथि के हाथों सड्डू केन्द्र की बहनों का सम्मान किया गया सभी सदस्य उपस्थित हुए।
इस अवसर पर शालिनी जोशी, प्राजक्ता एतुलवार, मनीषा होंशगाबादे , मंजूषा काळकर, उर्वशी उरगांवकर, आरती पोद्दार, अर्चना भंडारकर, माणिक आचार्य, मृणालिनी सुरावधनीवार, शीतल तलेगाँवकर, माधवी मोघे, शुभा राजिमवाले ,वनीता चिदाम्बरे, विशाखा दुबे , कुन्दा देवीकर, डॉ.मानसी पट्टेवार ,प्रतिभा पट्टेवार उपस्थित थी।
तात्कालिक भाषण में डा रक्षा वैद्य रही विजेता... डा. वंदना दूसरे और श्रुति तीसरे स्थान पर
0 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महाराष्ट्र मंडल में हुई प्रतियोगता
0 विजेता डा. रक्षा वैद्य बोली- उद्यमी खुद को नहीं दूसरो को आगे बढ़ाता है
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को मंच देने के उद्देश्य से तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें शामिल महिलाएं ओजस्वी और प्रखर वक्ता की भांति अपने विषयों पर बेबाकी से बोल रही थी। महिलाओं का आत्मविश्वास देख ऐसा लग रहा था, मानो यह इनका रोज का कार्य होगा। प्रतियोगिता में प्रथम तात्यापारा केंद्र की डा. रक्षा वैद्य रही। वहीं दूसरे स्थान पर रोहिणीपुरम केंद्र की डा. वंदना काले और तीसरे स्थान पर बूढ़ापारा केंद्र की श्रुति करकशे रही।
महिला उद्यमिता का बढ़ता प्रभाव विषय पर अपने विचार रखते हुए डा. रक्षा वैद्य ने कहा कि एक उद्यमी खुद को नहीं बल्कि अन्य को आगे बढ़ाता है। उसका आत्मविश्वास कार्य के प्रति जीवटता उस पर आश्रित अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराती है। उद्यमी महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती है।
डा. वंदना काले ने कहा कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जो आत्मविश्वास से भरा हो। किसी भी कार्य को करने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। जिसे हम कान्फिडेंस कहते है, कई बार लोगों को हमारे इस कान्फिडेंस में ओवर कान्फिडेंस नजर आता है। खुद कोई काम आत्मविश्वास के साथ करें और लोगों में आत्मविश्वास जगाएं।
स्वयं सहायता समूह और महिलाओं का विकास पर अपने विचार रखते हुए श्रुति करकशे ने कहा कि जब एक महिला सशक्त होती है तो वह परिवार और समाज का विकास करती है। शासन द्वारा स्व सहायता समूहों को सुदृढ़ बनाने के लिए हरसंभव मदद कर सकती है। इन समूहों के माध्यम से आगे बढ़ सकती है।
महाराष्ट्र मंडल ने नर्सों की सेवा को किया नमन… महिला दिवस समारोह में खुलकर हुई नारी शक्ति पर चर्चा
0- तात्कालिक भाषण में प्रखर वक्ता की भूमिका में नजर आई महिलाएं
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के महिला दिवस समारोह में नर्सों की सेवा को नमन करते हुए उन्हें मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। वहीं तात्कालिक भाषण में महिलाएं अपने-अपने विषय पर प्रखर वक्ता की तरह धारा प्रवाह बोलतीं नजर आईं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि ईएनटी विशेषज्ञ डा. अनुपमा आनंद जोशी ने कहा कि नारी अबला नहीं है। नारी अनपढ़ ही क्यों न हो, वह अपनी इच्छाशक्ति से सब कुछ कर सकती है। नारी की शक्ति ही परिवार को जोड़ती है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सिर्फ एक दिन है, नारियों का सम्मान तो हर दिन होना चाहिए।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि वरिष्ठ पत्रकार गोविंद ठाकरे ने कहा कि नारी देह के आगे दिव्य है। जब हम नारी को देह से आगे देखते हैं, तो उनमें हमें मां, बहन, बेटी दिखाई देती है। नारी के आगे कोई कुछ भी नहीं। ठाकरे ने कहा कि वे काफी अरसे से महाराष्ट्र मंडल आते रहे हैं। यहां संगठन और कार्यक्रमों में महिलाओं को जो महत्व दिया जाता है, सम्मान किया जाता है, वह प्रेरक व प्रशंसनीय है।
अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि दो चोटी बनाकर घर से निकलने वाली महिलाएं आज सफलता की चोटी पर है। सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने अपना लोहा मनवा लिया है। हमारे यहां विभिन्न प्रकल्पों के 150 से अधिक पदाधिकारियों में 80 फीसद महिलाएं हैं। इसी तरह यहां कार्य करने वाले 120 कर्मचारियों में भी 80 फीसदी महिलाएं ही हैं।

कार्यक्रम में पिछले समारोह के आयोजक केंद्रों की संयोजिकाओं व सह संयाजिकाओं को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया गया। हमारे गौरवशाली इतिहास की महानतम महिलाओं में छत्रपति शिवाजी महाराज की माता जीजा बाई के वेश में पल्लवी मुकादम, सिंधुताई सपकाल के वेश में संध्या खंगन, महिलाओं में शिक्षा की ज्योत जलाने वाली ज्योतिबा फुले की भूमिका में विराज भालेराव, महारानी अहिल्या बाई के रोल में सौदामिनी बर्वे नजर आईंं।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में महिलाओं ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया। चौबे कॉलोनी, रोहिणीपुरम, डंगनिया और सुंदर नगर केंद्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल और महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले का विशेष मार्गदर्शन रहा। कार्यक्रम का संचालन संगीता निमोणकर और चित्रा जावलेकर ने किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच तात्कालिक भाषण स्पर्धा में 12 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें महिलाओं ने स्वावलंबन, डिजिटल क्रांति, सकारात्मक सोच, महिला उद्यमी जैसे कई विषयों पर अपने विचार रखे। डा. वृंदा काले ने कहा कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनका आत्मविश्वास प्रबल होता है।अदिति देशपांडे ने मजबूत कुटुंब और डा. विनया मास्कर ने आत्मबल पर जोर दिया।
नारी का सम्मान, समाज विकास और सशक्त राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण कदमः मीनल
- सेवाभावी कार्यों के लिए महाराष्ट्र मंडल की विशाखा तोपखानेवाले और गीता दलाल का सम्मान
रायपुर। समाज के विकास और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की दिशा में नारियों का सम्मान एक महत्वपूर्ण कदम है। महिलाएं अपने जीवन में न जाने कितने दुख और गम सहन करती है, लेकिन फिर भी परिवार और समाज के उत्थान के लिए हमेशा चलती रहती है। आज रक्षा, विज्ञान, अध्ययन से लेकर आटो चलाने तक महिलाएं जीवटता के साथ कार्य कर रही है। उक्ताशय के विचार रायपुर महापौर ने वृंदावन हाल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सर्वमंगला फाउंडेशन द्वारा आयोजित सर्वमंगल गौरव सम्मान सहारोह को संबोधित कर रही थी। बतादें कि इस अवसर पर सेवाभावी कार्यों के लिए महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले और उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल सहित अलग-अलग क्षेत्र की 61 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
वृंदावन हॉल में सर्वमंगला फाउंडेशन द्वारा आयोजित “सर्वमंगल गौरव सम्मान 2026” में अतिथि के तौर पर रायपुर महापौर मीनल चौबे, वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज, कवियत्री शशि दुबे, वास्तु मित्र शिवनारायण मूंदड़ा, कवियत्री शोभा शुक्ला उपस्थित थीं। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही 61 महिलाओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अनिता दुबे एवं मीनाक्षी तिवारी द्वारा किया गया। जिसमें अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
महाराष्ट्र मंडल में वाल्मिकी रामायण कथा 28 मार्च से
- पुणे के रामनाथ रामचंद्र अय्यर भक्तों को कराएंगे कथा श्रवण
- हनुमान जयंती पर होगी नारदीय कीर्तन का आयोजन
रायपुर। अपनी आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला में महाराष्ट्र मंडल रायपुर द्वारा आगामी 28 मार्च से 1 अप्रैल तक वाल्मिकी रामायण कथा और हनुमान जयंती पर 2 अप्रैल को नारदीय कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। पांच दिवसीय इस आयोजन में बुवा पुणे से पधारे रामनाथ रामचंद्र अय्यर श्रद्धालुओं और श्रोताओं को प्रभु श्रीराम के प्रेरक प्रसंगों पर प्रवचन देंगे। बतादें कि रामनाथ रामचंद्र अय्यर मराठी, हिंदी, अंग्रेजी के अच्छे जानकार है। कार्यक्रम की तैयारी को लेकर गुरुवार 12 मार्च को महाराष्ट्र मंडल परिसर में आवश्यक आध्यात्मिक समिति की विशेष बैठक हुई। जिसमें पदाधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारी सौंपी गई।
महाराष्ट्र मंडल सचिव आचार्य चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि 28 मार्च से 1 अप्रैल तक पांच दिवसीय वाल्मिकी रामायण कथा का आयोजन महाराष्ट्र मंडल द्वारा किया जा रहा है। कीर्तन अलंकार, कीर्तन कौस्तुभ ,पूर्णवाद रत्न पुरस्कार से सम्मानित पुणे के रामनाथ रामचंद्र अय्यर रामकथा सुनाएंगे। वे श्रीमद् भागवत, शिवपुराण निरुपण, गणेश पुराण कथा और वाल्मिकी रामायण के उत्तम कथा वाचक है।
दंडवते ने आगे बताया कि वहीं 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर नारदीय कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। कथा प्रतिदिन शाम 6 से 8 बजे तक होगी। वहीं नारदीय कीर्तन का आयोजन सुबह 6 बजे से किया जाएगा। आज हुई बैठक में सचिव चेतन दंडवते, आचार्य रंजन मोड़क, अपर्णा काळेले, आस्था काले, सृष्टि दंडवते, अक्षता पंडित, वैशाली पुरोहित, अक्षता पंडित, श्रुति सराफ, धनश्री पेड़से उपस्थित थीं।
गाठी पहनकर महिलाओं ने बचपन की यादें की ताजा
- डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने होली थीम में की बैठक
रायपुर। रंगो का त्योहार होली और गाठी (शक्कर माला) से हर किसी के बचपन की याद जुड़ी होती है। ऐसे में अपने बचपन को याद करने के हर एक पल को जीने वाली महाराष्ट्र मंडल के डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने उत्साह के साथ एक दूसरे को गाठी की माला पहनाई और अपने-अपने बचपन के दिनों को याद किया। जब घर के बड़े बुजुर्ग उन्हें गाठी पहनाते थे। वहीं रंग बिरंगी टोपी ने उनके उत्साह को दोगुना कर दिया।
सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने बुधवार 11 मार्च को अपनी मासिक बैठक की थीम होली पर रखी। बैठक में शनिवार 14 मार्च को महाराष्ट्र मंडल में होने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस में केंद्र के सदस्यों की उपस्थिति और कार्यक्रम को सफल बनाने पर चर्चा हुई। बैठक में बहुत से मनोरंजक गेम खेलकर होली मिलन भी मनाया गया।
नमिता शेष ने बताया कि अपने-अपने बचपन की यादों को ताजा करने के लिए रोचक गेम खेला। जिसमें एक-एक करके सभी सदस्यों ने दूसरे को क्रमशः गुलाल लगाया, टोपी पहनाई और गाठी की माला पहनाई। निर्धारित एक मिनट में जिसने सबसे ज्यादा लोगों को गाठी पहनाई उसे विजेता घोषित किया गया। इस खेल में प्रथम सोनल फड़नीस और सेकंड अर्चना टेंबे रही।
बैठक में सौम्या इंगले, अर्चना टेंबे, अनुभा जाउलकर, अंजली काळे, नमिता शेष, दिव्या पात्रीकर, विजया भाले, वर्षा नारखेड़कर, ज्योति डोळस, प्रिया जोगलेकर, दिपांजली भालेराव, अर्चना कुलकर्णी, जया भावे, प्रियंका राजपूत, प्रीती रणदिवे, शैला गायधनी ,रश्मि डांगे, माधवी गिरहें, श्रद्धा देशमुख, सरोजनी पराड़, शुभांगी रुद्रजवार, सृष्टि दंडवते, माधुरी इंचुलकर, संध्या अनिल, मिनाक्षी तारे उपस्थित थीं।
महाराष्ट्र मंडल का महिला दिवस 14 को, 20 नर्से होंगी सम्मानित
0- चार केंद्रों के संयुक्त आयोजन में महान महिलाओं पर आधारित नाटिका का होगा मंचन, तात्कालिक भाषण स्पर्धा को लेकर भी जोश
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल अपना महिला दिवस भव्य पैमाने पर शनिवार, 14 मार्च को शाम 3:30 बजे से आयोजित कर रहा है। चौबे कॉलोनी, रोहिणीपुरम, सुंदर नगर और डंगनिया महिला केंद्रों की ओर से संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में संजीवनी और वीवाय अस्पतालों के 20 नर्सों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री फुलबासन बाई यादव होंगी।
चौबे कॉलोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित, रोहिणीपुरम की साधना बरिहट, डंगनिया की अनुभा जाऊलकर, सुंदर नगर केंद्र की संयोजिका स्मिता टेंबे ने बताया कि देश की प्ररेणास्पद महिला व्यक्तित्व को नाटिका के रूप में चौबे कॉलोनी महिला केंद्र प्रस्तुत करेगा। डंगनिया व रोहिणीपुरम केंद्र की ओर से महिला दिवस पर नृत्य पेश किए जाएंगे।
महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के अनुसार महिला दिवस का आकर्षण तात्कालिक भाषणा स्पर्धा होगी। इस स्पर्धा में सभी 17 महिला केंद्रों से एक- एक प्रतिस्पर्धी को शामिल किया जाएगा। स्पर्धा में वक्ताओं को अपने- अपने विषय पर बोलने के लिए दो मिनट दिया जाएगा। उपाध्यक्ष गीता दलाल ने अधिक से अधिक महिला सभासदों से कार्यक्रम में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
तात्कालिक भाषण स्पर्धा के विषय होंगे:-
भारतीय सेना में महिलाएं, डिजिटल युग और नारी सशक्तीकरण, महिला उद्यमिता का बढ़ता प्रभाव, महिलाओं की सुरक्षा समाज की जिम्मेदारी, आत्मविश्वास: नारी की सबसे बड़ी ताकत, मानसिक स्वास्थ्य और महिलाएं, कामकाजी महिला और परिवार का संतुलन, स्वयं सहायता समूह और महिलाओं का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल दुनिया महिलाओं का दखल, बैंक की कार्यप्रणाली की जानकारी, घरेलू कामकाज की कीमत: क्या 'हाउसवाइफ' के काम को मिलता है सम्मान, मोबाइल फोन का दुरुपयोग और महिलाएं, साइबर बुलिंग और सुरक्षा के नए खतरे, ऑनलाइन शॉपिंग: महिला को कितना फायदा व क्या नुकसान, वर्तमान समय में सरकार द्वारा महिलाओं के लिए बनाई गई योजना का कितना उपयोग करती है, कॉल सेंटर मे कार्य करने वाली महिलाएं कितनी सुरक्षित।
महाराष्ट्र मंडल के सेवाभावी कार्य प्रेरक व अभूतपूर्व: गांगल


चौबे कालोनी केंद्र के होली मिलन में ‘आ बैल मुझे मार’ की विजेता बनीं रोहिणी और गौरी
रायपुर। महिलाएं एक स्थान पर जुटें और रोचक गेम न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। रोचक गेम से भरा नजारा सोमवार, 9 मार्च को महाराष्ट्र मंडल की चौबे कालोनी महिला केंद्र की मासिक बैठक में देखने को मिला। होली मिलन उत्सव के दौरान केंद्र की सदस्यों ने ‘आ बैल मुझे मार’ वाला रोचक गेम खेला। जिसमें बैल शब्द किसी को बोलना नहीं था, बैल शब्द के लिए स्थान पर एक्सप्रेसन देना था। सभी 30 सेकंड का समय दिया गया। जिसने बिना बैल बोले जितने अधिक बार ‘आ बैल मुझे मार’ बोला। उसे विजेता घोषित किया गया।
चौबे कालोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि आज हुई बैठक में होली मिलन और महिला दिवस साथ में मनाया गया। सभी सदस्यों को होली पर टाइटल दिया गया फिर सभी को चॉकलेट्स और गिफ्ट भी दिये गए। होली के गीतों पर सभी ने खूब मस्ती की। ‘आ बैल मुझे मार’ प्रतियोगिता में रोहिणी नेने और गौरी मोकाजदार संयुक्त रुप से विजेता रहीं। वहीं अंजली वैद्य रनरअप रही।

वरिष्ठ सदस्या अपर्णा काळेले ने बताया कि बैठक में आगामी दिनों में चैत्र गौरी हल्दी-कुंकू और मठा वतरण कार्यक्रम को लेकर रुपरेखा तैयार की गई। जिसके लेकर सदस्यों के बीच कार्यों का विभाजन कर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई, ताकि कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।
इस अवसर पर अपर्णा कालेले, मनीषा वरवंडकर, रोहिणी नेने, सुनीता कुलकर्णी, गौरी क्षीरसागर, गौरी मोकाजदार, अवंती अग्निहोत्री, सेजल शाह, मनीषा बिस्सा, रंजना चोपकर, सीमा गानोदवाले, अंजली वैद्य, सुनंदा बेंद्रे, मनीषा मुकादम, पल्लवी मुकादम, अनुपमा बोधनकर, संगीता निमोणकर, प्राची डोनगंवाकर, स्वाति डबली और अक्षता पंडित उपस्थित थीं।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के चार बच्चों ने सीए फाउंडेशन किया क्लीयर
महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी: मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित बीएसएस प्रणवानंद स्कूल परिसर पहुंचकर भारत माता की मूर्ति तथा स्कूल के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसर में स्थापित कल्चरल एंड हेरिटेज म्यूजियम का अवलोकन किया। स्कूल के सचिव स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज ने उन्हें संग्रहालय का विस्तृत भ्रमण कराया। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ संग्रहालय में प्रदर्शित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, ऋषि-मुनियों तथा भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित मानव कल्याण से जुड़े कार्यों और गतिविधियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्कूली बच्चों को भारत के समृद्ध इतिहास, ऋषि-मुनियों, महान चिंतकों, धर्म प्रवर्तकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान से परिचित कराने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और गौरवशाली रही है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों, विद्वानों और महापुरुषों ने अपने ज्ञान, तप और त्याग से और अधिक समृद्ध बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इससे बच्चों में अपने राष्ट्र, संस्कृति और मूल्यों के प्रति गर्व की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि बीएसएस प्रणवानंद स्कूल द्वारा स्थापित यह संग्रहालय भावी पीढ़ी को हमारे धर्म, ग्रंथों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रेरणादायक माध्यम बनेगा। इस अवसर पर स्कूल के सचिव स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज ने मुख्यमंत्री साय को शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया।
उल्लेखनीय है कि बीएसएस प्रणवानंद स्कूल में भारत के महान ऋषि-मुनियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों की प्रतिमाएं उनके जीवन और कार्यों की जानकारी के साथ स्थापित की गई हैं। इनमें महर्षि वेदव्यास, ब्रह्मर्षि विश्वामित्र, सुश्रुत, कणाद, आर्यभट्ट, रामानुजाचार्य, स्वामी विवेकानंद, राजा राममोहन राय, पृथ्वीराज चौहान, रानी लक्ष्मीबाई, खुदीराम बोस, महर्षि दयानंद और भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक महान विभूतियां शामिल हैं।
नन्हें कृष्ण के होली मराठी गीत "किती सांगु मी सांगु कुणला" ने मोहा मन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर महिला केंद्र की टीम ने 7 मार्च को शंकर नगर स्थित बालवाचनालय में होली मिलन उत्सव का आयोजन किया। होली के मनमोहक गीतों की प्रस्तुति के साथ नन्हें कृष्ण के होली उत्सव का मराठी गीत "किती सांगु मी सांगु कुणला" ने आयोजन को और भी खास बना दिया।
शंकर नगर केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। जिससे वातावरण पूरा भक्ति मय हो गया। तत्पश्चात् दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम हुआ और अनुभा काले और ग्रुप ने सरस्वती वंदना की सुंदर प्रस्तुति दी। उसके बाद सप्तरंगी होली ग्रुप ने अपना परिचय रंगों का महत्व के साथ दिया।

नन्हें राधा कृष्ण के साथ होली का आनंद लेते हुए ग्रुप ने "किती सांगु मी सांगु कुनाला" ये गीत गाया। प्रतिमा ठाकुर ने होली और उसकी प्रथा कब से चालू हुई उसके बारे में पौराणिक जानकारी दी। उसके बाद अनुभा काले ने होलियों में उड़े रे गुलाल पर मनमोहक प्रस्तुति दी। फिर गब्बर और बसंती का कॉमेडी नाटक हुआ। उसके बाद ग्रुप ने "जोगी रे धीरे-धीरे" वाला गाना गाया. उसके बाद आदर्श सास और संस्कारी बहू की नृत्य नाटिका हुई। फिर "आला होली चा सण लय भारी" इस गाने पर धमाकेदार नृत्य प्रस्तुति हुई।
अंत में रंग पिचकारी से संबंधित रोचक गेम खेला गया। जिसमें जया कोटस्थाने प्रथम और अनुराधा शिवलकर द्वितीय स्थान पर रही। होली ग्रुप ने पुष्पा जावलेकर, विशाखा तोपखानेवाले, गीता दलाल, मधुरा भागवत और रैना पुराणिक का सम्मान किया। सुजाता देशपांडे का जन्म दिन होने पर केक काट कर उपहार देकर धूमधाम से मनाया गयाl राधा कृष्ण को भी उपहार दिया गया। आभार प्रदर्शन और स्वल्पाहार वितरण हुआ।

इस दौरान मधुरा भागवत, आयुषी विठालकर, मनीषा भांडारकर, वैशाली निमजे, वर्षा उरकुरकर, लक्ष्मी जिल्हारे, पुष्पा जावलेकर, अर्चना दशपुत्रे, अनुभा काले, प्रतिमा ठाकुर, विनया करदले, श्रद्धा विठालकर, सुजाता देशपांडे , सुनीता वंजारी, स्वाति कोरान्ने, स्वाति जोशी, योगिनी वरेटवार, जया कोटस्थाने, शिल्पा पत्की, वृंदा वोडितेलवार, लीना मुजूमदार, अमृता सोमण, वनिता चिदांबरे, शेफाली फडणवीस, नेहा फडणवीस, गीता दलाल , विशाखा तोपखानेवाले, मेधा कोतवालीवाले, रैना पुराणिक, तोशिका भुजबळ, अनुराधा शिवलकर, आरती पोद्दार , सुरेखा पाटील, शिल्पा धोत्रे और देविका देशपांडे उपस्थित रहीं।
सुंदर नगर महिला केंद्र के होली मिलन में महिलाओं ने एक दूसरे की टोपी उतार किया गेम से बाहर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की सुंदर नगर महिला केंद्र की महिलाओं ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन मंडल द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह में होली मिलन उत्सव का आयोजन किया। महिलाओं ने इस दौरान एक रोचक गेम खेला। सभी ने एक दूसरे की टोपी उतार एक दूसरे को गेम से बाहर कर दिया।

सुंदर नगर केंद्र की यशस्वी दंडवते ने बताया कि सुंदर नगर केंद्र के होली मिलन उत्सव की शुरूआत एक दूसरे को गुलाल लगाकर और होली टोपी पहनाकर की गई। केंद्र की महिलाओं ने दिव्यांग बालिका विकास गृह में निवासरत बच्चों के साथ होली मनाया और उन्हें भी गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी और मुंह मीठा कराया।

कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए कुछ रोचक गेम्स के साथ टोपी उतारने का रोचक गेम खेला गया। जिसमें म्यूजिक की धुन पर दूसरे की टोपी निकालकर अपने सर में पहनना था। म्यूजिक रूकने के साथ जिसके सिर पर टोपी नहीं रहती वह गेम से आउट हो जाता। दूसरे राउंड में एक सदस्य और एक टोपी कम हो जाती। यह क्रम अंत तक चलता रहा।
आज के कार्यक्रम में संयोजिका स्मिता टेंबे, सह संयोजिका हार्दिका बोबड़े, अर्चना शिवणकर, यशस्वी दंडवते, सुजाना निंबाळकर, भारती पलसोदकर, सुरभि गनोदवाले सहित केंद्र की सभी सदस्या उपस्थित थीं।
होली मिलन में हुआ राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ
- सियान गुड़ी में हुए सहयोग और मंडल के होली मिलन में गूंजा राम नाम
- सड्डू, कमलविहार, रोहिणीपुरम, अवंती विहार और अमलीडीह में हुआ पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा प्रत्येक शनिवार को होने वाला राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ इस शनिवार को भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। इस शनिवार 7 मार्च को दोपहर महाराष्ट्र मंडल के प्रकल्प सियान गुड़ी में ‘सहयोग’ संस्था के साथ होली मिलन और शाम को महाराष्ट्र मंडल का होली मिलन कार्यक्रम में भी सभी सदस्यों ने रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि होली मिलन के दौरान हुए राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ के साथ सड्डू-मोवा केंद्र के सदस्यों ने केंद्र की सदस्या मृणालिनी सुरावधनीवार के निवास पर पाठ किया। उपरांत महिला दिवस आयोजन पर सारर्भित चर्चा भी की गई। इस दौरान शालिनी जोशी, विनया करदले, उर्वशी उरगांवकर, माणिक आचार्य, मंजूषा काळकर, आरती पोद्दार, मनीषा हौशंगाबादे, शीतल तलेगांवकर, शुभा राजिमवाले, सविता अलोणे उपस्थित थीं।

आस्था काले ने आगे बताया कि इसी तरह न्यू राजेंद्र नगर, कमल विहार, लालपुर केंद्र द्वारा भी श्रीराम रक्षा, और हनुमान चालीसा का पाठ सदस्या सुखदा लाखे के निवास में किया गया। ज्योति बनकर, अंजली चरपे, मंगला मिश्रेकर, नीलिमा लकपाले, स्मिता कायदे, अल्का बापट और सरिता लुलु उपस्थित रहीं।

इसी तरह रोहिणीपुरम केंद्र द्वारा प्राची गनोदवाले के निवास पर पाठ किया गया। इस दौरान प्राची गनोदवाले, चित्रा बल्कि, वनिता गणोदवाले, स्मिता बल्कि, प्राची जोशी, प्रांजल बल्हाळ, अलका कुळकर्णी, अपर्णा जोशी, अचला मोहरीकर, संध्या खंगन और शीतल कंबलकर उपस्थित रहीं।

वहीं अमलीडीह केंद्र द्वारा किए गए पाठ के दौरान अक्षरा भगाड़े, शोभा जोशी, सोनू सिंग, और शशि भट्ट उपस्थित थीं। वहीं अवंती विहार केंद्र की तरफ से भी महिलाओं ने उत्साह के साथ पाठ किया। वहीं अवंती विहार केंद्र की महिलाओं द्वारा सुदेशना मेने के घर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। जिसमें आशा तंबोली, अनीता गाडगे, पल्लवी भावे, नीतू वोडितेलवार, विजया गोरे निर्मला पिंपले, वसुधा हिल्डे उपस्थित थीं।

चेहरे में चाहिए ग्लो तो गर्म पानी से मुंह मत धोः डा. कमल वर्मा

सवालों के गलत जवाब देने की रोचक स्पर्धा संग मनाया गया होली मिलन




बुरे फंसे परितोष....
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर गलत जवाब देने वाले गेम में उस समय बुरी तरह फंसे, जब उनसे उनकी पत्नी का नाम पूछा गया। खेल के नियमानुसार सही जवाब दे नहीं सकते और गलत जवाब देकर किसी महिला वाला नाम ले नहीं सकते।
सियान गुड़ी में मना होली मिलन... ‘सहयोग’ ने बनाया और भी खास
- सतरंगी टोपी पहनाकर किया स्वागत, पहनाई शक्कर की माला
- संगीतमय कार्यक्रम ने आयोजन को बनाया और भी खास
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के प्रकल्प सियान गुड़ी में शनिवार 7 मार्च को होली मिलन कार्यक्रम धूमधाम के साथ मनाया गया। सियान गुड़ी के इस होली मिलन को और भी खास बनाया जेष्ठ नागरिक मंच ‘सहयोग’ के सदस्यों ने। कार्यक्रम में पहुंचे सभी सियानों का सतरंगी टोपी पहनाकर स्वागत किया गया। वहीं सभी को शक्कर की माला पहनाकर गुलाल लगा होली की शुभकामनाएं दी गई।
सियान गुड़ी के प्रभारी श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि सियान गुड़ी में आने वाले बुजुर्गों के साथ होली मिलन का कार्यक्रम रखा गया। जिसमें ज्येष्ठ नागरिक मंच ‘सहयोग’ ने अपना भरपूर सहयोग दिया। प्रवेश द्वार पर आकर्षक फूलों की रंगोली बनाई गई। सियान गुड़ी पहुंचने वाले सभी बुजुर्गों का स्वागत सतरंगी टोपी पहनाकर और गुलाल लगाकर किया गया। सभी सदस्यों को शक्कर की माला पहनाई गई। जिससे सभी को अपना-अपना बचपन याद आ गया और सभी आनंदित नजर आए।

सहयोग संस्था की अपर्णा काळेले ने बताया कि होली मिलन कार्यक्रम की शुरुआत गणेश स्तोत्र से हुई एवं मार्च महीने में जिन सदस्यों का जन्मदिन होता है, उन्हें जन्म दिन की शुभकामनाएं दी गई। सियान गुड़ी के प्रभारी श्याम सुंदर खंगन ने सभी को जन्मदिन के शुभकामना संदेश वाले कार्ड भेंट किए।

होली मिलन को खास बनाने के लिए संगीतमय कृष्ण के होली गीत दिव्या पात्रीकर और दीपांजलि भालेराव ने प्रस्तुत किया। ज्योति डोळस ने मराठी स्वरचित कविता का पाठ किया। डॉ. कमल वर्मा ने होली खेले गिरधारी संग गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। माधुरी पोंक्षे ने होली खेलत है नंदलाल बिरज में गीत प्रस्तुत किया। दिव्या पात्रीकार, दीपांजलि भालेराव, अर्चना कुलकर्णी और रंजना काठोटे ने ताली योगा डांस प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। अंत में ताश का मजेदार गेम भी खेला गया। जिसमें श्रद्धा मरघडे विजेता रही। कार्यक्रम का संचालन दिव्या पात्रीकार ने किया। अंत में सभी साथ भी लंच लिया। सहयोग ग्रुप की अध्यक्ष अपर्णा कालेले को शुभांगी आपटे द्वारा लाहोटी ग्रुप की तरफ से प्रदत्त महिला सम्मान दिया दिया गया।

इस दौरान डा. ओमकार साहू, लखनलाल साहू, डा.ओपी सोनी, सुरेश चंद्र कोड़ापे, दीपक पात्रीकार, दिव्या पात्रीकार संध्या खंगन, सुजाता देशपांडे, कंचन केळकर, सरोजनी परहाड़, माधवी गिरह, माधवी पेड़से, अरूणा भागवत, मंजूषा चोपड़ा, दीपांजली भालेराव, अर्चना कुलकर्णी, प्रियंका बोरवणकर, माधुरी डबली, हेमा पराडकर, ज्योति डोलस, अरुण पराडकर, श्रद्धा मरघड़े, विद्या ओगले, सुषमा शाह, अर्चना मराठे, वर्षा डांगे, रेखा उरकुरकर, विद्या डांगे, सुरेखा डांगे, प्रमोद बोरवणकर, सुरेश डांगे, सुरेश कोडांपुरकर, सीएस मराठे, शरद डांगे, शारदा डांगे, यशवंत श्रीराम काळेले, अशोक भाले, डा. जेएस उरकुरकर, विलाश डांगे, हीराधर पटेल, रविंद्र ठेंगड़ी, संजय आप्टे, शुभांगी आप्टे उपस्थित थीं।