दिव्य महाराष्ट्र मंडल
महाराष्ट्र मंडल के गणेशोत्सव में होगी मराठी- हिंदी नाटकों की धूम
महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव की रहेगी धूम... पूरे 10 दिन होंगे विविध कार्यक्रम
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में सोमवार 14 सितंबर सोमवार को प्रथम पूज्य श्री गणेश प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। प्रतिमा स्थापना के साथ ही 90 सालों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप गणेशोत्सव के सभी 10 दिन हर आयुवर्ग के सभासदों और बच्चों के लिए एक से बढ़कर एक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि चौबे कॉलोनी स्थित मंडल भवन की मुख्य लाबी में प्रथम पूज्य गणपति बप्पा की प्रतिमा की स्थापना सोमवार, 14 सितंबर को विकास तामस्कर और विनोद शेष करेंगे। प्रतिमा स्थापना का प्रभार मंडल की आध्यात्मिक समिति और संस्कृति समिति को सौंपा गया है।
मंगलवारः 15 सितंबर 2026
हिंदी नाटक जस्टिस का मंचनः मंडल की नाट्य समिति द्वारा हिंदी नाटक का मंचन किया जाएगा। जिसके दिग्दर्शक आचार्य रंजन मोड़क और लेखक पवन ओगले है।
बुधवारः 16 सितंबर 2026
नागरिक संवादः मंडल की साहित्य और परिवार परामर्श समिति द्वारा नागरिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जो जेन-जी और संस्कार विषय पर आयोजित होगा।
गुरुवार 17 सितंबर 2026
सुलेख, चित्रकला और वाद-विवादः मंडल की युवा समिति और खेलकूद समिति की ओर से शालेय स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के साथ सुलेख स्पर्धा, नगर स्तरीय चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन।
शुक्रवार 18 सितंबर 2026
सांस्कृतिक प्रस्तुतिः महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय, दिव्यांग बालिका विकास गृह, महाराष्ट्र मंडल मेस, हाईटेक आंगनबाड़ी के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन शाम 7 बजे से।
शनिवार 19 सितंबर 2026
मराठी संगीतः महाराष्ट्र मंडल की शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति और स्वालंबन समिति की ओर से शिवाजी महाराज की मासिक आरती के साथ अलंकार समूह भिलाई की ओर से मराठी संगीत की प्रस्तुति शाम 7 बजे से।
रविवार 20 सितंबर 2026
हिंदी नाटक मंचनः दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर की ओर से हिंदी नाटक गगन की ओर निशाना का मंचन शाम 7 बजे से किया जाएगा।
सोमवार 21 सितंबर 2026
मराठी नाटक मंचनः दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर की ओर से मराठी नाटक का मंचन शाम 7 बजे से। जिसमें डा. गिरीश ओक, सुकन्या मोने और समृद्धि तांबे नजर आएंगे।
मंगलवार 22 सितंबर 2026
विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमः मंडल की शिल्पकला समिति एवं संस्कृति समिति द्वारा स्व.मंगला अरुण कुसरे स्मृति सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 2.30 से शाम 7 बजे तक। इसमें मंडल के आजीवन सभासद सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे।
बुधवार 23 सितंबर 2026
महिला केंद्रों का भजनः महाराष्ट्र मंडल की कराओके गायन समिति द्वारा मंडल के सभी महिला केंद्रों द्वारा स्व. मंगला अरुण कुसरे स्मृति में भजन का आयोजन दोपहर 2.30 से शाम 7 बजे तक।
गुरुवार 24 सितंबर 2026
नगर स्तरीय स्व. कमल ताई शेष स्मृति सुगम संगीत स्पर्धा का आयोजन मंडल की कराओके समिति द्वारा दोपहर 3.30 बजे से।
शुक्रवार 25 सितंबर 2026
श्री गणेश विसर्जन, हवन, प्रसाद वितरण शाम 7 बजे से।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में बच्चों की 100 प्रतिशत उपस्थिति, प्राचार्य ने किया पुरस्कृत
रायपुर। बच्चों की स्कूल में 100 प्रतिशत उपस्थिति को प्रोत्साहित करने के लिए संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य ने बच्चों को प्रोत्साहित किया और 100 प्रतिशत उपस्थिति देने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से कहा कि आप अपनी उपस्थिति इसी तरह बनाए रखें और अन्य बच्चों को भी प्रेरित करें। बच्चों को प्रोत्साहित करने की यह प्रक्रिया हर माह जारी रहेगी। इस अवसर पर प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे और प्राइमरी इंचार्ज अपर्णा आठले उपस्थित रहीं।
अस्मिता कुसरे ने बताया कि प्री प्राइमरी में कुछ बच्चों की उपस्थिति 100 प्रतिशत रही। जिसमें कक्षा नर्सरी से यक्ष राजवाड़े, पीपी-वन से चैतन्य साहू, लक्ष्मीता निषाद, पीपी-टू से रुद्रांश, विद्या रोहिदास, विहान शामिल हैं। इतने छोटे बच्चों की 100 प्रतिशत उपस्थिति इस बात को दर्शाती है कि बच्चे स्कूल आने के लिए कितने आतुर रहते है। इस अवसर पर बच्चों को जंक फूड और हेल्दी फूड के बारे में भी बताया गया। जिसमें घर के खाने को प्राथमिकता दी जाए जो कि हमारे सेहत के लिए अत्यावशक है।
प्राइमरी इंचार्ज अपर्णा आठले ने बताया कि इसी तरह कक्षा पहली से निकिता सोनवानी, रेयांश वर्मा। कक्षा दूसरी से गौरांश ध्रुव, गौरव राउत, निशिता यादव, रुद्र कुमार साहू औप श्रेया वर्मा। कक्षा तीसरी से दिव्या साहू, दिव्यांशी साहू, पार्थ यादव, गीतांजलि राव, रुद्राक्षी राजवाड़े और कक्षा चौथी से रोहन साहू, रौनक श्रीवास्तव, वेदांशी साईं की उपस्थिति प्रशंसनीय रही। इसी प्रकार कक्षा पांचवीं से हर्षिता श्रीवास, लव पाठक, भावेश सोनवानी, सौरव राउत, नितेश बघेल ने अपनी 100 प्रतिशत उपस्थिति दी। इन सभी बच्चों को पुरस्कृत किया गया ताकि इनसे प्रेरणा लेकर बाकी बच्चे भी नियमित शाला में आए और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें।
मनीष गोवर्धन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल में लेखाशास्त्र के संयोजक
0- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्राचार्य गोवर्धन को शकुंतला फाउंडेशन ने भी दिया आचार्य शिरोमणि सम्मान
महाराष्ट्र मंडल की साहित्यिक समिति हर दो माह में करेगी कार्यक्रम
तात्यापारा केंद्र की महिलाओं ने किया रुद्र पाठ
महाराष्ट्र मंडल में तान्हा पोळा 11 सितंबर को... मिट्टी और लकड़ी के बैलों की सजावट होगी खास
रायपुर। सावन का महीना त्योहारों और उत्सवों का होता है। ऐसे में महाराष्ट्र मंडल की संस्कृति समिति की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 11 सितंबर को शाम 4.30 बजे से तान्हा पोळा उत्सव का आयोजन किय़ा जा रहा है। इस अवसर पर मिट्टी और लकड़ी के बैल सजाओं स्पर्धा का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें महाराष्ट्र मंडल के सभासदों के अलावा अन्य समाजों और संस्था के लोग भी भाग ले सकते है। प्रतियोगिता सभी प्रतिभागियों के लिए निःशुल्कहै। स्पर्धा में शामिल सबसे अच्छी सवाजट वाले बैलों को आकर्षक पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
संस्कृति समिति की प्रमुख गौरी क्षीरसागर ने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन तीन अलग-अलग आयु वर्गों के लिए होगी। पहला वर्ग तीन साल के बच्चों तक के लिए होगा। दूसरा वर्ग 4 से 9 साल तक के बच्चों के लिए होगा और तीसरा 10 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए है। प्रतियोगिता के लिए बैल की सजावट, प्रसाद, प्रतिभागी के परिधान से लेकर अन्य कई केटेगरी में अंक निर्धारित किए गए हैं। उसी के आधार पर प्रतियोगिता के विजेता, उप विजेता और तीसरे स्थान के प्रतिभागी के नाम घोषित किए जाएंगे।
प्रतियोगिता के लिए इच्छुक प्रतिभागी गौरी क्षीरसागर 9713536407, प्रिया बक्षी 7000955854, समीर टल्लू 9200952502 और यशस्वी दंडवते 9630452889 से संपर्क अपना पंजीयन 7 सितंबर 2026 तक करा सकते है।
स्लम बस्ती के बच्चों के लिए लगी संस्कार क्लासेस
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में स्लम एरिया के बच्चों के लिए संस्कार शाला का आयोजन शनिवार 29 अगस्त को किया गया। जिसमें शिक्षिका शोभा मोहता ने बच्चों से खुलकर बात की, उनका दिनचर्या जाना और उन्हें कई अच्छी बातें भी बताई। वहीं बच्चों को कई रोचक गेम भी खिलाए।
महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की सदस्या शोभा मोहता ने आज संत ज्ञानेश्वर विद्यालय प्रांगण में आसपास के स्लम एरिया के बच्चों को संस्कार शाला में पढ़ाया। उन्होंने बच्चों से खुलकर बात की। बच्चों से उनका दिनचर्या पूछा। इस पर सभी बच्चों ने अपने-अपने तरीके से अपना-अपना अलग-अलग दिनचर्या बताया। जिसके बादा शोभा मोहता ने सबको समझाया कि सुबह उठकर व्यायाम किया करो।
विशाखा तोपखानेवाले ने आगे बताया कि इसके साथ उन्होंने बच्चों को पांच-पांच शब्दों को बच्चों को बुलवाया। जैसे ए फॉर एप्पल, ए फॉर एरोप्लेन। इस तरह अंग्रेजी के एक-एक कैरेक्टर पर पांच-पांच शब्द का उच्चारण करवाया। उन्होंने बच्चों को गिनती सिखाई और पोयम का अभ्यास करवाया। अंत में सभी बच्चों के बीच कई गेम करवाए। जिसमें विजेता बच्चों को प्राइज दिया गया।
जेएनयू के राष्ट्रीय सम्मेलन में महाराष्ट्र मंडल के जाधव पाटिल दंपती के शोधपत्र चयनित
0 गणेशा व मंगल गणेशा पाटिल नई दिल्ली में प्रस्तुत करेंगे छत्रपति शिवाजी महाराज पर शोधपत्र
*अपडेट रहने से ही तरक्की संभव: काले*
- महाराष्ट्र मंडल की वर्कशाप में अध्यक्ष सहित तमाम पदाधिकारियों ने कार्यक्षमता बढ़ाने के दिए अहम टिप्स
नीम के पेड़ को राखी बांधकर शिक्षिकाओं ने लिया उसकी रक्षा का संकल्प
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में रक्षाबंधन महोत्सव के अवसर पर शिक्षिकाओं ने स्कूल परिसर पर स्थित नीम के पेड़ को राखी बांधकर उसकी सुरक्षा का संकल्प लेते हुए हरियाली का संदेश दिया।
रक्षाबंधन महोत्सव पर प्री प्राइमरी के बच्चों ने भी पेड़ को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन के महत्व को समझा। प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे द्वारा लड़कों को चॉकलेट एवं लड़कियों को तोहफे के रूप में हेयर बैंड एवं हेयर क्लिप दी गई। इस तरह बच्चों को पेड़ की रक्षा करना भी सिखाया गया। प्राइमरी में भी येलो हाउस इंचार्ज प्रीति तिवारी मैडम ने भी रक्षाबंधन का महत्व बताते हुए श्री कृष्णा द्रोपदी की कथा सुनाई।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में ईद मिलादुन्नबी एवं रक्षाबंधन का भावपूर्ण आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में विशेष प्रार्थना सभा के अंतर्गत ईद मिलादुन्नबी एवं रक्षाबंधन का सुंदर एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हाउस इंचार्ज निदा सुल्तान एवं आशा जैन के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम का संचालन कक्षा 8वीं की प्रगति यादव ने किया। इसके पश्चात कक्षा 11वीं की काव्या रेड्डी ने प्रतिज्ञा दिलाई। कक्षा 12वीं के समर्थ नाथवानी ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर प्रेरणादायक भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन एवं उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।

इसके बाद रक्षाबंधन पर आधारित एक सुंदर नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसमें श्रीकृष्ण और द्रौपदी के पवित्र भाई-बहन के रिश्ते को दर्शाया गया। प्रस्तुति का वाचन कक्षा 12वीं की हिमांशी लोढ़ा ने किया। श्रीकृष्ण की भूमिका कक्षा 8वीं के ओजस तिवारी तथा द्रौपदी की भूमिका कक्षा 12वीं की उमा निर्मलकर ने निभाई। इस प्रस्तुति ने प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि हमारे विभिन्न त्योहार हमें प्रेम, सद्भाव, मानवता और एकता के सूत्र में बांधते हैं।
हरियाली और सहेलियों की मिठास ने सावन उत्सव के उल्लास को किया दोगुना
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में इन दिनों सावन उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंडल के सुंदर नगर केंद्र की महिलाओं ने 25 अगस्त को समता कालोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह में सावन उत्सव धूमधाम के साथ मनाया। सबकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को आनंदमय बना दिया।

केंद्र की संयोजिका स्मिता टेंबे ने बताया कि सावन उत्सव की शुरुआत महिलाओं के शानदार आगमन के साथ हुई। महिलाओं ने हाथों में छाता लेकर रिमझिम फुहारों के बीच दिव्यांग बालिका विकास गृह यानी कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया। महिलाएं एक के पीछे एक बिल्लुक रैंपवाक करते हुए आ रही थीं। फिर महिलाओं का स्वागत हल्दी कुंकू लगाकर और वाण देकर किया गया।

केंद्र की सह संयोजिका यशस्वी दंडवते ने बताया कि महिलाओं ने रैंपवाक करते हुए सुंदर डांस प्रस्तुत किया। जिसमें सुषमा ताई को सावन क्वीन चुना गया। हाथों में छाता लेकर गाना गाने वाले गेम में प्राची शिवनकर और साक्षी जोशी विजयी रही। वहीं सोलह श्रृंगार स्पर्धा में अंकिता किरवई विजेता रहीं। सावन थीम पर छाते से की गई सजावट ने कार्यक्रम को और मनोहारी बना दिया। इस सजावट में संयोजिका स्मिता टेंबे, सहसंयोजिका यशस्वी दंडवते, सुजाता निंबालकर, हार्दिका बोबड़े और अर्चना शिवनकर ने मिलकर किया। महिलाओं ने सावन के सुंदर गीत गाए और नृत्य भी किया। सभी ने खूब धमाल मचाया और जमकर मस्ती भी की। अंत में सभी ने स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया।

सावन की छटा और रिश्तों की मिठास.... कड़ू भात कार्यक्रम में बिखरे उल्लास के रंग
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के चौबे कालोनी महिला केंद्र द्वारा महाराष्ट्र मंडल भवन में ‘कड़ू भात’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सावन और तीज के पूर्व यह कार्यक्रम सभी महिलाओं के लिए आनंदमयी और यादगार रहा।
केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत एक बेहद नवीन और खूबसूरत अंदाज में हुई। जैसे ही सदस्यों का आगमन हुआ, गुलाब की पंखुड़ियों से भरे गुब्बारों को उनके ऊपर फोड़ा गया, जिससे पंखुड़ियों की वर्षा के बीच सभी का मुस्कुराता हुआ स्वागत हुआ। पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार सभी को हल्दी-कुमकुम लगाया गया तथा स्मृति चिह्न के रूप में मेहंदी का कोन और बिंदी का पैकेट भेंट किया गया।
सजावट का मुख्य आकर्षण सावन माह में आने वाले प्रमुख त्योहारों की जीवंत झांकी रही। इस सुंदर और कलात्मक सजावट को पल्लवी मुकादम, मनीषा वरवंडकर, प्राची डोनगांवकर, रंजना काठोटे, अक्षता पंडित, अनुपमा बोधनकर और गौरी क्षीरसागर ने मिलकर साकार किया। कार्यक्रम में धार्मिक और पौराणिक रंग तब घुल गया जब दीपाली, संध्या पांडे, धनश्री पेंडसे, मनीषा वरवंडकर, प्राची डोनगांवकर, संगीता निमोणकर और अनुपमा बोधनकर श्री राधा, कृष्ण और माता पार्वती के सुंदर रूप में सज-धज कर पहुंचीं।

गौरी क्षीरसागर और प्राची डोनगांवकर ने ‘तीज विशेष’ मनोरंजक खेल करवाए। इनमें से एक सिक्कों पर आधारित रोमांचक गेम था, तो दूसरा म्यूजिक और डांस गेम रहा। प्रतियोगियों के शानदार प्रदर्शन के बीच अवंती अग्निहोत्री और वर्षा चौधरी ने गौरी मोकाजदार ने बाजी मारते हुए विजेताओं का खिताब अपने नाम किया।
हरित श्रृंगार में सजी-धजी महिलाओं के बीच सावन की सुंदरता का प्रतिनिधित्व करने के लिए अंजलि को ‘सावन क्वीन’ चुना गया। इसके साथ ही, सौ. मनीषा वरवणकर को महिला सह-प्रमुख के पद पर मनोनीत होने पर सभी सदस्यों द्वारा भावुक और गरिमापूर्ण माहौल में सम्मानित किया गया। केंद्र की नई सदस्य पल्लवी जोशी का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी सदस्यों ने मिलकर लजीज और स्वादिष्ट 'कड़ू भात' के भोजन का आनंद लिया। अपनों के साथ, हंसी-ठहाकों और मीठी यादों के संग यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मनाया गया ओणम उत्सव.... बच्चों ने दी नाट्य प्रस्तुति
रायपुर। प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में ओणम बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। उत्सव का आयोजन हाउस इंचार्ज निदा सुल्तान एवं आशा जैन के मार्गदर्शन में किया गया। उत्सव का सुंदर संचालन 12वीं की छात्रा हिमांशी लोधा ने किया। ओणम के महत्व और उसके पीछे की पौराणिक कथा को विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में बताया गया कि राजा बली एक न्यायप्रिय, उदार और प्रजा-प्रिय राजा थे। उनके राज्य में सभी लोग सुखी और समान थे। उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखकर देवताओं को चिंता हुई। तब भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया और राजा महाबली से तीन पग भूमि मांगी।
महाबली ने अपनी उदारता दिखाते हुए उनकी इच्छा स्वीकार कर ली। वामन देव ने विराट रूप धारण कर पहले पग में पृथ्वी और दूसरे पग में आकाश नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान न बचने पर महाबली ने अपना सिर प्रस्तुत कर दिया। उनकी भक्ति, त्याग और उदारता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे हर वर्ष अपनी प्रजा से मिलने के लिए पृथ्वी पर लौट सकेंगे। इसी खुशी में केरल के लोग ओणम का पर्व मनाते हैं।
इस नाट्य प्रस्तुति में कैरवी 12वीं-सी, ओजस सेन 12वीं-बी, वेदांत साहू और गीतेश 10वीं, दुष्यंत रेगे और शुभम साहू 9वीं, रितिक अग्रवाल और समर्थ नाथवानी 8वीं ने प्रस्तुति दी। नाट्य प्रस्तुति के बाद विद्यार्थियों ने पारंपरिक और मनमोहक ओणम नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य में पावना लस्या छठवीं, अरिधि जैन और लावण्या आठवीं एवं 10वीं की इशिका ने अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया।
आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने ओणम की पौराणिक कथा के साथ-साथ प्रेम, समानता, त्याग, विनम्रता और एकता का संदेश भी दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति की विविधता को समझने और उसका सम्मान करने का अवसर प्रदान किया। विद्यालय में आयोजित यह ओणम उत्सव ज्ञान, संस्कृति और मनोरंजन का सुंदर संगम रहा तथा सभी के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।
महाराष्ट्र मंडल की बहनों ने सुरक्षा बलों के जवानों को बांधी राखी
- बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में हुई शामिल
रायपुर। भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का संगम मंगलवार को राजधानी के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में देखने को मिला। वहां आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल की बहनों ने भी अपनी सहभागिता निभाई और केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों को राखी बांधी और मुंह मीठा कराया।

महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि अपने सभी सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र मंडल की बहनों ने अपने भाईयों के साथ की देश की रक्षा करने वाले जवानों के हाथों में आज राखियां बांधी। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से यह आयोजन किया गया था। जिसमें हमें भी सहभागिता निभाने का अवसर मिला।

इस अवसर पर इस अवसर पर महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा, आस्था काले, अपर्णा देशमुख, चित्रा बल्की, साधना बहिरट, प्रियंका राजपूत, शालिनी जोशी, प्रीति रणदिवे, अंजली काले, अर्चना जतकर, लक्ष्मी जिल्हारे, मनीषा वरवंडकर, शुभांगी आप्टे, शोभा जोशी, श्यामल जोशी मीना विभुते के साथ मंडल द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह की वार्डन रमा नहरगढ़कर, वहां निवासरत कम्लेश्वरी साहू और महालक्ष्मी साहू भी उपस्थित थीं।

विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने भी जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और राष्ट्र तथा समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
अधिक समय नहीं, स्मार्ट स्टडी, नियमित रिवीजन और लेखन की शैली दिलाएगी सफलताः मनीष
रायपुर। राजधानी स्थित वाधवा सेंकडरी स्कूल में 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को परीक्षा के बेहतर तैयारी कराने के उद्देश्य से स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रेरणादायी और मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बच्चों का मार्गदर्शन करने के लिए महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन पहुंचे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा की बेहतर तैयारी, प्रभावी रिवीजन तथा उत्तर लेखन की सही तकनीक से अवगत कराया। वहीं संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने भी बच्चों का मार्गदर्शन किया।
मनीष गोवर्धन ने 11वीं और 12वीं के बच्चों को बताया कि केवल अधिक समय तक पढ़ना ही सफलता का आधार नहीं है, बल्कि स्मार्ट स्टडी, नियमित रिवीजन, विषय की समझ और परीक्षा में उत्तर लिखने की सही शैली भी अपना महत्व रखती है। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा में प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ने, समय के अनुसार उत्तर लिखने तथा अपने ज्ञान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के उपयोगी टिप्स दिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सहज एवं उपयोगी तरीके से समाधान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के साथ-साथ उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना था।
उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार ने विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच बनाए रखने तथा अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रेरणादायी संवाद से विद्यार्थियों में उत्साह एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ। विद्यालय परिवार ने दोनों वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।