दिव्य महाराष्ट्र मंडल
बृहन्न महाराष्ट्र मंडल के सम्मेलन में रायपुर मंडल का सम्मान 25 को
रायपुर। इंदौर में आयोजित बृहन्न महाराष्ट्र मंडल नईदिल्ली के वार्षिक अधिवेशन में रायपुर महाराष्ट्र मंडल को कोरोना संक्रमण काल में किए गए निस्वार्थ सेवाभावी कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विशेष अतिथि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस होंगे।
बृहन्न महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुबोध टोले ने बताया कि यह सम्मेलन पिछले वर्ष ही आयोजित होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं होने के कारण इसे एक साल के लिए स्थगित दिया गया था। इस सम्मेलन में देशभर के बीसियों महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधि शामिल होंगे और विभिन्न विषयों और भावी योजनाओं पर विचार- विमर्श करेंगे।
टोले ने बताया कि वर्ष 2021 में महाराष्ट्र मंडल रायपुर को उनके अनेक निस्वार्थ और नि:शुल्क सेवाभावी कार्यों के लिए सम्मानित करने का निर्णय पहले ही लिया गया था, क्योंकि सघन कोरोना संक्रमण काल के समय सेवा भारती के सहयोग से महाराष्ट्र मंडल ने दो क्वारंटाइन सेंटर शुरू किए और वहां कई हफ्तों तक कोरोना संक्रमितों की सेवा की। इसमें सबसे बड़ी और गौरवान्वित करने वाली बात यह है कि इन केंद्रों में किसी की भी मरीज की मौत नहीं हुई। यही मानव सेवाभाव महाराष्ट्र मंडल रायपुर को अन्य मंडलों के लिए प्रेरणास्रोत बना गया।
महाराष्ट्र मंडल चिकित्सा समिति के प्रभारी अरविंद जोशी ने बताया कि 2021 में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान मंडल ने 20 हजार मास्क जरूरतमंद लोगों के बीच निशुल्क बांटे। करीब तीन महीने तक फुटपाथ में रहने वाले 400 घुमंतू लोगों को निशुल्क भोजन कराया। महाराष्ट्र मंडल के जिन सदस्यों के घरों में कोरोना संक्रमित थे, उन्हें घर-घर पहुंचा कर भोजन दिया और हरसंभव मदद की। जोशी ने बताया कि जिन घरों के मुखिया कोरोना की चपेट में आकर दिवंगत हो गए थे, उन परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से संबल प्रदान करने अभियान चलाया गया। ऑक्सीजन लेवल डाउन वाले कोरोना पीड़ितों को मंडल ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध कराया। इन्हीं तमाम सेवाओं का सुफल महाराष्ट्र मंडल रायपुर का बृहन्न महाराष्ट्र मंडल के इंदौर मंच पर सम्मान है।
मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने बताया कि 25 फरवरी को इंदौर के एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित सम्मेलन में बृहन्न महाराष्ट्र मंडल से सम्मान प्राप्त करने के लिए रायपुर मंडल के तकरीबन 12 प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। साथ ही कोरोना काल के दौरान किए गए मानव सेवा के अनुभवों को अन्य मंडल के साथियों से साझा करेंगे. काले ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान भविष्य में हमें और भी बेहतर मानव सेवा के कार्यों के लिए प्रेरित करेगा।
बुजुर्गों को पहले की तरह रेलयात्रा में मिले छूट: महाराष्ट्र मंडल
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल ने कोरोना संक्रमण काल से पहले बुजुर्ग यात्रियों को ट्रेन के सफर में मिल रही छूट और सुविधाओं को फिर से लागू करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विन कुमार और सांसद सुनील सोनी से की है। मंडल ने बिलासपुर पुणे एक्सप्रेस और हावड़ा- पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस को कोल्हापुर तक चलाने की मांग भी की है।
मंडल के अध्यक्ष अजय काले और सचिव चेतन दंडवते ने प्रेषित पत्र के माध्यम से कहा है कि बिलासपुर- पुणे एक्सप्रेस 12549 और हावड़ा- पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस 12130 को पुणे से बढ़ाकर कोल्हापुर तक चलाया जाए। इससे कोल्हापुर और तुलजापुर जाने वाले छत्तीसगढ़ के हजारों यात्रियों को नई सुविधा मिल सकेगी।
बतादें कि कोल्हापुर और तुलजापुर का यहां के देवी मंदिरों के कारण विशेष महत्व है और हर साल लाखों तीर्थयात्री यहां आते हैं। काले व दंडवते ने पत्र में गोंदिया-कोल्हापुर महाराष्ट्र एक्सप्रेस को भी गोंदिया के बजाय बिलासपुर से शुरू करने की मांग की है। इससे बड़ी संख्या में सोलापुर, कोल्हापुर के रेलयात्री लाभान्वित होंगे।
अपने पत्र में मंडल अध्यक्ष व सचिव ने रेलयात्रा में बुजुर्गों को छूट देने की पुरानी व्यवस्था को दोबारा बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के बढ़े हुए किराए के कारण बुजुर्ग यात्री ट्रेन का सफर नहीं कर पा रहे हैं. साथ ही लाखों बुजुर्ग रेलयात्री तीर्थस्थल नहीं जा पा रहे हैं।
सुखमय गृहस्थ जीवन के लिए परिचितों में ही तलाशे रिश्तेः दंडवते
रायपुर। चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में रविवार 5 फरवरी को मराठी युवक-युवती परिचय सम्मलेन हुआ। इसमें छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा सहित कई राज्यों युवा अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए।
महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित परिचय सम्मेलन में संयोजक चेतन दंडवते ने कहा कि सुखमय गृहस्थ जीवन के लिए अपने आसपास और परिचितों में ही रिश्ता जमाने पर जोर देना चाहिए, क्योंकि इसमें हम वर अथवा वधू पक्ष अच्छी तरह जानते- समझते हैं। ऐसे में किसी भी तरह से धोखाधड़ी या फरेब की आशंका नहीं होती।

उन्होंने कहा कि इसी तरह हमें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से संबंध जोड़ने अथवा दूर-दराज के महानगरों के युवाओं से रिश्ता बनाने के लिए सावधानी एवं परिपक्वता की आवश्यकता होती है। इसमें धोखा खाने की आशंका अधिक होती है। छोटी सी गलती या लापरवाही से हमारे बच्चों का भविष्य संकट में आ सकता है। दंडवते ने कहा कि समाज में बढ़ती असमानता चिंता का विषय है और अगर अभी भी हमने इस दिशा में गंभीरता से विचार नहीं किया तो भविष्य में स्थिति और भी चिंताजनक होगी।
दीप प्रज्ज्वलन के बाद शुरू हुए कार्यक्रम में अध्यक्ष अजय काले ने कहा कि यह आयोजन महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है तो बात संस्कार की होगी ही. परिवार में संस्कार बेहद जरूरी है. संभव हो तो बच्चों की शादी आसपास ही जमाने की कोशिश करनी चाहिए।
सम्मेलन के दौरान करीब 55 युवा अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए। इनमें से करीब छह रिश्ते जमने के कगार पर पहुंच चुके हैं। सम्मेलन में युवाओं का परिचय प्रोजेक्टर के माध्यम से बड़ी स्क्रीन पर किया गया. मंडल में कभी भी परिचय के नाम पर युवकों- युवतियों की नुमाइश मंच पर नहीं की जाती। सम्मेलन के अंत में सह सचिव सुकृत गनोदवाले ने आभार प्रदर्शन किया।
कुछ ही देर में शुरू होगा मराठी युवक- युवती परिचय सम्मेलन
रायपुर। राजधानी रायपुर के चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल मेंआज 5 फरवरी को कुछ ही देर में शुरू होगा मराठी युवक-युवती परिचय सम्मेलन। सम्मलेन में भाग लेने के लिए राजधानी रायपुर सहित आसपास के जिलों और पड़ोसी प्रदेशों को लोगों का आना शुरू हो गया है।
सम्मेलन के संयोजक चेतन दंडवते ने बताया कि सम्मलेन की तैयारी पूरी हो गई है। कुछ ही देर में सम्मेलन शुरू हो जाएगा। दंडवते ने आगे बताया कि तय तिथि 25 जनवरी तक अपेक्षा से अधिक रजिस्ट्रेशन होने के कारण 26 जनवरी से ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई।
मौके पर मराठी युवक-युवतियों की परिचय पुस्तिका 'शुभ मंगल सावधान 2023' का विमोचन भी किया जाएगा। दंडवते के अनुसार परिचय सम्मेलन में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्य के युवा अपने-अपने अभिभावकों के साथ शामिल होंगे। बाहर से आने वालों के लिए महाराष्ट्र मंडल भवन में ही रुकने की व्यवस्था की गई है।
दंडवते ने बताया कि प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी युवक युवितयों का परिचय बड़े स्क्रीन पर कराया जाएगा। उसके बाद ही युवक अथवा युवती के अभिभावक अपनी पसंद के अनुसार शादी को लेकर आगे की प्रक्रिया की ओर बढ़ा सकते हैं।
मराठी युवक-युवती परिचय सम्मेलन की तैयारी जोरों पर
रायपुर। राजधानी के चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में मराठी भाषी युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन 5 फरवरी को किया जाना है। आयोजकों द्वारा तैयारी जोर शोर से की जा रही है। यह प्रदेश का ऐसा इकलौता सम्मेलन है जहां युवक-युवती स्टेज पर अपना परिचय नहीं देते है। युवक य़ुवतियों का परिचय डिजिटल माध्यम से बड़े स्क्रीन पर दिखाया जाता है। जिसके बाद अभिभावक आपस में संपर्क करते है। सम्मेलन में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में समाजजनों ने पंजीयन कराया है।
सम्मेलन में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, गुजरात और दिल्ली के युवा अपने-अपने अभिभावकों के साथ शामिल होंगे। बाहर से आने वाले युवाओं व उनके अभिभावकों के लिए महाराष्ट्र मंडल भवन में ही रुकने की व्यवस्था की गई है।
सम्मेलन के संयोजक चेतन दंडवते ने बताया कि तय तिथि 25 जनवरी तक पंजीयन स्वीकार किया गय़ा। इस अवसर पर मराठी युवक-युवतियों की परिचय पुस्तिका 'शुभ मंगल सावधान 2023' का विमोचन भी किया जाएगा। दंडवते के अनुसार भारती संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
दंडवते ने बताया कि प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी युवक- युवतियों का परिचय बड़े स्क्रीन पर कराया जाएगा। उसके बाद ही युवक अथवा युवती के अभिभावक अपनी पसंद के अनुसार शादी जमाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।
मराठी युवक- युवती परिचय सम्मेलन पांच को
रायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में पांच फरवरी को मराठी भाषी युवक- युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन के संयोजक चेतन दंडवते ने बताया कि तय तिथि 25 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन स्वीकार करने के बाद अब यह प्रक्रिया बंद कर दी गई है। मौके पर मराठी युवक-युवतियों की परिचय पुस्तिका 'शुभ मंगल सावधान 2023' का विमोचन भी किया जाएगा।
दंडवते के अनुसार भारती संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित परिचय सम्मेलन में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, गुजरात और दिल्ली के युवा अपने-अपने अभिभावकों के साथ शामिल होंगे। बाहर से आने वाले युवाओं व उनके अभिभावकों के लिए महाराष्ट्र मंडल भवन में ही रुकने की व्यवस्था की गई है।
दंडवते ने बताया कि प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी युवक- युवतियों का परिचय बड़े स्क्रीन पर कराया जाएगा। उसके बाद ही युवक अथवा युवती के अभिभावक अपनी पसंद के अनुसार शादी जमाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।
महाराष्ट्र मंडल कैबिनेट की बैठक में अहम विषयों पर चर्चा
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार शाम कैबिनेट के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें न केवल जनवरी में हुए कार्यक्रमों की सविस्तार जानकारी दी गई, बल्कि फरवरी में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने जनवरी में हुए कार्यक्रम 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें?, मकर संक्रांति हल्दी कुंकू, भोगी, गणतंत्र दिवस एवं विभिन्न महापुरुषों की जयंती एवं पुण्यतिथि के अवसर पर हुए कार्यक्रमों की विस्तृत से जानकारी दी।
उन्होंने मंडल के अंतिम चरण पर पहुंच चुके निर्माण कार्य के संदर्भ में मराठी भाषी सदस्यों से दान अथवा लोन लेने की अपील कैबिनेट सदस्यों से की और मंडल के ऐसे सदस्यों तक पहुंचने पर जोर दिया, जिन्होंने उम्मीद जताई की गुडीपाड़वा तक महाराष्ट्र मंडल के निर्माणाधीन भवन को शुरू करने का लक्ष्य पूरा होगा।

उन्होंने इस कार्यक्रम में बतौर कार्यकर्ता जो कैबिनेट सदस्य शामिल होना चाहते हैं, वह कृपया अपना नाम अतिशीघ्र उपलब्ध कराने को कहा। इसके अलावा दंडवते ने बताया कि 11 फरवरी को अमलीडीह और सिविल लाइन महिला केंद्र का संयुक्त कार्यक्रम चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में होगा। अतिशीघ्र इस कार्यक्रम की रूपरेखा मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले सभी से साझा करेंगी।
साथ ही 18 फरवरी को आयोजित लघु महारुद्र की तैयारियों की भी उन्होंने जानकारी दी और बताया कि अब तक 47 जोड़ों ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपना पंजीयन करा लिया है। 60 जोड़ों के पंजीयन के साथ ही आने वाले अन्य भक्तों की एंट्री बंद कर दी जाएगी।
दंडवते ने बताया कि 19 फरवरी को शिवाजी महाराज की जयंती पर मराठा समाज के भव्य आयोजन में महाराष्ट्र मंडल की भागीदारी भी उल्लेखनीय होगी। इसके लिए मंडल की सभी समितियों के सदस्य 19 फरवरी को सुबह निकाली जाने वाली बाइक रैली में शामिल होंगे। रैली में शामिल होने के लिए सभी सदस्यों को महाराष्ट्र मंडल में ही साफा उपलब्ध कराया जाए और रैली के निर्धारित समय से पहले सभी सदस्य टिकरापारा स्थित शिवाजी चौक पर पहुंच जाएं। इसी तरह दोपहर को निकाले जाने वाली शोभायात्रा और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी महाराष्ट्र मंडल के सदस्यों की बेहतर भागीदारी अपेक्षित है।
अजय काले के साथ चेतन दंडवते ने बताया कि 24, 25, 26 फरवरी को इंदौर में आयोजित बृहन्न महाराष्ट्र मंडल के सम्मेलन में रायपुर महाराष्ट्र मंडल की भी गौरवशाली उपस्थिति होगी, क्योंकि इस सम्मेलन में कोरोना काल में किए गए सेवाभावी कार्यों के लिए महाराष्ट्र मंडल रायपुर का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने इस आयोजन में अधिक से अधिक सदस्यों से शामिल होने की अपील की।
मंडल के सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने 'दिव्य महाराष्ट्र मंडल' नामक न्यूज़ पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि यह न्यूज़ चैनल प्रारंभिक तौर पर शुरू हो चुका है। इसमें अधिकाधिक जानकारियां एवं सूचनाएं देने की प्रक्रिया और तेज की जाएगी और महाराष्ट्र मंडल का न्यूज़ पोर्टल अतिशीघ्र अपने पूर्ण स्वरूप साथ के सबके सामने होगा। ठेंगड़ी ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल के न्यूज़ पोर्टल को अधिक समृद्ध और पठनीय बनाने के लिए सभी समितियों और प्रकल्पों के प्रभारियों, पदाधिकारियों को सतत प्रयत्नशील रहना होगा और सहयोग की भावना के साथ कंटेंट और फोटो उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने यही अपेक्षा संत ज्ञानेश्वर स्कूल के स्टाफ से भी की। महाराष्ट्र मंडल के कुणाल दत्त मिश्रा ने लैपटॉप पर दिव्य महाराष्ट्र मंडल न्यूज़ पोर्टल की जानकारी दी।
बैठक में सह सचिव गीता दलाल व सुकृत गनोदवाले, महिला प्रमुख विशाखा तोपखाने, कार्यकारिणी सदस्य दीपक किरवईवाले, आस्था काले, नमिता शेष, भागीरथी कालेले, अपर्णा देशमुख, अनिल कालेले, रामदास जोगलेकर, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवईवाले, प्रिया बख्शी, गौरी क्षीरसागर, रंजन मोडक, हेमंत मार्डीकर, प्रेम उपवंशी, विनोद राखुंडे, प्रमोद बोरवणकर, जयश्री ढेकणे, डा। कमल वर्मा, पल्लवी मुकादम, नवीन देशमुख, सुधीर जाउलकर, साक्षी टोले, प्रगति ओगले, स्मिता टेंबे, अर्चना शिवणकर, हार्दिक बोबड़े, अराधना शेष, अक्षता पंडित, स्वाति डबली, सुषमा काले, प्रियंका बोरवणकर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन दीपक किरवईवाले ने किया।
स्वच्छ छवि और सादगीपूर्ण जीवन के पर्याय थे शास्त्री
रायपुर। भारतीय राजनीति में साफ-सुथरी छवि और सादगीपूर्ण जीवन के पर्याय माने जाते हैं लाल बहादुर शास्त्री। आजादी से पहले शास्त्री जी स्वतंत्रता आंदोलन को लेकर जितनी सक्रिय और संवेदनशील थे, आजादी के बाद भी उनकी जीवनशैली बिल्कुल वैसी ही रही। इस आशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ सदस्य और महाराष्ट्र नाट्य मंडल के निर्देशक अनिल कालेले ने कही। महाराष्ट्र मंडल में बुधवार की शाम पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि मनाई गई।
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इस अवसर पर कालेले ने कहा कि भारत देश के स्वतंत्रता संग्राम में लाल बहादुर शास्त्री के संघर्ष और सहयोग को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने देश की आजादी के लिए नौ बार जेल की यात्रा की और अपने सत्य और साफगोई की राह पर हमेशा डटे रहे। प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद जब उन्हें नौ जून 1964 को प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला, तो उन्होंने भारत देश में हरित व श्वेत क्रांति का दौर शुरू किया। इस बीच पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में उन्होंने पाकिस्तान को करारी शिकस्त देने में अहम नीतिगत भूमिका निभाई।
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अध्यक्ष अजय काले ने कहा कि पाकिस्तान के साथ युद्धविराम की घोषण के लिए 11 जनवरी 1966 को ताशकंद पहुंचे लाल बहादुर शास्त्री की वहीं रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। शास्त्री जी इतने भावुक थे कि एक रेल हादसे के बाद वे इतने व्यथित हुए कि अपने रेल मंत्री के पद से उन्होंने त्यागपत्र दे दिया और दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की।
इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले, उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन, सचिव चेतन दंडवते, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, मेस प्रभारी दीपक किरवईवाले, स्वास्थ्य सेवा प्रभारी अरविंद जोशी, पर्यावरण समिति के प्रभारी अभय भागवतकर, सह प्रभारी वैभव बर्वे सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
महाराष्ट्र मंडल में हुई छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती की गई। इसमें बड़ी संख्या में महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारियों, सदस्यों सहित मराठा समाज के लोगों ने अपनी जोशीली उपस्थिति दर्ज की।
इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ सदस्य और महाराष्ट्र नाट्य मंडल के निर्देशक अनिल कालेले ने कहा कि शाह जी और जीजा बाई के सुपुत्र शिवाजी महाराज ने देश को विदेशी और आततायी राज्य सत्ता से स्वाधीन कराकर सारे भारत में एक सार्वभौम स्वंतत्र शासन स्थापित करने का एक प्रयास किया। छत्रपति शिवाजी महाराज को महाराणा प्रताप की तरह राष्ट्रीयता का जीवंत प्रतीक व परिचायक माना जाता है।
मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि शिवाजी महाराज पर मुस्लिम विरोधी होने का दोष असत्य है क्योंकि उनकी सेना में ही अनेक मुस्लिम सरदार और सुबेदार थे। असल में शिवाजी महाराज का संघर्ष कट्टर और उद्दंड शासकों के खिलाफ था, जिन्हें औरंगजेब जैसों अत्याचारी मुगल हमलावरों ने अपनी छत्रछाया में पाल रखा था।
मराठा युवा समाज के अध्यक्ष लोकेश पवार ने इस मौके पर 19 फरवरी को शिवाजी महाराज जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि सुबह आठ बजे संतोषी नगर स्थित शिवाजी महाराज चौक से बाइक रैली निकाली जाएगी और तात्यापारा चौक पर छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा के सामने महाआरती की जाएगी। इसी तरह दोपहर को बूढ़ापारा स्टेडियम से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और यहीं आकर इसका समापन होगा। तत्पश्चात रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैलून के मनोरंजक खेलों से सजा महाराष्ट्र मंडल का भोगी
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में मकर संक्रांति के अवसर पर भोगी का मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के संयोजक सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने बताया कि इस मौके पर सचिव चेतन दंडवते ने मकर संक्रांति पर्व और भोगी के बारे में आध्यात्मिक जानकारी दी। अध्यक्ष अजय काले ने मुख्य अतिथि जीएस उरकुरकर के साथ मां सरस्वती की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
काले ने अपने संबोधन में मंडल में वर्षभर होने वाले कार्यक्रमों की सिलसिलेवार जानकारी दी। उन्होंने महाराष्ट्र मंडल के निर्माणाधीन भवन को अतिशीघ्र पूरा करने के लिए मुक्त हस्त से सहयोग प्रदान करने की अपील की और कहा कि किसी वजह से यदि कोई सदस्य मंडल को दान नहीं दे सकता, तो कम से कम ऋण देकर मंडल की मदद करें ताकि भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हो सके और हमारी सभी गतिविधियां व कार्यक्रम नए भवन में व्यवस्थित रूप से संचालित व संपादित हो सके। भवन बनने से न सिर्फ मराठी भाषी परिवारों को बल्कि अन्य समाज के लोगों और शैक्षणिक संस्थाओं को भी शहर के बीच बहुत बड़ी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
कार्यक्रम में सबसे पहले चार वर्षीय बालक किअंश साल्वे ने संस्कृत में कई धार्मिक श्लोक सुनाएं। चेतन दंडवते ने ताश के पत्तों से जादू दिखा कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रचना रविंद्र ठेंगड़ी ने हर आयुवर्ग में बैलून दौड़ की ऐसी स्पर्धा आयोजित की, जिसमें पांच साल के मासूम बच्चों से लेकर 70 साल के बुजुर्ग तक भाग लेने से अपने आपको रोक नहीं सके। इन स्पर्धाओं के बाद परंपरानुसार कई सब्जियों से बनी स्वादिष्ट खिचड़ी, तिल गुड़ की मीठी रोटी और कढ़ी का सभी ने लुत्फ उठाया। कार्यक्रम के अंत में मेस प्रभारी दीपक किरवईवाले ने आभार व्यक्त किया।
महाराष्ट्र मंडल के मकर संक्रांति में रही ड्रामा- डांस की धूम
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में मराठी- हिंदी गानों की जबर्दस्त प्रस्तुतियों के बीच मकर संक्रांति पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। वही अपने संबोधन में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले और सचिव चेतन दंडवते ने मराठी संस्कृति को सहेजने और अपने बच्चों को संस्कारित बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम की संयोजिका सुरभि गनोदवाले, अनुजा महाडिक, अक्षता पंडित और रचना ठेंगड़ी ने बताया कि 15 बाई 15 बिंदुओं की परंपरागत रंगोली स्पर्धा में रोहिणीपुरम की श्रेया टल्लू प्रथम, जयश्री गायकवाड द्वितीय, टाटीबंध केंद्र की सोनल पेदे तृतीय रहीं। आरती ठोंबरे, सुरेखा हिशीकर और शारदा लोणारे की रंगोली को सांत्वना पुरस्कार मिला। आनंद मेले में खानपान के स्टॉल ग्राहकों, खासकर बच्चों को अधिक आकर्षित कर पाए। आर्टिफिशियल ज्वेलरी के स्टालों में भी महिलाओं की भीड़ जुटी।
मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि शिल्पा वरवंडकर के मुख्य आतिथ्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें गणेश, सरस्वती वंदना की मंचीय प्रस्तुतियों में बच्चों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। मराठी और हिंदी के गानों पर नृत्य की प्रस्तुतियों ने लोगों को काफी लुभाया।
अपर्णा कालेले द्वारा निर्देशित 'फक्त स्त्रियां करिता' (सिर्फ महिलाओं के लिए) नाटक ने न केवल दर्शकों को गुदगुदाया, बल्कि एक सशक्त संदेश देने में भी सफल रहा। नाटक में सशक्त अभिनय से भारती पलसोदकर, प्रिया बक्षी, गौरी क्षीरसागर, पल्लवी मुकादम, अक्षता पंडित, स्वाति डबली, अनुपमा बोधनकर ने अपने- अपने पात्रों को जीवंत किया। कार्यक्रम के अंत में हल्दी कुमकुम के बाद महिलाओं को वाण (उपहार) दिया गया। मंच का संचालन किशोरी खंगन ने किया।
परीक्षा में बड़ी सफलता के लिए युद्ध मन के विरुद्ध करना होगा: डॉ. शाह
रायपुर। पढ़ने के दौरान मन भटकता है तो मन को नियंत्रित करने के लिए मन के विरुद्ध युद्ध करना पड़ेगा। डाॅ। मुकेश शाह ने 10वीं और 12हवीं के बच्चों को परीक्षा की तैयारी करने के लिए जरूरी टिप्स देते समय यह बात कही। महाराष्ट्र मंडल में शनिवार को बच्चों की कार्यशाला में डॉ। मुकेश शाह व डॉ। वर्षा वरवंडकर ने बच्चों को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करने और तनाव और दबाव से दूर रहने के कई उपाय बताए।
डाॅ। शाह ने सुबह पढ़ने के फायदे बताते हुए कहा कि सुबह मस्तिष्क की ग्रहण क्षमता सर्वाधिक होती है और मस्तिष्क को व्यवधान पहुंचाने वाली गतिविधियां कम होती हैं। उन्होंने केवल याद करने से चीज़ें सिर्फ दिमाग में रहती है और लिखते समय भूलने की आशंका रहती है, किंतु लिखकर याद करने से उत्तर लिखने में भूलने की आशंका कम रहती है।
डाॅ। मुकेश शाह ने कहा कि पूरे दिन को चार भागों में विभक्त करके सुबह जब विद्यार्थी सबसे ज्यादा ताजगी महसूस करते हैं तब सबसे कठिन विषय पढ़ना चाहिए। दोपहर में उससे कम कठिन और शाम को हल्के और साधारण टॉपिक पढ़ना चाहिए। रात में दिनभर के पढ़े गए विषयों का रिवीजन करना चाहिए।
डा। मुकेश शाह ने कहा कि पढ़ाई के दौरान हर 40 से 50 मिनट में ब्रेक लेकर फिर 10 मिनट बाद वापस पढ़ने में जुट जाए। खाली पेट अथवा भरपेट खाने के बाद न पढ़ें, बल्कि हल्का नाश्ता लेकर ही पढ़ने बैठे। खाली पेट पढ़ने से कमजोरी महसूस होती है क्योंकि पढ़ने के लिए शारीरिक और मानसिक उर्जा खर्च होती है। वहीं भरपेट खाकर पढ़ने बैठने से आलस्य का अहसास होता है। कोई भी विषय कठिन या सरल नहीं होता है, बल्कि हमको जिसमें कम रुचि होती है तथा जिसको हम कम समय देते हैं वह हमें कठिन लगता है।
इससे पहले डाॅ। वर्षा वरवंडकर ने कहा कि परीक्षा की तैयारी के लिए पांच पी प्लान, प्रैक्टिस, परफेक्शन, परफॉरमेंस और पेंशेंस पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10वीं, 12हवीं बोर्ड की परीक्षा हमारे जीवन की एकमात्र बहुत जरूरी या बड़ी परीक्षा नहीं है बल्कि ऐसी कई परीक्षाएं हमारे शैक्षणिक और व्यावहारिक जीवन में आएंगी इसलिए इस परीक्षा को लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है। 40 मिनट से एक घंटे तक हमारा मस्तिष्क एकाग्र रहता है, इसलिए पढ़ाई करते समय हर एक घंटे के बाद हमें थोड़ा रिलैक्स करना चाहिए। इस दौरान बच्चों ने कई सवालों के माध्यम से अपनी शंकाओं का डाॅ। वर्षा वरवंडकर और डॉ। मुकेश शाह से समाधान करवाया।
कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष अजय काले ने डाॅ। शाह का और संत ज्ञानेश्वर स्कूल की वरिष्ठ शिक्षिका चित्रा जावलेकर ने डाॅ। वर्षा वरवंडकर का शाल- श्रीफल और स्मृति चिन्ह् से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने और आभार प्रदर्शन शाला सह प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने किया।
गजब की नेतृत्व क्षमता थी नेताजी में: जोगलेकर
मंडल के कैलेंडर का विकास उपाध्याय ने किया विमोचन, 10 लाख देने की घोषणा
रायपुर। संसदीय सचिव एवं रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक विकास उपाध्याय ने रविवार को अपने साइंस कॉलेज परिसर में शासकीय आवास पर महाराष्ट्र मंडल के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर उपाध्याय ने कहा कि कैलेंडर को देखने से ही पता चलता है कि मंडल कितना सक्रिय, सेवाभावी और जीवंत संगठन है।
उन्होंने मंडल के निर्माणाधीन भवन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसे पूरा करने में मुझसे जो भी बन पड़ेगा, मैं करूंगा। फिलहाल भवन में एक लिफ्ट लगाने के लिए मैं विधायक निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा करता हूं। उपाध्याय ने कहा कि बचपन से मैं महाराष्ट्र मंडल जाता रहा हूं और मैं चाहता हूं कि इसका भव्य सर्वसुविधा युक्त भवन हर समाज के लिए उपयोगी हो और इसके माध्यम से अधिक से अधिक समाजसेवा की जा सके।
इस मौके पर मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने कहा कि उपाध्याय महाराष्ट्र मंडल की प्रगति को लेकर शुरू से ही संवेदनशील रहे हैं और यही वजह है कि विकास उपाध्याय महाराष्ट्र मंडल की सहायता करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। महाराष्ट्र मंडल का नया भवन पूर्ण होते ही समाजसेवा का दायरा और भी बढ़ाया जाएगा। नए भवन के माध्यम से फिजियोथेरेपी, पॉलीक्लिनिक, जिम, इंडोर गेम्स की गतिविधियां भी बढ़ेंगे। इससे ना केवल मराठी भाषी हर आयु वर्ग के लोग लाभान्वित होंगे, बल्कि आसपास के लोगों को भी इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
कैलेंडर विमोचन के अवसर पर मंडल के खूबचंद बघेल ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत ठेंगड़ी, महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, नमिता शेष, रेणुका पुराणिक, प्रिया बक्षी, गौरी क्षीरसागर, हेमंत मार्डीकर, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, सह सचिव सुकृत गनोदवाले, ओपी कटारिया, मदन तोपखानेवाले, परितोष डोनगांवकर, तनिष्क, मनीष देसाई समेत अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह जानकारी श्याम सुंदर खंगन ने दी।
स्वामी विवेकानंद के शिकागो में संबोधन से भारत को मिली एक पहचान: स्वामी
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में बुधवार को राष्ट्रीय युवा दिवस आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आंध्र समाज के अध्यक्ष जी। स्वामी ने कहा कि नरेंद्रनाथ दत्त यानी स्वामी विवेकानंद ने 25 वर्ष की उम्र में अध्यात्म का मार्ग अपनाया और 1893 में शिकागो में विश्व धार्मिक सम्मेलन में उन्होंने भारत और हिंदुत्व का ना केवल प्रतिनिधित्व किया बल्कि इतना प्रभावशाली भाषण दिया कि इसके बाद धर्म को लेकर लोगों का आकर्षण बढ़ा और भारत और भारतीय संस्कृति को दुनियाभर में एक नई पहचान मिली।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने इस मौके पर कहा कि स्वामी विवेकानंद अपने आध्यात्मिक जीवन और ओजस्वी विचारों की वजह से भारत ही नहीं, पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। उनके विचार 'उठो। जागो और तब तक रुको नहीं, जब तक लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते', 'जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी', 'जो तुम सोचेगे, वह बन जाओगे, अगर अपने आपको कमजोर सोचगे तो कमजोर बन जाओगे और मजबूत सोचेगे तो सशक्त।' स्वामी विवेकानंद का जीवन प्रेरक और आत्मसात करने योग्य है।
इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन, सचिव चेतन दंडवते, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, सह सचिव सुकृत गनोदवाले, मेस प्रभारी दीपक किरवईवाले, भवन प्रभारी रामदास जोगलेकर, कला- संस्कृति समिति के सह संयोजक अजय पोतदार, मेघा पोतदार सहित बड़ी संख्या में मंडल के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सबसे पहले सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद की फोटो पर माल्यार्पण कर उनका स्मरण किया।
'काम करते हैं सदस्य, श्रेय मिलता है अध्यक्ष को'
रायपुर। विद्युत महासंघ की राष्ट्रीय कार्यसमिति के अधिवेशन में नासिक से यहां पहुंचे वरिष्ठ प्रचारक विलास झोड़गेकर का महाराष्ट्र मंडल ने सम्मान किया। मंडल की ओर से पिछले 87 सालों से समाजसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को उन्होंने अभूतपूर्व व अविश्वसनीय कहा।
उन्होंने कहा कि मंडल की यह उपलब्धि निस्वार्थ भाव से कार्यरत पदाधिकारियों और सदस्यों के कारण है। किसी भी कार्य की सफलता का श्रेय लीडर को दिया जाता है, जबकि लीडर को ये मालूम होता है कि कार्य की सफलता में उनकी टीम के प्रत्येक सदस्य का निस्वार्थ योगदान है। साथ ही सदस्यों को भी पता होता है कि सौ प्रतिशत समर्पण भाव से काम करने के बाद भी श्रेय उन्हें नहीं लीडर को मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब तक आप निस्वार्थ भाव से जन सेवा करते रहेंगे, तब तक आपको समर्पित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का समर्थन भी मिलेगा और साथ भी। इसीलिए जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। इसी से आपको भारी जनसहयोग भी मिलेगा और आपके आगे की योजनाएं फलीभूत भी होंगी।
बिजली कर्मचारी संघ के वरिष्ठ सदस्य अरुण देवांगन ने महाराष्ट्र मंडल के कार्यों की प्रशंसा करते हुए इसके लिए अध्यक्ष अजय काले और उनकी सेवाभावी और समर्पित टीम को श्रेय दिया। हम जब भी महाराष्ट्र मंडल में अपने यूनियन का कार्यक्रम करवाते हैं, तो हम आश्वस्त होते हैं कि कार्यक्रम की व्यवस्था बहुत ही शानदार और अनुशासित होगी और होती भी है।
अध्यक्ष अजय काले ने विलास झाड़गेकर सहित उपस्थित अतिथियों को महाराष्ट्र मंडल की गतिविधियों और भावी योजनाओं से अवगत कराया और कहा कि मंडल की सेवाभावी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित और प्रसारित करने का आप लोगों से बेहतर माध्यम नहीं हो सकता। उन्होंने वाघोळीकर मेडिकल इक्विपमेंट योजना, अन्नपूर्णा योजना जैसी अनेकानेक सेवाभावी योजनाओं का विशेष उल्लेख किया, जिन्हें कहीं भी।।। कभी भी शुरू किया जा सकता है।
इस अवसर पर सचिव चेतन दंडवते, उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, नाट्य निर्देशक अनिल कालेले, नमिता शेष, स्वावलंबी समिति की प्रभारी शताब्दी पांडे, पर्यावरण प्रमुख अभय भागवतकर, सह प्रमुख वैभव बर्वे, विभिन्न महिला केंद्रों की संयोजिकाओं सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।