दिव्य महाराष्ट्र मंडल
बूढ़ापारा, तात्यापारा और रोहिणीपुरम सहित अन्य महिला केंद्रों में चालीसा पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा हर शनिवार को होने वाला हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ इस शनिवार 20 जून को भी पूरे उत्साह के साथ जारी। चालीसा पाठ का यह 128 सफलतापूर्वक संपन्न शनिवार रहा। इस शनिवार को बूढ़ापारा, तात्यापारा, रोहिणीपुरम और सियान गुड़ी के बुजुर्गों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की सम्वयक आस्था काले ने बताया कि बुढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिरम पाठ किया। इस दौरान सुनीता साठे, जयश्री केळकर, सविता मोघे, साधना गायकवाड, सुहासिनी पटलवार, शिवानी पटलवार, रूपाली लोखंडे, रिता लोखंडे, सुचिता काळे, रेवती धनकर, संध्या चौधरी, मनुजा काळे और प्रणिता नलगुडवार उपस्थित रहीं।
इसी तरह तात्या पारा केंद्र की महिलाओं ने प्रांजल बोक्षे के निवास में हनुमान चालीसा पाठ किया। इस दौरान प्रांजल, कमल ताई, वर्षा डांगे, संध्या खंगन, संगीता टोपे, सुरेखा हिशीकर, नानी, सीमा परेतकर, आंकाक्षा गंदले, शेवता श्रीवास्तव, नूतन डेगमवार, सौम्या बोक्षे उपस्थित ऱहीं।

वहीं रोहिणीपुरम की महिलाओं ने सदस्या प्राची गणोदवाले के घर पर पाठ किया। इस दौरान मीरा कुपटकर, साधना बहिरट, राजेश्री वैद्य, अपर्णा जोशी, अपर्णा वरारपांडे, प्राची गणोदवाले, अलका कुळकर्णी, अचला मोहरीकर, वनिता गणोदवाले और चित्रा बल्कि उपस्थित रही। इसी तरह समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सियान गुड़ी में डॉ ओसी बिसेन, रामाराव सेंदरे, अनिल पांडे, सुशील कुमार श्रीवास्तव, विकास चंद सिन्हा, हिमांचल प्रसाद परगनिहा, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, लखन लाल साहू, डॉ ओपी सोनी, एसएन चौहान, कैलाश कुमार अग्रवाल, हीराधर पटेल और केके पाठक उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बच्चों के प्रस्तुत किया योग नृत्य
- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में मनाया गया योग दिवस
- प्रशिक्षिका आस्था काले बोली, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का उत्तम साधन योग

रायपुर। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र मंडल रायपुर ने रोटरी क्लब आफ रायपुर नार्थ के साथ मिलकर महराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में वृहद योग का आयोजन किया। सुबह 7.30 बजे शुरू हुआ योग 8.30 बजे मंडल के ग्रीष्मकालीन संस्कार शिविर में प्रशिक्षित बच्चों द्वारा योग नृत्य के साथ पूरा हुआ।

महाराष्ट्र मंडल के योग समिति की समन्वयक आस्था अभय काले, शेजल शाह और वर्षा चोपकर ने सभी को प्राणायाम, ताड़ासन, वृक्षासन, शशांकआसन, वक्रासन सहित कई आसन कराए। इस दौरान उन्होंने इन आसनों से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि योग को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बनाए रखने का उत्तम साधन माना गया है। उन्होंने कहा है कि योग मूल रूप से शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है। योग स्वस्थ, तनावमुक्त और अनुशासित जीवन जीने की एक शैली है।

इस दौरान महाराष्ट्र मंडल की ग्रीष्मकालीन संस्कार शिविर में प्रशिक्षित बच्चे आरोही अलकरी, प्राची सेंडे, अर्णव कुसरे, अभिज्ञा शुक्ला, धैर्या थानवी, समृद्धि उरकुड़े, श्रावणी शिरसाले, युक्ता रोकड़े, ओरोही भुजाड़े, अर्णव भुजाड़े, अक्षदा किरवई, संस्कृति वानखेड़े और भव्या वानखेड़े ने सुंदर योग नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। वहीं बालाघाट से पहुंचे अथर्व यरपुड़े ने सुंदर योग नृत्य प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। अथर्व को महाराष्ट्र मंडल की ओर प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि प्रदान दी गई।

इस दौरान बड़ी संख्या में रोटरी क्लब आफ रायपुर नार्थ के प्रेसिडेंट नवीन शर्मा, महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले और दोनों ही संस्थाओं के सदस्यों ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया। योग के उपरांत सभी अनार मिश्रित मूंग सलाद, चना और मूंगफल्ली से बना हुआ प्रोटीन पंच और नींबू पानी दिया गया। योग करने के बाद इसे स्वास्थ्यवर्धक व पोषक अल्पाहार माना जाता है।

हिंदी भाषा की गंगोत्री हैं माधवराव सप्रेः गिरीश पंकज
बच्चों के मन की दूरी खत्म करने खोला गया हाईटेक प्ले स्कूलः मूणत
- सामाजिक संस्था महाराष्ट्र मंडल द्वारा किया जा रहा संचालन
- अब तक आसपास के 15 से अधिक बच्चों ने ले लिया प्रवेश
रायपुर। एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छोटा बच्चा जब स्कूल जाता है तो उसे पढ़ाते समय जिस ए फार एप्पल की तस्वीर दिखाई जाती है वह ब्लैक एवं वाइट होती है। वहीं प्राइवेट स्कल में पढ़ने वाला बच्चा ए फार एप्पल को उसके वास्तविक रंग से पहचानना सीखता है। बच्चों के मन में बनने वाली इस दूरी को खत्म करने के लिए इस हाईटेक प्ले स्कूल का शुभारंभ किया गया है। यह पूरी तरह से समाजसेवा है, इसलिए इसके संचालन का दायित्व महाराष्ट्र मंडल को सौंपा गया। उक्ताशय के विचार रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने टाटीबंध में प्रारंभ हाईटेक आंगनबाड़ी (प्ले स्कूल) के शाला प्रवेशोत्सव के दौरान कहीं।

विधायक मूणत ने कहा कि कोई बच्चा अगर गरीब के घऱ या झुग्गी झोपड़ी में पैदा हुआ तो उसमें उसका कोई दोष नहीं है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उसे भी उस स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराए तो एक बड़े या संपन्न घर में पैदा होने वाले बच्चे को मिलती है। ताकि बड़े होने के साथ उसके मन में गरीब-अमीर जैसी भावना पैदा ही न हो। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से कहा कि अगर आप में से कोई यहां सेवा देना चाहता है, तो महाराष्ट्र मंडल से संपर्क करें। उनका साक्षात्कार लिया जाएगा। फिर वह यहां अपने निःशुल्क सेवाएं दे सकते है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि विधायक मूणत को धन्यवाद देते हुए कहा कि महाराष्ट्र मंडल समाज सेवा के लिए लगातार कार्य करती है। 45 साल पहले हमने संत ज्ञानेश्वर विद्यालय, कामकाजी महिला वसती गृह, दिव्यांग बालिका विकास गृह का संचालन शुरू किया जो आज तक जारी है। वहीं छह माह पहले हमने सियान गुड़ी का संचालन शुरू किया है। अब विधायक जी के मार्गदर्शन में इस हाईटेक आंगनबाड़ी का संचालन करने जा रहे है।

उन्होंने विधायक को भरोसा दिलाया कि उन्होंने जिस उम्मीद के साथ हमें इस कार्य का दायित्व सौंपा है, हम इसमें खरे उतरेगें। कार्यक्रम को शहीद भगत सिंग वार्ड-21 की पार्षद गायत्री सुनील चंद्राकर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन गीता दलाल और आभार प्रदर्शन डा. शुचिता देशमुख ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महाराष्ट्र मंडल के सभासद, अभिभावक गण और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
समाज साथ दे, तो आज भी फिर सकते हैं पत्रकारिता के दिन: शर्मा



महाराष्ट्र मंडल में स्थापित शिवाजी महाराज की हुई महाआरती
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के नवीन भवन में स्थापित शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा की महाआरती शुक्रवार 19 जून को वरिष्ठ सभासद कल्याण देशपांडे की उपस्थिति में की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महाराष्ट्र मंडल के सदस्यगण उपस्थित थे। बतादें कि इसी माह 6 जून को राज्यपाल रमेन डेका के हाथों इस प्रतिमा का अनावरण किया गया।
युवा समिति की समन्वयक डा. शुचिता देशमुख ने बताया कि शिवाजी महाराज की आरती माह के हर 19 तारीख को लगातार युवा समिति द्वारा की जा रही है। आज मंडल परिसर में स्थापित किए गए शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा के समक्ष आरती की गई। आरती मंडल के वरिष्ठ आजीवन सभासद कल्याण देशपांडे ने की।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, कार्यकारिणी परितोष डोनगांवकर, मालती मिश्रा, आस्था काले, नवीन देशमुख, कुमुद लाड, संध्या खंगन, प्रशांत देशपांडे, दीपक पात्रीकर, डा. कमल वर्मा, रीना बाबर, अभिषेक बक्षी, गणेशा जाधव पाटिल सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे।
महाराष्ट्र मंडल में सामूहिक योग और बाल योग नृत्य की प्रस्तुति 21 जून को
रायपुर। भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाने वाला ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ आज दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य और वेलनेस अभियानों में शामिल हो चुका है। महाराष्ट्र मंडल रायपुर और रोटरी क्लब रायपुर नार्थ के संयुक्त तत्वावधान में 21 जून को सुबह 7 बजे से महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा।
महाराष्ट्र मंडल की योग समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की योग समिति और रोटरी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर महाराष्ट्र मंडल के सभासदों, रोटरी क्लब के सदस्यों और नगरवासियों द्वारा सामूहिक योग किया जाएगा। इस अवसर पर छोटे बच्चों द्वारा तीन मिनट के सुंदर योग नृत्य की प्रस्तुति भी दी जाएगी।
आस्था ने आगे बताया कि योग दिवस पर अपनी प्रस्तुति के लिए योग शिक्षिका वर्षा चोपकर बच्चों को योग नृत्य का अभ्यास करा रही है। इन बच्चों ने महाराष्ट्र मंडल द्वारा मई माह में लगे बाल संस्कार शिविर में शामिल होकर योग सीखा था। बच्चों ने इसे अपने दैनिक दिनचर्या में शामिल कर लिया है।
हाईटेक आंगनबाड़ी व प्ले स्कूल का उद्घाटन 20 जून को
रायपुर। नगर निगम रायपुर द्वारा वार्ड क्रमांक 21 शहीद भगत सिंह वार्ड टाटीबंध में निर्माण आधुनिक आंगनबाड़ी और प्ले स्कूल का विधिवत उद्घाटन शनिवार 20 जून को सुबह 10बजे किया जाएगा। 91 वर्षीय रायपुर की प्रतिष्ठित सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्था महाराष्ट्र मंडल रायपुर द्वारा इसका संचालन किया जाना है। आंगनवाड़ी में बच्चों द्वारा पंजीयन करा लिया गया है।
महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि टाटीबंध में नगर निगम रायपुर द्वारा निर्मित हाईटेक आगंनबाड़ी के संचालन का जिम्मा महाराष्ट्र मंडल को सौंपा गया है। शनिवार 20 जून को उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत होंगे। वहीं कार्यक्रम में रायपुर महापौर मीनल चौबे और शहीद भगत सिंह वार्ड पार्षद गायत्री सुनील चन्द्राकर विशेष रुप से उपस्थित रहेंगी।
दंडवते ने बताया कि उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियां कर ली गई है। 20 जून से मोहल्ले के बच्चों को वहां पढ़ना, खेलना, खाना आदि कार्य के साथ बच्चों में संस्कार रोपित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इसके लिए रुपरेखा तैयार की जा रही है।
रायपुर श्री शिव शंभू विचार मंच विचारदर्शन कार्यशाला 20 जून को
रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, हिंदवी स्वराज्य, राष्ट्र निर्माण एवं समाज संगठन के प्रेरणादायी विचारों को जानने और समझने का एक विशेष अवसर राजधानी के लोगों को 20 जून को मिलने जा रहा है।
महाराष्ट्र मंडल रायपुर के सभासद और आयोजन के नगर व्यवस्था प्रमुख गणेशा जाधव पाटिल ने बताया कि श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल, पुणे द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शनिवार 20 जून को सुबह 10 बजे से जागृति मंडल, संघ कार्यालय, पुराना स्टैंड,गुरुद्वारा के पास, गोविंद नगर, रायपुर में किया जा रहा है।
पाटिल ने आगे कहा कि कार्यशाला में छत्रपति शिवाजी महाराज के पूर्व के युग, उनके जीवन चरित्र, हिंदवी स्वराज्य की स्थापना, संगठन कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं समाज जागरण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। कार्यशाला पूर्णतः निःशुल्क है। आगंतकों के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
पाटिल ने महाराष्ट्र मंडल, रायपुर के सभी विचारशील सदस्यों और समाजजनों से निवेदन किया है कि जो सदस्य छत्रपति शिवाजी महाराज एवं मराठों के गौरवशाली इतिहास से संबंधित विषयों को और भी करीब से जानना समझना चाहते हैं वे अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी कार्यशाला का लाभ लें।
महाराष्ट्र मंडल में माधव राव सप्रे जयंती समारोह 19 जून को, दो पुस्तकों का विमोचन भी
"ओम भवति भिक्षां देहि..." से गूंजा महाराष्ट्र मंडल का संत संत ज्ञानेश्वर सभागृह
- महाराष्ट्र मंडल और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र ने कराया 10 बटुकों का मुंज संस्कार
- वैदिक मंत्रोच्चार और रीति रिवाजों के साथ संपन्न कराई गई पूरी प्रक्रिया

रायपुर। वैदिक परंपरा में षोडश संस्कार (सोलह संस्कार) वे महत्वपूर्ण कर्म और अनुष्ठान हैं, जो मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक उसके शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए किए जाते है। इन संस्कारों में से एक है यज्ञोपवीत संस्कार यह व्यक्ति को अनुशासन, ज्ञान और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में मंगलवार 16 जून को हुए सामूहिक मुंज संस्कार बाद जब बच्चों ने अपनी माताओं से भिक्षा मांगी तो पूरा मंडल परिसर "ओम भवति भिक्षां देहि..." की नाद से गूंज उठा।

महाराष्ट्र मंडल और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मुंज संस्कार में 10 बटुकों का उपनयन संस्कार मराठी संस्कृति से संपन्न कराया गया।

महाराष्ट्र मंडल के सचिव और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के प्रमुख चेतन दंडवते ने बताया कि ओम भवति भिक्षां देहि मंत्र के साथ बटुक माताओं से भिक्षा मांगते हैं और अध्ययन के लिए काशी की यात्रा पर जाते है। यह मंत्र इस प्रकार है “भवति भिक्षां देहि। चतुर्वेदान् षट्शास्त्राणि अष्टादशपुराणानि पठिता भवामि॥" अर्थात् "हे माई! मुझे भिक्षा दें, ताकि मैं चारों वेद, छह शास्त्र और अट्ठारह पुराणों का अध्ययन कर सकूं।"

आचार्य चेतन दंडवते व अन्य आचार्यजनों ने विधि विधान और वेद मंत्रोच्चार के साथ इन बटुकों का आज षोडस संस्कारों में से एक उपनयन संस्कार संपन्न कराया। आचार्य चेतन दंडवते का साथ योगेश दंडवते, अजय पोतदार, पंकज सराफ, अभिषेक बक्षी और पार्थ सारथी देशपांडे ने दिया।

इस वर्ष रायपुर से चि. उत्कर्ष पंकज जोशी, चि. संस्कार समीर वरहाड़पांडे, चि. रोहिन राहुल वरहाडपांडे, चि. अहान अतुल राहटगांवकर, चि. तनुष तुषार विंचुरकर और चि. प्रथमेश आशीष मोडक का मुंज संपन्न हुआ, वहीं दुर्ग निवासी अमित जोशी अपने दोनों पुत्रों नीरव और आरव और चि. दक्ष भुसारी बिलासपुर और जबलपुर से चि. आदीश हर्षे का भी मुंज कराया गया। महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान अब तक तकरीबन 300 से अधिक बटुकों का उपनयन संस्कार कराया जा चुका है।

आचार्य दंडवते ने बताया कि सुबह 8.30 बजे उपनयन संस्कार की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। सबसे पहले मंडप पूजन किया गया। इसके पश्चात मातृका पूजन एवं मातृभोज, फिर मंगलाष्टक संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि संपन्न कराने के बाद सभी बटुकों ने भिक्षाटन कर काशी की यात्रा की।

आयोजन में पल्लवी मुकादम, नमिता शेष, मेघा पोतदार, शुचिता देशमुख, प्रिया बक्षी, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, यशस्वी दंडवते, गीता दलाल, रेणुका पुराणिक, अक्षता पंडित, अंजली काले, सृष्टि दंडवते, गौरी क्षीरसागर, संध्या खंगन, दीपक किरवईवाले, सृजन दंडवते, श्रीमती स्मिता देशपांडे सहित अन्य कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा।
स्कूल का पहला दिन बच्चे माता-पिता और दादा-दादी के साथ आए
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मंगलवार 16 जून को शाला प्रवेशोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। प्री प्राइमरी स्कूल में बच्चों के साथ पहले दिन माता-पिता ही नहीं अपितु दादा-दादी भी स्कूल आए थे। नर्सरी में एडमिशन लेने वाले आर्या और अबीर चौधरी के दादा प्रताप सिंह चौधरी और दादी अरुणा चौधरी बच्चों को स्कूल छोड़ने आए थे। दोनों ने संत ज्ञानेश्वर महाराज और मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर पूजा अर्चना की। दोनों का स्कूल की संस्कृति के अनुरुप सूतमाला से स्वागत किया गया।

शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि प्राइमरी के बच्चों का स्वागत शिक्षिकाओं द्वारा तिलक व फूलों की वर्षा करके किया गया। छोटे बच्चों का स्कूल आने का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों ने भी शिक्षकों के पांव छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। वहीं डे शिफ्ट में धूप अधिक होने के कारण बच्चों की उपस्थिति कम थी, लेकिन उत्साह बरकरार रहा। बड़े बच्चों का तिलक और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। वहीं शासन के निर्देशानुसार राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, राजगीत, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र बच्चों कराया गया।

आज पहले दिन प्रवेश उत्सव में प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार, प्राइमरी इंचार्ज अपर्णा आठले, प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे, हायर इंचार्ज तृप्ति अग्रिहोत्री, मीडिल इंचार्ज सुनिधि रोकड़े सहित सभी शिक्षणगण उपस्थित थे।
महाराष्ट्र मंडल में मराठी सामूहिक मुंज का 25वां वर्ष... 16 जून को होंगे संस्कार
- रायपुर और दुर्ग के साथ बिलासपुर और जबलपुर से शामिल हो रहे बटुक
महिला केंद्रों में 127 सप्ताह से लगातार जारी हनुमान चालीसा पाठ
- मंडल के महिला केंद्रों, स्कूल, सियान गुड़ी और मंडल कार्यालय में हो रहा पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से 6 जनवरी 2024 को हर शनिवार को हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र पाठ करने का एक महाअभियान शुरू किया गया। यह अभियन पिछले 127 सप्ताह से लगातार जारी है। मंडल के 17 महिला केंद्रों, संत ज्ञानेश्वर स्कूल, शंकर नगर बालवाचनालय, सखी निवास, सियान गुड़ी और मंडल कार्यालय की इसमें सहभागिता रहती है। शनिवार को मंडल में कोई बड़ा इवेंट होने पर सभी केंद्र की महिलाएं मंडल भवन में एकत्रित होकर हनुमान चालीसा का पाठ करती है। यह क्रम लगातार जारी है।

महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले और सचिव चेतन दंडवते के मार्गदर्शन में इस अभियान की शुरूआत की गई। जो लगातार पिछले 127 सप्ताह से जारी है। इस शनिवार 13 जून को रोहिणीपुरम, बूढ़ापारा, अमलीडीह, चौबेकालोनी केंद्र की महिलाओं के साथ महाराष्ट्र मंडल स्टाफ और सियान गुड़ी में आने वाले वरिष्ठजनों ने पाठ किया।
आध्यात्मिक समिति की संध्या खंगन ने बताया कि इस शनिवार रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने उनके निवास पर एकत्रित होकर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया। सभी महिलाओं ने कृष्ण और हनुमान जी के हिंदी और मराठी भजन भी गाए। इस दौरान अलका कुळकर्णी, अचला मोहरीकर, चित्रा बल्की, संध्या खंगन, अपर्णा वरारपांडे, अनुभा साडेगांवकर, राजेश्री वैद्य, अनिता लांगे, मंगला कुळकर्णी, विशाखा पोगड़े, छाया अंजनकर, जयश्री भूरे, साधना बहिरट, अपर्णा जोशी, मीना विभूते, श्यामल जोशी और मीरा कुपटकर उपस्थित थीं।

आध्यात्मिक समिति की सृष्टि दंडवते ने बताया कि इसी तरह बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने बूढ़ापारा स्थित राम मंदिर में अधिकमास के अंतिम दिन शनिवार को रामरक्षा स्तोत्र, हनुमान चालीसा, भजन व रामजी की आरती की। इस दौरान प्रणिता नलगुंडवार, अपर्णा मोघे, अनघा करकशे, दमयंती देशपांडे, संगीता नांडकर, सुनीता साठे, मोहन देसाई, प्रदीप देशपांडे और दिनकर करकशे उपस्थित थे।

इसी तरह अमलीडीह महिला केंद्र की महिलाओं ने अपनी मासिक बैठक की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की। इस अवसर पर महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, रेखा पिंपलगांवकर, शोभा सोनाये सरिता फडके, संध्या फुलझेले, मेघा जोशी, प्रेरणा सप्रे, प्रिया कडू, रेणू सिंग, रेणुका टोमे, प्रीति टोमे, शोभा सोनाये, अक्षरा भगाडे आदि उपस्थित रही। वहीं चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने मंडल भवन में हनुमान चालीसा पाठ, भजन और आरती का आयोजन किया। जिसमें मंडल के स्टाफ ने भी अपनी सहभागिता निभाई। इस दौरान मनिषा वरवंडकर, चारुशीला देव, अक्षता पंडित, प्राची डोनगांवकर, संगीता निमोणकर, अवंती अग्निहोत्री, पल्लवी मुकादम, मनिषा मुकादम, सीमा गणोदवाले, रंजना काथोटे मंडल व्यावस्थापिका बी. नंदिनी नायडू, मेस प्रभारी मंजिरी भगाड़े, श्रद्धा जोशी शामिल हुई।
रक्तदान दिवसः आपके मोबाइल पर ही आसानी से मिल जाएंगो डोनरः अजय काले
प्रदेश के पहले हाईटेक महतारी सदन का संचालन करेगा महाराष्ट्र मंडल... महिलाओं के लिए होगा योगा और जुंबा
रायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में विधायक राजेश मूणतकी पहल पर प्रदेश का पहला हाईटेक महतारी सदन 14 जून से शुरू होने जा रहा है। रायपुरा के विप्र नगर में करीब 80 लाख रुपए की लागत से तैयार 'महतारी सदन', यानी महिला योग और जुंबा सेंटर का लोकार्पण 14 जून को होगा। इसका लोकार्पण रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर पश्चिम विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत करेंगे। टाटीबंध और विप्र नगर में बने महतारी सदन की जिम्मेदारी महाराष्ट्र मंडल रायपुर को सौंपी गई है।
विधायक राजेश मूणत की इस योजना के तहत पहला महतारी सदन टाटीबंध में बना है। टाटीबंध के महतारी सदन की जिम्मेदारी राजधानी की सामाजिक संस्था महाराष्ट्र मंडल को सौंपी गई है। वहीं अब विप्र नगर में बने नए महतारी सदन के संचालन और प्ले स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी महाराष्ट्र मंडल को सौंपे जाने की तैयारी है। निगम और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इससे सुविधाओं का संचालन व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा।
विधायक राजेश मूणत का कहना है कि विकास का मतलब सिर्फ भवन निर्माण नहीं, बल्कि ऐसी सुविधाएं तैयार करना होनी चाहिए जिनसे समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शुरुआती शिक्षा मिले और महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हों।
महतारी सदन में महिलाओं के लिए योग और फिटनेस सुविधाओं के साथ बच्चों के लिए आधुनिक प्ले स्कूल भी बनाया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों के बच्चों को शुरुआती शिक्षा और डे-केयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जो महंगे निजी प्ले स्कूलों का खर्च नहीं उठा सकते। परिसर में बच्चों के लिए खेल, सीखने और बौद्धिक विकास से जुड़ी सुविधाएं विकसित की गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे आसपास के मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को फायदा मिलेगा।
भवन में महिलाओं के लिए अलग से योग भवन और जुंबा सेंटर बनाया गया है। यहां महिलाएं फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगी। अभी तक ऐसी सुविधाएं ज्यादातर निजी संस्थानों तक सीमित थीं, जहां नियमित शुल्क देना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर इसे महिलाओं के स्वास्थ्य और फिटनेस से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या है खास?
- रायपुरा के विप्र नगर में 80 लाख रुपए से तैयार हुआ परिसर।
- महिला योग भवन और जुंबा सेंटर की सुविधा।
- गरीब और मध्यम वर्गीय बच्चों के लिए प्ले स्कूल।
स्कूलों में एक्टिविटी पर आधारित हो शिक्षण कार्यः मधु यादव
- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में जारी वर्कशॉप में वरिष्ठ शिक्षिका ने नई शिक्षा पद्धति के बारे में दी व्यवहारिक जानकारी
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में वर्कशॉप लेने की अगली कड़ी में केंद्रीय विद्यालय से सेवानिवृत्त और लायंस क्लब की सदस्य मधु यादव ने शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धति के बारे में व्यवहारिक जानकारी दी।
मधु ने सबसे पहले शिक्षकों से यह जानने का प्रयास किया कि उन्होंने शिक्षक बनना क्यों चुना? शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ अपने परिवार और अपने ऊपर भी ध्यान दे सकती हैं? उन्होंने बताया कि एक विद्यार्थी जब पढ़ता हो, तो वह जल्दी भूल जाता है। जब आप उसे समझाते हो, तो उसे काफी कुछ ध्यान रहता है, लेकिन जब आप उसे अपने साथ इंवॉल्व करते हो, तो उसे सब कुछ याद रहता है। इसीलिए विद्यार्थियों को अपने साथ विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से शिक्षण में इंवॉल्व कीजिए।

मधु यादव ने एलएसआरडब्ल्यू और वीएआरके, दोनों ही पद्धति को बड़े विस्तार से समझाया। उन्होंने समझाया कि एलएसआरडब्ल्यू स्किल्स के माध्यम से किसी भी भाषा जैसे हिंदी, अंग्रेजी को सीखने और उसमें निपुणता हासिल करने के चार मूलभूत कौशल होते हैं। ये हैं लिसनिंग यानी सुनना, स्पीकिंग यानी भाषण, रीडिंग यानी पठन और राइटिंग यानी लेखन। भाषा को सीखने का क्रम भी यही होता है।
वीएआरके पद्धति के बारे में मधु यादव ने जानकारी दी कि यह एक प्रचलित लर्निंग मॉडल यानी अधिगम शैली है। इसमें वी यानी विजुअल (दृश्य) होता है। इस शैली के लोग चित्रों, चार्ट, रेखाचित्रों और वीडियो के माध्यम से सबसे अच्छा सीखते हैं। ए का आशय ओरल अथवा ऑडिटरी (श्रवण) होता है। ऐसे लोग सुनकर, व्याख्यान अटैंड करके और समूह चर्चाओं में भाग लेकर सबसे जल्दी सीखते हैं। आर अर्थात रीड/राइट (पढ़ना व लिखना) है। इसमें उन्हें लिखी हुई सामग्री, किताबों, नोट्स और सूचियों के माध्यम से जानकारी को समझने में आसानी होती है। मधु के मुताबिक के अर्थात काइस्थेटिक (गतिज/अनुभव): इस शैली के लोग व्यावहारिक अनुभव, छूकर और करके सीखने में विश्वास रखते हैं। वरिष्ठ शिक्षिका मधु ने शिक्षकों को समझाया कि सबसे पहले एक रीडिंग कॉर्नर बनाएं। दूसरा बिन्दू क्लास रूम की सेटिंग चेंज करके बच्चों को यू शेप में बैठाएं। इससे हर बच्चे तक वह पहुंच सके।

बतादें कि मधु यादव संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के कई जरूरतमंद बच्चों की फीस देकर सामाजिक कार्य में भी सहयोग करती है। उन्होंने महाराष्ट्र मंडल भवन का उदाहरण देकर समझाया की किस तरीके से सिर्फ प्रबल इच्छा शक्ति से किए गए प्रयासों के द्वारा महाराष्ट्र मंडल भवन का जीणोद्धार किया गया यह सभी के लिए अनुकरणीय है। वर्कशॉप में अतिथि वक्ता मधु यादव का स्वागत वरिष्ठ शिक्षिका चित्रा जाउलेकर ने और स्मृति चिन्ह सुदेवी बिस्वास ने दिया। कार्यक्रम का संचालन अपर्णा आठले ने किया।
