दिव्य महाराष्ट्र मंडल
11वीं-12वीं के बच्चे सीख रहे टैली... अंकुर शुक्ला ने सिखाया गोंड आर्ट
- संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में चल रहा 10 दिवसीय समर कैंप
रायपुर। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में चल रहे 10 दिवसीय समर कैंप के तीसरे दिन जहां 11वीं और 12वीं के बच्चों को टैली की बेसिक ट्रेनिंग दी गई। वहीं जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व करता गोंड आर्ट भी बच्चों को सिखाया गया। जिसके लिए आज विद्यालय में विशेष रुप से गोंड आर्ट एक्सपर्ट शुक्ला पहुंची थी। उन्होंने बच्चों को गोंड आर्ट की बारिकीयां सिखाई।

समर कैंप प्रभारी अपर्णा आठले ने बताया कि आज से 11वीं-12वीं के बच्चों के लिए टैली क्लासेस भी शुरू की गई। 'करियर की पाठशाला' कोचिंग सेंटर के संचालक जगदीश हबलानी ने 11वीं 12वीं के विद्यार्थियों को कंपनी क्रिएशन, जर्नल लेजर एंट्री, कीबोर्ड हैंडलिंग आदि सिखाया। विद्यालय के कंप्यूटर शिक्षक वर्षा गिरी भट्ट, रोशन सिंह राजपूत, शेफाली ठाकुर ने इसमें मदद की।
आठले ने बताया कि आज अंकुर शुक्ला द्वारा गोंड आर्ट का प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। गोंड आर्ट में प्राकृतिक रंग और प्रकृति से संबंधित चित्र बनाए जाते है। श्रीमती शुक्ला ने बच्चों को बताया कि कैसे रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। श्रीमती शुक्ला को प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने स्कूल मोमेंटो देकर सम्मानित किया तथा श्रीमती शुक्ला ने अपने हाथों की एक कृति विद्यालय को भेंट की। विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि समर क्लासेस में बेस्ड आउट ऑफ वेस्ट एक्टिविटी जोड़ी जा रही है। टैली क्लासेस भी एक हफ्ते तक चलेंगे जिससे सभी विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
‘खाली सिलेंडर-भरा सिलेंडर’ खेलकर बताई गैस की उपयोगिता
- अमलीडीह महिला केंद्र की बैठक में गैस संकट पर चर्चा
रायपुर। वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध के चलते भारत में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बाधित है। ऐसे में महिलाओं के सामने गैस का कम से कम उपयोग और इसके लिए लोगों को जागरूक करना बड़ा काम है। महाराष्ट्र मंडल की अमलीडीह महिला केंद्र की महिलाओं ने अपनी मासिक बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा की और इससे जुड़ा एक रोचक गेम भी खेला।
बैठक का आयोजन केंद्र की वरिष्ठ सदस्य अपर्णा देशमुख के घर पर संपन्न हुआ। बैठक का शुभारंभ हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया। इसके बाद केंद्र के समाजसेवी कार्यों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में विशेष रुप से मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले उपस्थित रहीं। महिलाओं ने इस बीच ‘खाली सिलेंडर-भरा सिलेंडर’ गेम खेला। जिसमें सर्वप्रथम एक पेपर पर गैस सिलेंडर के चित्र बनाए गए। जिसमें एक में खाली और दूसरे में भरा सिलेंडर लिखा था। दोनों सिलेंडर के बगल में पासे के अंक लिखे थे। पहले खाली सिलेंडर में एक-दो और तीन, दूसरे भरे सिलेंडर में चार-पांच और छह। अब प्रतिभागियों को एक मिनट तक पासा फेंकना था। हर बार पासा फेंकने के बाद पासा में जितना नंबर आता है। उसे एक कागज में नोट करते। अंत में एक बाक्स में कागज की दो पर्ची रखी थीं, जिसमें एक में खाली और दूसरे में भरा सिलेंडर लिखा था। प्रतिभागी इसमें से एक पर्ची उठाता। खाली पर्ची उठाने पर खाली सिलेंडर के सामने अंकों को काउंट किया जाता । भरा सिलेंडर वाली पर्ची उठाने पर भरे सिलेंडर के सामने लिखे अंक को काउंट किया जाता। अंत में सभी के नंबर काउंट किए गए।
इस अवसर पर समर सीजन को देखते हुए हरा और पीला रंग का ड्रेस कोड सभी के लिए तय किया गया था। आयोजन में जो लोग हर रंग का कपड़ा पहनकर आए उनका स्वागत तरबूत के साथ और दो पीला पहनकर आए उनका स्वागत खरबूत देकर किया गया। अंत में सभी ने हल्दी-कुंकू लगाकर एक दूसरे को बधाई दी। इस अवसर पर सभी हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इस अवसर पर विशाखा तोपखनेवाले, अपर्णा देशमुख, अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, नीता डुमरे, रेणु सिंह, प्रेरणा मोरे, मेघा जोशी, शोभा सोनाये, प्रीति टोमे, प्रिया काडु, प्रेरणा सप्रे, संध्या फुलझेले और अर्चना धर्माधिकारी उपस्थित थीं।
महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में हुआ हनुमान चालीसा पाठ
अमलीडीह, अवंतीविहार, रोहिणीपुरम और चौबे कालोनी में हुआ आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा हर शनिवार होने वाले राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ इस सप्ताह भी उत्साह के साथ जारी रहा। इस सप्ताह मंडल के अमलीडीह, अवंती विहार, रोहिणीपुरम और चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्यवक आस्था काले ने बताया कि अमलीडीह केंद्र की महिलाओं ने सदस्या अपर्णा देशमुख के पर एकत्रित होकर हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ किया। इस अवसर पर विशाखा तोपखनेवाले, अपर्णा देशमुख, अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, नीता डुमरे, रेणु सिंह, प्रेरणा मोरे, मेघा जोशी, शोभा सोनाये, प्रीति टोमे, प्रिया काडु, प्रेरणा सप्रे, संध्या फुलझेले और अर्चना धर्माधिकारी उपस्थित थीं।

वहीं अवंती विहार केंद्र की महिलाओं ने उत्साह के साथ पाठ किया। इस दौरान महिलाओं ने हल्दी-कुंकू भी मनाया। इस अवसर पर संयोजिका सुदेष्णा मेने, सह संयोजिका जागृति भाकरे, शुभदा चौधरी, पूजा भंडारी, गीता दलाल, अनिता नलगुंडवार, शालिनी जोशी, गीता हाटे, अनुजा बोराडे, भारती कुर्वे, निशा उमाठे, अनुया तुंबडे, शिला चौधरी, सविता महाजन, भारती देवरनकर, छाया भावाळकर, लक्ष्मी जिल्हारे, प्रीति गुर्जर, अनघा आसवले, नीतू वोडतीलवार, जयश्री ब्राहमणकर, आंनदी ब्राहमणकर, कामिनी भांडारी, मंजू सुतवणे, मीना इंगळीकर उपस्थित थीं।

इसी तरह चौबे कॉलोनी केंद्र द्वारा हनुमान चालीसा पाठ केंद्र की सदस्य स्वाती डबली के घर पर किया गया। इस दौरान मनीषा वरवंडकर, रोहिणी नेने, प्रमोदिनी देशमुख, माधुरी डबली, सीमा गणोदवाले, सुषमा आपटे, रंजना काथोटे, प्राची डोणगावकर, अक्षता पंडित, प्रियंका डबली, स्वाती डबली, अवंती अग्निहोत्री, गौरी क्षीरसागर और आकांक्षा गद्रे पहुंची थी। वहीं रोहिणीपुरम केंद्र द्वारा किए गए पाठ के दौरान साधना बहिरट, अपर्णा जोशी, चित्रा बल्कि, वनिता गणोदवाले, प्राची गणोदवाले, अलका कुळकर्णी, मंगला पुराणकर, प्रांजल बल्लाल, स्वाती अग्रवाल, प्राची जोशी , राजेश्री वैद्य और अपर्णा वरार पांडे उपस्थित थीं।
हनुमान चालीसा के साथ योग... आर्ट एंड क्राफ्ट में बच्चों की दिखाई रूचि
- एसडीवी स्कूल में रविवार को भी जारी रहा समर कैंप

रायपुर। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में जारी 10 दिवसीय समर कैंप के दूसरे दिन की शुरूआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया। बच्चों ने ध्यान और योग के साथ जमकर जुंबा डांस किया। साउंड बाक्स में म्यूजिक बजते ही बच्चों ने जमकर डांस किया। वहीं कैरम, क्रिकेट खेलकर बच्चों ने खूब एंजाय किया।

समर कैंप प्रभारी शिक्षिका अपर्णा आठले ने बताया कि शिविर के दूसरे दिन की शुरूआत मेडिटेशन और हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। शिक्षक रोशन सिंग राजपूत, नवीन चंद्राकर, वंदना बिसेन और अस्मिता कुसरे ने बच्चों क हनुमान चालीसा का पाठ कराया। बच्चों ने सस्वर चालीसा पाठ किया।

अपर्णा ने आगे बताया कि आर्ट एंड क्राफ्ट में भी बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। शिक्षिका सुदेवी विश्वास, सरिता पांडे और रचना तिवारी ने बच्चों को आर्ट एंड क्राफ्ट की एक्टिविटी कराई। वाल कप स्टैड, वाल डेकोर वाले आइटम बच्चों ने तैयार किए।

‘फेसबुक और इंस्टाग्राम’ को रखा टेबल पर... टिशू पेपर क्राफ्ट में नजर आई क्रिएटिविटी
- अवंती विहार महिला केंद्र ने रोचक गेम्स के बीच मनाया हल्दी-कुंकू
- ‘मेरी संस्कृति, मेरा गौरव’ पर महिलाओं ने खुलकर रखें विचार
रायपुर। आज की भागमभाग जिंदगी के बीच सोशल मीडिया यानी फेसबुक और इंस्टाग्राम हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। दो दशक पहले इनके बिना भी जीवन बहुत अच्छा था। इस बीच अपने पुराने दिनों को याद करते हुए महाराष्ट्र मंडल की अवंती विहार महिला केंद्र की महिलाओं ने अपने हल्दी-कुंकू के आयोजन में मोबाइल फोन यानी सोशल मीडिया को टेबल पर रखा और टिशू पेपर से शानदार क्राफ्ट बनाये। जिसमें सदस्यों की क्रिएटिविटी नजर आई। किसी ने सुंदर फूल बनाए तो किसी ने गणेश जी को साकार रुप दिया। वहीं ‘मेरी संस्कृति, मेरा गौरव’ पर सभी महिलाओं ने भारतीय और सनातन संस्कृति पर अपने-अपने विचार रखें।

अवंती विहार केंद्र की संयोजिका सुदेशना मेने ने बताया कि शनिवार 18 अप्रैल को केंद्र का हल्दी-कुंकू का आयोजित किया गया। जिसमें मंडल उपाध्यक्ष गीता दलाल, केंद्र की वरिष्ठ सदस्या अनिता नलगुंडवार और सड्डू-मोवा केंद्र की संयोजिका शालिनी जोशी विशेष रुप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन और संस्कृत के श्लोक के साथ की गई। जिसके बाद सदस्या लक्ष्मी जिल्हारे ने शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। अनुया तुमबड़े ने चैत्र गौरी के महत्व पर जानकारी दी।
सुदेशना नेने ने बताया कि आज हम सोशल मीडिया से ज्यादा समय व्यतीत करते हैं, ऐसे में हमने फेसबुक और इंस्टाग्राम को दूर रखकर टिशू पेपर क्राफ्ट की एक छोटी सी प्रतियोगिता रखी। जिसमें सभी महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। सभी ने टिशू पेपर से सुंदर सुंदर डिजाइन और क्राफ्ट तैयार किए। मंडल उपाध्यक्ष गीता दलाल ने सुंदर गणेशजी को साकार कर स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं अनुजा बोराडे ने मुखौटा बनाकर द्वितीय और अनघा असवाले ने फ्लावर बनाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। अन्य क्राफ्ट फ्लावर, तितली, बतख, मुखौटा भी काफी सुंदर थे।

सुदेशना ने आगे बताया कि इसी क्रम में हमने ‘मेरी संस्कृति, मेरा गौरव’ का आयोजन किया। जिसमें प्रतिभागियों को दी गई विषय वस्तु के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर अपने विचार रखने थे। इसके लिए सर्वप्रथम टेबल पर कुछ विषय वस्तु जैसे ओम, स्वास्तिक, कमल, दीया, माला, गाय, तुलसी, शुभलाभ, शंख, घंटा लिखकर रखा गया। सभी ने अपने से पर्ची उठाई और उस विषय वस्तु पर होला। छाया ताई भावलकर ने कमल के पुष्प पर अपने विचार रखते हुए कहा कि कमल कीचड़ पर उगता है, कमल हमें यह संदेश देता है कि आसपास का वातारण कितना भी दूषित रहो लेकिन हमें हमेशा कमल की तरह रहना है और लोगों को प्रेरणा देना है। अपने विचार के साथ छाया ताई ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी तरह गाय पर विचार व्यक्त हुए अनुजा बोराडे द्वितीय और अनघा असवले तीसरे स्थान पर रहीं। सभी ने बड़े उत्साह और खुशी के साथ इसमें भाग लिया।

इस अवसर पर सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाना चाहिए। उसके लिए हमारे महाराष्ट्र मंडल की ओर से सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी जानी चाहिए। कार्यक्रम में दिवंगत पार्श्व गायिका आशा भोसले को संगीतमय श्रद्धांजलि दी गई। इस तरह अवंति विहार केंद्र का कार्यक्रम हर्ष और उल्लास से भरे माहौल में संपन्न हुआ। हमेशा की तरह सभी सदस्यों ने हनुमान चालीसा और राम रक्षा का पाठ किया।
कार्यक्रम में संयोजिका सुदेशना मेने, सह संयोजिका जागृति भाकरे, शुभदा चौधरी, पूजा भंडारी, गीता दलाल, अनिता नलगुंडवार, शालिनी जोशी, गीता हाटे, अनुजा बोराडे, भारती कुर्वे, निशा उमाठे, अनुया तुम्बडे, शीला चौधरी, सविता महाजन, भारती देवरनकर, छाया भावलकर, लक्ष्मी जिल्लारे, प्रीति गुर्जर, अनघा असावले, नीतू वोडतिलवार, जयश्री ब्रह्मणकर, आनंदी ब्रह्मणकर, कामिनी भंडारी, मंजू सुतावने और मीना इंगलीकर उपस्थित थीं।
डायटिशन आस्था काले बोली... भीषण गर्मी में समोसा, कचौरी को कहे ना बाबा ना... करें सात्विक भोजन
रायपुर। समोसा, कचौरी, पकौड़े, जलेबी.... की बात हो तो मुंह में पानी आना स्वाभाविक है, लेकिन बेहतर होगा कि भीषण गर्मी के बीच ऐसे ही तले-भुने, गर्म मसाले वाले खाद्य पदार्थों से बचा जाए। फिलहाल मांसाहार के बारे में तो सोचें ही ना। लगातार शरीर से निकल रहे पसीने के बीच गर्म मौसम में ये खाद्य पदार्थ आपके शरीर की गर्मी को और बढ़ा देते हैं। डायटिशन और महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक और योग समिति की समन्वयक आस्था काले ने इस आशय के विचार व्यक्त किए।
आस्था के कहा कि जंक फूड, चिप्स, पिज्जा, बर्गर, कोल्ड डिंक्स (सोडा), कैफ़ीन युक्त पेय पदार्थ से भी जितनी दूरी बनाई जाए, उतना ही बेहतर। उन्होंने कहा कि सुबह सवेरे वर्कआउट, योग या जिम जाने से पहले पर्याप्त पानी जरूर पीयें। यदि आप नींबू पानी-नमक-शहद अथवा छाछ या नारियल पानी पीते हैं, तो भी बेहतर। वर्कआउट के बाद प्रोटीन के रूप में मूंग दाल, सत्तू, मूंग मोठ अंकुरित, दही और फल फायदेमंद है। भोजन में कार्बोहाइड्रेट के रूप में गेंहू-चना रोटी, सब्जी और सलाद से आप सेहतमंद रह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि घर में बने ताजा और पौष्टिक सात्विक आहार से भीषण गर्मी का सामना आसानी से कर सकते हैं। बासी खाना, फ्रिज में रखे भोजन या बाहर होटल- फुटपाथ पर चटपटे खाने से बचें। आस्था ने जोर देकर कहा कि हम घर में रहें या बाहर आफिस- दौरे पर, किसी भी दशा में हम भूखे न रहें। सुबह छह से आठ बजे तक हमारा नाश्ता हो जाए। तेज धूप व लू के थपेड़ों से जूझते हुए आप जहां भी पहुंचते हैं, तो फ्रिज के पानी की मांग कभी न करें। बल्कि कोशिश करें कि पानी सादा हो या मटके का।
बतौर डायटिशियन आस्था ने समझाया कि आमतौर पर महिलाएं पानी पीने में कोताही बरतती हैं। कम से कम गर्मी में पानी पीने में कंजूसी न करें। ग्रीष्मकाल में शरीर में पानी की कमी से हीटस्ट्रोक की आशंका काफी बढ़ जाती है। थकान, चक्कर आना जैसी शिकायतें तो आम होती हैं। ऐसी में आपके शरीर को पर्याप्त पानी मिलना ही चाहिए और इसकी जिम्मेदारी आपकी ही है।
बच्चों- युवाओं के लिए डायट चार्ज:-
सुबह 06:00 सादा पानी, नींबू-नमक पानी
सुबह 08:00 नाश्ता - पोहा, उपमा, दलिया, चीला, दूध-मिश्री-इलायची-सौंफ-बादाम शरबत, शिकंजी, लस्सी
अपरान्ह 11:00 फल- मौसमी फल जैसे आम, खरबूजा, तरबूज, अंगूर, सेव, छाछ पेय पदार्थ
दोपहर 01:00 लंच- दाल, चावल, रोटी, सब्जी, सलाद, दही, छाछ, रायता।
शाम 05:00 शर्बत, फलों की चाट, स्प्राउट्स, भेल, मखाना, चिवड़ा मूंगफली, किशमिश-अंजीर सेंडविच
रात 08:00 डिनर - रोटी, सब्जी, चावल, खिचड़ी, कढ़ी, दलिया
रात 09:30 गुनगुना दूध (गुलकंद)
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के समर कैंप में फन विथ एजुकेशन
- 10 दिवसीय समर कैंप का प्राचार्य मनीष गोवर्घन ने किया शुभारंभ
- रविवार 19 अप्रैल को भी जारी रहेगा समर कैंप, पंजीयन भी होगा

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों के उत्साह दो दोगुना करने शनिवार 18 अप्रैल से 10 दिवसीय समर कैंप का शुभारंभ किया गया। कैंप का शुभारंभर विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन और उपप्राचार्य राहुल वोडितेलवार ने मां सरस्वती की पूजा अर्चना और संत ज्ञानेश्वर महाराज को माल्यार्पण के साथ किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ उनके शारीरिक, मानसिक और चारित्रिक गुणों का सर्वांगीण विकास करना है।

समर कैंप के पहले दिन बच्चों औऱ पालकों में काफी उत्साह देखा गया। वर्तमान समय को देखते हुए कैंप में योग और ध्यान के साथ वैदिक गणित, आर्ट एंड क्राफ्ट, ड्राइंग एंड पेंटिंग, जुंबा डांस, गीत- संगीत, स्पोकन इंग्लिश, स्पोर्ट्स एंड गेम्स और फायरलैस कुकिंग के लिए 40 से अधिक बच्चों ने अपना पंजीयन कराया।

प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने कहा कि संत ज्ञानेश्वर विद्यालय शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार भी पोषित करता है। योग और ध्यान के माध्यम से हम जहां बच्चों को आध्यात्म से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं, वहीं जुंबा, डांस, गीत संगीत, स्पोकन इंग्लिश आज के समय की मांग है। एकल परिवार के बीच रह रहे बच्चों के लिए फायरलैस कुकिंग भी अनिवार्य है। ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चा घर पर अपने खाने के लिए कुछ तैयार कर सके।

स्कूल के उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने कहा कि समर कैंप का आयोजन इसिलए किया जाता है कि बच्चे गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग कर सके। इस समर कैंप में विद्यालय के बच्चों के साथ अन्य स्कूलों और आसपास के स्कूलों के बच्चे भी शामिल हो रहे है। पहले दिन कैंप शुरु होने के पहले सिर्फ 15 बच्चों का पंजीयन था, लेकिन मौके पर ही 25 और बच्चों ने तत्काल पंजीयन कराया। 10 बजे से बाद पहुंचे बहुत से अभिभावकों ने कैंप की जानकारी ली। रविवार 19 अप्रैल को भी कैंप जारी रहेगा।
रोहिणीपुरम केंद्र के हल्दी कुंकू में रोचक खेल का मजा भी
- महाराष्ट्र मंडल के केंद्रों में हो रहे उत्सव में भीषण गर्मी का नहीं दिख रहा कोई असर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के रोहिणीपुरम केंद्र की सभासद मीना विभुते के घर पर चैत्र गौर हल्दी कुंकू का शानदार उत्सव आयोजित किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में पहुंची महिला सभासदों के साथ खेले गए रोचक खेल ने कार्यक्रम में और भी जोश भर दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर बता दिया कि भीषण गर्मी और लू के थपेड़े भी उन्हें उनकी संस्कृति से नहीं डिगा सकते।

ऋतु बहिरट, साधना बहिरट और मीना विभूते की ओर से आयोजित इस उत्सव में सबसे पहले हनुमान चालीसा का सस्वर सामूहिक पाठ किया गया। फिर भक्तिमय वातावरण में सभी ने मां गौरी के भजनों को सस्वर दिया। तत्पश्चात रोचक खेल में ए से जेड तक की पर्ची एक बाउल में डाल गई। इधर सभी सभासदों को अंग्रेजी में अपना पूरा नाम लिखने को कहा गया। तत्पश्चात बाउल को अच्छी तरह हिलाने के बाद जैसे- जैसे ए से जेड तक के अल्फाबेट वाली पर्चियों को एक के बाद एक निकालकर सभी को बताया जाता रहा, वैसे- वैसे सामने बैठे सभासद अपने- अपने नामों में उक्त अल्फाबेट को काटते गए। इस तरह सबसे पहले नाम के पूरे अल्फाबेट कटने पर श्रेया टुल्लू को विजेता घोषित किया गया। उप विजेता अनुभा साडेगांवकर और तीसरे स्थान पर जयश्री गायकवाड़ रहीं।

गीता पुस्तक की 18वीं वृत्ती को कंठस्थ कर चुकीं प्रांजल बल्लाल ने सभी के सामने उसे जोशीले अंदाज में सुनाया। तो न केवल तमाम सभासदों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढाया, बल्कि उन्हें इसके लिए सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का सर्वाधिक रोचक सेगमेंट उखाणे लेने (शायरी के अंदाज में पति का नाम लेना) रहा। जिसमें कई नए और मजेदार उखाणे सुनने को भी मिले। सुस्वाद नाश्ते और व्यंजनों का लुत्फ लेकर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।

इस मौके पर अलका कुलकर्णी, अचला मोहरीकर, चित्रा बल्की, राजश्री वैद्य, अपर्णा जोशी, अनिता लांगे, अपर्णा वराडपाण्डे, रश्मि तणखिवाले, प्राची गनोदवाले, अर्चना कश्यप, सीमा बक्षी, छाया अंजनकर, वीना वंड़लकर, जयश्री गायकवाड़, सोनाली कुलकर्णी, मंगला पुराणकर, शीतल कुंभलकर, रचना ठेंगड़ी, मंगला कुलकर्णी सहित अनेक सभासद उपस्थित रहीं।

आजीविका डबरी और नए तरिया से किसानों व ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा लाभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान” का जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ किया। अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया, आय के जरिया” के तहत प्रदेश में 500 नए तरिया (तालाब) के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इससे जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि और कृषि कार्यों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार होगा। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य किए जाएंगे।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत इस महाअभियान के तहत प्रदेशभर में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 15 अप्रैल 2026 तक 13,000 से अधिक डबरी निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। यह उपलब्धि अभियान की गति और प्रभावशीलता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि जल ही जीवन और विकास का आधार है। ‘मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया’ अभियान के माध्यम से हम गांव-गांव में जल संरक्षण को जन आंदोलन बना रहे हैं। इससे न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आजीविका डबरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, सब्जी उत्पादन और वृक्षारोपण जैसे विविध आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। ग्रामीण स्तर पर इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन, बैनर, ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान तथा क्यूआर कोड के माध्यम से विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी व्यापक प्रचार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए आजीविका डबरी से जुड़े कार्यों में स्व सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। हितग्राही परिवार की महिला सदस्य का नाम नागरिक सूचना पटल में अंकित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की अधिकारिता और भागीदारी मजबूत हो सके।
इसके तहत उन्नत तकनीक आधारित योजना निर्माण और ग्राम सभा की स्वीकृति के आधार पर कार्यों को मंजूरी दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से यह अभियान ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य करेगा। “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया” महाअभियान जशपुर सहित पूरे प्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाते हुए ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभर रहा है।
ध्यान और योग के साथ एसडीवी में 18 अप्रैल से शुरू होगा 10 दिवसीय समर कैंप
श्रीहरि विष्णु के सहस्त्रनामों का किया गया पाठ, आध्यात्मिक समिति ने वरूथिनी एकादशी पर किया पाठ
रायपुर। विष्णु सहस्त्रनाम भगवान विष्णु के 1000 दिव्य नामों का एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है, जो महाभारत के 'अनुशासन पर्व' से लिया गया है। जिसे भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को सुनाया गया था। प्रतिदिन इसके पाठ से मानसिक शांति, समृद्धि और ग्रहों के दोष दूर होते हैं। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा इस वरूथिनी एकादशी पर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया गया।
आध्यात्मिक समिति की समन्वक आस्था काले ने बताया कि बीते वरूथिनी एकादशी पर आनलाइन मोड पर पाठ किया गया। इस बार पाठ वर्षा करंजगांवकर ने करवाया। इस दौरान अलख नंदा, आलोक शेंडे, अंजली खेर, अनुपमा नलगुंडवार, अर्चना जतकर, दीपांजलि भालेराव, धनंजय करंजगांवकर, ज्योत्सना किरवई, ममता त्रिपाठी, मंजूषा मारकले, मेघा कोतवालीवाले, नमिता रादे, प्रणिता नलगुंडवार, संध्या खंगन, संजय मैराल, शुभदा अगस्ती, शुभांगी अबाले, सोनल फडनविश, वर्षा करंजगांवकर शामिल हुए।
काटा चम्मच से उठाए चने और मग में डाले... जिसके ज्यादा वो विजेता
- सड्डू-मोवा केंद्र ने मनाया चैत्रगौरी हल्दी कुंकू
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सभी 17 महिला केंद्रों में अलग-अलग हल्दी कुंकू का आयोजन जारी है। बुधवार 15 अप्रैल को मंडल के सड्डू-मोवा केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की सहसंयोजिका उर्वशी उरगांवकर के निवास पर हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। जिसमें पानी के गिलास में काटा चम्मच से एक मिनट के अंदर चने डालने थे। जिसने ज्यादा चने डाले वह विजेता घोषित किया गया।
केंद्र की संयोजिका शालिनी जोशी ने बताया कि सड्डू-मोवा केंद्र की ओर से 15 अप्रैल को हल्दी कुंकू का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। सभी महिलाओं का स्वागत हल्दी कुंकू लगाकर और वाण देकर दिया गया। इस अवसर पर महिलाओं के लिए एक छोटा को गेम रखा गया था। जिसे महिलाओं ने उत्साह के साथ खेला।

शालिनी जोशी ने बताया कि खेल के लिए पानी के छह डिस्पोजल गिलास लिए गए। जिनमें से एक गिलास के नीचे चैत्र और दूसरे गिलास के नीचे गौरी लिखा था। गिलास को सफल कर एक क्रम से जमा दिया गया। ताकि प्रतिभागी को यह पता न चल सके कि किस गिलास में चैत्र लिखा है और किसमें गौरी। फिर काटा चम्मम की मदद से प्रतिभागियों को काबुली चना उठाकर गिलास में डालना था। पहले क्रम में सभी गिलास में एक-एक चना, फिर दूसरे क्रम में क्रमशः दो-दो चना, फिर तीन-तीन। इसके लिए सभी प्रतिभागियों को एक मिनट का समय दिया गया था। कुछ ने गिराया तो कुछ से सही क्रम में चने डालने में सफलता पाई। फिर चैत्र और गौर लिखे गिलास के चने की गिनती की गई। जिसका चना ज्यादा वो विजेता घोषित किया गया। इस खेल को सभी ने खूब एजाय किया। इसमें प्रथम रंजना देशपांडे, द्वितीय वैदेही राउत और तृतीय स्थान सविता अलोने को मिला। पुरस्कार स्वरूप सभी को पौधे भेंट किए गए।
इस अवसर पर सभी को हल्दी कुंकू कर मोगरे का गजरा, आम्बेदाळ, आम पणा, भेल, लड्डू प्रसाद में दिया गया। नये आए सदस्यों का परिचय के बाद सभी ने हनुमान चालिसा का पाठ कर कार्यक्रम का समापन किया। इस अवसर पर संयोजिका शालिनी जोशी, सहसंयोजिका उर्वशी उरगांवकर, मनीषा हौशंगाबादे, शीतल तलेगांवकर, स्मिता करदले, जयश्री सालम, मंजूषा काळकर, उन्नती शाह, माणिक आचार्य, प्रांजली चरपे ,सविता अलोणे, रंजना देशपांडे, प्रतीभा पट्टेवार, मानसी पट्टेवार, माधवी मोघे, प्राजक्ता अतुलवार, अर्चना भंडारकर और वैदेही राउत उपस्थित थे।
मराठी देवी भजनों ने हल्दी-कुंकू को बनाया यादगार
- रोहिणीपुरम केंद्र के सदस्यों ने किया चालीसा पाठ
रायपुर। मराठी संस्कृति में हल्दी कुंकू का कितना महत्व है इसका पता सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है, कि मराठी महिलाएं हल्दी-कुंकू के आमंत्रण को बिल्कुल भी मिस नहीं करती। किसी के भी घर का बुलावा हो वह जाती जरूर है, क्योंकि महिलाएं इसे सुहाग का प्रतीक मानती है। महाराष्ट्र मंडल के रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने मंगलवार 14 अप्रैल को हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। आयोजन केंद्र की सदस्या माया देशपांडे के निवास पर था।
हल्दी-कुंकू के लिए पहुंची सभी महिलाएं रेड कलर के ड्रेस कोड में नजर आई। सभी ने चैत्र गौर पूजा के बाद हनुमान चालीसा का पाठ किया। फिर शुरू हुआ सुंदर मराठी देवी भजनों का सिलसिला। मराठी देवी भजनों की आयोजन को यादगार बना दिया। ढोलक और मंजीरे की थाप पर महिलाओं ने देवी भक्ति में रमकर भजन किया।
इस अवसर पर मंगला पुराणकर, राजश्री वैद्य, साधना बहिरट, अलका कुळकर्णी, प्राची गणोदवाले, प्रांजल बल्लाल, श्यामल जोशी, चित्रा बल्कि, अपर्णा जोशी, संध्या खंगन, माया देशपांडे, सुनिता वर्मा, वंदना कश्यप, रामप्यारी मिश्रा, शीतल कमाले, जया साहू, शीतल सोनी, रीतु पांडे, कल्पना सोमनाथ, गीता सोनी और प्रांजल उपस्थित थीं।
सुंदर नगर केंद्र की महिलाओं ने मनाया हल्दी-कुंकू... आशा ताई को दी श्रद्धांजलि
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सुंदर नगर महिला केंद्र की महिलाओं ने मंगलवार, 14 अप्रैल को केंद्र की सदस्या मैथिली बक्षी के निवास पर हल्दी कुंकू का आयोजन किया। केंद्र की महिलाओं ने देवी भजन के साथ फिल्मी गीत गाकर उत्सव को एजाय किया। वहीं पार्श्व गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए ‘दो लफ़्ज़ों की है, दिल की कहानी या है मोहब्बत, या है जवानी’ गाया।
कार्यक्रम की शुरूआत में महिलाओं को स्वागत हल्दी कुंकू लगाकर किया गया। फिर महिलाओं ने मिलकर चैत्र गौर की पूजा है। मंगलवार होने के कारण सभी ने हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ किया। फिर सभी ने देवी के भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी। अंत में सभी ने पार्श्व गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए उनके द्वारा गए गीत ‘दो लफ़्ज़ों की है, दिल की कहानी या है मोहब्बत, या है जवानी’ गाया। इस अवसर पर सुरभि गनोदवाले, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, अर्चना दंडवते, मैथिली बक्षी, ओशिन जोशी, सोनम गनोदवाले, सुजाता निंबांनकर, मनीषा मुकादम उपस्थित रहे।
रोहिणीपुरम केंद्र में भी मना हल्दी-कुंकू

मंडल के रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने सदस्या माया देशपांडे के निवास पर हल्दी कुंकू का आयोजन किया। इसमें कंचनगंगा और रोहिणीपुरम केंद्र के उपस्थित सदस्यों द्वारा हनुमान चालीसा पाठ और भजन की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर मंगला पुराणकर, राजश्री वैद्य, साधना बहिरट, अलका कुळकर्णी, प्राची गणोदवाले, प्रांजल बल्लाल, श्यामल जोशी, चित्रा बल्कि, अपर्णा जोशी, संध्या खंगन, माया देशपांडे, सुनिता वर्मा, वंदना कश्यप, रामप्यारी मिश्रा, शीतल कमाले, जया साहू, शीतल सोनी, बीना धनवाद, रीतू पांडे, कल्पना सोमनाथ, गीता सोनी व प्रांजल उपस्थित थे।
डॉ. अंबेडकर का जीवन प्रेरित करता है: काले
"गौर गौर सांजली, गव्हाच्या आंजली... के साथ मनाया हल्दी कुंकू
- डंगनिया केंद्र ने मनाया हल्दी-कुंकू... तंबोला का उठाया लुत्फ
- अंजली काले बनी डंगनिया केंद्र की नई संयोजिका
रायपुर। "गौर गौर सांजली, गव्हाच्या आंजली..... के साथ हल्दी कुंकू लगाकर महिलाएं एक दूसरे को हल्दी-कुंकू की शुभकामनाएं दे रही थी। आम के पत्ते और पारंपरिक खान पैठनी के साथ महिलाओं ने सुंदर चैत्र गौर की सजावट की। कैरी, फल और फूलों की पंखुड़ियों से एक आकर्षक 'चैत्रंगन' रंगोली बनाई। मौका था महाराष्ट्र मंडल के डंगनिया महिला केंद्र द्वारा आयोजित हल्दी-कुंकू का।

महाराष्ट्र मंडल की सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि डंगनिया केंद्र की महिलाओं मंगलवार 14 अप्रैल को हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। इस दौरान केंद्र की सदस्याओं ने फिल्मी गीतों में एक्शन के साथ रील्स बनाए। वहीं 1975 में आई बालीवुड की प्रसिद्ध फिल्म धर्मात्मा का फिरोज खान और हेमामालिनी पर फिल्माया गया रोमांटिक गीत ‘क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर लगती हो..’ के साथ सभी ने एक साथ डांस किया।

नमिता शेष ने बताया कि इस अवसर पर अंजली काले को केंद्र की नई संयोजिका की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं प्रियंका राजपूत, प्रीति रणदिवे, अनुभा जाउलकर और दीपांजलि भालेराव को सहसंयोजिका बनाया गया। इसके बाद सभी ने तंबोला खेला और अंत में मंडल के मेस में निर्मित स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया। इस अवसर पर अनुभा जाउलकर, अंजलि काले, नमिता शेष, माधुरी गिरहे, प्रिया जोगळेकर, रश्मि दलाल, ज्योति डोलस, अनुजा महाणिक, संध्या अनिल कुमार, सौम्या इंगले, सृष्टि दंडवते, अनामिका महाजन, श्रद्धा देशमुख, श्रद्धा मरघड़े, सोनल फडनवीश, दीपांजलि भालेराव, प्रियंका राजपूत, अर्चना कुलकर्णी, श्वेता बक्षी, अपर्णा दबड़गांव, सोनाली पंखराज, शैला गायधानी, जया भावे, सीमा देव, शिल्पा पराडकर उपस्थित थीं।
छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई....तीन गिरफ्तार
रायपुर। नकली दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए रायपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें इंदौर से दवा सप्लाई करने वाले के साथ सारंगढ़ और भाठापारा में मेडिकल दुकान संचालित करने वाले शामिल हैं। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश स्तर पर खेले जा रहे इस खेल की जानकारी तब पहली बार सामने आई, जब गोगांव स्थित एक ट्रांसपोर्ट में नकली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। जांच में पता चला कि ये दवाएं इंदौर से मंगाई गई थीं। इसके बाद ड्रग विभाग की टीम ने सारंगढ़ और भाठापारा के कई मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की।
इस बीच जनवरी के महीने में सारंगढ़ के एक मेडिकल स्टोर संचालक की रायपुर में सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम से एक रेस्टोरेंट में मुलाकात का वीडिया सोशल मीडिया में वायरल हुआ, जिसमें फाइल दिखाने और संदिग्ध व्यवहार के आरोप लगे। इस वाकये के बाद संजय कुमार नेताम को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
जांच में पुष्टि हुई कि आरोपियों द्वारा इंदौर से नकली दवाओं की सप्लाई कराई जा रही थी, जिसे स्थानीय मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से बाजार में खपाया जा रहा था। पुलिस ने इंदौर से दवाओं की सप्लाई कराने वाला रोचक अग्रवाल, सारंगढ़ के मेडिकल स्टोर संचालक खेमराम बानी और भाठापारा के मेडिकल स्टोर संचालक सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
