दिव्य महाराष्ट्र मंडल
*गुदगुदाते हुए जीवन में झांकता हैं 'चूक भूल द्यावी घ्यावी'

बच्चों को मानवीय, नैतिक और मौलिक जिम्मेदारी सीखाना बेहद जरूरीः डा. अरविंद नेरल






गजानन के साथ हरि और हर की वंदना... देवी जोगवा पर झूमीं महिलाएं
- महाराष्ट्र मंडल की महिला केंद्रों ने दी सुंदर मराठी भजनों की प्रस्तुति

रायपुर। अशी चिक मोत्याची माळ, होती ग तीस तोळ्याची ग…. जय जय हे ओंकारा, ओम जय शिव ओंकारा... आज गोकुळात रंग खेळतो हरी, राधिके, जरा जपून जा तुझ्या घरी... जैसे मराठी भजनों के साथ जहां एक ओर महिलाओं ने प्रथम पूज्य गजानन के साथ हरि यानी भगवान विष्णु और हर यानी भोलेनाथ के भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी। वहीं दूसरी ओर देवी की स्तुति कर जोगवा गाया। देवी जोगवा में महिलाएं झूम उठी। मौका था महाराष्ट्र मंडल में आय़ोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में आयोजनों की श्रृंखला में हुए महिला केंद्रों की भजन प्रस्तुति का।

बतादें कि गुरुवार 4 सितंबर को मंडल की डंगनिया, सिविल लाइन, तात्यापारा, बूढ़ापारा, सुंदर नगर, चौबे कालोनी, कोटा और सरोना की महिलाओं ने भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर विशेष रुप से मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले और उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल उपस्थित रहीं।

मंडल उपाध्यक्ष गीता दलाल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरूआत डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने श्री अथर्वशीर्ष के पाठ के साथ की। जिसके बाद केंद्र की महिलाओं ने गणपति वंदना प्रस्तुत किया। कोटा महिला केंद्र की टीम ने ‘अशी चिक मोत्याची माळ, होती ग तीस तोळ्याची ग…. ’, ‘ वाजे मृदुंग टाळ वीणा.. ये रे नाचत गौरी गणा। गणपती बाप्पा मोरया मंगलमूर्ती मोरया।’ भजन गया।

वहीं बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने ‘जय जय हे ओंकारा’ और ‘ओम जय शिव ओंकारा’ की प्रस्तुति दी। गीता दलाल ने बताया कि गणेश, ब्रह्मा, विष्णु और शंकर की प्रस्तुति वाला यह गीत लोकप्रिय आरती 'जय शिव ओमकारा' का मराठी संस्करण है। चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने ‘आज गोकुळात रंग खेळतो हरी’ की प्रस्तुति के साथ श्रीकृष्ण का भजन प्रस्तुत किया।

मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने ‘उधे ग अंबे उधे.... उधे ग अंबे उधे! होऊ दे सर्व दिशी मंगळ, चढवितो रात्रंदिन संबळ’ के साथ जोगवा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मराठी जोगवा देवी को भेंट स्वरूप भिक्षा मांगने की एक परंपरा है, जिसमें भक्त देवी के नाम पर सूखा राशन या अनाज मांगते हैं और यह दान 'जोगता' और 'जोगातीन' के बीच बांटा जाता है। यह देवी की पूजा का एक अंग है और विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान या देवी के विशेष मंगलवार और शुक्रवार को किया जाता है।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में बच्चों ने मनाया शिक्षक दिवस... नृत्य के साथ दी स्पीच
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में गुरुवार, 5 सितंबर को बच्चों ने शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर बच्चों ने प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार और वरिष्ठ शिक्षक अनिल खरे सहित सभी शिक्षकों का सम्मान किया।
कार्यक्रम का संचालन 12वीं कॉमर्स की छात्रा विद्यालय की हेड गर्ल श्रद्धा ईश्वर तथा 12वीं विज्ञान की छात्रा अदिति पांडे ने किया। 12वीं कॉमर्स की छात्रा जानवी ने शिक्षकों को स्लैश पहनकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार तथा मुख्य अतिथि अनिल खरे सर द्वारा द्वीप प्रज्वलन करके किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

कक्षा सातवीं की छात्रा पूर्वी श्रेष्ठ और आरिधि के द्वारा सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया। कक्षा आठवीं की शिवानी स्वरागिनी ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया। समृद्धि मिश्रा ने इंग्लिश में सुंदर स्पीच प्रस्तुत तक खूब तालियां बटोरी। वहीं रागिनी टोंडर और अदिति बाघ ने अप्सरा आली रे... मराठी गीत पर सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी। नौवीं की छात्रा खुशी ने टीचर्स को धन्यवाद देते हुए अपना भाषण प्रस्तुत किया। सुहाना ने बहुत ही सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। कक्षा 11वीं की छात्रा वर्षा परिदा के द्वारा एक बहुत ही सुंदर शिक्षक के ऊपर कविता प्रस्तुत की गई। 11वीं की छात्रा रचना और उमा ने बड़ा ही मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।
आज के कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कक्षा 12वीं के छात्रों द्वारा नृत्य का प्रस्तुतीकरण रहा जिसमें कनक बिसेन, ओंकार, वैभवी, पीयूष ठाकुर, निकिता, जय, पलक, विकास, अक्षत आदि ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन आराधना लाल मैडम के भाषण के साथ हुआ। जिसमें उन्होंने बच्चों को एक अच्छा इंसान बनने का तथा अपने आचार व्यवहार में सहरीद्यता लाने के लिए प्रेरित किया।
‘ऐसी लागी लगन.. मीरा हो गई मगन....’ की प्रस्तुति ने बांधा समा
- महाराष्ट्र मंडळ में आयोजित सुगम संगीत स्पर्धा में सजीं सुर ताल की महफिल

रायपुर। ‘ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई....’, ‘तेरा नाम ही एक सहारा, मेरे गिरधर मदन गोपाला... .’ हे भोलेनाथ तेरी महिमा निराली... की गूंज से महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में सनातन संस्कृति की अनुभूति हुई। मीरा के भजन शुरू होते ही हाल में बैठक श्रोताओं ने कृष्ण की भक्ति में डुबकी लगाई। महाराष्ट्र मंडल में शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में आयोजनों की श्रृंखला में बुधवार 3 सितंबर को कमल ताई शेष स्मृति सुगम संगीत स्पर्धा में यह दृश्य देखने को मिला। यहां राजधानी रायपुर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के साथ दिव्यांग महाविद्यालय माना और इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के छात्रों सहित करीब 17 प्रतिभागियों ने गजल और भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से संगीतप्रेमी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की संयोजक रंजन मोडक ने बताया कि सुगम संगीत स्पर्धा में निर्णायक की भूमिका रमेश पालकर और धर्मेन्द्र सिंहदेव ने बखूबी निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, मंडल के वरिष्ठ आजीवन सभासद विनोद शेष रहे, जिन्होंने अपनी मां की स्मृति में यह संगीतमय प्रतियोगिता करवाई है।
कला एवं सांस्कृतिक समिति की प्रभारी भारती पलसोदकर ने बताया कि प्रतियोगिता में दिव्यांग महाविद्यालय माना, संगीत विवि खैरागढ़, बालाजी विद्या मंदिर, संत ज्ञानेश्वर स्कूल, कमलादेवी संगीत महाविद्यालय सहित कई स्कूलों व कालेजों के बच्चों व युवाओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान विजय शंकर साहू ने प्राप्त किया। उन्होंने प्रतियोगिता के अंत में प्रवेश लिया था। वहीं द्वितीय खुशी श्रीवास्तव और तृतीय स्थान निखिल सोनी ने प्राप्त किया। तीनों विजयी प्रतिभागियों को क्रमशः 1000, 750 और 500 रुपये की नकद पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण पत्र दिया गया। कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति समिति के अजय पोतदार, सुमित मोडक, अंकिता किरवई का विशेष योगदान रहा।

दिव्यांग बच्चियों की प्रस्तुति ने मोहा मन
मंडल के इस आयोजनों में पिछले कुछ सालों से अपनी प्रस्तुति देने आ रहे शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय माना कैंप के बच्चों ने अपने प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। रुक्मन सिदार ने ये ‘ये कौन आ गई दिलरूबा महकी-महकी’ गज़ल की प्रस्तुति दी। जिसके बाद क्रमशः मुन्नी सिन्हा, अमिणा भोई, जिया रानी, टोपलाल साहू और करीना खुंटे ने अपनी प्रस्तुति दी। सभी प्रस्तुतियों के साथ तलबे पर ढोलामणि ने इतनी सुंदर संगत की दी आयोजनों ने ढोलमणि का सम्मान मंडल के इस मंच से किया और उसकी प्रतिभा को नमन किया।
आध्यात्मिक समिति ने एकादशी पर किया विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रत्येक एकादशी पर होने वाला विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ बुधवार 3 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी पर आनलाइन मोड पर प्रातः किया गया। इस अवसर पर राजधानी रायपुर सहित अन्य स्थानों से भी महिलाएं जुड़ी और पाठ किया।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि समिति द्वारा हर एकादशी पर पाठ किया जाता है। हिंदू धर्म में परिवर्तिनी एकादशी बेहद महत्वपूर्ण है। यह हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और उनके वामन रूप की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
आस्था ने आगे बताया कि इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया। पितामह भीष्म द्वारा रचित श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ या श्रवण हमारे कानों को आनंद प्रदान करता है। यह भगवान विष्णु और उनके महान गुणों का गुणगान करता है। यदि लोग इसका पूर्ण जाप न भी कर पाएँ, तो भी " श्री राम राम रामेति " श्लोक का जाप उनके सभी सहस्त्र नामों के जाप के समान माना जाता है।
बच्चों ने जंक फूड से किया तौबा... कहा खाएंगे रोटी और पराठे
राष्ट्रीय पोषण सप्ताहः 1 से 7 सितंबर तो मनाया जा रहा वैश्विक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम
रायपुऱ। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में इन दिनों राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जा रहा है। 1 से 7 सितंबर तक चल रहे इस आयोजनों में असेंबली वाइस बच्चों कों सही और हेल्दी डाइट के बारे में बताया जा रहा है। बतादें कि इस वर्ष ‘बेहतर जीवन के लिए सही भोजन करें’ थीम पर राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जा रहा है।
स्कूल की छत्रपति शिवाजी हाउस की इंचार्ज रेणुका शुक्ला ने बताया कि 2 सितंबर को यलो हाउस की ओर से असेंबली कंडक की गई। प्रथम बहेश्वर ने वर्ल्ड न्यूट्रिशन डे के बारे में सभी को जानकारी दी। हर्षिता मोटवानी, रिद्धिमा आम्बाडारे और अविशा गुप्ता ने बच्चों को हेल्डी डाइट के बारे में बताया। असेंबली में सभी बच्चों ने जंक फूड से तौबा किया और एक स्वर में कहा कि वे अब घर पर मां के हाथों से बने हेल्दी डाइट ही लेंगे।
शिक्षिका रेणुका शुक्ला ने कहा कि ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरी वाला खाना खाने से वज़न बढ़ेगा और चर्बी जमा होगी। संतुलित आहार ज़रूरी है। आहार में अधिक फाइबर स्टार्चयुक्त कार्बोहाइड्रेट - भोजन का कम से कम 1/3 भाग स्टार्चयुक्त कार्बोहाइड्रेट जैसे आलू, रोटी, चावल, अनाज आदि से बना होना चाहिए। प्रचुर मात्रा में फल और सब्जियां - इन्हें सुखाकर, जूस के रूप में या जमे हुए रूप में लिया जा सकता है।
विघ्नहर्ता से मिलने मायके आईं महालक्ष्मी, महाराष्ट्रीयन परिवारों में हुई पूजा

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महाराष्ट्र मंडल में गणेशोत्सव पर सुगम संगीत प्रतियोगिता 3 सितंबर को
महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव में 2 सितंबर की शाम 4 बजे से 'नागरिक संवाद'
- 'राजधानी की सड़कों से कैसे हटाए मवेशी और श्वान' विषय पर कई विशेषज्ञ करेंगे संवाद
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में सातवें दिन मंगलवार, दो सितंबर को शाम चार बजे से छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में नागरिक संवाद का आयोजन किया गया है। महाराष्ट्र मंडल की साहित्य समिति के इस कार्यक्रम में संवाद करने के लिए नगर की जानी- मानी हस्तियां मौजूद रहेंगी।
‘एक मैसेज फावर्ड और सैकड़ों लोग उतर आएंगे सड़कों पर’


क्रेयॉन, ऐक्रेलिक पेंट और स्केचिंग कर बच्चों ने अपने ‘बप्पा’ को किया साकार



‘महालक्ष्मी’ के नृत्य ने खूब बटोरीं तालियां... अदिति के भरतनाट्यम ने किया मंत्रमुग्ध
- शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में मंडल के प्रकल्पों ने दी प्रस्तुति





बाल कलाकारों के ‘भरत-मिलाप’ की प्रस्तुति 5 सितंबर को
महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव: शालेय वाद-विवाद, सुलेख, निबंध व चित्रकला स्पर्धा 1 सितबर को
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के आयोजनों की श्रृंखला में एक सितंबर को दोपहर 12 बजे से स्कूली बच्चों के लिए नगर स्तरीय सुलेख, निबंध, चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई है। युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।

