दिव्य महाराष्ट्र मंडल
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के समर कैंप का समापन बच्चों ने प्रस्तुत किए भजन और गीत
- योग आसनों को किया प्रदर्शन, आर्ट एंड क्राफ्ट से बनाई सुंदर कलाकृति
रायपुर। संत ज्ञानेश्वर इंग्लिस मीडियम स्कूल में आयोजित 10 दिवसीय समर कैंप का समापन सोमवार 27 अप्रैल को हुआ। इस अवसर पर बच्चों ने सुंदर भजन और गीत की प्रस्तुति दी। कैंप के दौरान बच्चों ने कैंप में सीखी योग आसन और आर्ट एंड क्राफ्ट की सुंदर कलाकृति बनाई।

कैंप के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में मंडल के सचिव चेतन दंडवते पहुंचे थे। अध्यक्षता मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने की। विशेष अतिथि के रुप में जगदीश हबलानी, बीना सोमानी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलन तथा माल्यार्पण के साथ हुआ।

बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि दंडवते ने विद्यार्थियों के प्रवीण्य सूची में स्थान बनाने की सराहना करते हुए आने वाले सत्र में अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि समर कैंप में आकर बच्चों की क्रिएटिविटी सामने आती है। बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

उपाध्यक्ष गीता दलाल ने समर कैंप की सराहना करते हुए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी। दलाल ने कहा कि स्कूलों में छुट्टियां लगने के बाद बच्चे घर पर बोर होते हैं, ऐसे में उनके स्क्रीन एडिक्ट होने की चांसेंस बढ़ जाते है। तो ऐसे समर बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने में सहायक होते है। टेली प्रशिक्षक जगदीश हबलानी ने प्राचार्य को धन्यवाद दिया। दोनों विशिष्ट अतिथियों को प्राचार्य महोदय ने स्कूल मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

समापन कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने एक भजन और गीत प्रस्तुत किया। योग आसनों का प्रदर्शन किया, तथा कैंप के दौरान सीखा हुआ नृत्य भी प्रस्तुत किया। एक छोटी सी प्रदर्शनी भी आर्ट एंड क्राफ्ट में बने हुए सामानों की लगाई गई जिसकी सभी अतिथियों के द्वारा सराहना की गई। समर कैंप के समापन समारोह के उपरांत बच्चों को फल और गिफ्ट देकर उत्साहित किया गया। पूरे कैंप के दौरान रोशन सिंह राजपूत में वीडियो बनाएं वह नियमित फोटोग्राफी की टैली क्लासेस के लिए विद्यार्थियों को मोटीवेट किया।

कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य मनीष गोवर्धन उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार, पालक तथा समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। समर कैंप की इंचार्ज अपर्णा आठले ने पूरे कैंप के दौरान हुई सभी गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन आराधना लाल ने किया। भजन व गीत म्यूजिक विवेक सिंह राजपूत, अस्मिता कुसरे तथा वंदना बिसेन में प्रस्तुत किया।

'सेलिब्रेशन’ के लिए महाराष्ट्र मंडल के कलाकारों की तैयारी शुरू
0 अध्यक्ष काले का आग्रह- समसामयिक विषय पर आधारित नाटक मराठी के साथ हिंदी में भी मंचित करें, ताकि इसका संदेश पहुंचे अधिकाधिक लोगों तक
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में वरिष्ठ रंगसाधकों ने एक बार फिर सम सामयिक ज्वंलत विषय पर आधारित नाटक ‘सेलिबेशन’ को मंचित करने की तैयारी शुरू कर दी है। सन् 2003 को प्रशांत दलवी द्वारा मराठी में लिखे गए इस नाटक का वाचन रंगसाधक- निर्देशक प्रसन्न विजय निमोणकर ने प्रिया प्रशांत बक्षी के साथ किया, तो कक्ष में बैठे तमाम कलाकार स्तब्ध रहे गए। कुछ की तो आंखें नम थीं। कोई भी कलाकार कुछ कहने की स्थिति में नहीं था।
दो अंकों वाले इस नाटक के निर्देशक प्रसन्न निमोणकर और मार्गदर्शक अनिल श्रीराम कालेले होंगे। नाटक में कुछ और कसावट लाने के बाद इसकी स्क्रिप्ट को लॉक किया जा रहा है। उसके बाद नाटक के प्रत्येक पात्रों पर कलाकारों के नामों की अंतिम मुहर लगाकर इसकी रिहर्सल शुरू की जाएगी। ‘सेलिबेशन’ की स्क्रिप्ट सुनने के लिए मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते, रंजन मोडक, पवन ओगले, प्रिया बक्षी, कुंतल कालेले, कीर्ति हिशीकर, अभिषेक बक्षी, जयेश कालेले, रविंद्र ठेंगड़ी, नवीन देशमुख, समीर टुल्लु सहित अनेक रंगसाधक उपस्थित रहे।
स्क्रिप्ट वाचन के बाद अध्यक्ष अजय काले ने नए नाटक को लेकर सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आग्रह किया कि चूंकि यह नाटक मराठी में लिखा गया है, इसलिए केवल मराठी तक ही इसे सिमित न रखें। बेहद ज्वलंत, गंभीर विषय पर लिखे गए इस नाटक का मैसेज सही मायनों में हिंदी में मंचन करने के बाद ही अधिकाधिक लोगों का पहुंचेगा। इसके साथ ही महाराष्ट्र मंडल के कलाकारों को रायपुर के अलावा दूसरे शहरों में इस नाटक को मंचित करने का अवसर मिलेगा। काले ने स्पष्ट किया कि इस नाटक का मंचन किसी तीज- त्योहार या पूर्व निर्धारित उत्सव पर नहीं, बल्कि किसी विशेष अवकाश के दिन किया जाएगा, ताकि बड़ी संख्या रंगप्रेमी दर्शक इसे देखने के लिए जुट सके।
नाटक के रिहर्सल को लेकर सचिव चेतन दंडवते ने भी कई अहम् सुझाव दिए। मार्गदर्शक कालेले व निर्देशक निमोणकर को अध्यक्ष का सुझाव पसंद आया। इस पर अंतिम निर्णय लेने के बाद जल्द ही ‘सेलिब्रेशन’ की रिसर्हल शुरू की जाएगी। दोनों ने ही यह स्पष्ट किया कि नाटक में कई पुराने रंगसाधकों के साथ नए कलाकारों को भी अभिनय करने का मौका मिलेगा।
संगीतमय हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ
- महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में किया गया पाठ
- सियान गुड़ी में बुजुर्गों ने उत्साह के साथ किया पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में हर शनिवार होने वाला हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ इस शनिवार कुछ केंद्रों में सस्वर और संगीतमय पाठ किया गया। इस बार वल्लभ नगर केंद्र की महिलाओं ने हारमोनियम और ढोलक के साथ हनुमान चालीसा पाठ किया गाया। वहीं बूढ़ापारा केंद्र और सियान गुड़ी में भी पाठ किया गया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि वल्लभ नगर केंद्र की महिलाओं ने इस बार संगीतमय हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ किया। यह आयोजन केंद्र की वरिष्ठ सदस्या अपर्णा देशमुख के घर पर किया गया। इस दौरान शुभदा अगस्ती, अपर्णा देशमुख, वंदना पाटिल, मानसी विठाळकर, शुभांगी आपटे, अपर्णा पेंडसे, सुवर्णा कस्तुरे, विजया चौधरी, अपर्णा आठले, माधुरी गाडगीळ और सीमा तिघा उपस्थित थीं।
आस्था काले ने आगे बताया कि इसी तरह बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर में पाठ किया। इस दौरान अपर्णा मोघे, अर्चना पराड़कर, अनघा करकशे, माला करकशे, सुनीता साठे, जयश्री केलकर, सविता मोघे, दमयंती देशपांडे, रीता लोखंडे, अर्चना मोघे, सुचिता काले, आस्था काले, डॉ सुहासिनी पट्टलवार, शिवानी पट्टलवार, गीता दलाल, दीपाली बर्वे और अंजलि नलगुंडवार उपस्थित थीं।

आस्था काले ने आगे बताया कि इस बार पहली बार इस क्रम में सियान गुड़ी के बुजुर्ग भी शामिल हुए। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सियान गुड़ी में बुजुर्ग डॉ ओपी.सोनी, लखन लाल साहू, केके पाठक, विष्णु कुमार मिश्रा, सियान गुड़ी प्रबंधक मनीष देसाई और रमा नाहरगढ़कर भी शामिल हुई।
डाइट नहीं डाइट प्लान बदलें... नहीं जाना पड़ेगा जिमः श्रेयस कुलकर्णी
- महाराष्ट्र मंडल में आयोजित फिट उत्सव में दिखा हर वर्ग में उत्साह
- फिल्मी गानों पर जमकर सभी ने किया जुंबा
रायपुर। हम भारतीयों के खाने की थाली में आमतौर पर रोटी, सब्जी, दाल, चावल और मिठाईयां नजर आती है। इन दिनों आम का सीजन होने के कारण आम मिलता है। कुछ मीठा पहले तो कुछ मीठा अंतिम में खाते है। हमारा डाइट अच्छा है, लेकिन इसे लेना का तरीका हमें बदलना होगा। क्योंकि डाइट का सही तरीका आपको फिट रखेगा और यहीं हमारे आज के कार्यक्रम का लक्ष्य है। उक्त बातें महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित फिट उत्सव के दौरान फिटनेस कोच श्रेयस कुलकर्णी ने कहीं।

श्रेयस ने आगे कहा कि आमतौर पर जो भारतीय आहार बहुत ज्यादा कार्बोहाइड्रेट युक्त है। जो लोगों के वजन बढ़ाने डायबिटीज का का बड़ा कारण है। हमारी शाली को संतुलित करने के लिए हमें भोजन में प्रोटीन और फाइबर को शामिल करना है। फिट रहने के लिए खाने का आर्डर क्या होना चाहिए। यह जिज्ञासा सबके मन में आती है। सबसे पहले आपको सलाद खाना चाहिए। जिसमें आपको फाइबर मिलेगा, उसके बाद वसा और प्रोटीन खाना है जैसे अंडा, चिकन, पनीर, टोफू, दही आदि। उसके बाद उसके बाद सब्जियां जैसे लौंकी, भिन्डी, कद्दू, गोभी और अंत में दाल चावल, ओट्स का उपमा दलिया जैसे कार्ब्स खाएं।
श्रेयस ने आगे कहा कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक ऐसा व्यायाम है, जिसमें मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए बाहरी प्रतिरोध जैसे डम्बल, रेजिस्टेंस बैंड या शरीर के वजन का उपयोग किया जाता है। इसके लिए आपको सिर्फ जिम जाने की जरूरत नहीं है, आप घर पर रह कर भी अपनी स्ट्रेंथ बिल्ड कर सकते हैं। ट्रेनिंग शुरू करने से पहले 5-10 मिनट का वार्म-अप (जैसे जंपिंग जैक या हल्की जॉगिंग) जरूर करें, जिससे चोट न लगे। आप बिना किसी उपकरण के भी शुरुआत कर सकते हैं।

मोटिवेशनल टॉक के तहत युवा समिति की प्रमुख डा. शुचिता देशमुख ने कहा कि फिट रहने के लिए जागरूक होने की कोई उम्र नहीं होती। आप जब सक्रिय होंगे, तब से आपकी फिटनेस अच्छी होनी शुरू हो जाएगी। फिट उत्सव का उद्देश्य भी यहीं है कि लोगों को कैसे फिट रखा जाए, वो भी तब जब हमारी पीढ़ी की डाइट प्लान पूरी तरह बिगड़ी हुई है। आज हम जंक फूड से घिरे है। ऐसे में सही डाइट और सही तरीके से डाइट बेहद जरूरी है। कार्यक्रम की शुरूआत श्रावणी मुकादम के जुंबा के साथ की गई। इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा, विनोद राखुंडे, अजय पोतदार, शुभम पुराणिक, पल्लवी मुकादम, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, मेघा पोतदार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के चरण
o स्क्वैट्स (Squats): पैरों की ताकत के लिए (3 सेट, 10-15 बार)।
o पुश-अप्स (Push-ups): छाती और बाहों के लिए (3 सेट, 10-15 बार)।
o लंजेस (Lunges): पैरों और संतुलन के लिए।
o प्लैंक्स (Planks): कोर (पेट) की ताकत के लिए (20-60 सेकंड तक रुकें)।
o ग्लूट ब्रिजेस (Glute Bridges): हिप्स के लिए।
बच्चों ने बनाई ओरिगामी बर्ड और गुड़िया
- संत ज्ञानेश्वर में चल रहे समर कैंप आर्ट एंड क्राफ्ट में बच्चों की रूचि अधिक
रायपुर। कागज से कलाकृतियां बनाने की कला (Paper Art) मुख्य रूप से प्राचीन चीन और जापान की मानी जाती है। इसे ओरिगामी (Origami) के रूप में जाना जाता है, जो कागज़ मोड़ने की एक प्रसिद्ध जापानी तकनीक है। इस तकनीक का उपयोग कर संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में चल रहे समर कैंप में पहुंचे बच्चों ने सुंदर चिड़ियों और गुड़ियों का आकार दिया। रंग बिरंगी चिड़िया बनाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी देखी गई।

समर कैंप प्रभारी अपर्णा आठले ने बताया कि 10 दिवसीय शिविर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे आ रहे है। कैंप के आठवें दिन शनिवार 25 अप्रैल को शाला की आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षिका सुदेवी विश्वास ने बच्चों को इसी जापानी ओरिगामी आर्ट से सुंदर बर्ड और गुड़िया बनाना सिखाया। रंग बिरंगे कागज पर बच्चों ने सुंदर-सुंदर बर्ड बनाए।
सुदेवी विश्वास ने बताया कि ओरिगामी कला कागज को बिना काटे या चिपकाए केवल मोड़कर सुंदर आकृतियां बनाने की कला है। वहीं पेपर क्विलिंग कागज़ के पतले टुकड़ों को मोड़कर, रोल करके और चिपकाकर सजावटी कलाकृतियां बनाने की तकनीक है।

आसान चिड़िया बनाने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया:
चौकोर कागज लें: एक वर्गाकार (Square) रंगीन कागज का उपयोग करें।
तिकोना मोड़ें: कागज को तिरछा (diagonally) मोड़कर त्रिकोण बनाएं और फिर खोलें।
बेस बनाएं: दोनों तरफ के कोनों को केंद्र की रेखा की ओर मोड़ें।
पंख बनाएं: ऊपरी किनारों को नीचे की ओर मोड़ें ताकि पंख बन जाएं।
सिर और पूंछ: कागज़ को आधा मोड़ें, फिर गर्दन को ऊपर उठाएं और चोंच के लिए एक कोना मोड़ें।
अंतिम आकार: अपनी उंगलियों से चिड़िया को थोड़ा समायोजित (adjust) करें।
जल संसाधन विभाग में उप अभियंता पद पर रायपुर की वैष्णवी चयनित
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद डीडी नगर रायपुर निवासी कु. वैष्णवी काले का विगत दिनों जल संसाधन विभाग में उप अभियंता पद चयनित हुई। इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णदेव साय ने 24 अप्रैल 2026 को सांइस कॉलेज स्थित पं.दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में कु. वैष्णवी काले को शॉल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। वैष्णवी की इस उपलब्धि पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते और कार्यकारिणी ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बतादें कि विगत वर्ष कु. वैष्णवी काले को एमटेक में श्रेष्ठ प्रदर्शन हेतु एनआईटी रायपुर के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. शैलेन्द्र व्ही. गढ़े, साइंटिस्ट एवं डायरेक्टर जनरल (ACE & DRDO) द्वारा भी सम्मानित किया गया था। वैष्णवी काले, डीडी.नगर निवासी डॉ.राजेन्द्र कुमार काले (व्याख्याता) और डॉ. वन्दना काले (व्याख्याता) की सुपुत्री है। हम इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर सीएम साय और जापान के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी केडी दीवान उपस्थित थे।
महाराष्ट्र मंडल में आशा भोसले को श्रद्धांजलि देने 29 को संगीतमय संध्या
सियान गुड़ी में बुजुर्गों ने जाना जीवन में ध्यान और योग का महत्व
रायपुर। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी में शुक्रवार, 24 फरवरी को बुजुर्गों ने जीवन में ध्यान और योग के महत्व को समझा और जाना। सियान गुड़ी पहुंची महाराष्ट्र मंडल की मालती मिश्रा ने सियान गुड़ी के बुजुर्गों को जीवन में ध्यान के महत्व को समझाया।
मालती मिश्रा ने कहा कि आज की भागमभाग और हाईटेक होते जीवन के बीच युवा पीढ़ी एक बार फिर अपनी बुजुर्गों द्वारा की जाने वाले नैतिक क्रियाओं में रुचि दिखा रहा है। ध्यान, योग, डाइट आदि चीजों के लिए युवा पीढ़ी गुगल कर रही है। गुगल में सभी कंटेंट सही हो यह जरूरी नहीं। ध्यान, योग और डाइट के लिए एक्सपर्ट की सलाह बेहद जरूरी है।

मालती मिश्रा ने आगे कहा कि विपश्यना ध्यान की एक विधि है। जिसमें विपश्यना का अर्थ है 'चीजों को वैसे ही देखना जैसे वे वास्तव में हैं'। यह सांसों और शरीर की संवेदनाओं को तटस्थ भाव (साक्षी भाव) से देखने की एक प्राचीन आत्म-अन्वेषण विधि है। इसके लिए शांत स्थान पर आराम से, पालथी मारकर या कुर्सी पर बैठें, आंखें बंद करें और रीढ़ की हड्डी सीधी रखें। अपनी आती-जाती सांसों को महसूस करें। हवा के नाक से अंदर जाने और बाहर आने पर ध्यान केंद्रित करें। शरीर में होने वाली हर छोटी-बड़ी संवेदना (जैसे गर्मी, ठंडक, खुजली, दर्द, या कंपन) को महसूस करें। इस प्रक्रिया को 10-15 मिनट या अधिक समय तक जारी रखें। इस अवसर पर केके पाठक, डॉ ओसी बिसेन (ओमकार बिसेन), डॉ ओपी सोनी, राजेश शर्मा, राजेंद्र चौहान, लखन लाल साहू और योगेश सेंगर विशेष रुप से उपस्थित थे।
महाराष्ट्र मंडल में फिट उत्सव 25 अप्रैल को
- युवा समिति का आयोजन, शामिल होंगे सभी उम्र के लोग
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति की ओर से महाराष्ट्र मंडल भवन में एक दिवसीय फिट उत्सव का आयोजन शनिवार, 25 अप्रैल को शाम पांच बजे से किया जा रहा है। जिसमें जुंबा, एक्सरसाइज, शांति पूर्ण मेडिटेशन, हेल्दी स्नैक्स और मजेदार फिटनेस चैलेंज का आयोजन होगा।
युवा समिति की प्रमुख डा. शुचिता देशमुख ने बताया कि आज हम अच्छी सेहत के लिए काफी परेशान रहते है, सोशल मीडिया में आ रहे रिल्स को कहीं-कहीं सही भी मानते है। कई बार हमें सिर्फ पछतावा हाथ लगता है। आज हमें स्वस्थ्य रहने के लिए अपनी आदतों को बदलना होगा। खानपान में समझदारी दिखानी होगी तभी हम फिट रह सकते है। इन्हीं सब को लेकर मंडल की युवा समिति फिट उत्सव का आयोजन कर रही है।
डा. शुचिता देशमुख ने आगे बताया कि शनिवार को मंडल में आयोजित एक दिवसीय फिट उत्सव में सभी उम्र के लोग शामिल हो सकते है। इस दौरान अपने पसंदीदा गानों पर जुंबा, और स्वस्थ्य रहने के लिए एक्सरसाइज कराई जाएगी। वहीं सस्टेनेबल वेट मैनेजमेंट का सही तरीका लोगों को बताने के लिए हमारे बीच एक्सपर्ट उपस्थित रहेंगे। उत्सव में शामिल लोगों को फंक्शनल एक्सरसाइज और शांति पूर्ण मेडिटेशन कराया जाएगा। वहीं हेल्दी स्नैक्स और मजेदार फिटनेस चैलेंज कार्यक्रम को रोचक बनाएंगे।
महाराष्ट्र मंडल में बाल संस्कार शिविर एक मई से, आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में होगा संचालन
- बच्चों को आध्यात्म के प्रति जागरूक करने का अभियान
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से आगामी एक मई से 30 मई तक तक ग्रीष्मकालीन बाल संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस बार शिविर आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में किया जाएगा। सोमवार से गुरुवार तक आनलाइन और शुक्रवार व शनिवार को आफलाइन शिविर महाराष्ट्र मंडल परिसर में लगाया जाएगा। अपने बच्चों को आध्यात्म और संस्कारों से जोड़ने का यह अभिभावकों के पास अच्छा अवसर है। इस संदर्भ में 22 अप्रैल को आध्यात्मिक समिति की आनलाइन एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई।
प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल में लें पानी, नींबू पानी, या छाछ
- सियान गुड़ी में पहुंची डा. कमल वर्मा ने बुजुर्गों को दिए स्वास्थ्य टिप्स
- जीवन में ध्यान और योग का महत्व के बारे में बोली मालती मिश्रा
रायपुर। राजधानी रायपुर में पड़ रही भीषण गर्मी में दोपहर 11 बजे के बाद घरों से निकलना लोगों को मुश्किल हो गया है। ऐसे में समता कालोनी स्थित सियान गुड़ी में 21 अप्रैल को पहुंची डा. कमल वर्मा वहां आने वाले बुजुर्गों को हीट स्ट्रोक से बचने के लिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इस गर्मी में अगर आपको प्यास नहीं भी लग रही है तो भी नियमित समय अंतराम में पानी, नींबू पानी या छाछ का सेवन अवश्य करें। बतादें कि समाज कल्याण विभाग अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल द्वारा सियान गुड़ी का संचालन समता कालोनी में किया जा रहा है।
डा. कलम वर्मा ने बुजुर्ग के सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भोजन में खीरा, ककड़ी, तरबूज जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन बढ़ा देना चाहिए। यदि शरीर का तापमान बहुत ज्यादा (103°F से ऊपर), त्वचा सूखी, तेज नब्ज या भ्रम की स्थिति हो, तो यह हीट स्ट्रोक हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सियान गुड़ी पहुंची मंडल की वरिष्ठ सदस्या मालती मिश्रा ने सभी बुजुर्गों से अपने रूटीन में ध्यान और योग को महत्व देने को कहा। उन्होंने सभी से प्रतिदिन सुबह कम से कम एक मिनट का ध्यान करने को कहा। इसके लिए सभी को एक आडियो मैसेज दिया गया। उन्होंने बुजुर्गों को बताया कि पहले आराम से बैठे, आंखें बद करें और शरीर को ढीला छोड़ दें। फिर अपना सारा ध्यान परमात्मा पर लगाए। और एक-दो मिनट के बाद अपनी आंखें खोले और सकारात्मक सोच के साथ अपने रूटीन काम में लग जाए। शुरू में आपको इसका लाभ समझ में नहीं आएगा, लेकिन अगर आप इसे अपने रूटीन में लाएंगे तो यह आपको काफी रिलैक्स महसूस कराएगा।
मंगलवार को पहली बार सियान गुड़ी पहुंचे योगेश शर्मा ने कहा कि यह आकर उन्हें काफी अच्छा लगा। जिन स्वास्थ्य़ सलाह के लिए लोगों को घंटों लाइन और न जाने कितने पैसे बर्बाद करने पड़ते है, वह सलाह यहां हमें निःशुल्क मिल रही है। यह लोगों के लिए लाभकारी है। इस अवसर पर केके पाठक, डॉ ओसी बिसेन, डॉ ओपी सोनी, राजेश शर्मा, राजेंद्र चौहान, लखन लाल साहू, और योगेश सेंगर उपस्थित थे।
अक्षय तृतीया पर राहगीरों को पिलाया शीतल पेय
रायपुर। अपने सेवा भावी कार्यों के बीच महाराष्ट्र मंडल की अमलीडीह महिला केंद्र के सदस्यों ने अक्षय तृतीया के अवसर पर भीषण गर्मी को झेल रहे राहगीरों को शीतल पेयजल पिलाया। महिला केंद्र के सदस्यों ने लगभग 250 गिलास शीतल पेय वितरित किया।

अमलीडीह केंद्र की अर्चना भाकरे ने बताया कि इस भीषण गर्मी में राहगीरों को शीतल पेय काफी राहत देता है। अमलीडीह केंद्र की महिलाओं ने अक्षय तृतीया के अवसर शीतल पेयजल का वितरण किया। न्यू राजेंद्र नगर के साईं मंदिर के पास दोपहर 4 से 6 बजे तक राहगीरों को शीतल पेय का वितरण किया गया। शीतल पेय पीकर राहगीर तृप्त हुई। इस कार्य में अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, डॉ अरुणा अय्यर, प्रीति तमेय, रेणुका टोमे और डा शोभा सोनाये शामिल थी।
11वीं-12वीं के बच्चे सीख रहे टैली... अंकुर शुक्ला ने सिखाया गोंड आर्ट
- संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में चल रहा 10 दिवसीय समर कैंप
रायपुर। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में चल रहे 10 दिवसीय समर कैंप के तीसरे दिन जहां 11वीं और 12वीं के बच्चों को टैली की बेसिक ट्रेनिंग दी गई। वहीं जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व करता गोंड आर्ट भी बच्चों को सिखाया गया। जिसके लिए आज विद्यालय में विशेष रुप से गोंड आर्ट एक्सपर्ट शुक्ला पहुंची थी। उन्होंने बच्चों को गोंड आर्ट की बारिकीयां सिखाई।

समर कैंप प्रभारी अपर्णा आठले ने बताया कि आज से 11वीं-12वीं के बच्चों के लिए टैली क्लासेस भी शुरू की गई। 'करियर की पाठशाला' कोचिंग सेंटर के संचालक जगदीश हबलानी ने 11वीं 12वीं के विद्यार्थियों को कंपनी क्रिएशन, जर्नल लेजर एंट्री, कीबोर्ड हैंडलिंग आदि सिखाया। विद्यालय के कंप्यूटर शिक्षक वर्षा गिरी भट्ट, रोशन सिंह राजपूत, शेफाली ठाकुर ने इसमें मदद की।
आठले ने बताया कि आज अंकुर शुक्ला द्वारा गोंड आर्ट का प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। गोंड आर्ट में प्राकृतिक रंग और प्रकृति से संबंधित चित्र बनाए जाते है। श्रीमती शुक्ला ने बच्चों को बताया कि कैसे रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। श्रीमती शुक्ला को प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने स्कूल मोमेंटो देकर सम्मानित किया तथा श्रीमती शुक्ला ने अपने हाथों की एक कृति विद्यालय को भेंट की। विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि समर क्लासेस में बेस्ड आउट ऑफ वेस्ट एक्टिविटी जोड़ी जा रही है। टैली क्लासेस भी एक हफ्ते तक चलेंगे जिससे सभी विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
‘खाली सिलेंडर-भरा सिलेंडर’ खेलकर बताई गैस की उपयोगिता
- अमलीडीह महिला केंद्र की बैठक में गैस संकट पर चर्चा
रायपुर। वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध के चलते भारत में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बाधित है। ऐसे में महिलाओं के सामने गैस का कम से कम उपयोग और इसके लिए लोगों को जागरूक करना बड़ा काम है। महाराष्ट्र मंडल की अमलीडीह महिला केंद्र की महिलाओं ने अपनी मासिक बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा की और इससे जुड़ा एक रोचक गेम भी खेला।
बैठक का आयोजन केंद्र की वरिष्ठ सदस्य अपर्णा देशमुख के घर पर संपन्न हुआ। बैठक का शुभारंभ हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया। इसके बाद केंद्र के समाजसेवी कार्यों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में विशेष रुप से मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले उपस्थित रहीं। महिलाओं ने इस बीच ‘खाली सिलेंडर-भरा सिलेंडर’ गेम खेला। जिसमें सर्वप्रथम एक पेपर पर गैस सिलेंडर के चित्र बनाए गए। जिसमें एक में खाली और दूसरे में भरा सिलेंडर लिखा था। दोनों सिलेंडर के बगल में पासे के अंक लिखे थे। पहले खाली सिलेंडर में एक-दो और तीन, दूसरे भरे सिलेंडर में चार-पांच और छह। अब प्रतिभागियों को एक मिनट तक पासा फेंकना था। हर बार पासा फेंकने के बाद पासा में जितना नंबर आता है। उसे एक कागज में नोट करते। अंत में एक बाक्स में कागज की दो पर्ची रखी थीं, जिसमें एक में खाली और दूसरे में भरा सिलेंडर लिखा था। प्रतिभागी इसमें से एक पर्ची उठाता। खाली पर्ची उठाने पर खाली सिलेंडर के सामने अंकों को काउंट किया जाता । भरा सिलेंडर वाली पर्ची उठाने पर भरे सिलेंडर के सामने लिखे अंक को काउंट किया जाता। अंत में सभी के नंबर काउंट किए गए।
इस अवसर पर समर सीजन को देखते हुए हरा और पीला रंग का ड्रेस कोड सभी के लिए तय किया गया था। आयोजन में जो लोग हर रंग का कपड़ा पहनकर आए उनका स्वागत तरबूत के साथ और दो पीला पहनकर आए उनका स्वागत खरबूत देकर किया गया। अंत में सभी ने हल्दी-कुंकू लगाकर एक दूसरे को बधाई दी। इस अवसर पर सभी हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इस अवसर पर विशाखा तोपखनेवाले, अपर्णा देशमुख, अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, नीता डुमरे, रेणु सिंह, प्रेरणा मोरे, मेघा जोशी, शोभा सोनाये, प्रीति टोमे, प्रिया काडु, प्रेरणा सप्रे, संध्या फुलझेले और अर्चना धर्माधिकारी उपस्थित थीं।
महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में हुआ हनुमान चालीसा पाठ
अमलीडीह, अवंतीविहार, रोहिणीपुरम और चौबे कालोनी में हुआ आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा हर शनिवार होने वाले राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ इस सप्ताह भी उत्साह के साथ जारी रहा। इस सप्ताह मंडल के अमलीडीह, अवंती विहार, रोहिणीपुरम और चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्यवक आस्था काले ने बताया कि अमलीडीह केंद्र की महिलाओं ने सदस्या अपर्णा देशमुख के पर एकत्रित होकर हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ किया। इस अवसर पर विशाखा तोपखनेवाले, अपर्णा देशमुख, अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, नीता डुमरे, रेणु सिंह, प्रेरणा मोरे, मेघा जोशी, शोभा सोनाये, प्रीति टोमे, प्रिया काडु, प्रेरणा सप्रे, संध्या फुलझेले और अर्चना धर्माधिकारी उपस्थित थीं।

वहीं अवंती विहार केंद्र की महिलाओं ने उत्साह के साथ पाठ किया। इस दौरान महिलाओं ने हल्दी-कुंकू भी मनाया। इस अवसर पर संयोजिका सुदेष्णा मेने, सह संयोजिका जागृति भाकरे, शुभदा चौधरी, पूजा भंडारी, गीता दलाल, अनिता नलगुंडवार, शालिनी जोशी, गीता हाटे, अनुजा बोराडे, भारती कुर्वे, निशा उमाठे, अनुया तुंबडे, शिला चौधरी, सविता महाजन, भारती देवरनकर, छाया भावाळकर, लक्ष्मी जिल्हारे, प्रीति गुर्जर, अनघा आसवले, नीतू वोडतीलवार, जयश्री ब्राहमणकर, आंनदी ब्राहमणकर, कामिनी भांडारी, मंजू सुतवणे, मीना इंगळीकर उपस्थित थीं।

इसी तरह चौबे कॉलोनी केंद्र द्वारा हनुमान चालीसा पाठ केंद्र की सदस्य स्वाती डबली के घर पर किया गया। इस दौरान मनीषा वरवंडकर, रोहिणी नेने, प्रमोदिनी देशमुख, माधुरी डबली, सीमा गणोदवाले, सुषमा आपटे, रंजना काथोटे, प्राची डोणगावकर, अक्षता पंडित, प्रियंका डबली, स्वाती डबली, अवंती अग्निहोत्री, गौरी क्षीरसागर और आकांक्षा गद्रे पहुंची थी। वहीं रोहिणीपुरम केंद्र द्वारा किए गए पाठ के दौरान साधना बहिरट, अपर्णा जोशी, चित्रा बल्कि, वनिता गणोदवाले, प्राची गणोदवाले, अलका कुळकर्णी, मंगला पुराणकर, प्रांजल बल्लाल, स्वाती अग्रवाल, प्राची जोशी , राजेश्री वैद्य और अपर्णा वरार पांडे उपस्थित थीं।
हनुमान चालीसा के साथ योग... आर्ट एंड क्राफ्ट में बच्चों की दिखाई रूचि
- एसडीवी स्कूल में रविवार को भी जारी रहा समर कैंप

रायपुर। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में जारी 10 दिवसीय समर कैंप के दूसरे दिन की शुरूआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया। बच्चों ने ध्यान और योग के साथ जमकर जुंबा डांस किया। साउंड बाक्स में म्यूजिक बजते ही बच्चों ने जमकर डांस किया। वहीं कैरम, क्रिकेट खेलकर बच्चों ने खूब एंजाय किया।

समर कैंप प्रभारी शिक्षिका अपर्णा आठले ने बताया कि शिविर के दूसरे दिन की शुरूआत मेडिटेशन और हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। शिक्षक रोशन सिंग राजपूत, नवीन चंद्राकर, वंदना बिसेन और अस्मिता कुसरे ने बच्चों क हनुमान चालीसा का पाठ कराया। बच्चों ने सस्वर चालीसा पाठ किया।

अपर्णा ने आगे बताया कि आर्ट एंड क्राफ्ट में भी बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। शिक्षिका सुदेवी विश्वास, सरिता पांडे और रचना तिवारी ने बच्चों को आर्ट एंड क्राफ्ट की एक्टिविटी कराई। वाल कप स्टैड, वाल डेकोर वाले आइटम बच्चों ने तैयार किए।

