दिव्य महाराष्ट्र मंडल
महाराष्ट्र मंडल में तान्हा पोळा 11 सितंबर को... मिट्टी और लकड़ी के बैलों की सजावट होगी खास
रायपुर। सावन का महीना त्योहारों और उत्सवों का होता है। ऐसे में महाराष्ट्र मंडल की संस्कृति समिति की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 11 सितंबर को शाम 4.30 बजे से तान्हा पोळा उत्सव का आयोजन किय़ा जा रहा है। इस अवसर पर मिट्टी और लकड़ी के बैल सजाओं स्पर्धा का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें महाराष्ट्र मंडल के सभासदों के अलावा अन्य समाजों और संस्था के लोग भी भाग ले सकते है। प्रतियोगिता सभी प्रतिभागियों के लिए निःशुल्कहै। स्पर्धा में शामिल सबसे अच्छी सवाजट वाले बैलों को आकर्षक पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
संस्कृति समिति की प्रमुख गौरी क्षीरसागर ने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन तीन अलग-अलग आयु वर्गों के लिए होगी। पहला वर्ग तीन साल के बच्चों तक के लिए होगा। दूसरा वर्ग 4 से 9 साल तक के बच्चों के लिए होगा और तीसरा 10 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए है। प्रतियोगिता के लिए बैल की सजावट, प्रसाद, प्रतिभागी के परिधान से लेकर अन्य कई केटेगरी में अंक निर्धारित किए गए हैं। उसी के आधार पर प्रतियोगिता के विजेता, उप विजेता और तीसरे स्थान के प्रतिभागी के नाम घोषित किए जाएंगे।
प्रतियोगिता के लिए इच्छुक प्रतिभागी गौरी क्षीरसागर 9713536407, प्रिया बक्षी 7000955854, समीर टल्लू 9200952502 और यशस्वी दंडवते 9630452889 से संपर्क अपना पंजीयन 7 सितंबर 2026 तक करा सकते है।
स्लम बस्ती के बच्चों के लिए लगी संस्कार क्लासेस
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में स्लम एरिया के बच्चों के लिए संस्कार शाला का आयोजन शनिवार 29 अगस्त को किया गया। जिसमें शिक्षिका शोभा मोहता ने बच्चों से खुलकर बात की, उनका दिनचर्या जाना और उन्हें कई अच्छी बातें भी बताई। वहीं बच्चों को कई रोचक गेम भी खिलाए।
महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की सदस्या शोभा मोहता ने आज संत ज्ञानेश्वर विद्यालय प्रांगण में आसपास के स्लम एरिया के बच्चों को संस्कार शाला में पढ़ाया। उन्होंने बच्चों से खुलकर बात की। बच्चों से उनका दिनचर्या पूछा। इस पर सभी बच्चों ने अपने-अपने तरीके से अपना-अपना अलग-अलग दिनचर्या बताया। जिसके बादा शोभा मोहता ने सबको समझाया कि सुबह उठकर व्यायाम किया करो।
विशाखा तोपखानेवाले ने आगे बताया कि इसके साथ उन्होंने बच्चों को पांच-पांच शब्दों को बच्चों को बुलवाया। जैसे ए फॉर एप्पल, ए फॉर एरोप्लेन। इस तरह अंग्रेजी के एक-एक कैरेक्टर पर पांच-पांच शब्द का उच्चारण करवाया। उन्होंने बच्चों को गिनती सिखाई और पोयम का अभ्यास करवाया। अंत में सभी बच्चों के बीच कई गेम करवाए। जिसमें विजेता बच्चों को प्राइज दिया गया।
जेएनयू के राष्ट्रीय सम्मेलन में महाराष्ट्र मंडल के जाधव पाटिल दंपती के शोधपत्र चयनित
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नीम के पेड़ को राखी बांधकर शिक्षिकाओं ने लिया उसकी रक्षा का संकल्प
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में रक्षाबंधन महोत्सव के अवसर पर शिक्षिकाओं ने स्कूल परिसर पर स्थित नीम के पेड़ को राखी बांधकर उसकी सुरक्षा का संकल्प लेते हुए हरियाली का संदेश दिया।
रक्षाबंधन महोत्सव पर प्री प्राइमरी के बच्चों ने भी पेड़ को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन के महत्व को समझा। प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे द्वारा लड़कों को चॉकलेट एवं लड़कियों को तोहफे के रूप में हेयर बैंड एवं हेयर क्लिप दी गई। इस तरह बच्चों को पेड़ की रक्षा करना भी सिखाया गया। प्राइमरी में भी येलो हाउस इंचार्ज प्रीति तिवारी मैडम ने भी रक्षाबंधन का महत्व बताते हुए श्री कृष्णा द्रोपदी की कथा सुनाई।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में ईद मिलादुन्नबी एवं रक्षाबंधन का भावपूर्ण आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में विशेष प्रार्थना सभा के अंतर्गत ईद मिलादुन्नबी एवं रक्षाबंधन का सुंदर एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हाउस इंचार्ज निदा सुल्तान एवं आशा जैन के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम का संचालन कक्षा 8वीं की प्रगति यादव ने किया। इसके पश्चात कक्षा 11वीं की काव्या रेड्डी ने प्रतिज्ञा दिलाई। कक्षा 12वीं के समर्थ नाथवानी ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर प्रेरणादायक भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन एवं उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।

इसके बाद रक्षाबंधन पर आधारित एक सुंदर नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसमें श्रीकृष्ण और द्रौपदी के पवित्र भाई-बहन के रिश्ते को दर्शाया गया। प्रस्तुति का वाचन कक्षा 12वीं की हिमांशी लोढ़ा ने किया। श्रीकृष्ण की भूमिका कक्षा 8वीं के ओजस तिवारी तथा द्रौपदी की भूमिका कक्षा 12वीं की उमा निर्मलकर ने निभाई। इस प्रस्तुति ने प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि हमारे विभिन्न त्योहार हमें प्रेम, सद्भाव, मानवता और एकता के सूत्र में बांधते हैं।
हरियाली और सहेलियों की मिठास ने सावन उत्सव के उल्लास को किया दोगुना
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में इन दिनों सावन उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंडल के सुंदर नगर केंद्र की महिलाओं ने 25 अगस्त को समता कालोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह में सावन उत्सव धूमधाम के साथ मनाया। सबकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को आनंदमय बना दिया।

केंद्र की संयोजिका स्मिता टेंबे ने बताया कि सावन उत्सव की शुरुआत महिलाओं के शानदार आगमन के साथ हुई। महिलाओं ने हाथों में छाता लेकर रिमझिम फुहारों के बीच दिव्यांग बालिका विकास गृह यानी कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया। महिलाएं एक के पीछे एक बिल्लुक रैंपवाक करते हुए आ रही थीं। फिर महिलाओं का स्वागत हल्दी कुंकू लगाकर और वाण देकर किया गया।

केंद्र की सह संयोजिका यशस्वी दंडवते ने बताया कि महिलाओं ने रैंपवाक करते हुए सुंदर डांस प्रस्तुत किया। जिसमें सुषमा ताई को सावन क्वीन चुना गया। हाथों में छाता लेकर गाना गाने वाले गेम में प्राची शिवनकर और साक्षी जोशी विजयी रही। वहीं सोलह श्रृंगार स्पर्धा में अंकिता किरवई विजेता रहीं। सावन थीम पर छाते से की गई सजावट ने कार्यक्रम को और मनोहारी बना दिया। इस सजावट में संयोजिका स्मिता टेंबे, सहसंयोजिका यशस्वी दंडवते, सुजाता निंबालकर, हार्दिका बोबड़े और अर्चना शिवनकर ने मिलकर किया। महिलाओं ने सावन के सुंदर गीत गाए और नृत्य भी किया। सभी ने खूब धमाल मचाया और जमकर मस्ती भी की। अंत में सभी ने स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया।

सावन की छटा और रिश्तों की मिठास.... कड़ू भात कार्यक्रम में बिखरे उल्लास के रंग
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के चौबे कालोनी महिला केंद्र द्वारा महाराष्ट्र मंडल भवन में ‘कड़ू भात’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सावन और तीज के पूर्व यह कार्यक्रम सभी महिलाओं के लिए आनंदमयी और यादगार रहा।
केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत एक बेहद नवीन और खूबसूरत अंदाज में हुई। जैसे ही सदस्यों का आगमन हुआ, गुलाब की पंखुड़ियों से भरे गुब्बारों को उनके ऊपर फोड़ा गया, जिससे पंखुड़ियों की वर्षा के बीच सभी का मुस्कुराता हुआ स्वागत हुआ। पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार सभी को हल्दी-कुमकुम लगाया गया तथा स्मृति चिह्न के रूप में मेहंदी का कोन और बिंदी का पैकेट भेंट किया गया।
सजावट का मुख्य आकर्षण सावन माह में आने वाले प्रमुख त्योहारों की जीवंत झांकी रही। इस सुंदर और कलात्मक सजावट को पल्लवी मुकादम, मनीषा वरवंडकर, प्राची डोनगांवकर, रंजना काठोटे, अक्षता पंडित, अनुपमा बोधनकर और गौरी क्षीरसागर ने मिलकर साकार किया। कार्यक्रम में धार्मिक और पौराणिक रंग तब घुल गया जब दीपाली, संध्या पांडे, धनश्री पेंडसे, मनीषा वरवंडकर, प्राची डोनगांवकर, संगीता निमोणकर और अनुपमा बोधनकर श्री राधा, कृष्ण और माता पार्वती के सुंदर रूप में सज-धज कर पहुंचीं।

गौरी क्षीरसागर और प्राची डोनगांवकर ने ‘तीज विशेष’ मनोरंजक खेल करवाए। इनमें से एक सिक्कों पर आधारित रोमांचक गेम था, तो दूसरा म्यूजिक और डांस गेम रहा। प्रतियोगियों के शानदार प्रदर्शन के बीच अवंती अग्निहोत्री और वर्षा चौधरी ने गौरी मोकाजदार ने बाजी मारते हुए विजेताओं का खिताब अपने नाम किया।
हरित श्रृंगार में सजी-धजी महिलाओं के बीच सावन की सुंदरता का प्रतिनिधित्व करने के लिए अंजलि को ‘सावन क्वीन’ चुना गया। इसके साथ ही, सौ. मनीषा वरवणकर को महिला सह-प्रमुख के पद पर मनोनीत होने पर सभी सदस्यों द्वारा भावुक और गरिमापूर्ण माहौल में सम्मानित किया गया। केंद्र की नई सदस्य पल्लवी जोशी का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी सदस्यों ने मिलकर लजीज और स्वादिष्ट 'कड़ू भात' के भोजन का आनंद लिया। अपनों के साथ, हंसी-ठहाकों और मीठी यादों के संग यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मनाया गया ओणम उत्सव.... बच्चों ने दी नाट्य प्रस्तुति
रायपुर। प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में ओणम बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। उत्सव का आयोजन हाउस इंचार्ज निदा सुल्तान एवं आशा जैन के मार्गदर्शन में किया गया। उत्सव का सुंदर संचालन 12वीं की छात्रा हिमांशी लोधा ने किया। ओणम के महत्व और उसके पीछे की पौराणिक कथा को विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में बताया गया कि राजा बली एक न्यायप्रिय, उदार और प्रजा-प्रिय राजा थे। उनके राज्य में सभी लोग सुखी और समान थे। उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखकर देवताओं को चिंता हुई। तब भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया और राजा महाबली से तीन पग भूमि मांगी।
महाबली ने अपनी उदारता दिखाते हुए उनकी इच्छा स्वीकार कर ली। वामन देव ने विराट रूप धारण कर पहले पग में पृथ्वी और दूसरे पग में आकाश नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान न बचने पर महाबली ने अपना सिर प्रस्तुत कर दिया। उनकी भक्ति, त्याग और उदारता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे हर वर्ष अपनी प्रजा से मिलने के लिए पृथ्वी पर लौट सकेंगे। इसी खुशी में केरल के लोग ओणम का पर्व मनाते हैं।
इस नाट्य प्रस्तुति में कैरवी 12वीं-सी, ओजस सेन 12वीं-बी, वेदांत साहू और गीतेश 10वीं, दुष्यंत रेगे और शुभम साहू 9वीं, रितिक अग्रवाल और समर्थ नाथवानी 8वीं ने प्रस्तुति दी। नाट्य प्रस्तुति के बाद विद्यार्थियों ने पारंपरिक और मनमोहक ओणम नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य में पावना लस्या छठवीं, अरिधि जैन और लावण्या आठवीं एवं 10वीं की इशिका ने अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया।
आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने ओणम की पौराणिक कथा के साथ-साथ प्रेम, समानता, त्याग, विनम्रता और एकता का संदेश भी दिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति की विविधता को समझने और उसका सम्मान करने का अवसर प्रदान किया। विद्यालय में आयोजित यह ओणम उत्सव ज्ञान, संस्कृति और मनोरंजन का सुंदर संगम रहा तथा सभी के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।
महाराष्ट्र मंडल की बहनों ने सुरक्षा बलों के जवानों को बांधी राखी
- बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में हुई शामिल
रायपुर। भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का संगम मंगलवार को राजधानी के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में देखने को मिला। वहां आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल की बहनों ने भी अपनी सहभागिता निभाई और केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों को राखी बांधी और मुंह मीठा कराया।

महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि अपने सभी सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र मंडल की बहनों ने अपने भाईयों के साथ की देश की रक्षा करने वाले जवानों के हाथों में आज राखियां बांधी। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से यह आयोजन किया गया था। जिसमें हमें भी सहभागिता निभाने का अवसर मिला।

इस अवसर पर इस अवसर पर महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा, आस्था काले, अपर्णा देशमुख, चित्रा बल्की, साधना बहिरट, प्रियंका राजपूत, शालिनी जोशी, प्रीति रणदिवे, अंजली काले, अर्चना जतकर, लक्ष्मी जिल्हारे, मनीषा वरवंडकर, शुभांगी आप्टे, शोभा जोशी, श्यामल जोशी मीना विभुते के साथ मंडल द्वारा संचालित दिव्यांग बालिका विकास गृह की वार्डन रमा नहरगढ़कर, वहां निवासरत कम्लेश्वरी साहू और महालक्ष्मी साहू भी उपस्थित थीं।

विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने भी जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और राष्ट्र तथा समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
अधिक समय नहीं, स्मार्ट स्टडी, नियमित रिवीजन और लेखन की शैली दिलाएगी सफलताः मनीष
रायपुर। राजधानी स्थित वाधवा सेंकडरी स्कूल में 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को परीक्षा के बेहतर तैयारी कराने के उद्देश्य से स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रेरणादायी और मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बच्चों का मार्गदर्शन करने के लिए महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन पहुंचे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा की बेहतर तैयारी, प्रभावी रिवीजन तथा उत्तर लेखन की सही तकनीक से अवगत कराया। वहीं संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने भी बच्चों का मार्गदर्शन किया।
मनीष गोवर्धन ने 11वीं और 12वीं के बच्चों को बताया कि केवल अधिक समय तक पढ़ना ही सफलता का आधार नहीं है, बल्कि स्मार्ट स्टडी, नियमित रिवीजन, विषय की समझ और परीक्षा में उत्तर लिखने की सही शैली भी अपना महत्व रखती है। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा में प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ने, समय के अनुसार उत्तर लिखने तथा अपने ज्ञान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के उपयोगी टिप्स दिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सहज एवं उपयोगी तरीके से समाधान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के साथ-साथ उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना था।
उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार ने विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच बनाए रखने तथा अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रेरणादायी संवाद से विद्यार्थियों में उत्साह एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ। विद्यालय परिवार ने दोनों वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राजगुरु का बलिदान आज भी प्रेरणास्पद: काले
0- महाराष्ट्र मंडल में मनाई गई शहीद राजगुरु जयंती
चौबे कॉलोनी केंद्र की महिलाओं ने निकाली आषाढ़-श्रावण मास वारी
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की चौबे कॉलोनी महिला केंद्र द्वारा आषाढ श्रावण मास वारी की शुरुआत 2 अगस्त से की गई थी। इस रविवार 23 अगस्त को केंद्र की महिलाओं ने वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने वहां श्रीराम के भजन और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया 2 अगस्त को केंद्र की महिलाओं आषाढ श्रावण मास वारी की शुरुआत की और बूढ़ापारा स्थित गणपति मंदिर गए। फिर 9 अगस्त को अंबादेवी मंदिर सती बजार, 16 अगस्त को नरहरेश्वर शिवजी मंदिर टिकरापारा गए थे। 23 अगस्त रविवार को वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर पहुंचे।
इस दौरान रोहिणी नेने, अपर्णा काळेले, सुषमा आपटे, मनीषा वरंवडकर, अक्षता पंडित, अनुपमा बोधनकर, अंजली वैद्य, सुनंदा हिशिकर, संध्या पांडे, उज्वला पुराणिक, अर्चना मुकादम और अवंती अग्निहोत्री उपस्थित थीं।
महाराष्ट्र मंडल भवन, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के साथ महिला केंद्रों में हुआ चालीसा पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की पहल पर शुरु किए गए हनुमान चालीसा पाठ का क्रम इस शनिवार 22 अगस्त को उत्साह के साथ जारी रहा। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभा गृह में बूढ़ापारा, तात्यापारा, वल्लभनगर, अमलीडीह और सिविल लाइन महिला केंद्र द्वारा आयोजित सावन उत्सव की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। वहीं मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों के अलावा सुंदर नगर, न्यू राजेंद्र नगर-कमल विहार और सड्डू मोवा महिला केंद्र में भी उत्साह के साथ पाठ किया गया।

महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारिण सदस्य व आध्यात्म प्रभारी आस्था काले ने बताया कि 22अगस्त को महाराष्ट्र मंडल भवन में आयोजित सावन तीज महोत्सव के दौरान उपस्थित सभी 17 केंद्रों की महिलाएं, मुख्य अतिथि के रुप में पहुंची पद्मश्री फूलबासन यादव सहित अन्य अतिथियों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान मंडल का संत ज्ञानेश्वर सभागृह श्री हनुमान चालीसा से गूंज उठा। इसके साथ मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राइमरी के बच्चों ने शिक्षिका अपर्णा आठले के मार्गदर्शन में पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक सृष्टि दंडवते ने बताया कि इसी तरह सुंदर नगर महिला केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की सदस्या सुरभि गनोदवाले के निवास में एकत्रित होकर पाठ किया। इस दौरान सुरभि गनोदवाले, साक्षी जोशी, सोनम गनोदवाले, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, अर्चना दंडवते सुजाता निबांळकर, अस्मिता कुसरे और मनीषा मुकादम उपस्थित थी।

वहीं दूसरी ओर न्यू राजेंद्र नगर, कमलविहार केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की बैठक आयोजित कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान ज्योति बनकर, सुखदा लाखे, नीलिमा लकपाले, अल्का बापट, सरिता लुलु, मैथिली ठोके और प्रीति गजबे उपस्थित रहीं। सड्डू-मोवा केंद्र की महिलाओं ने सदस्या मंजूषा काळकर के घर मेट्रो ग्रीन जिवतीका पूजन और हल्दी कुंकू का भी आयोजन किया. इस अवसर पर मनीषा होशंगाबादे, उर्वशी उरगांवकर, माधवी मोघे, जया चांदवसकर, दिप्ती मुक्तिबोध, सविता अलोणे, मनीषा देशपांडे, स्नेहा बाकरे, माधुरी बर्वे, संगीता देशपांडे, संपदा देशपांडे, सुमति बांछानी, शालिनी जोशी, मंजूषा काळकर ने सभी को हल्दी कुमकूम कर के पौधों का वाण दिया।
‘सुख धन- दौलत में नहीं, अपनों के साथ सेवा करने में’
महाराष्ट्र मंडल के सावन उत्सव में हुआ भारत दर्शन
0- 12 महिला केंद्रों ने अलग- अलग राज्यों के उत्सव गीतों पर दी शानदार प्रस्तुति
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में शनिवार देर शाम तक आयोजित सावन तीज महोत्सव में संपूर्ण भारत का दर्शन नजर आया। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से लेकर तेलंगाना, ओड़िशा और पंजाब की संस्कृति एक ही मंच पर नजर आई। कार्यक्रम का शुभारंभ तात्यापारा और सिविल लाइन केंद्र की महिलाओं ने सरस्वती वंदना के साथ किया। तीज महोत्सव का आयोजन बूढ़ापारा, तात्यापारा, वल्लभ नगर, अमलीडीह और सिविल लाइन महिला केंद्र की ओर से किया गया।

पद्मश्री फूलबासन बाई ने मुख्य अतिथि की आसंदी से बेहद प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने अपने संवेदनशील संबोधन में शून्य से शुरू हुए जीवन संघर्ष का मार्मिक वर्णन करते हुए पद्मश्री होने, कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपये जीतने और महिला उत्थान के लिए दशकों से किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले व महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने भी विभिन्न केंद्रों की बड़ी संख्या में उपस्थित महिला सभासदों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन किशोरी खंगन व आभार प्रदर्शन गीता दलाल ने किया।

भारत दर्शन कार्यक्रम में चौबे कॉलोनी केंद्र ने दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें दिपाली येऱणे, अनुपमा बोधनकर, गौरी क्षीरसागर, धनश्री पेड़से, रंजना चोपकर, स्वाती डबली और अक्षता पंडित ने प्रस्तुति दी।

वहीं सडडू- मोवा की शालिनी जोशी, मंजूषा कालकर, उर्वशी उरगांवकर और मनीषा होशंगाबादे ने गुजरात थीम पर डांडिया प्रस्तुत किया।

न्यू राजेन्द्र नगर, कमल विहार ने राजस्थान थीम पर प्रस्तुति दी। जिसमें ज्योति बनकर, अल्का बापट, सुखदा लाखे, सरिता लुलु, मंगला मिश्रेकर, मैथिली ठोके, नीलिमा लखपाले और प्रीति गजबे शामिल रही। सुंदर नगर केंद्र से अर्चना शिवणकर, वर्षा राउत और हार्दिका बोबड़े ने हरियाणा नृत्य प्रस्तुत किया।

इसी तरह सरोना केंद्र से मीना परदेशी, विभा पांडे, डा,. शुभांगी पाचघऱे, जयश्री ढेकणे, प्रियंका बोरवणकर, मीना नवरे, रमा धारवाड़कर और सुकेशी ने कश्मीरी परिधान में नृत्य प्रस्तुत किया। शंकर नगर केंद्र की स्मिता कोमजवार, मधुरा भागवत, वैशाली निमजे, लक्ष्मी जिल्हारे और कुदा देवीकर ने पंजाब राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए भांगड़ा कर अपनी प्रस्तुति दी।

रोहणीपुरम केंद्र की ओर से स्मिता बल्की, प्राची जोशी और रितु बहिरट ने संबलपुर (ओडिशा) थीम पर नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालिया बटोरी। डंगनिया केंद्र ने महाराष्ट्र का प्रतिनिधत्तव किया। इस केंद्र से दीपांजली भालेराव, दिव्या पात्रीकर, प्रीति कड़े, अनुभा जाऊलकर, श्रद्धा देशमुख, प्रियंका राजपूत, अर्चना कुलकर्णी, प्रीति रणदिये, अनुजा महाणिक, जया भावे, माधरी गिरहे, शुभांगी रूद्रजवार, माधुरी इंचुलकर, रश्मि डांगे और अंजली कान्हे ने विट्ठल की वारी निकाली।

मंडल के कोटा मंहिला केंद्र की ओर से वैशाली पुरोहित, श्वेता खरे, वर्षा पांडे, साक्षी परमानंद, सोनम मालेवार, संगीता और वर्षा चोपकर ने छत्तीसगढ़ का सुप्रसिद्ध सुआ नृत्य प्रस्तुत किया। देवेंद्र नगर से श्वेता सांयकर, हर्षला भाबरे, साक्षी टोले, नम्रता गांगने, भारती देवरणकर और संगीता कविश्यर ने मध्य प्रदेश का प्रतिनिधत्व करते हुए अपनी प्रस्तुति दी।

वहीं अवंती विहार की महिलाओं ने पंश्चिम बंगाल का प्रतिनिधत्व किया। जिसमें योगिता लाखे, रेणु देशमुख, अंजू फूडे, राजश्री कोलते, नीषा उठाठे, भारती कुर्वे और जयश्री ब्राह्मणकर शामिल रही। अंत में टाटीबंध केंद्र की ओर से मंजूश्री भंडारी, अदिति देशमुख, रेणुका देशमुख, लीना साठे, मनीषा मरजीवी, अंजली देवाड़े, यतीश्री देशपांडे, दीपमाला पडेहे, सारिका कोराट ने केरल राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए बेहतरीन प्रस्तुति दी।
नोवा नेचर वेलफेयर को महाराष्ट्र मंडल ने दिया गौरव अलंकरण सम्मान
0- शोभा मोहता और डॉ. मानसी पत्तेवार महिला सशक्तीकरण व सामाजिक उत्थान के लिए सम्मानित
0- प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ खिलाड़ियों, कई विधाओं के कलाकारों का भी किया गया सम्मान
रायपुर। दो दशकों से वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और मानव- वन्यजीव द्वंद्व को कम करने की दिशा में कार्य कर रही नोवा नेचर वेलफेयर को महाराष्ट्र मंडल के गौरव अलकंरण सम्मान से नवाजा। बता दें कि नोवा नेचर वेलफेयर की टीमें शहर में सर्पों को पकड़ने और उन्हें बिना हानि पहुंचाए जंगलों में छोड़ने का कार्य करतीं हैं।
शिक्षा, व्यवहार परिवर्तन और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में 30 वर्षों से 20 हजार से अधिक छात्रों, शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुकी शोभा मोहता और गर्भ संस्कार, पेरेटिंग कोचिंग के जरिए गर्भवती माता को मार्गदर्शन देने के लिए लेखिका और डॉ. मानसी पत्तेवार को महिला सशक्तीकरण, समाजसेवा के लिए सम्मानित किया गया। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए वर्तिका क्षीरसागर और आय़ुष्मान कालेले सम्मानित किए गए। संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित इस गरिमामय आयोजन में प्रतिभाशाली विद्यार्थी सम्मान, डॉ. अंबेडकर स्मृति अस्पताल की सर्वोत्कृष्ठ नर्स का सम्मान भी अश्लेषम, पुणे के सुप्रसिद्ध नाटक ‘जाणता राजा’ में शामिल होने वाले मंडल के कलाकारों, सभासद पाल्य विद्यार्थियों, खेलकूद व अन्य स्पर्धाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों सहित रविवार को जिन सभासदों का जन्मदिन था, को सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने कहा कि रायपुर जैसे महानगर में अपनी व्यस्त दिनचर्या और कार्यों के बीच समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य महाराष्ट्र मंडल बखूबी कर रहा है। पिछले कुछ समय से जेन-जी, जेन अल्फा जैसे शब्द हमारे जीवन में आए। कुछ दिन पहले दिल्ली में एक प्रदर्शन की रील्स और वीडियो तेजी से वायरल हुए। इसके बाद सभी ने अपना-अपना तर्क किया। आज यहां बड़ी संख्या में युवा मौजूद हैं, आप सोशल प्लेटफार्म में शेयर होने वाले कंटेट की जांच करें, मंथन करें, फिर उस पर कोई निर्णय करें। उन्होंने युवा साथियों से कहा कि हमें खूब ऊंचा उड़ाना है, खूब आगे जाना है। कई बार लगता है कि माता- पिता हमारे मार्ग में बाधा बन रहे है, लेकिन जिस प्रकार पतंग तब तक आसमान में उड़ती है, जब तक वह डोर से बंधी होती है। डोर छूटने के बाद वह जमीन में गिर जाती है। इसी तरह माता-पिता भी हमारे जिंदगी की डोर हैं, आसमान में उड़ना है, तो उनसे जुड़े रहना ही होगा।

विशेष अतिथि की आसंदी से सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेन्द्र लाकपाले ने युवाओं से कहा कि आप नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाएं। आज के जनरेशन की यह बड़ी मांग और जरूरत है। परंतु आपकी सफलता में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से माता- पिता, गुरु, मित्र मंडली की भी बड़ी भूमिका हैं। उन्होंने कहा कि आप अपनी तुलना किसी और से न करें। आप अपनी तुलना स्वयं से करें कि कल आप क्या थे और आज क्या हैं। क्या मैं इससे बेहतर कर सकता हूं, यह भावना हमेशा अपने अंदर होनी चाहिए। धीरे-धीरे आप में परिवर्तन आएगा और आप एक बेहतरीन इंसान बनने की तरफ बढ़ेंगे।

अध्यक्षीय उद्बोधन में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने मंडल की ओर से सन् 1988-89 में शुरू किए गए इस सम्मान समारोह और उसके उद्देश्य की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एक समय पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय ने दीक्षांत समारोह बंद कर दिया था। तब महाराष्ट्र मंडल ने बच्चों के सम्मान की परंपरा शुरू की, जो आज तक जारी है। कार्यक्रम का संचालन मंडल सचिव चेतन दंडवते और सहसचिव अजय पोतदार ने किया। आभार प्रदर्शन कार्यकारिणी सदस्य परितोष डोनगांवकर ने किया।
