दिव्य महाराष्ट्र मंडल
अंतरराज्यीय नाट्य स्पर्धा में रंगभूमि की ‘टीस’को मिला द्वितीय स्थान
- एकल और एकांकी नाटक सहित कुल 10 नाटकों का हुआ मंचन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल रायपुर की सहयोगी ‘रंगभूमि’ के कलाकारों ने अपनी अमिट और अद्भुत नाट्य प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए 31 मई को राजनांदगांव में हुए अंतरराज्यीय नाट्य स्पर्धा में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता का आयोजन भारत रत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में हुआ। रंगभूमि के कलाकार आकाश वरठी और ट्विंकल परमार को सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता और सह अभिनेत्री का अवार्ड भी अपने नाम किया। रंगभूमि की इस सफलता पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते और कार्यकारिणी टीम को शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
नाटक टीस की परिकल्पना करने वाले आचार्य रंजन मोड़क ने बताया कि स्पर्धा में एकल और एकांकी नाटक सहित कुल 10 नाटकों का मंचन हुआ। जिसमें पश्चिम बंगाल, इंदौर, छिंदवाड़ा, रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव के नाट्य समूह ने भाग लिया। समूह नाटक में प्रथम स्थान इंदौर के "गज फुट इंच "को प्राप्त हुआ, द्वितीय स्थान रंगभूमि के नाटक टीस को और तृतीय स्थान पर छिंदवाड़ा नाट्य दल रहा। प्रतियोगिता में निर्णायक के तौर पर संतोष जैन रायपुर, राजकुमार सोनी दुर्ग, शक्ति चटर्जी, भिलाई, मनोज गुप्ता, डोंगरगढ़ और रंजन घोष, कोलकाता उपस्थित थे।
आचार्य मोड़क ने बताया कि नाटक के लेखक लोकेश रंजन है। निर्देशन युवा निर्देशक लोकेश साहू ने किया। नाटक में प्रांजल सिंह राजपूत (बाबूजी), आकाश वरठी (रजत), ट्विंकल परमार (मीना), प्रभात साहू (बलवंत), रंजना ध्रुव (लेखक की पत्नी), अक्षदा मातुरकर (कांता) मंच पर नजर आए। चंचल ध्रुव निर्देशक की भूमिका में रही। वहीं मंच व्यवस्था रिया परमार, ध्वनि और प्रकाश संयोजन नितीश यादव ने संभाल रखी थी।
उर्वी के श्लोक, अभिज्ञा की आवाज, धैर्या की कथा के मुरीद हुए लोग
- महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति के बाल संस्कार शिविर के समापन समारोह में निखर कर दिखी बच्चों की प्रतिभा

रायपुर। शिव तांडव स्तोत्र ‘जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्’ की इन लाइनों को सहजता से बोल पाना बिना अभ्यास के संभव ही नहीं है। लेकिन महाराष्ट्र मंडल के बाल संस्कार शिविर में एक माह तक गुरुजनों के मार्गदर्शन में संस्कृत के श्लोकों का नियमित अभ्यास करने वाली उर्वी चंद्रवंशी ने इन लाइनों को बेहिचक, बिना अटके बोला। वहीं नन्हीं से अभिज्ञा शुक्ला ने अपने धाराप्रवाह संवादों से मंच संचालन किया, तो सभी दर्शक उनकी बेबाक शैली के प्रशंसक बन गए।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि समापन समारोह की शुरुआत उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, सखी निवास प्रभारी नमिता शेष और संध्या खंगन की ओर से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद आरोही अलकरी ने गणेश वंदना पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। शिविर को बच्चों की उम्र के अनुसार तीन वर्गों में विभक्त किया गया था। प्रथम वर्ग के बच्चों ने बिना कुछ देखे संस्कृत के श्लोकों का पाठ किया। उनकी प्रस्तुतियों का संचालन शिविर में शामिल छोटी बच्ची अभिज्ञा शुक्ला ने किया। इसके बाद इस वर्ग के अर्णव कुसरे, आरोही अलकरी, विधिका पंडित, प्रशस्ति आकांत, विशाल काले, वरदा चांदे ने संस्कृत के श्लोंकों का सस्वर पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की सृष्टि दंडवते के अनुसार वर्ग दो के बच्चों ने रामरक्षा स्तोत्र और गीता के 12वें और 15वें अध्याय का पाठ किया। फिर उर्वी चंद्रवंशी ने शिव तांडव स्तोत्र का पूरे जोश के साथ बुलंद आवाज में पाठ किया। वहीं सभी बच्चों ने मिलकर सूर्य नमस्कार कर सभी का मन मोह लिया। अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने शिविर के सफल संचालन के लिए समिति की समन्वयक आस्था काले, प्रमुख सृष्टि दंडवते, आकांक्षा गद्रे, मंजूषा मरकले, चारूशीला देव, संध्या खंगन, मंजूषा वैशंपायन, साक्षी टोले, वर्षा चोपकर, अक्षता पंडित, रीना बाबर, रचना ठेंगड़ी, सुमीता रायजादा, शुचिता देशमुख के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने आगे भी इसी तरह कार्य करने के लिए उन्हें प्रेरित किया।

महाराष्ट्र मंडल शुरू करेगा गुरुकुल
शिविर के साथ कार्यक्रम की सफलता पर आध्यात्मिक समिति के सदस्यों की प्रशंसा करते हुए सचिव चेतन दंडवते ने अभिभावकों को बताया कि महाराष्ट्र मंडल जल्द ही बच्चों के लिए गुरुकुल शुरू करने जा रहा है, ताकि हम अपने बच्चों को अपनी सनातन संस्कृति और संस्कार सौंप सकें।

‘मैं अनिकेत हूं’ के क्लाइमेक्स ने सिम्स सभागार में बैठे दर्शकों को चौंकाया
रायपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर शहर के सिम्स सभागार में रविवार को मंचित हुए हिंदी नाटक मैं अनिकेत हूं ने दर्शकों को भावनाओं, रोमांच और सामाजिक सरोकारों का अनुभव दिया। एक ओर जहां आईपीएल का फाइनल मैच चल रहा था, उस बीच सिम्स आडिटोरियम में लोगों की भीड़ यह साबित कर रही थी, कि बिलासपुर शहर में नाटकों का क्रेज और भविष्य उज्ज्वल है, बशर्ते नाटक सीधे तौर पर रोचक और जनमानस से जुड़ा हो।
आईपीएल के फाइनल मैच होने के बाद भी सिम्स का सभागार रंगकर्मियों, कला प्रेमियों और दर्शकों से खचाखच भरा रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिम्स के अधिष्ठाता डा. रमणेश मूर्ति थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर संजय अग्रवाल ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह विशिष्ट अतिथि के रुप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन जीआई हेल्थ फाउंडेशन बिलासपुर द्वारा किया गया। जबकि संस्कार भारती, श्री हैरिटेज और आल रोटरी क्लब्स आफ बिलासपुर सह आयोजक रहे।

नाटक में अनिकेत की केंद्रीय भूमिका निभाने वाले निर्देशक शशि वरवंडकर ने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया। तेज तर्रार भारद्वाज वकील की भूमिका में चेतन दंडवते ने अपने ओजस्वी संवादों और प्रस्तुति से अमिट छाप छोड़ी। अनिकेत की पत्नी का किरदार डा. अनुराधा दुबे ने मंच पर सशक्त अभियन किया। वहीं धर्मा के किरदार में पहुंचे रविंद्र ठेंगड़ी ने अपने हास्य अभिनय से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। वहीं सावित्री बाई जाधव के रोल में भारती पलसोदकर ने भी अपने अभिनय से सभी का दिल जीत लिया। अंतिम गवाही के रुप में कोर्ट रूम में पहुंचे डा. गजानन ब्रह्मानंद शिरोड़कर यानी आचार्य रंजन मोड़क ने मामले में इतनी गंभीरता ला दी कि दर्शक यह सोचने को मजबूर हो गए कि सामने कठघरे में खड़ा व्यक्ति अनिकेत है या शशिकांत जाधव।
मैं अनिकेत हूं... कोर्ट रूम ड्रामा.. रायगढ़ में ब्लैक आउट, अंधड़ बारिश के बाद आबाद रहा आडिटोरिटम
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की चर्चित और सफल नाट्य प्रस्तुति हिंदी ड्रामा ‘मैं अनिकेत हूं’ ने इस बार अंधड़, बारिश और ब्लैक आउट के बीच रायगढ़ के दर्शकों के दिल में जगह बनाई। 30 मई को रायगढ़ के जिंदल आडिटोरियम में मंचित नाटक मैं अनिकेत हूं ने रायगढ़ के दर्शकों के मन में यह सवाल छोड़ दिया कि आखिर कोर्ट रूम में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा वह व्यक्ति अनिकेत हैं या शशिकांत जाधव....।
शनिवार 30 मई की शाम रायगढ़ शहर के बदलते मौसम के बीच किसी ने यह कल्पना नहीं की थी कि हिंदी ड्रामा मैं अनिकेत हूं को देखने के लिए इतनी बड़ी संख्या में दर्शक आएंगे। तेज आंधी, तूफान और भारी बारिश के बीच करीब 500 दर्शकों की उपस्थिति यह साबित करती रही है रायगढ़ जैसे शहर में भी नाटक को लेकर दर्शकों का रूझान बरकरार है। करीब 80 मिनट के इस नाटक में केंद्रीय पात्र अनिकेत (शशि वरवंडकर) ने प्रारंभ से लेकर अंत तक अपने संवादों को दर्शकों को बांधे रखा। शशि वरवंडकर, जिन्होंने निर्देशन और अभिनय दोनों किया, पूरी प्रस्तुति के केंद्र में रहे। उनकी आंतरिक बेचैनी, आवाज़ का कंपन और आँखों की भाषा नाटक की आत्मा बन गई। चेतन दंडवते (वकील भारद्वाज) ने तर्क और संवादों में गहराई दिखाई, जबकि डॉ. अनुराधा दुबे (मीनाक्षी) ने अपनी सहजता और भावनात्मक नियंत्रण से दृश्य को जीवंत रखा। रविंद्र ठेंगड़ी (धर्मा) ने अपनी सादगी और संतुलित अभिनय से मंच को स्थिरता दी। भारती पलसोदकर के मराठी-हिंदी संवादों ने नाटक में गर्माहट भरी।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ रायगढ़ के एसएसपी शशिमोहन सिंह, विशिष्ट अतिथि एवं रोटरी स्टील सिटी के अस्टिटेंट गवर्नर विजय अग्रवाल, डिस्ट्रिक 3261 के डीएसजी सुशील रामदास अग्रवाल, जिंदल स्कूल के प्राचार्य आरके त्रिवेदी, जिंदल स्टील के ईवीपी संजीप चौहान ने दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ किया। कार्यक्रम के पूर्व दर्शकों को संबोधित करते हुए एसएसपी शशिमोहन सिंह ने कहा कि तेज अंधड़ और बारिश के चलते पूरे शहर की लाइट गुल है, उसके बाद भी इस आडिटोरियम में लोगों की इतनी अधिक उपस्थिति यह बता रही है कि रायगढ़ शहर में रंगमंच और नाटकों के प्रति लोगों का प्रेम अभी भी जिंदा है।

मुख्य अतिथि शशि मोहन सिंह ने जो स्वयं भी एक कलाकार के रूप में कई फ़िल्मों एवं नाटकों में अभिनय कर चुके हैं ने भी अपने संबोधन में सभी को शुभकामनाएं देते हुए ऐसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहन देने के लिए रोटरी स्टील सिटी की भी भूरी-भूरी प्रशंसा की।
कार्यक्रम पश्चात सभी कलाकारों का परिचय दर्शकों से कराया गया। रोटरी क्लब स्टील सिटी ने इस मोके पर सभी कलाकारों को सम्मानित अतिथियों के हाथों से मेमोंटो देकर सम्मानित किया। जिसके पश्चात उपस्थित अतिथियों को भी क्लब द्वारा मैमोंटो प्रदान कर सम्मानित किया कार्यक्रम समाप्ति से पूर्व महाराष्ट्र मित्र मण्डल रायगढ़ व पूर्वांचल भोजपुरी समाज ने भी कलाकारो को सम्मानित किया गया। आभार प्रदर्शन क्लब के अध्यक्ष रोटे कमलेश अग्रवाल ने किया, जिसमे सभी का आभार करते हुए मुख्य रूप से जिंदल स्टील व जिंदल स्कूल का विशेष धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर क्लब की तरफ़ से रोटे डॉ सतीश, संतोष नायर, सतोष टिबरेवाल, प्रीतपाल टुटेजा, जीएस नरेड़ी, दीपक अग्रवाल, संजय तायल, अतुल रतेरिया, पवन अग्रवाल, आकाश पुरसेठ, नरेश अग्रवाल, प्रवीण बंसल, मनोज बंसल, अजय अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, अनिल गर्ग, सुनील गुप्ता, अरविंद गर्ग, गौरव अग्रवाल, महेश अग्रवाल, नवीन जैन, प्रवीण गोयल, संदीप बंसल, संजय अग्रवाल, संजय बेरीवाल, सतीश अग्रवाल, विनय केडिया, विवेक अग्रवाल का भी विशेष सहयोग रहा।
बाल संस्कार शिविर के बच्चे बोले- कैसे बीता एक माह पता ही नहीं चला
- एक माह तक चले शिविर में बच्चों ने किया खूब एजाय
रायपुर। स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां लगने के बाद बच्चों को महाराष्ट्र मंडल की एक माह तक चलने वाली बाल संस्कार शिविर का बेसब्री से इंतजार था, अब एक माह बीत जाने के बाद बच्चे सिर्फ यही कह रहे है कि कैसे पूरा एक महीना बीत गया, पता ही नहीं चला। आनलाइन और आफलाइन दोनों की ही क्लासेस में बच्चों ने बहुत कुछ सीखा और संस्कारों का आत्मसात किया।
बाल संस्कार शिविर में आनलाइन और आफलाइन दोनों क्लास अटेंड करने वाली विट्ठल दास थान्वी और ममता थान्वी की बेटी धैर्या थान्वी ने बताया उनसे पिछले वर्ष भी एक माह क्लास अटेंड किया था। इस वर्ष स्कूल की छुट्टी लगने के साथ कैंप का बेसब्री से इंतजार था। योग और आध्यात्म से जुड़ी एक्टिविटी के साथ माइंड गेम खेलने में ज्यादा मजा आया। रामरक्षा स्तोत्र, हनुमान चालीसा का नियमित अभ्यास काफी अच्छा रहा। मुझे आनलाइन शिविर से ज्यादा मजा आफलाइन शिविर में आया।
नियमित रुप से आनलाइन और आफलाइन संस्कार शिविर ज्वाइन करने वाले डा. भूषण कुलकर्णी और डा. एकता कुलकर्णी के पुत्र अहान भूषण कुलकर्णी ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2025 में भी एक माह का क्लास ज्वाइन किया था। इस वर्ष शिविर का उन्हें इंतजार था। गर्मी की छुट्टियों में हनुमान चालीसा, रोचक कहानियां श्लोक और संस्कार सीखने का मार्गदर्शन गुरुजनों से मिला। यहां हमने अच्छी आदतें, बड़ों का सम्मान करना, समय का महत्व और संस्कारों के बारे में बहुत कुछ सीखा। हमारी गुरु मंजुषा मरकळे ने हमें बहुत प्रेम, धैर्य और स्नेह से मार्गदर्शन किया।
शिविर में शामिल होने वाली महेश यशवंतराव शिरसाळे और कविता महेश शिरसाळे की सात वर्षी पुत्री श्रावणी और तीन वर्षीय पुत्री अवनी शिरसाळे ने कहा कि वे पिछले दो साल से इस कैंप में शामिल हो रहे है। उन्हें राम रक्षा और श्रीमद् भगवत गीता का पाठ सिखाया गया। साथ ही, अलग-अलग भजन भी सिखाए गए। पंचतंत्र की कहानियां सुनाई गईं। फायरलेस कुकिंग काफी अच्छा रहा। शिक्षकों ने हमें प्यार से समझाया और हर दिन कुछ नया सिखाया। इस शिविर में आकर हम दोनों बहनों का आत्मविश्वास बढ़ा और हमें अच्छे मित्र भी मिले। हम आगे भी ऐसे संस्कार शिविर में भाग लेगें।
हेमंत कुमार कुंबलकर और शीतल कुंबलकर की बेटी आरूषि ने अपने कैंप के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि शिविर में कराई गई सभी गतिविधियां मजेदार और ज्ञानवर्धक रही। बात योग और आध्यात्म की हो या खेल की। आफलाइन शिविर में कराए गए खेल और माइंड गेम काफी रोचक थे। मिट्टी की मूर्तियों को आकार देने का कार्य भी मैंने रुचि के साथ किया। आयोजकों और शिक्षिकों का व्यवहार बहुत सहयोगी था। समय का बहुत अच्छा उपयोग हुआ।
कक्षा तीसरी के छात्र आनंद और श्वेता कुसरे के पुत्र अर्नव कुसरे भी शिविर में आकर काफी खुश नजर आए। अर्नव ने कहा कि संस्कार शिविर में हमने इस साल भगवत गीता के श्लोक 12और 15 अध्याय , रोचक कहानियां नए-नए गेम्स, का मजा लिया, मुझे ऑफलाइन और ऑनलाइन क्लास दोनों बहुत अच्छा लगे, बहुत कुछ सीखने मिला, इसी तरह हर साल एक शिविर हो और हम ज्वॉइन करें,नई-नई चीज और सीखें. धन्यवादll
AIIMS से आईएनआई-एसएस 2026 में अदिति को आल इंडिया में मिली पहली रैंक
रायपुर। ऑल इंडिया इन्स्टिटूट आफ मेडिकल साइंस नईदिल्ली द्वारा आयोजित इन्स्टिटूट आफ नेशनल इम्पॉर्टन्स सुपर स्पेशिऐलिटी (INI-SS) एग्जाम पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी में ऑल इंडिया लेवल पर डॉ. अदिति प्रदीप कपले ने पहला रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। डॉ. अदिति महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद दीप्ति कपले और प्रदीप कपले की बेटी है। अदिति अब पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी में सुपर स्पेशियलिटी (DM) की पढ़ाई जोधपुर एम्स से करेगी। अदिति की इस सफलता पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले और कार्यकारिणी ने उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डॉ. अदिति की माता और मंडल की आजीवन सभासद दीप्ति कपले ने बताया कि अदिति वर्तमान में एमडी पीडियाट्रिक है। उसने आगे की पढ़ाई और पल्मोनोलॉजी में विशेषज्ञता के लिए इन्स्टिटूट आफ नेशनल इम्पॉर्टन्स सुपर स्पेशिऐलिटी (INI-SS) एग्जाम फाइट किया था। अदिति ने इसमें ऑल इंडिया लेवल पर पहला रैंक हासिल किया। अभी चार माह पहले उसकी शादी हुई है, अदिति ने अब कपले और पोफळे परिवार को गौरवान्वित कर दिया।
दीप्ति कपले ने आगे बताया कि पल्मोनोलॉजिस्ट (Pulmonologist) फेफड़ों के विशेषज्ञ डॉक्टरों को कहा जाता है। डॉ. अदिति की यह शानदार सफलता उनकी कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट रणनीति का परिणाम है। इस ऐतिहासिक रैंक (AIR 1) के साथ ही वे एम्स जोधपुर से पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी में सुपर स्पेशियलिटी (DM) की पढ़ाई करेंगी। बतादें कि यह चिकित्सा विज्ञान की वह सुपर-स्पेशियलिटी शाखा है जो नवजात शिशुओं, बच्चों और किशोरों के फेफड़ों व श्वसन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज पर केंद्रित है।
महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों, मंडल कार्यालय और सियान गुड़ी में हुआ चालीसा पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओऱ से हर शनिवार होने वाला रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ इस शनिवार भी उल्लास के साथ किया गया। सरोना, चौबे कॉलोनी, अमलीडीह, शंकर नगर महिला केंद्र के साथ मंडल कार्यालय और सियान गुड़ी में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि सरोना केंद्र के वालफोर्ट सफायर सोसायटी में सदस्या सविता रैच के निवास पर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान छोटी बालिका सान्वी संगवई ने हनुमान चालीसा बोलकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर कल्पना राय, सुरेखा पाठक, मनदीप कौर, जयंती मोहंती, जयश्री ढेकणे, शुभा गोवर्धन, मीना नवरे, पुष्पांजली पाणीग्रही, सुप्रिया सिंग, सुसीला पारिथी, अपर्णा भट्ट और सविता रैच उपस्थित थीं।

इसी तरह अमलीडीह केंद्र की महिलाओं ने संत ज्ञानेश्वर स्कूल प्रांगण में चालीसा पाठ किया। इस दौरान मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले विशेष रुप से उपस्थित थीं। पाठ के दौरान अपर्णा देशमुख, प्रेरणा मोरे, प्रेरणा सप्रे, फुलझेले, अर्चना धर्माधिकारी, शोभा सोनाये, अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, प्रिती टोमे व सरिता फडके उपस्थित रहीं। वहीं शंकर नगर केंद्र द्वारा किए गए पाठ में अनुराधा, मंजु, सुधा, आशा, पारु, अल्का, ममता, विनीता व अरुणा उपस्थित थे। इसी तरह चौबे कॉलोनी केंद्र द्वारा हनुमान चालीसा पाठ और सुंदरकांड का पाठ किया गया। जिसमें अपर्णा कालेले, मनीषा वरवंडकर, अक्षता पंडित, सुषमा आप्टे, गौरी क्षीरसागर, प्राची डोनगंवाकर, अवंती अग्निहोत्री, अर्चना मुक़ादम, माधुरी डबली और सुनीता बक्शी उपस्थित थी।

आध्यात्मिक समिति की सृष्टि दंडवते ने बताया कि इसी तरह मंडल कार्यालय में भी मेस स्टाफ ने शनिवार का काम की व्यस्तता के बीच हनुमान चालीसा पाठ किया। इस दौरान सुनीता तांडी, हेमिन साहू, जामबाई यदु, सुधा साहू, नीता खडतकर, गायत्री साहू, रेखा शेंडे उपस्थित थीं। वहीं समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सियान गुड़ी में प्रबंधक मनीष देसाई, डॉ ओसी बिसेन, केके पाठक, लखन लाल साहू ने पाठ किया।

अहिल्याबाई न्याय और संघर्ष का पर्याय... जीवन में आत्मसात करने की जरूरत
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष और कार्यकारिणी का कार्यकाल अब तीन वर्षों का
- विशेष संविधान संशोधन सभा: पहली बार होंगे एक महिला एक पुरुष उपाध्यक्ष
- संविधान संशोधन में अध्यक्ष के न रहने पर सलाहकार समिति समूचे मंडल का कार्यभार संभालते हुए दो माह में कराएगी चुनाव
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में रविवार को हुई विशेष संविधान संशोधन सभा में चुनावी प्रक्रिया में होने वाले अधिक आर्थिक भार को देखते हुए अध्यक्ष और कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन वर्षों का करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया, जो संशोधन पारित होने के बाद से क्रियाशील होगी। इसी तरह 91 वर्षीय महाराष्ट्र मंडल में अब पहली बार दो उपाध्यक्ष बनाए जाएंगे। इनमें एक पद महिला सभासद के लिए होगा तो दूसरा पुरुष के लिए। इनमें से एक उपाध्यक्ष का पद प्रशासनिक और दूसरा सांस्कृतिक कार्यों के लिए उत्तरदायी होगा। विशेष संविधान संशोधन सभा में और भी अनेक नियमों को संशोधित कर सामयिक बनाया गया है, तो वहीं कुछ नए नियम में सुनिश्चित किए गए हैं।

नए संशोधित नियम के अनुसार यदि किसी कारणवश अध्यक्ष का पद रिक्त हो जाए, तो संस्था के उपाध्यक्ष (प्रशासनिक) दो माह की अवधि के लिए अस्थायी अध्यक्ष होंगे। इस अवधि में उन्हें नए सिरे निर्वाचन प्रक्रिया को पूरा करना होगा। बताना जरूरी है कि अस्थायी अध्यक्ष को महाराष्ट्र के नीति निर्धारण का अधिकार नहीं होगा।
विशेष संविधान संशोधन की सभा में एक विशेष सलाहकार समिति बनाने का निर्णय लिया गया। इनमें तीन सदस्य मंडल के पूर्व अध्यक्ष, सचिव व ट्रस्टी (विश्वस्त) होंगे। इनके अलावा महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष ही इस समिति के अध्यक्ष होंगे। सचिव भी सलाहकार समिति में सचिव के पद पर ही होंगे। अध्यक्ष का पद रिक्त होने पर यह समिति महाराष्ट्र मंडल की प्रशासनिक व्यवस्था संभालने और चुनाव कराने के लिए सक्रिय हो जाएगी।

महाराष्ट्र मंडल ने किया 500% ग्रोथ
विशेष संविधान संशोधन सभा के उपरांत सर्व साधारण सभा (एजीएम) हुई। इसमें मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने मंडल की बीते कार्यकाल में हुए सामाजिक कार्यों, सियान गुड़ी के सफल संचालन की जानकारी साझा की। वहीं आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर उन्होंने अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि मंडल ने वर्ष 2010 से लेकर वर्ष 2025 तक करीब 500 प्रतिशत का ग्रोथ किया। उन्होंने मंडल के इस ग्रोथ का श्रेय मंडल की समितियों के सदस्यों और मंडल के स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा कि यही वो दो कड़ी हैं, जो सीधे तौर पर आम जनमानस से जुड़ी है। बैठक के अंत में मंडल के दिवंगत सदस्यों को आदरांजलि अर्पित की गई।
महाराष्ट्र मंडल में हुई नशामुक्ति पर कार्यशाला
- सभासदों ने नशा न करने और लोगों को जागरूक करने की ली शपथ
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय ध्रूमपान दिवस के अवसर पर अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र मंडल नशामुक्ति को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नशे से होने वाले स्वास्थ्गत नुकसान पर चर्चा के साथ इसे रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने की बात सभी ने कही। वहीं इस अवसर पर उपस्थित जनों ने खुद नशा न करने और लोगों को नशा न करने के लिए जागरूक करने की शपथ ली।

महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सियान गुड़ी, दिव्यांग बालिका विकास गृह में शासन द्वारा जारी पत्र के परिपेक्ष्य में नशा मुक्ति कार्यशाला का आयोजन महाराष्ट्र मंडल के मिनी हाल में किया गया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने नशे को उत्तम समाज का सबसे बड़ा शत्रु बताते हुए कहा कि आज आए दिन अखबारों में नशे के बढ़ते कारोबार और उससे नुकसान को हम पढ़ते है। न जाने कितने घर आज इसके कारण बर्बाद हो रहे है। हमें इसे लेकर लोगों को जागरूक करना होगा।

श्याम सुंदर खंगन ने कार्य़शाला को संबोधित करते हुए कहा कि आज राजधानी रायपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में डेंटल क्लीनिक और कैंसर हास्पिटल खुल रहे है। कहीं न कहीं इसका कारण गुटखा खाने वालों की बढ़ती संख्या है। खंगन ने उपस्थित जनों को नशा न करने औऱ लोगों को जागरूक करने की शपथ दिलाई।
सामाजिक संस्था महाराष्ट्र मंडल की एजीएम 31 मई को
बाल संस्कार शिविर में बच्चों के खेल में नजर आया आध्यात्म
- राधा-कृष्ण और त्रिदेव के खेल को लेकर सभी में दिखा उत्साह
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में 1 मई से 30 मई तक चले बाल संस्कार शिविर के अंतिम दिन बच्चों ने आध्यात्म से जुड़े ऐसे खेल खेले कि सभी खेलों में सनातन धर्म का गुणगान हुआ। बच्चों ने खेल को नाम दिया ‘आकाश-धरती और पाताल’, राधा-कृष्ण और त्रिदेव। वहीं बच्चों ने रामायण के पात्रों पर आध्यात्म अंताक्षरी भी खेली।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि 1 मई से शुरु हुए बाल संस्कार शिविर की क्लासेस आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में संचालित की गई। सोमवार से गुरुवार तक आनलाइन क्लासेस और शुक्रवार-शनिवार को आफलाइन क्लासेस संचालित की गई। शनिवार 30 मई को क्लास के अंतिम दिन बच्चों को फ्री हैंड दिया गया था, क्योंकि आज अंतिम दिन बच्चों ने डिसाइड किया कि उन्हें आज शिविर में क्या करना है। बच्चों ने इस दौरान कई रोचक खेल खेले और इन खेलों को नाम भी खुद ही दिया। ‘आकाश-धरती और पाताल’, राधा-कृष्ण और त्रिदेव जैसे नाम दिए।

आस्था काले ने आगे बताया कि शनिवार 30 मई को शिविर का शुभारंभ मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन और संध्या खंगन ने बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत के साथ किया। वहीं सब बच्चों ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया।
आध्यात्मिक समिति की संध्या खंगन ने बताया कि बच्चों ने ‘आकाश-धरती और पाताल’ गेम खेला। जिसमें बच्चों ने इस खेल के साथ योग एक्टिविटी की। शिविर में आई साक्षी टोले बच्चों धरती, आकाश और पाताल बोलती, फिर बच्चे आकाश बोलने पर अपने हाथ ऊपर, पाताल बोलने पर हाथ जमीन पर और धरती बोलने पर कमर में रखते थे। जो क्रम तोड़ देता वह गेम से बाहर हो जाता। इसी तरह राधा-कृष्ण और त्रिदेव वाले खेल में राधा कृष्ण बोलने पर दो बच्चों को जोड़ी बनाना होता, और त्रिदेव बोलने पर तीन बच्चों को। जो नहीं बना पाता वह खेल से बाहर होता गया।

संध्या खंगन ने आगे बताया कि बच्चों ने रामायण के पात्र के नाम पर अंताक्षरी भी खेली। लेकिन नियम थोड़े अलग थे, बच्चों को क्रमशः रामायण के एक पात्र का नाम लेना था, रिपीट करने पर गेम से बाहर। इस तरह बच्चों ने रामायण के कई पात्रों के नाम लिए। जिसे देखकर यह लगा कि बच्चों को रामायण के काफी पात्रों के नाम याद है। वहीं बकरी और शेर के खेल को भी बच्चों ने खूब एजाय किया। अंत में बच्चों को महाराष्ट्र मंडल की ओर से सैंडविच और पना पिलाया गया। आज के शिविर में संध्या खंगन, आस्था काले, अक्षता पंडित और साक्षी टोले उपस्थित थीं।
आज के सावरकर है डॉ. गोडबोले दंपती: काले
0- महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. सुनीता गोडबोले ने कहा- वनवासियों को हम समझें, उन्हें हमारी जरूरत है
मैं अनिकेत हूं’ का आज रायगढ़, कल बिलासपुर में मंचन
शहरी हो या वनवासी, हम सब है भारतवासीः डा. सुनीता गोडबोले
अंतिम पड़ाव की ओर बाल संस्कार शिविर... एक माह में बच्चों ने सीखा बहुत कुछ




अधिक मास पर तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में हुआ श्री विष्णु यज्ञ
रायपुर। पुरुषोत्तम मास भगवान श्रीहरि को समर्पित है। ऐसे में तात्यापारा स्थित श्री हनुमान मंदिर में बड़े जोश के साथ 29 मई से अधिक मास के शुभारंभ के साथ भव्य श्री विष्णु यज्ञ प्रारंभ किया गया। मंदिर समिति के दीपक-कल्पना किरवईवाले और सौरभ-चारूशीला देव इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान बने। विष्णु यज्ञ मंदिर के पुरोहित पंडित संदीप देशपांडे ने संपन्न कराई।
यजमान दंपती ने वैदिक मंत्रों के जाप और शास्त्रों के अनुसार पूरे मन और आत्मा से भगवान विष्णु की पूजा करके यज्ञ शुरू किया। अधिक हीने में भगवान विष्णु की पूजा और यज्ञ करने का खास आध्यात्मिक महत्व है, इसलिए इस त्योहार के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
पंडित संदीप देशपांडे ने मौजूद भक्तों को अधिक मास के महत्व को समझाया और बताया कि विष्णु यज्ञ से इलाके में सुख, समृद्धि और शांति आती है। इस धार्मिक उत्सव के लिए, तात्यापारा इलाके और दूर-दूर से बहुत सारे विष्णु भक्त यज्ञ कुंड के दर्शन करने और पूजा करने के लिए मंदिर आ रहे हैं।
मुख्य यजमान देव और किरवाईवाले परिवार ने सभी भक्तों से इस विष्णु यज्ञ के मौके पर दर्शन और महाप्रसाद का लाभ उठाने की अपील की है। मंदिर ने इस खास अनुष्ठान के लिए महाप्रसाद, भजन और सुंदर सजावट की पूरी तैयारी की है। आज पहले दिन इस विष्णु यज्ञ के शुरू होने के साथ ही, पूरा तात्यापारा हनुमान मंदिर इलाका भक्ति और शुभ रंगों से रंगा गया है।