दिव्य महाराष्ट्र मंडल
सैटरडे एक्टिविटी में संत ज्ञानेश्वर स्कूल ने बच्चों ने की कलरिंग
रायपुर। जहां हम बड़ों के लिए संडे यानी रविवार का दिन मौज मस्ती और मनोरंजन के लिए होता है,वहीं संत ज्ञानेश्वर स्कूल के छोटे बच्चे अपने मनोरंजन और फन के लिए शनिवार को बेसब्री से इंजतार करते है। क्योंकि इस दिन बच्चों को पढ़ाई नहीं फन करने मिलता है। इस शनिवार 20 जुलाई को बच्चों के लिए कलरिंग स्पर्धा कराई गई। जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया और सुंदर सुंदर चित्रों में शानदार रंग भऱे।
स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि शिक्षिका अस्मिता कुसरे भारती सहगल, हार्दिका बोबडे सुरेखा नायक, शिखा गुप्ता ने बच्चों के लिए रंग भरो स्पर्धा का आयोजन किया। जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। नर्सरी से लिसा, चिन्मय, अंकित, लावण्या कक्षा पीपी-1 से आरुष, हंसिका और पीपी-2 से से अभिज्ञा, सोनल ने पेपर पर दिए गए स्कैच पर शानदार रंग भरा। वहीं कक्षा के सभी बच्चों ने स्पर्धा में उत्साह के साथ भाग लिया।
स्पर्धा की निर्णायक शिक्षिका सुदेवी विश्वास ने बताया कि यूं तो बच्चों की प्रतिभा में किसी एक का चयन हर किसी के लिए बड़ा टास्क होता है। यहां भी बच्चों ने एक से बढ़कर रंग भरे। सभी ने अपनी छोटी छोटी कलाईयों में वैक्स कलर लेकर चित्रों में शानदार रंग भरे। सभी के प्रतिभा एक से बढ़कर एक ही थी, इसलिए विजेता का चयन नहीं किया जा सका है। आराम से सभी चित्रों के अध्ययन के बाद विजेता का चयन किया जाएगा।
महाराष्ट्र मंडल में नगर स्तरीय अंताक्षरी स्पर्धा 10 और 11 अगस्त को
अखंडमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः
रायपुर। वैसे तो गुरु की महिमा का वर्णन करना संभव नहीं है, क्योंकि गुरु सूर्य के प्रकाश के समान है और गुरु की महिमा का वर्णन करना सूर्य के समक्ष दीप दिखाने जैसा होगा. गुरु ही हमारे शिक्षा, ज्ञान और जीवन का आधार है। गुरु पूर्णिमा पर महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शनिवार 20 जुलाई को गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों को पुरातन काल से चली आ रही गुरू शिष्य परंपरा के बारे में विस्तृत से बताया गया और आज के परिपेक्ष्य में इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका विनीता सुंदरानी एवं रेणुका शुक्ला ने किया। संगीत शिक्षक अक्षय कुमार ने गुरु वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शिक्षिका अस्मिता कुसरे ने नृत्य प्रस्तुत किया। सुदेवी विश्वास, अस्मिता कुसरे ने गुरु की स्तुति ,अनिता, प्रीति, स्वेता सभी शिक्षकों ने हॉल का डेकोरेशन किया। था। साथ ही सभी कक्षाओं के विद्यार्थी ने संगीत, भाषण, गीत की भी प्रस्तुति दी।
शिक्षिकाओं ने बच्चों को बताया कि सदैव अपने माता-पिता , बुजुर्ग, घर के बड़ों का, सभी गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए। तथा उनके बताए मार्ग पर अग्रसर होना चाहिए। कक्षा नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के बच्चों सप्त ऋषि मुनि का महत्व समझाया गया। विद्यार्थियों ने महर्षि वेदव्यास, द्रोणाचार्य, संत ज्ञानेश्वर महाराज, तुलसीदास ,गुरु नानक साहेब ,कबीर दास, रहीम, ,ऋषि दधीचि आदि का रूप धारण कर इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम में प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बच्चों को सनातन संस्कृति की इस परंपरा के बारे में बताते हुए कहा कि आज भी गुरूओं का जीवन में उतना ही महत्व है, जितना पुरातन काम में हुआ करता था। आज आधुनिकीकरण जरूर हुआ है, लेकिन सही ज्ञान का आधार को गुरु ही है। उप्राचार्य राहुल वोडीतेलवार
महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी की महा आरती में जुटे भक्त
मंडल की पर्यावरण समिति ने माना विमानतल में रोपे पौधे, लिया सुरक्षा का संकल्प
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ की पर्यावरण समिति पौधा रोपण और उसकी सुरक्षा को लेकर लगातार कार्य कर रही है। अपने पौधरोपण की क्रम में शुक्रवार, 19 जुलाई को समिति के सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद विमानतल के टेक्निकल विंग के पास वृहद स्तर पर पौधरोपण किया। समिति के सदस्यों ने नीम, करंज, कचनार, कटहल, अमलताश, गुलमोहर, शिशु के पौधों के साथ 45 ऑक्सीजन देने वाले एवं छायादार पौधे रोपण किया।
पौधरोपण की पश्चात् पर्यावरण समिति के सदस्यों ने पौधों को सुरक्षित रखने, नियमित रूप से पानी देने एवं पूर्ण विकसित करने का संकल्प लिया। पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान प्रमुख रुप से मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल उपस्थित थीं। उन्होंने समिति के सदस्यों को पौधरोपण के फायदे बताते हुए अपने अभियान को और गति प्रदान करने की बात कहीं।
इस अवसर पर प्रमुख रुप से पर्यावरण समिति के समन्वयक अभय भागवतकर, प्रमुख वैभव बर्वे, प्रमुख अनघा करकशे, सह प्रमुख अल्पना देवरणकर, सदस्य चित्रा देशपांडे, सुप्रिया शेष, मनीषा गायकवाड़, शोभना ठाकुर, पल्लवी जोशी, वैशाली पवार, प्रीति राउत एवं अखिलेश जोशी उपस्थित थे।
जुनून हो तो सपने भी साकार होते हैः रीबा... कामनवेल्थ गेम में फेंसिंग स्पर्धा में जीता रजत पदक
0 बेटी के सपने को साकार करने जो बन पड़ा हमने कियाः रीमा
रायपुर। क्राइस्ट चर्च न्यूजीलैंड में कामनवेल्थ गेम्स 2024 में फेसिंग स्पर्धा में उपविजेता भारतीय टीम की अहम् खिलाड़ी रीबा जैकब का अभिनंदन किया गया। संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शुक्रवार को आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रीबा ने कहा कि अपने अंदर के पसंद को पहचानो और उसे पूरा करने के लिए पूरे जुनून के साथ जुट जाओ। सफलता हर हालत में मिलेगी।

रीबा ने छात्राओं से भी कहा कि वे अपने अंदर के सपनों को, टैलेंट को पहचाने और उसे पूरा करने, निखारने के लिए पूरी क्षमता से जुट जाए। उन्होंने कहा कि इस समय वे केरल के साई हास्टल में रहकर फेसिंग की प्रेक्टिस कर रही है और पढ़ाई भी। यहां के सख्त नियम के अंतर्गत हमें मोबाइल फोन-सोशल मीडिया से दूर रखा जाता है। सप्ताह में एक दिन कुछ मिनटों के लिए ही परिजनों से बात करने की अनुमति मिलती है। इससे खेल के प्रति हमारा ध्यान नहीं भटकता और एकाग्रता बढ़ती है।
रीबा की मां रीमा जैकब ने कहा कि मेरे पति बैनी जैकब सुबह इलेक्ट्रीशियन का काम करने जाते है, शाम को लौटते है तो घर चलता है। ऐसे में जब बेटी के फेसिंग को लेकर सपने का पता चला तो पहले तो बैनी बेटी को अमलीडीह स्थित घर से पांच किमी दूर एमजीएम स्कूल में सुबह शाम प्रैक्टिस करने छोड़ने और लेने जाते थे। इससे उनके काम पर और आय पर खासा प्रभाव पड़ रहा था। रीबा कुछ बड़ी हुई तो उन्होंने उसके लिए साइकिल खरीदी। सुबह-शाम अपनी साइकिल से अभ्यास के लिए जाने लगी। लगभग 20 किमी प्रतिदिन साइकिलिंग के बाद मेरी बेटी फेसिंग की प्रैक्टिस कैसे करती होगी मैं यही सोचती रहती। लेकिन उसके जुनून में कभी कोई कमी नहीं आई। नतीजा आपके सामने है।

रीमा ने कहा कि जब कामनवेल्थ गेम्स में बेटी को भेजने की सूचना हमें मिली तो यह भी पता चला कि हमें उसे अपने खर्चे से हजारों किमी दूर भेजना है। जिसका अनुमानित खर्च 4.5 लाख रुपये है। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होने के कारण हमने कई परिचितों से संपर्क किया। सभी ने हा कहा, लेकिन न तो मदद की और न ही दोबारा फोन काल रिसीव किया। किसी तरह उधारी के पैसों की व्यवस्था हो पाई और बेटी ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपने सपनों को साकार किया। रीबा खेलों में जितनी पारंगत है उतनी ही पढ़ाई में भी अव्वल है। इस मौके पर उनके पिता बैनी जैकब ने भी अपने संक्षिप्त संबोधन में बेटी की सफलता में सहयोग करने वाले हर एक शख्स का आभार माना।
दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं से कामनवेल्थ गेम्स का मतलब पूछा। जवाब न मिलने पर उन्होंने बताया कि इसी समय अंग्रेजों के गुलाम रहे देशों के बीच होने वाली खेल स्पर्धा की परंपरा सभी देशों के आजाद होने के बाद भी कायम है। स्थितियां परिस्थितियां, वातावरण तो बदल गए, नहीं बदला तो खेलों के प्रति सहयोगी देशों का रवैया। कामनवेल्थ यानी सामूहिक संपत्ति। जिसे चरितार्थ करते हुए सभी मित्र देश एक जगह एकत्रित होकर खेल का यह पर्व मनाते है। कार्यक्रम में मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, सहसचिव सुकृत गनोदवाले, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उपप्राचार्य राहुल वोडितेलवार सहित शिक्षणगण उपस्थित थे।
तात्यापारा हनुमान मंदिर में 12 घंटे मैराथन चला भजन- कीर्तन


संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में 'हमारा राज्य छत्तीसगढ़' पर कराए गये गेम्स
रायपुर | महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में शिक्षिका शिखा शर्मा ने स्पेशल एक्टिविटी में पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को खेल-खेल में हमारा राज्य छत्तीसगढ़ विषय पर छत्तीसगढ़ के जिलों के नाम, शहर के नाम और उनकी प्रसिद्धि, पर्यटन स्थलों, पवित्र नदियों, प्राचीन मंदिरों के बारे में जानकारी दी। कक्षा के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ इस एक्टिविटी को पूर्ण किया। बच्चों ने भविष्य में भी इसी तरह खेल- खेल में पढ़ने की इच्छा जताई।
पूनम, दीपा, गौरी, लोकेश, गौरव, प्रतिज्ञा, आलिया, शिवांश, लिशीका, सेजल, चंद्रभा, अविनाश, वंदना, हिमाक्षि ने अपनी उल्लेखनीय भागीदारी से इस अनूठे प्रयास को सफल बनाया। शिक्षिका शिखा शर्मा ने बताया कि इस तरह से पढ़ाने पर बच्चों में स्मरण शक्ति बढ़ने के साथ एकाग्रता भी आती है | इस सरल माध्यम से आगे भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
विधानसभाध्यक्ष को पसंद आया सर्व संगठन मंडल का ड्राफ्ट, महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारियों ने डॉ. रमन सिंह से की विस्तृत चर्चा
रोचक खेलों के साथ मनाया गया कांदे नवमी पर्व
0- महाराष्ट्र मंडल के चौबे कॉलोनी केंद्र के साथ भगिनी मंडल का संयुक्त आयोजन
रायपुर। भगिनी मंडल और महाराष्ट्र मंडल चोबे कॉलोनी केंद्र ने विभिन्न रोचक खेलों के साथ कांदे नवमी पर्व का मनोरंजक आयोजन किया। चौबे कॉलोनी स्थित भगिनी मंडल के भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में आषाढी एकादशी पर निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें आकांक्षा गद्रे विजेता और श्रुती बर्वे उप विजेता रहीं। तृतीय स्थान पर पुष्पा गोवर्धन को संतोष करना पड़ा।
प्रतियोगिता की जज शिल्पा वरवंडकर थीं। उपस्थित सदस्यों ने कांदे नवमी के अवसर पर प्याज से बने व्यंजनों का स्वाद लिया। चौबे कॉलोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में डाॅ. नलिनी राजिमवाले, प्रमोदिनी देशमुख, अपर्णा कालेले, चारुशीला देव, प्रीति शेष, कीर्ति हिशीकर, गौरी क्षीरसागर, अर्चना मुकादम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं जूटीं।
निचली बस्ती के बच्चों की शिक्षा में मदद करेगा सिविल लाइन केंद्र
0- महाराष्ट्र मंडल के प्रति शनिवार राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ के आयोजन को नियमित रखने पर जोर
सिविल लाइन केंद्र की संयोजिका शोभा जोशी ने बताया की बच्चों को मदद करने के विषय में अतिशीघ्र रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी। इसके अलावा महाराष्ट्र मंडल के प्रति शनिवार की शाम को राम रक्षा स्तोत्र- हनुमान चालीसा पाठ के नियमित आयोजन में सामान्य श्रद्धालुओं को भी शामिल करने पर सहमति बनी। बैठक में केंद्र की नई सह संयोजिका मीना विभूते का स्वागत किया गया।
बैठक की विशेष आमंत्रित सभासद और महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के मुताबिक बुधवार, 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी के दिन समीपस्थ हनुमान मंदिर में सुबह 10 बजे से हनुमान चालीसा पाठ और रामरक्षा स्तोत्र पाठ करने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर हेमा बर्वे, जयश्री केलकर, सौ. औरंगाबादकर, चित्रा फड़के, शोभा जोशी, मीना विभूते, सुनंदा खानखोजे, मंजिरी गोविलकर, कल्पना पटवर्धन, ऋतिका पटवर्धन, नीता दलाल, प्रीति और शशि प्रमुख रूप से उपस्थित थीं।
कई गतिविधियों से निखरती है प्रतिभा : संत ज्ञानेश्वर विद्यालय
रचनात्मक, अनुशासन, बुद्धि और मानसिक विकास को बढ़ावा देते है : बच्चों की सक्रियता
रायपुर | महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में कक्षा 6 से 12वीं के बच्चों ने आर्ट एंड क्राफ्ट, ड्राइंग एंड पेंटिंग, शतरंज, कैरम खेलने के साथ-साथ सभी में अपना उत्साह दिखाया | सभी एक्टिविटी को उत्साह के साथ पूर्ण किया गया। इस एक्टिविटी के दौरान एक्टिविटी इंचार्ज शिक्षिका वर्षा गिरीभट्ट, सरिता पांडे, प्रतीक्षा महादेवकर, वंदना बीसेन, शिखा सूद, श्रद्धा मते ने बच्चों को मार्गदर्शन देते हुए, एक्टिविटी को सफल बनाया। प्रतिमा, पूर्वी , बिहान , सृष्टि ठाकुर, गार्गी अम्बोरे, लक्ष्मी सारंगपुरे, दीपिका यादव , देव जैन, शिवांश, पुष्कर साहू, ओजस सेन, रुद्राक्ष, रुचि, दिव्या जैन, रूबी मेघा, सुहाना, आराध्या, माही जगत, मिस्टी के साथ-साथ और भी बच्चों ने एक्टिविटी को बहुत ही उत्साह के साथ पूरा किया।
श्रद्धा मैम एवं गीतांजलि मैम ने काग़ज़ के प्रयोग से बच्चों की उंगलियों को मज़बूत करने के साथ उन्हें आकार का भी ज्ञान दिया | बच्चों को एक्टिविटी क्लास में क्राफ्ट पेपर से खरगोश और छतरी बनाना सिखाया जो बच्चों ने बहुत ही आनंदित होकर खेल खेल में कुछ ज्ञान की बातें अर्जित की। सभी बच्चो ने इसमें बढ़ चढ़ भाग लिया |
झुग्गी बस्तियों के बच्चों को संस्कार देने अभियान शुरू करेगा : वल्लभनगर व अमलीडीह केंद्र
0- महाराष्ट्र मंडल में शपथ ग्रहण समारोह के बाद महिला केंद्रों में जबरदस्त उत्साह
महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में हुई बैठक में महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले और सह प्रमुख अपर्णा देशमुख का खूबसूरत पौधे और श्रीफल देकर सम्मान किया गया।
रायपुर। वल्लभनगर और अमलीडीह केंद्र की संत ज्ञानेश्वर स्कूल में हुई सामूहिक मासिक बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें मुख्य रूप से झुग्गी बस्तियों के बच्चों के लिए बाल संस्कार केंद्र शुरू करने का निर्णय लिया गया।
महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि दोनों ही केंद्रों की महिला सभासदों से नए सदस्यों को जोड़ने के संबंध में बातचीत की गई। गोवा थीम पर तैयार होकर आई महिलाओं ने कुर्सी दौड़ का आनंद लिया। इस मौके पर महिला प्रमुख विशाखा व महिला सह प्रमुख अपर्णा देशमुख को एक पेड व नारियल देकर सम्मानित किया गया। सभी सभासद एक स्वर में मिल जुलकर काम करने के लिए सहमत हुए।
बैठक में सुलभा विठालकर, अर्चना जतकर, अपर्णा पेंडसे, नंदा अगस्ती, श्रीमती चाणडोलकर, रोहिणी चिमोटे, शोभा पाटिल, शुभांगी आप्टे, श्रीमती पाध्ये, अल्पना देवरनकर, माधुरी गाडगिल, प्राजक्ता पुसदकर, कांचन पुसदकर, आशा बारेवार, मनीषा सदन, प्रीति केसकर, मंजूषा चिलमवार, मानसी विठालकर, प्रेमा विठालकर, प्रतिमा आगलावे, शोभा ठाडा, अमलीडीह केंद्र से अर्चना धर्माधिकारी, अक्षरा भगाडे, मेघा जोशी, प्रेरणा सप्रे, अर्चना भाकरे, मेघा, संतोषी देवस्थले सहित अनेक सभासद उपस्थित थीं।
राम रक्षा स्त्रोत : हनुमान चालीसा पाठ के लिए उमड़ीं महाराष्ट्र मंडल केंद्रों की महिलाएं
0- संत ज्ञानेवर सभागृह में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह का दिखा असर
महाराष्ट्र मंडल के चौबे कॉलोनी केंद्र की महिलाएं संयोजिका अक्षता पंडित के घर राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ करने के लिए जूटीं।
रायपुर। शपथ ग्रहण समारोह के बाद महाराष्ट्र मंडल के सभी महिला केंद्र प्रति शनिवार शाम को राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ के लिए बेहद उत्साहित हो गए हैं। नतीजा लगभग हर महिला केंद्र में बड़ी संख्या में महिला सभासदों की उपस्थिति में राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ किया गया। अनेक महिला केंद्रों ने तय किया गया है कि एक शनिवार को मंदिर में सामूहिक पाठ किया जाएगा तो उसके अगले शनिवार को किसी न किसी महिला सभासद के घर में। चौबे कॉलोनी केंद्र ने सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक शनिवार को केंद्र कि किसी महिला सदस्य के घर में रामरक्षा स्तोत्र हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह के बाद विभिन्न केंद्रों में हुई बैठकों में और भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो अगले कुछ दिनों में हमें धरातल पर क्रियान्वित होते हुए दिखेंगे।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने बैठक आहूत कर तय किया है कि एक शनिवार को बूढ़ापारा हनुमान मंदिर में केंद्र की समस्त महिलाएं, श्रद्धालुओं के साथ राम रक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी। जबकि अगले शनिवार को अपने केंद्र की किसी एक महिला सदस्य के घर यह क्रम दोहराएंगी। यह अल्टरनेट सिस्टम हर शनिवार को चलता रहेगा। इस बार प्रतिभा नलगुंडवार, अंजलि नलगुंडवार, सविता साठे, ज्योतिष पवार, सौ. घाटगे सहित अनेक सदस्यों ने आठ बार राम रक्षा स्त्रोत व हनुमान चालीसा पाठ किया।

महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के नेतृत्व में अमलीडीह और वल्लभनगर महिला केंद्र की महिलाओं की संयुक्त बैठक आहूत की गई। इसमें कई अहम निर्णय लिए गए। तत्पश्चात राम रक्षा स्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
तात्यापारा केंद्र की महिला सभासदों ने गजानन मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ किया गया। पाठ करने वालों में ज्योति कान्हे, सुरेखा हिशीकर, संगीता टोपे, संध्या खंगन, गायत्री शेष, अलका संत, वर्षा डांगे सहित अनेक महिलाएं शामिल रहीं। कामकाजी महिला वसति गृह व छात्रावास की प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि डंगनिया केंद्र की महिला सभासदों रंजना राजिमवाले, भावना राजिमवाले, अनुभा जाउलकर, ज्योति डोलस, श्रद्धा देशमुख, श्रद्धा मरघड़े, शुभांगी रुद्रजवार, प्रियंका राजपूत, ममता झोलदेव, रश्मि डांगे, सरोजनी पराड़कर, अनामिका महाजन ने अनेक बार हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्त्रोत पाठ किया
महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के अनुसार वल्लभ नगर और अमलीडीह केंद्र की महिला सदस्यों ने पहले संयुक्त बैठक आहुत कर अगले डेढ़ महीने के होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा सुनिश्चित की। उसके बाद महिलाओं ने राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ किया। पाठ करने वालों में वल्लभ नगर केंद्र से सुलभा विठालकर, अर्चना जतकर, अपर्णा पेंडसे, नंदा अगस्ती, सौ. चाणडोलकर, रोहिणी चिमोटे, शोभा पाटिल, शुभांगी आप्टे, श्रीमती पाध्ये, विशाखा तोपखानेवाले, अल्पना देवरनकर, माधुरी गाडगिल, प्राजक्ता पुसदकर, कांचन पुसदकर, आशा बारेवार, मनीषा सदन, प्रीति केसकर, मंजूषा चिलमवार, अपर्णा देशमुख, मानसी विठालकर, प्रेमा विठालकर, प्रतिमा अगलावे, शोभा ठाडा उपस्थित रहीं। अमलीडीह केंद्र से अर्चना धर्माधिकारी, अक्षरा भगाडे, मेघा जोशी, प्रेरणा सप्रे, अर्चना भाकरे, मेघा संतोषी देवस्थले उपस्थित थीं।

सिविल लाइन केंद्र की महिलाएं राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करते हुए।
चौबे कॉलिंग कॉलोनी केंद्र की महिलाओं ने संयोजिका अक्षता पंडित के घर एकत्रित होकर सात बार राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। अक्षता ने बताया कि प्रति शनिवार चौबे कॉलोनी केंद्र की महिलाएं किसी न किसी महिला सदस्य के घर जाकर दो बार राम रक्षा स्तोत्र और सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इस बार पाठ करने वालों में अनुराधा चौधरी, प्रीति शेष, अपर्णा कालेले, मनीषा वरवंडकर, रोहिणी नेने, गौरी क्षीरसागर, अवंति अग्निहोत्री, उज्जवला पुराणिक, अर्चना मुकादम, प्रमोदिनी देशमुख, ज्योति पंडित, माधुरी डबली, सुधा बक्षी, संध्या पांडे, आकांक्षा गद्रे, सोनल बेंद्रे समेत कई महिलाएं शामिल रहीं।
सिविल लाइन केंद्र की बैठक में नई सह संयोजिका मीना विभूते का स्वागत किया गया। इस अवसर पर सभी महिलाओं हेमा बर्वे, जयश्री केलकर औरंगाबादकर, चित्रा फड़के, शोभा जोशी, मीना विभूते, सुनंदा खानखोजे, मंजिरी गोविलकर, कल्पना पटवर्धन, ऋतिका पटवर्धन, नीता दलाल, प्रीति और शशि ताई ने सामूहिक रूप से राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
महाराष्ट्र मंडल के सिविल लाइन महिला केंद्र की बैठक में नई सह संयोजिका का स्वागत
महाराष्ट्र मंडल के अनिल कालेले, चेतन दंडवते, मोहन पवार और एसएस ब्राह्रणकर को राज्यपाल ने किया सम्मानित


महाराष्ट्र मंडल के 16 महिला केंद्रों में रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ शनिवार 13 जुलाई को
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ की आध्यात्मिक समिति की ओर से शुरू की गई रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ का सिलसिला इस शनिवार सभी केंद्रों के समीपस्थ मंदिरों और सदस्यों के घरों पर होगा। बीते शनिवार को महाराष्ट्र मंडल के भव्य शपथ ग्रहण के कारण यह आयोजन चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में किया गया था। इस सप्ताह यह सिलसिला पूर्व की भांति अलग-अलग मंदिरों में होगा।
मंडल के आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि मंडल के भव्य शपथ ग्रहण समारोह के बाद यह नई संयोजिका, सहसंयोजिका और कार्यकारिणी के लिए यह पहला मौका है। इस बार मंडल की सभी 16 महिला केंद्रों की टीम अलग-अलग स्थानों पर रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी। शपथ ग्रहण समारोह में अतिथियों ने भी हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया था।
काले ने आगे बताया कि इस बार मंडल की 16वीं और नई महिला केंद्र मोवा की महिलाएं भी आयोजन का हिस्सा बनेंगी। इसके साथ कुछ केंद्र की महिलाएं अपने सदस्यों के घर पर जाकर रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी। बतादें कि महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने शपथ ग्रहण समारोह के दिन सभी से इस आयोजन में अधिक से अधिक शामिल होने की अपील करते हुए लोगों को पाठ करने के लिए प्रोत्साहित किया था।